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गालीबाज पुलिस अधिकारियों को सबक सिखाएं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन…….बाबूलाल मरांडी

हेमंत सोरेन जी को गालीबाज अधिकारी पसंद तो फिर विधानसभा में बिल लाकर कानून बना दें

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा गालीबाज पुलिस अधिकारी का एक प्रकार से समर्थन किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

एक्स के माध्यम से श्री मरांडी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी झामुमो हैंडल के “दिहाड़ी इंटर्न्स” आपके भ्रष्टाचार को सही साबित नहीं कर सकते, इसलिए बेचारे अपनी रोजी-रोटी के लिए कुछ भी लिख रहे हैं, यह तो समझ आता है। लेकिन जब सूबे के मुख्यमंत्री उसे रीट्वीट करते हैं, तो वह उस बदतमीजी का आधिकारिक ‘सर्टिफिकेट’ बन जाता है।

कहा कि अगर आपको भ्रष्ट और गालीबाज अधिकारी इतने ही प्रिय हैं, तो घुमा-फिराकर क्या कहना? झारखंड विधानसभा में “भ्रष्टाचार और गाली-गलौज” का एक नया बिल ही ले आइए!

कहा कि मुख्यमंत्री एक आधिकारिक कानून बना दें कि पुलिस को जनता का शोषण करने और उन्हें मां-बहन की गाली देने की पूरी छूट है। जब पीठ पीछे यही सब करवा रहे हैं, तो इसे ‘ऑफिशियल’ करने की औपचारिकता भी पूरी कर ही देनी चाहिएं राज्य सरकार को।

कहा कि वे वादा करते हैं, हेमंत सरकार के नए “कानून” का भी ऐतिहासिक स्वागत उनके द्वारा किया जाएगा।

कहा कि मुख्यमंत्री जी, गालीबाज अधिकारियों को केवल पद से हटाना कोई सजा नहीं। इन्हें ऐसा सबक सिखाने की जरूरत है कि कोई भी जन सेवक, पुलिस या प्रशासन का अधिकारी फिर जनता को गाली देने की जुर्रत न कर सके।


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