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जनता को झूठे सपने दिखाकर भ्रमित करना बंद करें सीएम, निवेश और रोजगार पर सरकार जवाब दे: संदीप वर्मा

निवेश को लेकर पिछले विदेश यात्रा पर श्वेत पत्र जारी करे हेमंत सरकार।

दिल्ली में राज्य की निवेश पर चर्चा और वित्त मंत्री की दिल्ली में रहने के बाद भी अनुपस्थिति, समझ से परे।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि वे झारखंड की जनता को झूठे सपने दिखाकर ठगना बंद करें। सबसे बड़ा धोखा वही होता है, जब जनता को सुनहरे सपने दिखाए जाएं और फिर उन्हें बीच रास्ते में ही तोड़ दिया जाए।

संदीप वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार का सपना दिखाया, लेकिन लाखों युवा आज भी रोजगार के लिए भटक रहे हैं। महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा दिया गया, लेकिन प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। अब सरकार नए उद्योगों और निवेश का सपना दिखा रही है, जबकि धरातल पर इसकी तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है।
संदीप वर्मा ने कहा निवेश संबंधी इस स्टेक होल्डर मीट में दूसरे विभागों के मंत्री उपस्थित दिखे लेकिन राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर दिल्ली में रहते इस महत्वपूर्ण बैठक से दूर रहकर इसकी गंभीरता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है ।इससे भी ये प्रतीत होता है होटल ताज की ये मीट सिर्फ यहाँ के लोगो के साथ छलावा है ।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री से सात वर्षों का हिसाब मांगती है। मुख्यमंत्री बताएं कि उनके कार्यकाल में झारखंड में कितने बड़े उद्योग स्थापित हुए हैं और उनसे कितने स्थायी रोजगार का सृजन हुआ है। जानकारी के अनुसार सरकार एक भी बड़ा उद्योग स्थापित कराने में सफल नहीं रही है।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री अपने पूरे प्रतिनिधिमंडल के साथ स्वीडन, स्पेन, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन की यात्रा पर गए थे। अब उस यात्रा को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। सरकार को बताना चाहिए कि इस विदेश दौरे पर राज्य की जनता के कर के कितने पैसे खर्च किए गए और उसके बदले झारखंड को अब तक कितना वास्तविक निवेश प्राप्त हुआ तथा कितनी परियोजनाएं धरातल पर उतरीं।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और डिजिटल गवर्नेंस की बात करती है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक राज्य में कितने आईटी पार्क, स्टार्टअप हब, टेक्नोलॉजी सेंटर या इनोवेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिससे झारखंड के युवाओं को आधुनिक रोजगार के अवसर मिल सकें।

पर्यटन नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला राज्य है, लेकिन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आज भी सड़क, पेयजल, शौचालय, आवास, सुरक्षा और प्रचार-प्रसार जैसी बुनियादी सुविधाएं संतोषजनक नहीं हैं। सरकार बताए कि पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी निवेशक के लिए सबसे पहली आवश्यकता सुरक्षित, पारदर्शी और कानून आधारित वातावरण होती है। झारखंड में लगातार बढ़ती रंगदारी, अपराध, अवैध खनन और भ्रष्टाचार की घटनाएं निवेशकों का विश्वास कमजोर करती हैं। सरकार स्पष्ट करे कि इन गंभीर समस्याओं पर अब तक कौन-कौन से प्रभावी और परिणामकारी कदम उठाए गए हैं।

श्री वर्मा ने कहा कि सरकार वर्षों से निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम का दावा करती रही है, लेकिन उद्योग जगत आज भी प्रक्रियाओं की जटिलता और देरी की शिकायत करता है। मुख्यमंत्री बताएं कि इस व्यवस्था को वास्तव में प्रभावी बनाने के लिए क्या सुधार किए गए हैं और उसका क्या परिणाम सामने आया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने का दावा करते हुए योजनाओं की घोषणा तो की, लेकिन नए उद्यमियों और नवाचार आधारित स्टार्टअप को आवश्यक सहयोग नहीं मिल सका। जबकि केंद्र सरकार लगातार स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों का सहयोग कर रही है।

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब केवल घोषणाएं और बड़े-बड़े भाषण नहीं बल्कि जमीन पर परिणाम चाहती है। मुख्यमंत्री को निवेश, उद्योग, रोजगार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। भाजपा राज्य सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा करती है तथा जनता के हितों से जुड़े इन सवालों का उत्तर मांगती रहेगी।

प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी तारिक इमरान और नीरज सिंह भी मौजूद रहे।

उत्पाद विभाग में 20000 करोड़ रुपये के संभावित राजस्व नुकसान पर भाजपा हमलावर, सीएम से मांगा जवाब*

ऑडिट रिपोर्ट में उठाए गए सवाल बेहद गंभीर, इसकी हो निष्पक्ष जांच : अविनेश कुमार

उत्पाद विभाग में 2021-25 की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में तकनीकी गड़बड़ियों के खुलासे को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए इसमें जवाबदेही तय कर उचित कार्रवाई की मांग की है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने कहा कि पीएजी की ऑडिट रिपोर्ट ने उत्पाद विभाग में गंभीर अनियमितताओं की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यप्रणाली के कारण निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया और सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि इस ऑडिट रिपोर्ट में शराब कारोबार की निगरानी व्यवस्था, होलोग्राम छपाई, जीपीएस सिस्टम और राजस्व प्रबंधन से जुड़ी कई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में इन कमियों के कारण सरकार को करीब 20 हजार करोड़ रुपये तक के संभावित राजस्व नुकसान की बात सामने आई है। रिपोर्ट में होलोग्राम छपाई, जीपीएस निगरानी और दस्तावेजों की उपलब्धता को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, वे बेहद गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले सुरक्षा होलोग्राम सरकारी व्यवस्था की बजाय निजी वेंडर से छपवाए गए। रिपोर्ट में शराब ढोने वाले वाहनों में लगाए गए जीपीएस सिस्टम के प्रभावी ढंग से संचालित नहीं होने और ऑडिट टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में इन कमियों के कारण निगरानी व्यवस्था और राजस्व संग्रह प्रणाली प्रभावित होने की बात कही गई है।

भाजपा प्रवक्ता ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूरे मामले पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए। साथ ही भाजपा ने नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री से इस्तीफे की भी मांग की है और कहा है कि यदि जवाबदेही तय नहीं हुई तो भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में नि:शुल्क नेत्र शिविर का आयोजन, 60 लोगों की हुई जांच

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जन्म-जयंती के अवसर पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

भाजपा प्रदेश कार्यालय में भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, शिक्षाविद् एवं ‘एक देश, एक संविधान’ के उद्घोषक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जन्म-जयंती के अवसर पर संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह द्वारा उनकी प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान नि:शुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान ASG नेत्र अस्पताल के चिकित्सक डॉ रियाज एवं उनकी टीम के अभिषेक कुमार व रूपेश कुमार के द्वारा 60 लोगों की जांच की गई।

मौके पर संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि देश के निर्माण में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अप्रतिम योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उनका कर्तत्व और सेवा भाव सिर्फ इतिहास नहीं है, बल्कि उनका कर्तत्व एक जीवन की दृष्टि है। एक भारत-श्रेष्ठ भारत ही वह दृष्टि है, जिसके लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके द्वारा बोया गया बीज, भारतीय जनसंघ, आज विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल भाजपा के रूप में विशाल वटवृक्ष बनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनके संकल्पों एवं सपनों के भारत का निर्माण कर रहा है।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, हेमंत दास, परमा सिंह, सीमा सिंह, रमेश सिंह, राहुल अवस्थी , संजय चौधरी, अनिल सिंह सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रोजमार्टा कंपनी पर राज्य सरकार मेहरबान क्यों : बाबूलाल मरांडी

बिना किसी वैध अनुबंध और बगैर अधिकृत एक्सटेंशन के कंपनी के काम करने एवं करोड़ों भुगतान पर उठाया सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने परिवहन विभाग में गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने परिवहन विभाग में एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा कर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा है कि ट्रेजरी स्कैम और फर्जी बैंक गारंटी घोटाले पर उठे सवालों का जवाब अभी तक जनता को नहीं मिला है। इसी बीच एक और गंभीर वित्तीय अनियमितता परिवहन विभाग से सामने आ रही है। यह दर्शाता है कि राज्य में हर जगह, हर विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और सरकार इस पर तनिक भी गंभीर नहीं है।

श्री मरांडी ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार झारखंड में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी कार्ड की प्रिंटिंग का कार्य करने वाली गुड़गांव की रोजमार्टा कंपनी के साथ राज्य सरकार का अनुबंध 22 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद केवल 22 मार्च 2026 तक का विस्तार दिया गया। इसके बावजूद पिछले लगभग तीन महीनों से बिना किसी वैध अनुबंध और बिना अधिकृत एक्सटेंशन के वही कंपनी कार्य कर रही है, और परिवहन विभाग द्वारा उसे करोड़ों रुपये का भुगतान भी किया जा रहा है।

श्री मरांडी ने सवालिया लहजे में पूछा है कि आखिर किस नियम के तहत बिना वैध अनुबंध के भुगतान किए जा रहे हैं? इसकी अनुमति किस अधिकारी ने दी? क्या वित्त विभाग को इसकी जानकारी है? क्या सक्षम प्राधिकारी या कैबिनेट से इसकी स्वीकृति ली गई थी, या फिर सब कुछ पर्दे के पीछे तय किया गया?

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में जवाब देना चाहिए कि यदि किसी आम ठेकेदार का अनुबंध समाप्त हो जाए, तो क्या उसे एक दिन भी बिना एग्रीमेंट के सरकारी कार्य करने दिया जाएगा? यदि नहीं, तो रोजमार्टा कंपनी के लिए अलग नियम क्यों? उसे यह विशेष संरक्षण किसके इशारे पर मिल रहा है?

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता जानना चाहती है कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी कौन लेगा। क्या सरकार इस प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करेगी, या फिर इस मामले में भी ट्रेजरी स्कैम की तरह कुछ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर असली जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास होगा?

रिम्स पार्ट-2 से पहले रिम्स पार्ट-1 को सुधारें स्वास्थ्य मंत्री : राफिया नाज

स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी के बयान पर राफिया नाज़ का पलटवार, कहा— जब अस्पतालों में लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हों, तब रिम्स पार्ट-2 केवल एक छलावा है

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी के रिम्स पार्ट-2 संबंधी बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि झारखंड की जनता को नए सपने नहीं, बल्कि अस्पतालों में जीवन बचाने वाली सुविधाएं चाहिए। जब राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल रिम्स आज भी डॉक्टरों, नर्सों, दवाइयों, बेड और आवश्यक उपकरणों की कमी से जूझ रहा है, तब रिम्स पार्ट-2 की घोषणा जनता के जख्मों पर मरहम नहीं, बल्कि नमक छिड़कने जैसा ही है।

राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड का गरीब मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचता है, लेकिन उसे इलाज से पहले लंबी कतारें, खाली वार्ड, दवाइयों की कमी और डॉक्टरों का इंतजार मिलता है। कई परिवार अपने परिजनों को बचाने के लिए कर्ज लेने, जमीन बेचने और दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यह केवल व्यवस्था की कमी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2025 की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया है। मार्च 2022 तक राज्य में 3,634 स्वीकृत चिकित्सा पदों में से 2,210 पद, 5,872 स्टाफ नर्सों में से 3,033 पद तथा 1,080 पैरामेडिकल पदों में से 864 पद रिक्त थे। वर्षों बीत जाने के बावजूद इन रिक्तियों को नहीं भर पाना बताता है कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में गरीब मरीज कभी शामिल ही नहीं रहे।

राफिया नाज़ ने कहा कि रिम्स की बदहाल व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। दवाइयों की कमी, उपकरणों का अभाव, लंबी प्रतीक्षा और संसाधनों की कमी से रोज़ मरीज और उनके परिजन परेशान होते हैं। झारखंड उच्च न्यायालय भी कई बार रिम्स की अव्यवस्था और रिक्त पदों पर सवाल उठा चुका है। ऐसे में पहले रिम्स पार्ट-1 को पूरी तरह सक्षम बनाना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है, उसके बाद ही किसी नए प्रोजेक्ट की बात होनी चाहिए।

राफिया नाज ने कहा कि भाजपा को राज्य सरकार के रिम्स टू की योजना से रत्ती भर भी आपत्ति नहीं है। आपत्ति है इसके लिए सरकार द्वारा गलत स्थल चयन को लेकर, आपत्ति है राज्य में पूर्व के चिकित्सीय संस्थान में बिना व्यवस्था दुरुस्त किए नए संस्थान का सपना दिखाने से। क्या सिर्फ आलीशान भवन समुचित इलाज की गारंटी होती है ? या इसके लिए अस्पतालों में उपकरण, दवा, डॉक्टर सहित अन्य तमाम संसाधन जरूरी होते हैं। रही बात भाजपा की तो भाजपा ने झारखंड में एम्स बनाया, कई मेडिकल कॉलेज बनाया। आयुष्मान योजना जैसी योजना दी, जो गरीबों के लिए वरदान बनी।

उन्होंने कहा कि हाल ही में रांची के एक निजी अस्पताल में एक मरीज के इलाज के बाद लगभग 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता है, जिसने निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी ही छोड़ दी है। यदि सरकारी अस्पताल मजबूत होते तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को ऐसी आर्थिक तबाही का सामना नहीं करना पड़ता।

राफिया नाज़ ने कहा कि आज भी झारखंड के कई जिलों में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं है। कहीं गलत ब्लड चढ़ने से लोगों की जान जा रही है, तो कहीं समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने से मरीज रास्ते में दम तोड़ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, गंभीर मरीज अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलने वाली दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं। मजबूर होकर गरीब मरीज बाहर से महंगी दवाइयां खरीदते हैं या इलाज अधूरा छोड़ देते हैं। आखिर इन मौतों और इस पीड़ा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड की जनता को घोषणाओं और बड़े-बड़े दावों से नहीं, बल्कि बेहतर इलाज से भरोसा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी जनता को बताएं कि हजारों रिक्त पद कब भरेंगे, सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और डॉक्टर कब उपलब्ध होंगे और रिम्स पार्ट-1 को विश्वस्तरीय बनाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। जब तक मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक रिम्स पार्ट-2 की बातें केवल एक छलावा और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हैं।

भय और अराजकता के माहौल में झारखंड में निवेश की बात बेमानी : रविनाथ किशोर

हेमंत सरकार बताए कि अब तक राज्य में कितने निवेश आए और उससे झारखंड को क्या लाभ हुआ

भारतीय जनता पार्टी, झारखंड प्रदेश के प्रवक्ता रविनाथ किशोर ने 8 एवं 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के संदर्भ में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में व्याप्त भय, असुरक्षा और अराजकता के माहौल में निवेश आकर्षित करने की बातें केवल दिखावा प्रतीत होती हैं।

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता जानना चाहती है कि हेमंत सरकार द्वारा निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से समय-समय पर की गई विदेश यात्राओं, निवेशक सम्मेलनों और अन्य आयोजनों का वास्तविक परिणाम क्या रहा। सरकार स्पष्ट करे कि अब तक राज्य में कितने नए निवेश आए, कितनी परियोजनाएं धरातल पर उतरीं तथा इनसे झारखंड के युवाओं को कितना रोजगार और राज्य को कितना आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।

श्री किशोर ने कहा कि किसी भी राज्य में निवेश का सबसे महत्वपूर्ण आधार बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और निवेशकों का विश्वास होता है। दुर्भाग्यवश झारखंड में आज अपराध, भय और प्रशासनिक अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में निवेशकों का राज्य की ओर आकर्षित होना कठिन है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास विकास की स्पष्ट कार्ययोजना और दूरदृष्टि का अभाव है। विकास योजनाओं की गति धीमी पड़ गई है, सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रियों के बीच समन्वय की कमी दिखाई देती है तथा कानून-व्यवस्था लगातार चुनौती बनी हुई है। इसके साथ ही राज्य वित्तीय अव्यवस्था की स्थिति का भी सामना कर रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

रविनाथ किशोर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में झारखंड में निवेश लाना चाहती है तो सबसे पहले कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना होगा, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना होगा, पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करनी होगी तथा सड़क, बिजली, जल और अन्य आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना होगा। निवेशकों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद वातावरण तैयार किए बिना बड़े निवेश की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है।

श्री किशोर ने कहा कि झारखंड को पुनः विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रभावी नेतृत्व, स्पष्ट नीति और सुशासन की आवश्यकता है। वर्तमान सरकार इन मोर्चों पर अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है, जिसके कारण राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है।

जमशेदपुर की जनता ने अहंकारी हेमंत सरकार के अहंकार को तोड़ा : अमर कुमार बाउरी

स्वत: स्फूर्त बंद रहा जमशेदपुर, ऐतिहासिक जनसमर्थन के लिए भाजपा ने दिया जनता को साधुवाद

जमशेदपुर आज बन चुका है चापड़पुर, पूरे राज्य की विधि व्यवस्था वेंटिलेटर पर

उड़ता पंजाब की राह पर झारखंड, नशे के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा सीधे मुख्यमंत्री और सरकार के हाथों तक पहुंच रहा

राज्य में कहीं भी अत्याचार और शोषण होगा, जनता के पक्ष में भाजपा एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका में खड़ी मिलेगी

भाजपा ने दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को पुनः दोहराया

भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर जमशेदपुर और आदित्यपुर में पार्टी के द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान मिले अपार जनसमर्थन को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आह्वान पर बुलाए इस बंदी कार्यक्रम में जमशेदपुर, आदित्यपुर के सभी प्रतिष्ठानों, सभी कंपनियों, ठेला खोमचे वालों तक ने, हर एक नागरिक ने सहयोग किया। यह बंद स्वत: स्फूर्त रहा। जनता ने साबित कर दिया कि यह सिर्फ एक पार्टी का प्रतिरोध नहीं है बल्कि यह आम जनता का प्रतिरोध है। साढ़े छह साल में इस अहंकारी राज्य सरकार का पहली बार जनता ने अहंकार तोड़ने का काम किया है। आज की बंदी सरकार की आँखे खोलने के लिए काफी है। अब राज्य सरकार के विवेक पर निर्भर है कि इस बंदी से मिले संदेश को वह सकारात्मक लेती है या नकारात्मक। उन्होंने बंदी में समर्थन के लिए जमशेदपुर, आदित्यपुर की जनता, पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को पार्टी की तरफ से साधुवाद दिया है। प्रदेश महामंत्री प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को सस्ती राजनीति से बाज आनी चाहिए। राज्य सरकार, सत्ता में शामिल पार्टियां, साथ ही उनके समर्थन में चलाए जा रहे सोशल मीडिया हैंडल के द्वारा इस मामले को जो डायवर्ट करने का प्रयास किया गया, उसे जमशेदपुर की जनता ने आईना दिखाने काम किया है। सत्ता में शामिल दलों द्वारा गलत नेगेटिव फैलाने की कोशिश को भी जनता ने खारिज कर दिया है। जमशेदपुर की जो नृशंस घटना घटी है और पुलिस ने जो कृत्य किया है उसकी पूरी जवाबदेही राज्य सरकार की है। राज्य सरकार को इस मामले में निर्दोषों को फंसाने, मामले को दूसरी दिशा देने की बजाय वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। पूरे राज्य में कहीं भी जनता पर अत्याचार और शोषण होगा, जनता तकलीफ में होगी, भारतीय जनता पार्टी एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका में वहां खड़ी दिखेगी।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि जमशेदपुर आज चापड़पुर बन गया है। पूरे राज्य में विधि व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। यह स्थिति एक दिन में नहीं बनी है। इसकी शुरुआत 2019 में हेमंत सरकार के गठन के साथ ही प्रारंभ हो गई थी। इस सरकार ने हमेशा विधि व्यवस्था से समझौता करने का काम किया है। 2019 में जैसे ही सरकार बनी, चाईबासा में सात लोगों की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। यही से इस सरकार की शुरुआत हुई। फिर एसपी, थानों की बोली लगनी शुरू हो गई, अवैध कारोबारों की खुली छूट दी गई, पूरे पुलिस तंत्र को अवैध वसूली में लगा दिया गया। पुलिस के पदस्थापन में एकमुश्त तो पैसा लिया ही जाने लगा, बीच-बीच में टॉप अप भी करने की नई परंपरा की शुरुआत हो गई। इसका नतीजा यह हुआ कि धीरे-धीरे पुलिस की साख गिरती चली गई और ईमानदार पुलिस कर्मियों का मनोबल गिरता चला गया। आज जमशेदपुर की घटना बताती है कि राज्य की पुलिस की साख किस स्तर तक नीचे जा चुकी है।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि जमशेदपुर की शांति भंग हो चुकी है। खुलेआम नशे का अवैध कारोबार किया जा रहा है। सबसे ज्यादा ड्रग्स और ब्राउन शुगर का इस्तेमाल जमशेदपुर, आदित्यपुर में हो रहा है। पूरा झारखंड सूखे नशे की जद में है। मुख्यमंत्री का नशा मुक्ति का लगा पोस्टर केवल छलावा साबित हुआ है। उड़ता पंजाब की तर्ज पर झारखंड भी उसी राह पर बढ़ चला है। युवा नशे के चंगुल में हैं। नशे के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा सीधे मुख्यमंत्री और सरकार के हाथों तक पहुंच रहा है। इसके पीछे बड़ा सिंडिकेट है। सिर्फ पुलिस अधिकारियों के तबादले से व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकती है इसके लिए पुलिस प्रशासन और सरकार को अपना खोया इकबाल फिर से वापस लाना होगा।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर आर्डर का राज स्थापित हो, इस प्रकार की चापड़ वाली घटना की अब जमशेदपुर या कहीं पुनरावृत्ति नहीं हो, जमशेदपुर सहित पूरे राज्य में अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, नशे के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाए, वहीं जमशेदपुर मामले में जिन पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में हत्या हुई है उन पुलिस कर्मियों पर मुकदमा चलाया जाए। इन पुलिस कर्मियों ने अपना दायित्व तो निभाने में कोताही बरती ही, साथ ही युवक के इलाज में भी लापरवाही बरती। आज अगर पुलिस सजग होती तो वह युवा आज जिंदा होता। जमशेदपुर की घटना से पूरा राज्य आक्रोशित है। पुलिस प्रशासन का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल और रवि नाथ किशोर भी मौजूद थे।

जमानत मिल जाना निर्दोष होने का प्रमाण नहीं : बाबूलाल मरांडी

आलमगीर आलम के जेल से बाहर आने पर ऐसे जश्न मनाया जा रहा है मानो कोई क्रांतिकारी आज़ादी की लड़ाई लड़कर लौटा हो

भ्रष्टाचार के मामलों का दाग आसानी से नहीं मिटता, लालू यादव के राजनीतिक और कानूनी सफर का उदाहरण है सामने

सोशल मीडिया के एक्स पर नेता प्रतिपक्ष ने किया पोस्ट

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आलमगीर आलम को बेल मिलने और इसपर कांग्रेसियों द्वारा मनाए जा रहे जश्न पर को लेकर सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि यह केवल उम्र और बीमारी के आधार पर कड़ी शर्तों के साथ मिली अंतरिम राहत है, अंतिम फैसला नहीं।

उन्होंने कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर कमीशन घोटाले मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आज बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार से जमानत पर बाहर आने का मौका मिला। लेकिन इसे “बाइज्जत बरी” होना समझने की भूल कोई न करे।

श्री मरांडी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि उनके समर्थक और लाभार्थी जमानत पर ऐसे जश्न मना रहे हैं मानो कोई क्रांतिकारी आज़ादी की लड़ाई लड़कर लौटा हो। मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं, पटाखे फोड़े जा रहे हैं, आतिशबाज़ी हो रही है। क्या करोड़ों रुपये की कथित काली कमाई, कमीशनखोरी और गरीबों के हिस्से पर डाका डालने के आरोप अब उत्सव मनाने लायक उपलब्धि बन चुके हैं?

उन्होंने कहा कि जिस मामले में मंत्री के निजी सचिव के घरेलू सहायक के घर से करीब ₹32.20 करोड़ नकद बरामद हुए हों, वहाँ जनता सवाल पूछेगी ही। आखिर एक घरेलू सहायक के घर में नोटों का पहाड़ कैसे खड़ा हो गया? नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ी थीं। पूरा देश टीवी पर वह दृश्य देख रहा था और झारखंड शर्म से सिर झुकाए खड़ा था।

साथ ही श्री मरांडी ने कहा कि याद रखिए, जमानत मिल जाना निर्दोष होने का प्रमाण नहीं होता। मुकदमा अभी बाकी है, अदालतें अभी बाकी हैं और कानून की प्रक्रिया अभी लंबी चलेगी। सत्ता, संपर्क और संसाधनों के दम पर कुछ समय की राहत तो मिल सकती है, लेकिन ऐसे मामलों का दाग आसानी से नहीं मिटता। अगर भरोसा न हो तो लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक और कानूनी सफर को देख लीजिए। सत्ता गई, उम्र ढली, स्वास्थ्य बिगड़ा, लेकिन पुराने मामलों की परछाई आज भी पीछा नहीं छोड़ रही। भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत की दस्तक देर से जरूर आती है, पर आती जरूर है।

कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार शर्म नहीं बल्कि जश्न का उत्सव-प्रतुल शाह देव

पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को बेल मिलने पर पटाखा फोड़ना और नाचना दुर्भाग्यपूर्ण

कमीशन,करप्शन और कलेक्शन के मूल मंत्र पर चल रही है सरकार

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि ₹3000 करोड़ के बहुचर्चित टेंडर घोटाले के मुख्य अभियुक्त पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा पटाखे फोड़ना, नाच-गाना करना और उत्सव मनाना झारखंड की राजनीति के नैतिक पतन का सबसे बड़ा उदाहरण है।उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और उनके सहयोगियों ने जिस प्रकार “बेल उत्सव” मनाया, उससे यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार शर्म का नहीं बल्कि जश्न का विषय बन चुका है।प्रतुल ने कहा कि जिस व्यक्ति के निजी सचिव के सहायक के यहां से ईडी की छापेमारी में ₹32 करोड़ से अधिक नकद बरामद हुआ, जिस मामले में उस सहायक जहांगीर आलम ने स्वयं स्वीकार किया कि पैसा आलमगीर आलम का है, उस मामले में बेल मिलने पर कांग्रेसियों का नाचना पूरे राज्य की जनता का अपमान है। बेल को कांग्रेस “बाइज्जत बरी” की तरह प्रस्तुत कर रही है, जबकि देश की जनता जानती है कि बेल न्यायिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है, भ्रष्टाचार मुक्त होने का प्रमाणपत्र नहीं।

प्रतुल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और झामुमो गठबंधन की सरकार ने शायद नया नारा बना लिया है —’जहां घोटाला, वहां शर्म नहीं बल्कि जश्न मनेगा’।प्रतुल ने कहा कि आज झारखंड की स्थिति यह है कि गांवों में पेयजल योजनाएं दम तोड़ चुकी हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। कई जलमीनार शोपीस बन चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग की हालत इतनी बदतर है कि जिला अस्पतालों में डॉक्टर, दवा और उपकरणों का भारी अभाव है। मरीज रेफर होकर दर-दर भटक रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कें टूटी हुई हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, बेरोजगार युवा निराश हैं, लेकिन कांग्रेस और झामुमो के नेताओं को जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं। उन्हें केवल घोटालेबाज नेताओं के स्वागत और बचाव में ऊर्जा दिखाई देती है।प्रतुल ने कहा कि जिस राज्य में किसान परेशान हो, युवा नौकरी के लिए पलायन कर रहे हों, महिलाएं असुरक्षित हों और विकास योजनाओं का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा हो, वहां सत्ता पक्ष द्वारा “भ्रष्टाचार उत्सव” मनाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।

राहुल गांधी स्पष्ट करें कि क्या उनके युग में भ्रष्टाचार को उपलब्धि माना जाता है?

प्रतुल ने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वो ₹3000 करोड़ के टेंडर घोटाले को “उपलब्धि” मानती है? क्या उनके युग में कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति है कि जनता के पैसे की लूट पर जश्न मनाया जाए?प्रतुल ने कहा कि झारखंड की जनता सब देख रही है। जनता को अब समझ में आ चुका है कि यह गठबंधन सरकार विकास नहीं, “कमीशन, करप्शन और कलेक्शन” के मॉडल पर चल रही है। आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इस भ्रष्ट और संवेदनहीन राजनीति का जवाब देगी। आज की प्रेस वार्ता में झारखंड प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी श्री योगेंद्र प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

झामुमो के पत्र पर भाजपा का पलटवार

प्रधानमंत्री जी राष्ट्रहित में दिन-रात कार्य कर रहे हैं, भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं – प्रतुल शाह देव

हेमंत सोरेन जब झारखंड की जनता के टैक्स के पैसे से असम, बंगाल और अन्य राज्यों की राजनीतिक यात्राएं करते हैं, तब क्या वह “राष्ट्रहित” होता है?

जो मुख्यमंत्री आदिवासी मूलवासी के गाढ़ी कमाई से 100 करोड़ का शीश महल बना रहे हो,उसकी पार्टी को प्रश्न करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के पत्र पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा लगता है झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रधानमंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ करना चाह रहा है। वैसे भी प्रधानमंत्री देश के अस्मिता और गौरव के प्रतीक होते हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की विदेश यात्राओं का उद्देश्य भारत के लिए निवेश, कूटनीतिक मजबूती, रोजगार और वैश्विक सम्मान सुनिश्चित करना है, जबकि हेमंत सरकार की यात्राओं का उद्देश्य केवल सत्ता बचाना और परिवारवादी राजनीति को मजबूत करना दिखाई देता है। प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद के लिए 100 करोड़ का शीश महल रूपी मुख्यमंत्री आवास बना रहे हैं। यह देश के सबसे महंगे और खर्चीले विलासिता के सुविधा से परिपूर्ण मुख्यमंत्री आवास में एक होगा।

प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री की बाहरी राज्यों की राजनीतिक यात्राओं का खर्च सरकारी खजाने से उठाया जा रहा। झारखंड की बदहाल कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, बिजली संकट और भ्रष्टाचार छोड़कर दूसरे राज्यों में राजनीति करना जनता के हित में है?प्रतुल ने जानना चाहा कि क्या मुख्यमंत्री जी ने कभी झारखंड के किसानों, युवाओं और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए उतनी गंभीरता दिखाई, जितनी विपक्षी गठबंधन की राजनीति के लिए दिखाते हैं?जब राज्य में विकास योजनाएं ठप हैं, निवेश भाग रहा है और अपराध चरम पर है, तब मुख्यमंत्री जी का लगातार राजनीतिक पर्यटन यात्राएं का क्या औचित्य है?
प्रतुल ने कहा कि झामुमो को यह समझना चाहिए कि राज्य के खजाने पर बोझ डालकर राजनीतिक यात्राएं करने वालों को राष्ट्रहित पर भाषण देने का नैतिक अधिकार नहीं है।

पानी बिजली संकट पर रांची में भाजपा का घड़ा फोड़ आक्रोश प्रदर्शन कार्यक्रम

पानी-बिजली देने की बजाय झारखंड सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई को चुनाव प्रचार में खर्च किया : आदित्य साहू

भाजपा नेताओं ने हेमंत सरकार पर जमकर साधा निशाना

जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर झारखंड ठप्प करने की चेतावनी

झारखंड में अगली सरकार बीजेपी के नेतृत्व में बननी तय : आदित्य साहू

पूरा झारखंड वर्तमान में पानी और बिजली की भीषण संकट से त्राहिमाम कर रहा है। राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में पानी– बिजली के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इसी ज्वलंत मुद्दे को लेकर झारखंड भाजपा के महिला पुरुष कार्यकर्ता पिछले सप्ताह भर से राज्य के विभिन्न जिलों में माथे पर मटकी लेकर जोरदार आक्रोश प्रदर्शन कर राज्य सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने को लेकर आंदोलनरत है। इसी क्रम में आज राजधानी रांची में भाजपा रांची जिला के संयुक्त तत्वावधान में बिजली-पानी संकट को लेकर जिला स्कूल मैदान शहीद चौक से जिला समाहरणालय तक घड़ा फोड़ आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला समाहरणालय का घेराव कर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में रांची महानगर, रांची पूर्वी एवं रांची पश्चिमी जिलों के हजारों की संख्या में महिला पुरुष कार्यकर्ता शामिल हुए और सड़कों पर हेमंत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, रांची विधायक सीपी सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडेय आदि मौजूद थे।

इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में भीषण जल संकट और लगातार हो रही बिजली कटौती से आम जनता का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसके चलते लोगों का आक्रोश अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। भाजपा सदैव जनता के हक, अधिकार और मूलभूत सुविधाओं की लड़ाई मजबूती से लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी।

श्री साहू ने चेतावनी दिया कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर भाजपा का यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर हजारों हजार की संख्या में सड़कों पर उतरकर कार्यकर्ता झारखंड ठप्प कराने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता देवता होती है जो गद्दी पर बैठाना जानती है तो वह गद्दी से कान पकड़कर उतारना भी जानती है।

श्री साहू ने कहा कि आज काफी गर्मी के बावजूद सड़कों पर उतरी यह भारी भीड़, राज्य सरकार के नाकामियों के प्रति जनाक्रोश का प्रतीक है। आज लोगों का गुस्सा और आक्रोश रांची की सड़कों पर दिखा।

श्री साहू ने कहा कि सरकार के लोग एसी में बैठ कर जनता की परेशानी का मजा उठा रहे हैं। लगता है कि सरकार और प्रशासन के कान की जाली फट चुकी है, इसलिए जनता की आवाज इन तक नहीं पहुंच रही है। लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि जो जनता सड़कों पर चिल्ला रही है इन लोगों के घरों में घुसकर उनकी कान की जाली लगाने का काम भी करेगी। इस बेरहम सरकार को जनता की आवाज को सुनना ही पड़ेगा। झारखंड ही एक ऐसा राज्य है जहां इस राज्य की जनता की गाढ़ी कमाई से एक इंजीनियर का बेटा हिमालया के पानी से स्नान करता है।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड की जनता की गाढ़ी कमाई को हेमंत सरकार ने पूरी कैबिनेट के साथ बंगाल और असम राज्य में चुनाव के दौरान उड़ाने का काम किया है। जिन पैसे से जनता को पानी बिजली देना था झारखंड सरकार ने उस पैसे को चुनाव प्रचार में खर्च किया।

श्री साहू ने आश्वस्त किया कि झारखंड में जब भी अब विधानसभा चुनाव होगा, कांग्रेस, राजद और jmm को मुंह की खानी पड़ेगी। बीजेपी के नेतृत्व में इस राज्य में अगली सरकार बननी तय है।

श्री साहू ने कहा कि बीजेपी सेवा भाव से काम करती है। बीजेपी झारखंड के करोड़ों नागरिकों की परेशानी को यूं ही नहीं देख सकती है। इसी कारण राज्य भर के जिलों में बीजेपी कार्यकर्ता और महिलाएं माथे पर घड़ा लेकर इस चिलचिलाती धूप में प्रदर्शन कर सरकार को जगाने का काम कर रही है।

श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना झारखंड में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। जिस पैसे से घर-घर में पीने का पानी पहुंचाने की योजना थी उसे यह सरकार डकार चुकी है। हजारों करोड़ रुपए बैंक में भी पड़े हुए हैं लेकिन नल से जल योजना पहुंचाने की इच्छा शक्ति सरकार में कतई नहीं है। नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी सभी वर्ग की चिंता करते हैं जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस के समर्थन से चल रही है झारखंड सरकार नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए पैसे की बंदरबांट में लगी हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि केवल रांची ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में पानी और बिजली की भारी दुर्दशा है। भारत सरकार ने ₹5000 करोड़ से अधिक की राशि नल से जल योजना के लिए देने का काम किया लेकिन घोटालेबाजों द्वारा सारे पैसे खा लिए गये। झारखंड सरकार घोटालेबाजों की सरकार है। यहां बिजली की भारी किल्लत है, पूरी अराजकता फैली हुई है। राज्यभर में किसान, मजदूर, आम नागरिक पूरी तरह त्रस्त हैं। यह सरकार सभी का दोहन कर रही है। आज का यह आंदोलन सांकेतिक हैं, सुधार नहीं किया गया तो जनता सर फोड़ना भी जानती है। जब तक समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि संघर्ष के रास्ते पर चलकर पश्चिम बंगाल की तरह झारखंड सरकार को भी उखाड़ फेंका जाएगा।

केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में पानी और बिजली की गंभीर समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन का इस ओर कोई ठोस ध्यान नहीं है। आम जनता बिजली-पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए परेशान है और सरकार केवल तमाशबीन बनी हुई है।
जनता को राहत देने के बजाय राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों से लगातार मुंह मोड़ रही है। भाजपा जनता की आवाज बनकर इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और हर घर तक पानी पहुंचाने और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

श्री सेठ ने कहा कि इस सरकार ने जनता को केवल मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाने का काम किया है। इस सरकार के सारे वादे फिसड्डी साबित हुए। झारखंड का शासन-प्रशासन केंद्र की मोदी सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जा रही राशि का समुचित उपयोग करने में भी पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। यही कारण है कि महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन जैसी कई योजना झारखंड में फ्लॉप होने की कगार पर पहुंच गई है।

इसके अलावा कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडेय, विधायक सीपी सिंह, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, रांची पूर्वी जिला अध्यक्ष विनय महतो, रांची पश्चिमी जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक राम कुमार पाहन, आरती सिंह, शशांक राज, आरती कुजूर, काजल प्रधान, कमाल खान, सुबोध सिंह गुड्डू, सूरज चौरसिया,प्रतुल शाहदेव ,सत्य नारायण सिंह, मनोज मिश्रा, के. के गुप्ता, सुरेंद्र महतो, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, मनोज चौधरी, सत्यदेव मुंडा, सुधाकर चौबे, राकेश भास्कर, संदीप वर्मा, शोभा यादव, कृपाशंकर सिंह, संजय जयसवाल, ललित ओझा, सीमा सिंह,अरुण झा, सुनील साहू, राजू सिंह, वीणा मिश्रा, संकेत तिवारी, रेखा महतो, अर्चना सिंह, विनय राज, हरेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह,दिलीप सेठ, माधुरी देवी,अनुराधा मुंडा,रणधीर चौधरी, रामकुमार दुबे, विंध्याचल महतो ,सुषमा देवी, शत्रुघ्न साहू, चूड़ामणि महतो, संजीत सिंह, गोपाल महतो, अणिमा लकड़ा, पायल सोनी सहित सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अमूमन अपराधियों का पुलिस करती है पर्दाफाश, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर पुलिस का खोल रहे हैं कच्चा चिट्ठा : बाबूलाल मरांडी

धनबाद में पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष नहीं, बल्कि दोनों पक्षों में मानो यह होड़ मची है कि व्यापारियों के बीच कौन अधिक दहशत पैदा करेगा

नेता प्रतिपक्ष ने प्रिंस खान के वायरल हो रहे एक ताजा वीडियो को लेकर हेमंत सरकार को फिर घेरा

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने
कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के मीडिया में वायरल हो रहे एक ताजा वीडियो को लेकर फिर से हेमंत सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा है कि आमतौर पर पुलिस अपराधियों का पर्दाफाश करती है, लेकिन झारखंड में गैंगस्टर ही पुलिस के कथित काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल रहे हैं। धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का मीडिया में वायरल हो रहा एक ताजा वीडियो न केवल पुलिस को चुनौती दे रहा है, बल्कि एसएसपी के कार्यकाल का “मूल्यांकन” भी कर रहा है। यह स्थिति कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

श्री मरांडी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो धनबाद में पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष नहीं, बल्कि दो समानांतर गिरोहों के बीच गैंगवार चल रहा हो। दोनों पक्षों में होड़ मची है कि व्यापारियों के बीच कौन अधिक दहशत पैदा करेगा। फर्क बस इतना है कि एक वर्दी पहनकर कथित वसूली कर रहा है, तो दूसरा बिना वर्दी के।

श्री मरांडी ने आगे लिखा है कि सबसे भयावह पक्ष ‘सत्ता संरक्षण’ की आशंका है। जब चर्चा आम हो कि करोड़ों की ‘बोली’ लगाकर संवेदनशील जिलों में पोस्टिंग ली जाती है, तो जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है। क्या ऐसी पोस्टिंग कानून सुधारने के लिए है या यह किसी “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” की तरह काम कर रही है?

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि यदि वसूली की मानसिकता वाली यह कार्यशैली जारी रही, तो झारखंड ‘जंगलराज’ से भी बदतर स्थिति में पहुँच जाएगा। जब रक्षक ही भय का कारण बन जाएं, तो लोकतंत्र खतरे में है। जनता अब पूछ रही है—आखिर कब तक चलेगा यह “एक्सटॉर्शन लाइसेंस” देने का धंधा?

महंगाई पर झामुमो का आंदोलन केवल और केवल राजनीतिक नौटंकी : आदित्य साहू

विश्व भर में महंगाई की ब्रांड एंबेसेडर के रूप में विख्यात रही कांग्रेस के साथ गलबहियां कर सरकार चलाने वाली jmm को महंगाई पर बोलने का हक नहीं

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने महंगाई पर सत्तारूढ़ दल झामुमो के आंदोलन को राजनीतिक नौटंकी बतलाया है। उन्होंने कहा कि दरअसल भाजपा द्वारा प्रदेश में जनमुद्दों पर अनवरत आंदोलन से सत्तारूढ़ दल हताशा में है। झामुमो का यह आंदोलन हर मुद्दे पर अपनी पार्टी की विफलता को छुपाने और राज्य में व्याप्त ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने का नाकाम प्रयास भर है। विश्व भर में महंगाई की ब्रांड एंबेसेडर के रूप में विख्यात रही कांग्रेस के साथ गलबहियां कर यहां सरकार चलाने वाली jmm को महंगाई पर तो कम से कम बोलने का रत्ती भर भी हक नहीं है। झामुमो केवल और केवल राजनीतिक ड्रामा कर रही है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में पेट्रोल डीजल पर कई बार उत्पाद शुल्क कम किया गया। वैश्विक भारी उथल पुथल जैसे हालातों के बीच जब पूरी दुनिया चिंतित थी, तब केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाकर देशवासियों को बड़ी राहत देने का काम किया गया। Jmm आम लोगों की बहुत हितकर है तो पेट्रोल डीजल पर वैट क्यों नहीं घटाती ? आज झारखंड में बिजली दर में वृद्धि के कारण उद्योग धंधे बंदी के कगार पर हैं। आम लोग महंगी बिजली बिल से परेशान हैं। यह सब jmm को नहीं दिखता।

श्री साहू ने कहा कि आज वैश्विक संकट के कारण पूरा विश्व ही परेशान है। यह सभी जानते हैं कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में अवरोध के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगी हुई है। यह सिर्फ भारत में ही तो महंगा नहीं हुआ है। इस विपरीत परिस्थिति में भी केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें पूरी तरह नियंत्रित रखने का काम किया है। पूरी दुनिया में आज ऊर्जा संकट किसी से छिपा नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों से अपने व्यक्तिगत संबंधों और सूझबूझ से भारत की जनता को पूरी राहत देने की जो कोशिश की है, वह सराहनीय है। दूसरी तरफ झारखंड सरकार महंगाई पर केवल बयानबाजी और राजनीति कर रही है। इन्हीं दलों ने चुनाव पूर्व 450 रुपए में आम लोगों को गैस सिलेंडर देने का वादा किया था। इन्हें 450 रुपए में आम लोगों को गैस सिलेंडर मुहैया कराने से किसने रोका है ?Jmm और कांग्रेस वाले केवल राजनीतिक ड्रामा नहीं करें और जनहित के जो मुद्दे भाजपा सिलसिलेवार तरीके से उठा रही है, इस के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करें। जनता इन दलों के चेहरे को अच्छी तरह पहचानती है।

भाजपा कार्यकर्ताओं के ‘लहू’ से सींचा गया है बंगाल का कमल : बाबूलाल मरांडी

पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी करार देने वालों दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ बाबूलाल ने एक्स पर लिखकर दिखाया आईना

वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला

फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार से भी उनके कदम नहीं डगमगाए

नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी बतलाने वाले दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा है कि चुनाव आयोग की मेहरबानी से नहीं, बल्कि हमारे कार्यकर्ताओं के ‘लहू’ से बंगाल का कमल सींचा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि कुछ लोग आज भी इस मुगालते में जी रहे हैं कि बंगाल में भाजपा की सत्ता चुनाव आयोग का ‘गिफ्ट’ है। जिन्हें लगता है कि EVM की मशीनें, केंद्रीय बल या दिल्ली का दखल भाजपा को सत्ता की दहलीज तक लाया है, वे शायद बंगाल की तासीर से वाकिफ नहीं हैं। सुन लीजिये! बंगाल में कमल बैलेट बॉक्स से पहले कार्यकर्ताओं के खून से खिला है।

श्री मरांडी ने अपने पोस्ट में कुल चार पार्ट में “लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने, चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी, 15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर एवं यह ‘गिफ्ट’ नहीं, शहीदों का बलिदान है!” पर क्रमवार शीर्षक देकर पार्टी के उतार चढ़ाव वाले सियासी सफरनामे, भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत, सत्तारूढ़ दल वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस के जुल्म को विस्तार से व्याख्या की है।

श्री मरांडी ने “लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने” वाले पहले शीर्षक में लिखा है कि 2011 से 2025 तक का सफर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महायज्ञ था जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। यहाँ लोकतंत्र की बात करने वालों को पेड़ों से लटकाया गया। किसी को बम से उड़ाया गया, तो किसी का शव क्षत-विक्षत हालत में तालाबों में मिला। नंदीग्राम से बीरभूम और कूचबिहार से बशीरहाट तक—सिर्फ भाजपा को वोट देने के अपराध में पूरे-पूरे गाँव खाक कर दिए गए। उन्होंने अतीत के पन्नों को पलटने की सलाह देते हुए कहा कि वह मंजर याद कीजिए, जब महिलाओं की अस्मत को राजनीतिक हथियार बनाया गया ताकि दहशत पैदा की जा सके। यह सत्ता किसी थाली में परोसकर नहीं मिली, इसके पीछे हाई कोर्ट की फटकार और CBI जांचों के वो पन्ने हैं जो TMC के ‘खूनी खेल’ की गवाही देते हैं।

श्री मरांडी ने अपने दूसरे शीर्षक “चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी” में लिखा है कि सोचिए! जिस बूथ अध्यक्ष की लाश सुबह पेड़ पर लटकी मिलती है, दोपहर को उसका बेटा कलेजे पर पत्थर रखकर उसी बूथ पर पोलिंग एजेंट बनकर खड़ा हो जाता है— यह हिम्मत EVM से नहीं, स्वाभिमान से आती है। जिस माँ का घर जला दिया गया, वह अगले दिन फिर हाथ में भगवा झंडा थामे गलियों में ललकारती है— यह हौसला चुनाव आयोग नहीं देता। वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला है। फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार भी उनके कदम को नहीं डगमगा सके।

श्री मरांडी ने तीसरे शीर्षक “15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर” में लिखा है कि यह ग्राफ किसी आंकड़ों का खेल नहीं, यह उन माँओं के आँसुओं का हिसाब है। 2011 में सिर्फ 1 विधायक जीतने पर मजाक उड़ाया गया। 2016 में 3 विधायक जीते, यह संघर्ष की शुरुआत थी। 2019 में 18 सांसद जीते, ममता के गढ़ में सेंध लग चुकी थी। 2021 में 77 विधायक जीतकर पार्टी मुख्य विपक्ष की ताकत बनी।
2024 में 12 सीटें मिली, भयंकर दमन के बावजूद टिके रहे। आज 2026 में पूर्ण बहुमत की प्रचंड विजय। यह जीत उन बेटों के नाम है जिनकी ‘तेरहवीं’ पर उनकी माताओं ने विलाप नहीं किया, बल्कि कसम खाई थी कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, लड़ाई जारी रहेगी। यह उन रिलीफ कैंपों में सड़ रहे परिवारों के सब्र की जीत है।

अपने चौथे शीर्षक यह ‘गिफ्ट’ नहीं, शहीदों का बलिदान है! में श्री मरांडी ने लिखा है कि जो लोग आज इसे “चुनाव आयोग की सेटिंग” कहते हैं, वे एक बार उन गुमनाम कब्रों और श्मशानों में जाकर देखें जहाँ भाजपा का झंडा ओढ़े हमारे भाई सो रहे हैं। उन जले हुए घरों की राख को हाथ लगाकर देखें, जहाँ आज भी चीखें सुनाई देती हैं। बंगाल में सत्ता किसी मशीन ने नहीं दी है। यहाँ हर एक वोट के पीछे एक शहादत छिपी है। 15 साल तक खून-पसीना बहाने के बाद, अपनों की लाशें ढोने के बाद और हर जुल्म सहने के बाद आज बंगाल की गलियों से यह हुंकार निकली है। इसे ‘मेहरबानी’ कहना उन शहीदों का अपमान है जिन्होंने लोकतंत्र को ज़िंदा रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह बंगाल के आत्मसम्मान की जीत है, यह कार्यकर्ताओं के ‘बलिदान’ की जीत है!

गोड्डा में आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की प्रसूता की मौत पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को घेरा

कहा

यह एक प्रसूता की मौत नहीं है बल्कि पूरे सिस्टम की मौत : आदित्य साहू

मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र का जब यह हाल तो प्रदेश के अन्य इलाकों में कुव्यवस्था का लगाया जा सकता है सहज अंदाजा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गोड्डा जिला अंतर्गत कुसुमघाटी निवासी आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की मीरा मालतो नामक प्रसूता की समुचित स्वास्थ्य व्यवस्था के अभाव में मौत पर पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह एक प्रसूता की मौत नहीं है बल्कि पूरे सिस्टम की मौत है। सबसे दुखद है कि यह मामला राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा क्षेत्र बरहेट से जुड़ा हुआ है। जब मुख्यमंत्री के निर्वाचन विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था का यह हाल है तो पूरे राज्य में इस विभाग में फैले कुव्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

वहीं प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य के बड़बोले स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर भी करारा प्रहार करते हुए कहा कि झारखंड गठन के बाद इस प्रकार का निकम्मा स्वास्थ्य मंत्री नहीं देखा गया। अपना काम छोड़कर स्वास्थ्य मंत्री केवल गैर जरूरी कार्यों में व्यस्त रहते हैं। पूरे स्वास्थ्य सिस्टम का कबाड़ा करके इस सरकार ने छोड़ दिया है। यह कुव्यवस्था अब जानलेवा बन चुकी है।

श्री साहू ने कहा कि हेमन्त सोरेन सरकार अबुआ सरकार होने का दंभ भरती रहती है। लेकिन इस सरकार में आदिम जनजातियों की स्थिति ही काफी गंभीर है। मृत प्रसूता भी आदिम जनजाति से ही थी। यह सर्वविदित है कि यह समुदाय आज अपने अस्तित्व को लेकर संघर्षरत है। बावजूद राज्य सरकार की इस समुदाय के प्रति यह उदासीनता शर्मनाक और चिंतनीय है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मीरा मालतो को उनके परिजनों द्वारा पहले राजाभीठा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था और वहां से प्रसूता को गोड्डा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिर वहां से एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो जाती है।

श्री साहू ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही सरायकेला के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां बेटे की मौत से इस सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। अगर सबक लिया होता तो इस प्रकार की तस्वीर पुनः सामने नहीं आती। दरअसल राज्य सरकार को आम लोगों की जान माल की चिकित्सीय सुरक्षा से कोई सरोकार ही नहीं है। सरकार केवल लूट खसोट में लगी हुई है। यहां पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था ही ध्वस्त है। कोई ऐसा दिन नहीं गुजरता जब स्वास्थ्य विभाग में कुव्यवस्था को लेकर अखबारों में खबरें प्रकाशित नहीं होती हो।

श्री साहू ने कहा कि पहले ही खटिया, ठेला एंबुलेंस से सिस्टम दागदार होता रहा है। यहां तो अब थैले में, कार्टून में एक छोटे बच्चे का शव पिता द्वारा ढोकर ले जाने की घटना घट चुकी है। आए दिन हो रही इस प्रकार की मौत का जिम्मेवार कौन है मुख्यमंत्री जी ? अगर आप लोगों से व्यवस्था नहीं संभलती तो राज्य के गरीब आदिवासियों और अन्य लोगों की जान लेने पर क्यों तुले हैं ? इस्तीफा क्यों नहीं दे देते ?

श्री साहू ने राज्य सरकार को चेताते हुए कहा कि भाजपा मूकदर्शक बनी नहीं रह सकती है। अगला आंदोलन राज्य में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ही किया जाएगा।

राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

एसआईटी में उन लोगों को सदस्य बनाया गया जिन पर खुद जांच की तलवार लटकी

वित्त विभाग ने सिर्फ क्लर्क, किरानी को हटाने का आदेश दिया,बड़े मछलियों को खुला छोड़ दिया

सरकार स्पष्ट करे कि बोकारो स्ट्रांग रूम में जमा 14 किलो सोना सुरक्षित है?

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

भाजपा का सवाल: अभियंताओं को धमकाने वाला बबलू मिश्रा कौन है? हो उच्चस्तरीय जांच

भारतीय जनता पार्टी ने प्रेसवार्ता के माध्यम से यह गंभीर प्रश्न उठाया है कि ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं को धमकाने वाला बबलू मिश्रा आखिर कौन है और उसे संरक्षण कौन दे रहा है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि जिस व्यक्ति पर खुलेआम सरकारी अभियंताओं को डराने-धमकाने, गाली-गलौज करने, अपमानित करने और मनचाहे ठेकेदारों को काम दिलाने का आरोप है, उसकी भूमिका की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच बेहद आवश्यक है।

उन्होंने मांग की कि बबलू मिश्रा के साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों, स्टाफ और पीए के कॉल रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जाए। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण विकास कार्यालय में उसके आने-जाने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की भी जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे नेटवर्क और उसके प्रभाव का स्पष्ट खुलासा हो सके।

अजय साह ने आगे कहा कि जिस पत्र को मुख्य अभियंता, अभियंता प्रमुख और विभागीय सचिव को भेजा गया, उस पर 11 दिनों तक कोई कार्रवाई या प्रतिक्रिया न होना अत्यंत संदेहास्पद है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी द्वारा मामला संज्ञान में लेने के बाद ही अधिकारी सक्रिय हुए, वह भी निष्पक्ष जांच के लिए नहीं बल्कि मामले की लीपापोती करने के उद्देश्य से। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि संबंधित पत्र की फॉरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि उसकी सत्यता सामने आ सके।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पत्रों में बबलू मिश्रा का उल्लेख होने के कारण उसकी भूमिका और हस्तक्षेप की जांच अनिवार्य हो जाती है।

अजय साह ने आरोप लगाया कि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन झारखंड में “जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी” का मॉडल चला रहा है। इसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम को गंभीर आरोपों के बावजूद महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रखा गया, जबकि आलमगीर आलम जैसे नेता को जेल में रहने के बावजूद प्रदेश कमिटी में स्थान देकर कांग्रेस द्वारा पुरस्कृत किया गया।

उन्होंने कहा कि भले ही वीरेंद्र राम और आलमगीर आलम आज सीधे तौर पर विभाग में सक्रिय न हों, लेकिन उनके द्वारा स्थापित भ्रष्टाचार का मॉडल आज भी विभाग में लागू है। ऐसे में पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। प्रेस वार्ता में मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक भी मौजूद थे।

*ग्रामीण कार्य विभाग में टेंडर घोटाले को दबाने के लिए हुए पत्र घोटाले की हो फॉरेंसिक जांच: अजय साह

भाजपा ने आरोप लगाया कि झारखंड ग्रामीण कार्य विभाग में टेंडर घोटाले को दबाने के लिए पत्र घोटाला किया गया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग, झारखंड सरकार के कुछ अभियंताओं द्वारा 23 अप्रैल को एक गंभीर पत्र जारी किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि एक व्यक्ति—बबलू मिश्रा—द्वारा अभियंताओं को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और सरकारी टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। यह पत्र 23 अप्रैल से ही विभिन्न स्तरों पर प्रसारित होता रहा और विभागीय हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।

अजय ने बताया कि 4 मई 2026 को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी जी ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई और जांच की मांग की। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, जैसे ही यह मामला राजनीतिक स्तर पर सक्रिय हुआ, उसी दिन अभियंताओं की ओर से एक दूसरा पत्र जारी किया गया, जिसमें पहले वाले पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दे दिया गया।

भाजपा ने इस पूरे संदर्भ में कहा है कि राज्य सरकार दोनों पत्रों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच कराए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन सा पत्र असली है और कौन सा फर्जी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि 23 अप्रैल से लेकर 4 मई तक अभियंताओं की ओर से कोई स्पष्टीकरण क्यों नहीं आया और नेता प्रतिपक्ष के हस्तक्षेप के तुरंत बाद ही नया पत्र क्यों जारी किया गया। भाजपा ने यह भी मांग की है कि इस बात की गहन जांच हो कि क्या अभियंताओं पर किसी प्रकार का दबाव बनाकर उन्हें अपना पूर्व बयान बदलने के लिए मजबूर किया गया। इसके अतिरिक्त, पत्र में उल्लिखित बबलू मिश्रा की पहचान, भूमिका एवं प्रभाव की उच्चस्तरीय जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि वे किस हैसियत से सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे थे। भाजपा ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक पारदर्शिता का ही नहीं, बल्कि राज्य की टेंडर प्रक्रिया और अधिकारियों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

तीन राज्यों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में मनाया गया जश्न।

लड्डू और झालमुड़ी खिलाकर एक दूसरे को दी बधाई एवं पटाखे -आतिशबाजी भी की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर लगी मुहर, देश ने विकास को चुना: आदित्य साहू

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब अँधेरा छंट चुका है और भगवामय सूरज का उदय हुआ है।

उन्होंने समस्त देशवासियों, पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं एवं सम्मानित मतदाताओं को इस शानदार जीत के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि जनता के अटूट विश्वास, कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में विकास और सुशासन की राजनीति पर लगी मुहर है।

आदित्य साहू ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार के 15 वर्षों के कुशासन का अंत हो गया है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता लंबे समय से तृणमूल सरकार की नीतियों से त्रस्त थी। उन्होंने कहा कि घुसपैठ को बढ़ावा देने, तुष्टिकरण की राजनीति को चरम पर पहुँचाने और भ्रष्टाचार के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हुई थी। साथ ही, कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अपराध और अराजकता के माहौल से जनता परेशान थी, आज उसका अंत हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि आज बंगाल की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से इन सभी स्थितियों का जवाब देते हुए बदलाव का मार्ग चुना है और एक नई दिशा की शुरुआत की है।

संगठन की ताकत और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मिली ऐतिहासिक जीत : कर्मवीर सिंह

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि यह विजय केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि जनता के अटूट विश्वास और विकास व सुशासन की राजनीति के प्रति समर्थन का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जो जनकल्याणकारी योजनाएँ और विकास कार्य हुए हैं, उसी पर जनता ने अपनी मुहर लगाई है।

कर्मवीर सिंह ने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसका समर्पित कार्यकर्ता और बूथ स्तर तक मजबूत संगठन है। जब कार्यकर्ता पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ मैदान में उतरते हैं, तब ऐसे ऐतिहासिक परिणाम सामने आते हैं।

यह जनसमर्थन सुशासन, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक : अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस प्रचंड जनादेश के लिए पश्चिम बंगाल की जागरूक जनता-जनार्दन को नमन और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक समर्पित कार्यकर्ता का हार्दिक अभिनंदन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व में बंगाल में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह जनसमर्थन सुशासन, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है। तीनों राज्यों में मिली जीत अभूतपूर्व है।

यह ऐतिहासिक जीत जनता को समर्पित : अर्जुन मुंडा

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मिली जीत कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और उनके वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं ने जिस निष्ठा, समर्पण और सेवा भाव के साथ जनता के बीच काम किया है, यह जीत उसी का प्रमाण है। यह जनादेश हमें और अधिक जिम्मेदारी के साथ जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की प्रेरणा देता है। तीनों राज्यों में मिली इस ऐतिहासिक जीत के लिए सभी कार्यकर्ताओं को बधाई।

इस दौरान समीर उरांव, रवीन्द्र राय, राकेश प्रसाद,बालमुकुंद सहाय, गणेश मिश्रा, आरती कुजूर, सुनीता सिंह, अमरदीप यादव, अमित कुमार, शालिनी बैशख़ियार, दीपक बंका, सूरज चौरसिया, अशोक बड़ाईक, प्रदीप सिन्हा, प्रतुल शाहदेव, रफ़िया नाज़, राहुल अवस्थी, अविनेश सिंह, आरती सिंह, शशांक राज, पवन साहू, अनवर हयात, सुबोध सिंह गुड्डू, संदीप वर्मा, राकेश भास्कर, रमेश सिंह, सीमा शर्मा, वरुण साहू, रोशनी खलखो, नीरज कुमार, बबलू भगत, उषा पांडे, सुधीर श्रीवास्तव, तारीक इमरान, सीमा सिंह, सहित कई उपस्थित थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र के आग्रह के लिए भाजपा मुख्यमंत्री से समय देने का करती रही आग्रह, नहीं मिला समय

इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी

थक हार कर इस मामले पर भाजपा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

रांची के नन्हे प्रतिभाशाली तैराक ईशांक सिंह को भाजपा ने घर जाकर किया सम्मानित

ईशांक की उपलब्धि असाधारण प्रतिभा और निरंतर कठोर अभ्यास का परिणाम : आदित्य साहू

इशांक देश-प्रदेश के लाखों बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत

ईशांक सिंह ने झारखंड का नाम किया रोशन : कर्मवीर सिंह

इशांक सिंह ने पाक स्ट्रेट की 29 किमी की दूरी मात्र 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया

आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने झारखंड के लाल नन्हे तैराक ईशांक सिंह के राँची स्थित उनके आवास पर पहुंचकर इस होनहार बालक को सम्मानित किया और इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। झारखंड के इशांक सिंह ने पाक स्ट्रेट की 29 किमी की दूरी मात्र 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इशांक ने महज 7 वर्ष की उम्र में भारत और श्रीलंका के बीच करीब 29 किलोमीटर लंबे पाक जलडमरूमध्य पार कर एक नया इतिहास रचने का काम किया है। इशांक ने विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर न केवल झारखंड का बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड की धरती के लिए यह अत्यंत गर्व और प्रेरणा का क्षण है। मात्र 7 वर्ष की आयु में नन्हे तैराक इशांक ने समुद्र के चुनौतीपूर्ण मार्ग Palk Strait को तैरकर पार कर अद्भुत साहस परिचय दिया है। इतनी कम उम्र में इस तरह की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करना असाधारण प्रतिभा और निरंतर कठोर अभ्यास का परिणाम है। इशांक ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती। उनकी यह उपलब्धि देश-प्रदेश के लाखों बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

श्री साहू ने इस अभूतपूर्व सफलता के लिए नन्हे इशांक, उनके माता-पिता एवं समर्पित प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी है। साथ ही कामना करते हुए कहा है कि वे आगे भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर झारखंड और भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन करें।

संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि रांची के नन्हे प्रतिभाशाली तैराक ईशांक सिंह ने महज 7 वर्ष की उम्र में 29 किलोमीटर लंबे पाक जलडमरूमध्य को मात्र 9 घंटे 50 मिनट में पार करते हुए श्रीलंका के तलाइमन्नार से भारत के धनुषकोडी तक का सफर तय कर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर इतिहास रचने का काम किया है। झारखंड के लिए यह गर्व विषय है। नन्हें तैराक ने झारखंड का नाम रोशन किया है। यह अद्भुत उपलब्धि न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। इतनी कम उम्र में यह अद्भुत उपलब्धि हासिल कर ईशांक ने न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है।

इस दौरान मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश सिंह भी मौजूद रहे।

स्वास्थ्य विभाग में बड़े घोटाले की आशंका, स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए राज्य सरकार: नवीन जायसवाल

स्वास्थ्य विभाग में व्यापक गड़बड़ी को लेकर मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को जांच के लिए लिखा पत्र, नवीन जायसवाल ने कहा कि दूध की रखवाली बिल्ली करेगी ?

अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने और स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल पद से बर्खास्त करने की मांग

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हटिया विधायक एवं विधानसभा में मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं और कथित घोटालों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लगातार गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं। मुख्य सचिव द्वारा स्वास्थ्य सचिव को लिखे गए पत्र में व्यापक अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं, जो इस बात का संकेत है कि मामला अत्यंत गंभीर है।

श्री जायसवाल ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने चहेतों को ऊँचे दर पर टेंडर दिलाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पत्र में सामने आए तथ्यों के अनुसार, जिन उत्पादों की वास्तविक कीमत एक रुपये है, उन्हें तीन से पाँच गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर प्रक्रिया में एक ही परिवार के सदस्यों के नाम पर कई कंपनियों का पंजीकरण कराकर लाभ पहुँचाने का मामला सामने आया है, जो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

श्री जयसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लगातार घोटालों का खुलासा हो रहा है। हालांकि मुख्य सचिव द्वारा संज्ञान लिया जाना स्वागत योग्य है, लेकिन जांच की जिम्मेदारी स्वास्थ्य सचिव को ही सौंपे जाने पर संदेह उत्पन्न होता है। उन्होंने इसे “दूध की रखवाली बिल्ली को सौंपने” जैसा बताया और आशंका जताई कि जेम पोर्टल के माध्यम से हुई ऊँची दर की खरीद में लीपापोती की जा सकती है।

श्री जायसवाल ने आगे कहा कि झारखंड में ट्रेजरी लूट का मामला भी सामने आया है, जिसमें हर जिले में करोड़ों रुपये की धांधली उजागर हुई है। उन्होंने इसे चारा घोटाले से भी बड़ा घोटाला बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पहले से ही बालू, कोयला, जमीन और लोहा लूट के मामले सामने आते रहे हैं, और अब सरकारी खजाने की लूट का सिलसिला भी जुड़ गया है। मंत्री के प्रभाव में विभाग के भीतर अत्यधिक दरों पर खरीदारी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

श्री जायसवाल ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री से मांग करती है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। साथ ही संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने और स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल पद से बर्खास्त करने की मांग की गई।

प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक एवं प्रदेश प्रवक्ता अविनेश सिंह उपस्थित थे।

मैट्रिक टॉपर प्रेम के घर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, घोषणा के अनुसार दी एक लाख रुपए की सहयोग राशि

शेष तीन टॉपरों को भी भाजपा ने की 100000 रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

भाजपा प्रतिभा के सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए सदैव समर्पित : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने अपनी घोषणा के अनुसार मैट्रिक परीक्षा में झारखंड टॉपर करने वाले छात्र प्रेम कुमार साहू के घर पहुंचकर आज उन्हें एक लाख रुपए की सहयोग राशि प्रदान की। प्रेम रांची जिला के कांके प्रखंड अंतर्गत नेवरी निवासी अर्जुन साहू के सुपुत्र हैं। जिन्होंने मैट्रिक की परीक्षा में 498 अंक (99.60%) प्राप्त कर झारखंड में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। प्रेम के साथ हजारीबाग की प्रियांशु कुमारी, बानो की शिवांगी कुमारी एवं रांची के सन्नी कुमार वर्मा ने भी झारखंड टॉप किया है। भाजपा ने इन्हें भी 1,00,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रतिभा के सम्मान और उज्जवल भविष्य के निर्माण के लिए सदैव समर्पित है। प्रेम कुमार साहू ने प्रेमचंद्र हाई स्कूल, मेसरा (रांची) से मैट्रिक परीक्षा में 498 अंक (99.60%) प्राप्त कर पूरे झारखंड में प्रथम स्थान हासिल कर क्षेत्र एवं राज्य का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह अद्भुत सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से पूर्व में की गई घोषणा के अनुसार आज उनके आवास पहुँचकर उन्हें इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर आगे की पढ़ाई के लिए अपनी ओर से एक लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान कर अपना वादा पूरा किया।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और भारतीय जनता पार्टी के सेवा, समर्पण एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प से प्रेरित होकर समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का सतत प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में झारखंड के अन्य मेधावी विद्यार्थियों — हजारीबाग की प्रियांशु कुमारी, बानो की शिवांगी कुमारी एवं रांची के सन्नी कुमार वर्मा — जिन्होंने मैट्रिक परीक्षा में 498 अंक (99.60%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया है, उन्हें भी प्रोत्साहन स्वरूप उनकी आगे की पढ़ाई के लिए एक लाख रुपये की सहयोग राशि दी जाएगी।

श्री साहू ने कहा कि मेरा विश्वास है कि समाज के मेधावी और परिश्रमी विद्यार्थियों को यदि समय पर सहयोग और प्रोत्साहन मिले, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रकृति हमें यह सिखाती है कि वृक्ष अपने फल दूसरों के लिए देते हैं, नदियाँ दूसरों के हित के लिए बहती हैं और गायें भी दूसरों के कल्याण के लिए दूध देती हैं। उसी प्रकार मनुष्य का जीवन भी समाज की सेवा और दूसरों के उत्थान के लिए होना चाहिए।

भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

तय तिथि को सम्बन्धित जिले में एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर करेंगे प्रदर्शन

झारखंड की जनता कर रही त्राहिमाम, झारखंड सरकार पिकनिक मनाने में व्यस्त : आदित्य साहू

हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती, हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का करेंगे काम

नल जल योजना झारखंड में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी, बूंद बूंद पानी को तरस रही जनता

सरकार को चेतावनी, जनता को तत्काल पानी की सुविधा कराए मुहैया

भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

“महिला आक्रोश मशाल यात्रा” में उमड़ा जनसैलाब, महिलाओं ने प्रचंड उपस्थिति दर्ज कर जताया आक्रोश

नारी सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को जनता कभी नहीं करेगी माफ : आदित्य साहू

महिलाएं अब जाग चुकी हैं : आरती सिंह

विपक्ष अपनी संकीर्ण राजनीति के कारण महिलाओं के अधिकारों में डाल रहा बाधा: संजय सेठ

रांची में भाजपा, महिला मोर्चा, रांची महानगर–जिला के तत्वावधान में आयोजित “महिला आक्रोश मशाल यात्रा” ऐतिहासिक रूप से सफल रही। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाली गई इस मशाल यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर नारी सम्मान और अधिकारों के पक्ष में अपनी सशक्त आवाज बुलंद की।
महिला आरक्षण बिल को संसद में रोकने के मुद्दे पर इंडी गठबंधन के विरोध में महिलाओं का आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। पूरे मार्ग में “नारी सम्मान – हमारा अधिकार” जैसे नारों के साथ मातृशक्ति ने अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता और संघर्ष का परिचय दिया। यह मशाल यात्रा झारखंड में नारी शक्ति के बढ़ते आत्मविश्वास, एकता और संघर्ष के संकल्प का सशक्त उदाहरण बनी।

इस अवसर पर मुख्यरूप से उपस्थित भाजपा, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध कर विपक्ष ने देश की मातृशक्ति के साथ अन्याय किया है। झारखंड की धरती से आज यह स्पष्ट संदेश गया है कि नारी सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष अपनी संकीर्ण राजनीति के कारण महिलाओं के अधिकारों में बाधा डाल रहा है। आज की यह मशाल यात्रा उसी अन्याय के खिलाफ एक जनआंदोलन है। झारखंड की महिलाएं अब चुप बैठने वाली नहीं है। नारी शक्ति अब विपक्षी दलों के चेहरा को बेनकाब करेंगी।

महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह ने कहा कि झारखंड की महिलाएं अब जाग चुकी हैं और अपने सम्मान एवं अधिकारों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं। यह आक्रोश मशाल यात्रा नारी शक्ति की एकजुटता और संकल्प का प्रतीक है।

कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी, रांची के विधायक सीपी सिंह, महानगर जिला अध्यक्ष वरुण साहू, आरती कुजूर, सीमा शर्मा, शोभा यादव, काजल प्रधान, सुचिता सिंह, पायल सोनी, वीणा मिश्रा, अनीता वर्मा, अर्चना सिंह, रेखा महतो, सुमन सिंह, लवली पाठक, बबीता देवी सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

आगरा के पागलखाने में ही स्वास्थ्य मंत्री का समुचित इलाज संभव : अमर कुमार बाऊरी

इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला पूरे झारखंड को शर्मसार करने वाली, सभी दोषियों की हो अविलंब गिरफ्तारी

भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी ने कहा कि लगता है झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का स्वास्थ्य काफी खराब हो चुका है। इस स्थिति में रांची के कांके स्थित पागलखाना में उनका इलाज संभव नहीं दिख रहा है। इरफान अंसारी का रोग इस कदर बढ़ गया है कि अब योगी आदित्यनाथ के प्रदेश स्थित आगरा के पागलखाने में ही उनका समुचित इलाज संभव है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी चाहिए कि अविलंब विशेष सेवा विमान से अपने स्वास्थ्य मंत्री को आगरा भेजने की व्यवस्था करें, ताकि वहां उनका समुचित इलाज हो सके।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि आज हजारीबाग में सवाल पूछे जाने पर पत्रकारों के साथ इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा मारपीट की घटना पूरे झारखंड को शर्मसार करने वाली है। कहीं न कहीं पत्रकारों पर यह हमला सीधे-सीधे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने की साजिश है। दो तीन पहले ही स्वास्थ्य मंत्री रांची के एक मीडिया हाउस पर 11 करोड़ का नोटिस भेज चुके हैं और आज एक पत्रकार पर सरेआम मंत्री और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जानलेवा हमला। आखिर ये स्वास्थ्य मंत्री हैं या अराजक मंत्री ?

प्रदेश महामंत्री ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या हेमंत सरकार में अब सवाल पूछने पर लाठी और गुंडागर्दी से जवाब दिया जाएगा? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ ऐसे मंत्री से भला पूरे राज्य का स्वास्थ्य महकमा कैसे संभलेगा ? राज्य सरकार को पहले इनका मानसिक इलाज कराने की जरूरत है। जब तक इनका पूरी तरह मानसिक इलाज नहीं हो जाए तब तक इन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए।

प्रदेश महामंत्री ने हजारीबाग पुलिस प्रशासन से सभी दोषियों को अविलंब गिरफ्तार करने और उन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

भाजपा नेताओं ने वित्त मंत्री का हालचाल जाना, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना

वित्त मंत्री के अस्वस्थ होने की सूचना पर अस्पताल पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू पार्टी के अन्य नेताओं के साथ सेंटेविटा अस्पताल पहुँचकर राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर का कुशल-क्षेम जाना। वित्त मंत्री के अस्वस्थ होने की सूचना पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अस्पताल पहुंचे थे। नेताओं ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इस दौरान नेताओं ने परिजनों एवं चिकित्सकों से भी मंत्री के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की।

आदित्य साहू ने वित्त मंत्री के जल्द स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा में सक्रिय होने की कामना की।

इस अवसर पर विधायक विधायक सीपी सिंह , पूर्व नेता प्रतिपक्ष सह प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह एवं अशोक बड़ाईक भी उपस्थित रहे।

20 दिनों से सरकार,समिति, सीआईडी और एसआईटी जांच के बीच ट्रेज़री महाघोटाले को दफनाने की साजिश- प्रतुल शाह देव

खजाने से गायब ₹10,000 करोड़ का कनेक्शन क्या ट्रेजरी घोटाले से है,वित्त मंत्री स्पष्ट करे

सीआईडी ने खुद जांच ना कर पुलिस के आईजी के नेतृत्व में एसआईटी क्यों बनाया?

एसआईटी के लिए कोई समय सीमा का निर्धारण नहीं करना भी संदेहास्पद

रांची। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड में सामने आ रहे ट्रेजरी घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को स्पष्ट करना चाहिए कि खजाने से गायब ₹10,000 करोड़ आखिर कहां गए और क्या यह राशि ट्रेजरी घोटाले से जुड़ी हुई है।प्रतुल शाहदेव ने कहा कि पूरी राज्य सरकार इस गंभीर घोटाले पर पर्दा डालने में लगी हुई है। मीडिया द्वारा लगातार मामले उजागर किए जाने के बावजूद सरकार ने अपनी तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ “समिति पर समिति” और “एसआईटी पर एसआईटी” बनाकर असली घोटालेबाजों को बचाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पहले वित्त विभाग के उप सचिव ज्योति झा के नेतृत्व में बनी प्रारंभिक कमेटी ने बोकारो जाकर कई गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा किया था, लेकिन सरकार ने उस रिपोर्ट को दबाने का प्रयास किया।हाल के खुलासे ने स्पष्ट किया कि बोकारो में एसपी के नाम पर 16 करोड रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद 17 अप्रैल को उत्पाद सचिव के नेतृत्व में दूसरी कमेटी बनाकर मामले को लटकाना चाहा ताकि सच्चाई सामने न आ सके। वित्त विभाग की पुरानी समिति का पूरे तरीके से इसी एसआईटी में विलय कर दिया गया ताकि वो अलग रिपोर्ट ना दे पाए।

प्रतुल शाहदेव ने यह भी आरोप लगाया कि बोकारो के एसपी को अचानक हटाया जाना और सीआईडी जांच में देरी करना इस बात का संकेत है कि सरकार मामले को भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह तक सीआईडी ने जांच शुरू नहीं की और जब मामला मीडिया में उछला तब कार्रवाई का दिखावा किया गया।उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब सीआईडी द्वारा झारखंड पुलिस के आईजी (मानवाधिकार ) की अध्यक्षता में एसआईटी बना दिया गया।इससे जांच सीआईडी से निकल कर झारखंड पुलिस के अधिकारी के अधीन चली गई है। यहां बड़ा प्रश्न यह है की सीआईडी ने खुद से जांच क्यों नहीं की?प्रतुल ने कहा कि जब पुलिस के एक आईजी किसी टास्क फोर्स का नेतृत्व करेंगे तो उनके अधीन टास्क फोर्स के सीआईडी के कनिष्ठ अधिकारी कितने स्वतंत्र रह पाएंगे,ये बड़ा प्रश्न है। संदेह इस से भी पुख्ता होता है की एसआईटी के किए जांच की कोई समय सीमा नहीं दी गई है। यानी सरकार पूरे मामले को ठंडा बस्ती में डालना चाहती है। प्रतुल ने कहा कि अब समय आ गया है कि सिपाही, होमगार्ड के जवान और लेखापाल के अलावा बड़े मछलियों पर भी सरकार हाथ डाले।

प्रतुल शाहदेव ने स्पष्ट कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच केवल केंद्रीय एजेंसियां ही कर सकती हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे ट्रेजरी घोटाले की जांच तत्काल सीबीआई और ईडी को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।

जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड पर राज्य सरकार पर भाजपा का हमला, परिजनों को 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

पार्टी की ओर से 50 हज़ार का सहयोग राशि परिजनों को दिया गया।

राज्य में अपराधियों की चल रही है समानांतर सरकार : आदित्य साहू

हेमंत सरकार में आदिवासी असुरक्षित, कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।

मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैला रहा विपक्ष, महिलाओं के साथ किया विश्वासघात: पूर्णिमा साहू

महिला अधिकारों पर विपक्ष का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण।

28 अप्रैल को संध्या 5 बजे रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला जाएगा विशाल मशाल जुलूस

भाजपा नेत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि 16-17 अप्रैल को संसद में देश की आधी आबादी को समान अधिकार और भागीदारी देने का एक ऐतिहासिक अवसर आया था। किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। श्रीमति साहू भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी।

श्रीमती साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में स्पष्ट कहा है कि महिलाओं को सम्मान, अधिकार और नीति-निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है।

उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने वर्षों तक न विधानसभा में और न ही लोकसभा में महिलाओं को पर्याप्त अवसर दिया। लेकिन जब महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब उनका महिला-विरोधी चरित्र उजागर हो गया।

श्रीमती साहू ने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि इसका उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन देशभर में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पहले से ही जनगणना और परिसीमन से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2023 में जब यह अधिनियम सदन में प्रस्तुत किया गया था, तब किसी भी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया। उस समय लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कांग्रेस ने जल्दबाजी में समर्थन दिया, लेकिन अब जब इसे लागू करने की बात आई है, तो वही दल आज विरोध कर रहे हैं।

श्रीमति साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बयान देने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं मूकदर्शक नहीं, बल्कि सशक्त और जागरूक हैं। वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और उन्हें पाने के लिए आवाज उठाने को पूरी तरह तैयार हैं।

प्रेस वार्ता में पूर्णिमा साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और इंडी गठबंधन के महिला विरोधी मानसिकता को लेकर 28 अप्रैल को संध्या 5 बजे हजारों महिलाओं द्वारा रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो नारी शक्ति, सम्मान और अधिकारों की मजबूत अभिव्यक्ति होगा।

इस अवसर पर आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ एवं बबीता झा भी उपस्थित थीं।

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