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झारखंड के 18.8 लाख किसानों को मिला पीएम किसान सम्मान निधि का 22 वाँ किस्त

प्रदेश भाजपा ने किया स्वागत,प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं कृषि मंत्री का जताया आभार

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देश भर के 9.32 करोड़ किसानों को जिसमें झारखंड के 18.8 लाख किसान भी शामिल हैं को पीएम किसान सम्मान निधि का 22 वाँ किस्त किसानों के खाते में भेजे जाने का प्रदेश भाजपा ने स्वागत किया है।

प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि मोदी सरकार गांव गरीब किसान के कल्याण केलिए संकल्पित और समर्पित है।

कहा कि किसान सम्मान निधि जो प्रतिवर्ष तीन किस्तों को मिलाकर 6 हजार रुपए होती है,किसानों को बड़ी राहत प्रदान करती है। किसान खाद,बीज कीटनाशक दवाइयां खरीदने केलिए उधार और कर्ज लेने केलिए विवश नहीं है। समय पर किसान सम्मान निधि मिलने से किसान उसका कृषि कार्य में सदुपयोग भी करते हैं।

श्री साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रति झारखंड के किसानों की ओर से आभार प्रकट किया।

थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी खून चढ़ाने पर रिक्शा नौटंकी क्यों नहीं किया इरफान अंसारी ने…..आदित्य साहू

शिल्पी नेहा तिर्की धान खरीद की चिंता करती तो ज्यादा अच्छा होता

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज विधानसभा सत्र के दौरान राज्य सरकार के दो मंत्री इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की की नौटंकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी नौटंकी मंत्री बन गए हैं। इनकी कार्यशैली में विभाग की चिंता नहीं है बल्कि अपनी विफलताओं की छुपाने केलिए ये अपने बयानों से ,अपने उल्टे हरकतों से जनता को दिग्भ्रमित करते हैं।

कहा कि यदि रिक्शे की सवारी करनी ही थी तो उस दिन करते जिस दिन एक पिता को अपने बेटे की लाश झोले में भरकर ले जानी पड़ी। थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाकर मौत के मुंह में जाने को विवश कर दिया। गरीबों को एम्बुलेंस नसीब नहीं हो रहा। गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर गरीब हॉस्पिटल लाने को मजबूर हैं। ऐसे में इन गरीबों को रिक्शा भी उपलब्ध करा देते तो मंत्री जी की बहादुरी मानी जाती ।लेकिन इरफान अंसारी को गरीबों की सेवा से कोई मतलब नहीं।ये तो केवल नौटंकी करने, सरकारी सुविधा पाने ,राज्य को लूटने केलिए मंत्री बने हैं।

श्री साहू ने कृषि मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के हित की चिंता कब करेंगी कृषि मंत्री।4 महीने बीत जाने के बाद भी किसानों के धान नहीं खरीदे जा सके।राज्य सरकार के आंकड़े बता रहे कि अभी तक झारखंड के किसानों से 50% धान की खरीद हुई है। खरीदे गए धान के पैसे जिसे तुरंत भुगतान करना था वो अभी तक बकाए हैं।

कहा कि 3200 रुपए क्विंटल धान खरीदने और 450 रुपए में सिलिंडर देने के वादे करके सत्ता में आई हेमंत सरकार वादों को पूरी तरह भुला दिया।

श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार सुनियोजित तरीके से गैस की किल्लत को प्रचारित कर रही ।दुष्प्रचार के कारण जनता में भय व्याप्त हो रहा। राज्य सरकार की ओर से विरोधाभासी बयान आ रहे।मंत्री प्रदर्शन कर रहे और अधिकारी बता रहे कि कोई किल्लत नहीं।

कहा कि इंडी गठबंधन की सरकार बार बार अपने गैर जिम्मेदाराना हरकत से बाज आए।

उन्होंने झारखंड की जनता से ऐसे सरकार के नौटंकीबाज मंत्रियों की नौटंकी से दिग्भ्रमित नहीं होना चाहिए़।

कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता के हित की चिंता है। देश के हित में सभी आवश्यक निर्णय लिए जा रहे। देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है।

झारखंड में आदिवासी अस्मिता,जल ,जंगल,जमीन के व्यापारी हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन….आदित्य साहू

असम की धरती पर हेमंत सोरेन का दोहरा चरित्र उजागर

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा असम की एक जनसभा में दिए गए भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि असम में आदिवासी हित ,अधिकार की बात करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में उसका 10% भी जमीन पर उतार देते तो राज्य का भला हो जाता ।लेकिन इनकी कथनी और करनी में दोहरा चरित्र उजागर होता है।

कहा कि पिछले साढ़े 6 वर्षों में राज्य में सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को बताना चाहिए कि उन्होंने राज्य के आदिवासियों केलिए क्या किया? जल, जंगल जमीन की लूट पर क्या किया। आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत पर हो रहे लगातार हमले को रोकने केलिए क्या किया। ?

श्री साहू ने कहा कि दो दिन पहले देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति महोदया जो झारखंड की नातिन हैं,जनजाति समाज की बेटी हैं का पश्चिम बंगाल की धरती पर अपमान हुआ लेकिन हेमंत सोरेन जी ने एक छोटी प्रतिक्रिया भी नहीं दी। कहां गया आदिवासी समाज के सम्मान का दर्द। मौन के पीछे आखिर कौन सी राजनीतिक मजबूरी रही।

कहा कि रोज रोज आदिवासी बहन बेटियों की इज्जत झारखंड की धरती पर लूटी जा रही है, होनहार आदिवासियों की हत्याएं हो रही हैं लेकिन राज्य सरकार लाचार विवश बैठी है। एक एफआईआर तक सामान्य तरीके से दर्ज नहीं होते। राज्य में पिछले वर्ष हूल दिवस पर सिदो कान्हो के वंशजों को पूजा करने से रोका गया।उसके पहले सिदो कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मु की हत्या हुई । चाईबासा में 7 आदिवासियों का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। रूपा तिर्की की हत्या हुई,एक दरोगा बेटी को कुचलकर मार दिया गया।लेकिन हेमंत सरकार अपराधियों पर लगाम नहीं लगा सकी।

कहा कि राज्य में आदिवासियों की जमीन को बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिए कब्जा कर रहे और हेमंत सरकार घुसपैठियों का संरक्षण कर रही। राज्य के खनिज संसाधन,बालू,कोयला , पत्थर को राज्य सरकार दलाल बिचौलियों से लुटवाने में जुटी हुई है।

कहा कि पेसा कानून के नाम पर हेमंत सरकार ने एक्ट की मूल भावना को ही मिटा दिया। उसकी आत्मा ही मार दी।

कहा कि आज व्यापारी समाज को गाली देने वाले हेमंत सोरेन की पार्टी ने झारखंड की अस्मिता,आंदोलन का ही व्यापार कर दिया था। और सत्ता की भूख ऐसी है कि झारखंड आंदोलन को खरीदने,बोली लगाने वाले के साथ गलबहियां डालकर सत्ता सुख भोग रहे। यही है झामुमो की नैतिकता। जिस पार्टी ने आदिवासियों पर गोलियां चलाई ,लोगों को मरवाए वही पार्टी आज झारखंड की हितैषी हो गई और जिसने अलग राज्य का सपना साकार किया वह पार्टी इनकी नजरों में झारखंड विरोधी हो गई।

कहा कि असम की जनता को दिग्भ्रमित करना बंद करें मुख्यमंत्री। जनता इनकी हकीकत जानती है।

संवैधानिक संस्थाओं को निष्क्रिय करने का सुनियोजित षड्यंत्र कर रही हेमंत सरकार – प्रतुल शाह देव

हाई कोर्ट की फटकारों का भी सरकार पर कोई असर नहीं

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि झारखंड की हेमंत सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का सुनियोजित षड्यंत्र कर रही है। झारखंड हाई कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद भी सरकार लोकायुक्त, सूचना आयोग, महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर नियुक्ति करने में लगातार टालमटोल कर रही है। यह न केवल प्रशासनिक विफलता है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि इन संस्थाओं को चलाने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये का खर्च किया जा रहा है, लेकिन पद रिक्त रहने के कारण जनता को इनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। कार्यालय, भवन, कर्मचारी और अन्य व्यवस्थाओं पर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च हो रहा है, लेकिन न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली संस्थाएं पूरी तरह निष्क्रिय पड़ी हैं।उन्होंने कहा कि जब सरकार इन संस्थाओं में नियुक्ति ही नहीं करना चाहती, तो साफ है कि उसे पारदर्शिता और जवाबदेही से डर लगता है। लोकायुक्त भ्रष्टाचार पर निगरानी रखता है, सूचना आयोग पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और महिला एवं बाल आयोग समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा करते हैं। इन संस्थाओं को निष्क्रिय रखना सीधे-सीधे लोकतंत्र की आत्मा पर आघात है।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, जो यह दर्शाता है कि सरकार संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह विफल रही है। भाजपा मांग करती है कि सरकार तुरंत इन सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति कर संस्थाओं को सक्रिय करे, अन्यथा यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार जानबूझकर जवाबदेही से बचने के लिए इन्हें निष्क्रिय बनाए रखना चाहती है।

आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता नेता विधायक बाबूलाल मरांडी ने किया। इस अवसर पर संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह उपस्थित थे।

बैठक में सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, सत्येंद्र नाथ तिवारी, डॉ निरा यादव, राज सिन्हा, अमित कुमार यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, डॉ शशिभूषण मेहता, नागेंद्र महतो, रोशन लाल चौधरी, कुमार उज्जवल, पूर्णिमा साहू, रागिनी सिंह, शत्रुघन महतो, मंजू कुमारी उपस्थित थे।

विधायक दल की बैठक के उपरांत विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं हटिया के विधायक नवीन जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र आहूत होने के समय सभी जनप्रतिनिधि नगर निकाय चुनाव में व्यस्त थे तथा उसके बाद होली पर्व के कारण भी व्यस्तता रही। आज सभी विधायकों की बैठक में राज्य की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार के सवा वर्ष के कार्यकाल में राज्य में जो हालात उत्पन्न हुए हैं, उस पर सभी विधायकों ने बिंदुवार चर्चा की। झारखंड की स्थिति को विधानसभा के अंदर और बाहर मजबूती के साथ उठाया जाएगा। यदि पार्टी को संघर्ष करना पड़ा तो संघर्ष भी किया जाएगा।

बैठक में विधायकों ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और नौकरशाही हावी हो गई है। जनप्रतिनिधियों की बात सुनने वाला कोई नहीं है। आम जनता परेशान है और अपनी शिकायतें लेकर आती है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

बैठक में राज्य में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट, बिजली की समस्या, किसानों से धान की खरीद में हो रही देरी, बालू की किल्लत, कोयले की लूट, तथा बिना पैसे दिए सरकारी काम नहीं होने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। साथ ही युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़, JTET परीक्षा से जुड़े मुद्दे, तथा कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

विधायकों ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। हत्या, लूट और रंगदारी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और व्यापारी वर्ग भयभीत है। आम लोग डर के कारण घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि यह सरकार है या सर्कस।

कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में सभी विधायक एक स्वर में इन मुद्दों को जोरदार तरीके से सदन में उठाएंगे और जनता की आवाज बुलंद करेंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान सचेतक सह बगोदर के विधायक नागेंद्र महतो एवं प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक भी उपस्थित थे।

प्रोफेसर सुभाष चंद्र मिश्र के निधन पर प्रदेश भाजपा ने जताया शोक

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने पलामू जिला के सुविख्यात शिक्षाविद प्रोफेसर सुभाष चंद्र मिश्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
श्री साहू ने कहा कि स्व मिश्र बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।इन्होंने वर्षों तक संघ परिवार के विभिन्न संगठनों ,विद्यार्थी परिषद से जुड़कर समाज की सेवा की। युवाओं को प्रेरित करते हुए मार्गदर्शन किया।

कहा कि स्व मिश्र संयुक्त बिहार में पलामू जिला भाजपा महामंत्री के रूप में पार्टी की सेवा की।

कहा कि स्व मिश्र का निधन झारखंड केलिए अपूरणीय क्षति है।

श्री साहू ने दिवंगत आत्मा की शांति केलिए ईश्वर से प्रार्थना की।ईश्वर परिजनों को धैर्य एवं साहस प्रदान करें।

हेमंत सरकार में हिंदू आस्था पर लगातार हो रहे हमले….आदित्य साहू

रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं पर लाठी बरसाने वाले पुलिस कर्मियों की हो बर्खास्तगी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा। श्री साहू ने रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा करने गए माता के भक्तों, पर पुलिस कर्मियों द्वारा हुए बर्बर लाठीचार्ज पर कड़ा रोष व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि पिछले 6 वर्षों से हेमंत सरकार ने हिंदुओं की आस्था,पर्व त्यौहार,पूजा पाठ में पुलिस प्रशासन द्वारा बाधा पहुंचाई जा रही। विगत वर्ष तो सरहुल पूजा की शोभा यात्रा को भी पुलिस कर्मियों ने नहीं बख्शा था।

कहा कि दशहरा,रामनवमी ,शिवरात्रि में भी कभी मूर्ति छोटा करने,कभी झंडा छोटा करने कभी शोभा यात्रा का मार्ग बदलने जैसे राज्य सरकार के निर्णयों ने पुलिस प्रशासन के मनोबल को हिंदू सनातन विरोधी बना दिया है।

उन्होंने कहा कि आखिर रजरप्पा में आखिर क्यों निहत्थे श्रद्धालुओं पर लाठियां बरसाई गईं। महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया।

श्री साहू ने पूछा कि क्या ये श्रद्धालु कोई आतंकवादी थे, कोई चोर डकैत अपराधी थे? ऐसी लाठियां तो अपराधियों पर ही बरसाई जाती है।

कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि अपराधियों गुंडों,बदमाशों के सामने राज्य पुलिस शरणागत बनी रहती है और आम आदमी को प्रताड़ित करती है। कोयला,बालू पत्थर की चोरी करने वालों पर लाठियां क्यों नहीं बरसाई जाती।

कहा कि विगत दिनों मधुपुर में मंदिर का जीर्णोद्घार करते हुए दलितों पर हुए हमले में पुलिस क्यों मूकदर्शक बनी रही। वहां दोषियों पर लाठियां क्यों नहीं बरसाई गई। सरकार का दोहरा चरित्र झारखंड की जनता देख रही।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे निरंकुश पुलिस कर्मियों को सख्त सजा दे, उन्हें सेवा से बर्खास्त करे।

राष्ट्रपति का अपमान कर ममता बनर्जी ने पार की सारी हदें…भाजपा ने प्रदेश भर के सभी जिलों में किया ममता बनर्जी का पुतला दहन।

आदिवासी समाज की बेटी महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ ममता बनर्जी का व्यवहार बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण: समीर उराव

भाजपा एसटी मोर्चा द्वारा प्रदेश भर के सभी जिलों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन कर टीएमसी सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान पर टीएमसी सरकार की कड़ी आलोचना की।

भाजपा रांची महानगर एसटी मोर्चा द्वारा फिरायलाल चौक पर ममता बनर्जी का पुतला दहन कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने कहा कि देश की राष्ट्रपति के साथ हुआ व्यवहार बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह न केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य भी है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने सिलीगुड़ी के फांसीदेवा पहुंची थीं, लेकिन तय प्रोटोकॉल के बावजूद पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से मुख्यमंत्री या कोई मंत्री कार्यक्रम में मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं, कार्यक्रम स्थल भी छोटा होने के कारण बड़ी संख्या में लोग सम्मेलन में शामिल नहीं हो सके, जिस पर राष्ट्रपति ने भी नाराजगी जताई।

समीर उरांव ने कहा कि यह घटना टीएमसी सरकार की मानसिकता को दर्शाती है, जो आदिवासी समाज के सम्मान और देश की संवैधानिक मर्यादाओं की लगातार अनदेखी कर रही है। भाजपा इस तरह के अपमान को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी और राज्य सरकार से इस पर जवाब और माफी की मांग करती है।

इस विरोध प्रदर्शन में आरती कुजूर, अशोक बड़ाइक, रवि मुंडा, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, राजू सिंह, संजय टोप्पो, अजीत कच्छप, नरेश पाहन, संजीव चौधरी, बालसाय महतो, गुंधरा उरांव, आनंद वर्मा, अशोक मिश्रा, रणधीर सिंह, कुंदन सिंह, सुभाष अग्रवाल, राम लगन राम, शंकर करमाली सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रदेश भाजपा ने किया निकाय चुनाव में समर्थित ,विचार परिवार के विजयी प्रत्याशियों का सम्मान

3 महापौर,6नगर परिषद अध्यक्ष और 6 नगर पंचायत अध्यक्ष समारोह में हुए शामिल

387 पार्षद गण भी हुए सम्मानित

अपने अपने निकाय क्षेत्रों के नरेंद्र मोदी बने निकाय जनप्रतिनिधि….आदित्य साहू

विजय का सिलसिला रुकना नहीं चाहिए,झारखंड में नया विहान लाना है

निकाय चुनाव परिणाम हेमंत सरकार पर बड़ी चोट….अरुण सिंह

चुनाव पार्टी चुनाव चिन्ह पर होते तो ठगबंधन का सूफ़डा साफ हो जाता

निकाय जन प्रतिनिधि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में जुट जाएं…अर्जुन मुंडा

राज्य की जनता भाजपा के साथ खड़ी…समीर उरांव

प्रदेश भाजपा द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू की अध्यक्षता में चिरौंदी रांची स्थित गीतांजलि बैंक्वेट हॉल में नव निर्वाचित निकाय जनप्रतिनिधियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रांची,मेदिनीनगर और आदित्यपुर नगर निगम के विजयी महापौर, लोहरदगा,गुमला,मिहिजाम और चिरकुंडा नगर परिषद के अध्यक्ष,खूंटी,लातेहार,डोमचांच, जामताड़ा,महगामा नगर पंचायत के अध्यक्ष सहित 387 पार्षद गण शामिल हुए जिसमें बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महामंत्री एवम सांसद श्री अरुण सिंह ,प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू , केंद्रीय मंत्री संजय सेठ,पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ,संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित पार्टी के सांसद विधायकगण ने अंगवस्त्र ,पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। प्रदेश अध्यक्ष,राष्ट्रीय महामंत्री सहित सभी नेतागण ने हॉल में पुष्प वर्षा कर जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया।

आज महिला दिवस के अवसर पर सभी मंचस्थ नेतागण ने महिला जन प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं और बधाई भी दी।

मंच संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने और धन्यवाद ज्ञापन रांची पूर्वी जिला अध्यक्ष धीरज महतो ने किया। अतिथियों का स्वागत विवेकानंद सिंह,जितेंद्र वर्मा,सुनील साहू,बलराम सिंह,सागर उरांव, हरिकृष्ण प्रधान,नरेंद्र सिंह,सरिता मुर्मू,संजीव बावला,मनीर उरांव,अमित तिवारी,वंशी यादव आदि ने किया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने सभी जनप्रतिनिधियों को जीत की बधाई शुभकामनाएं दी।
श्री साहू ने कहा कि सभी जन प्रतिनिधि पार्टी के विचारों,नीतियों ,कार्यक्रमों को जन तक पहुंचाने हेतु,गरीब, झुग्गी झोपड़ियों तक विकास की योजनाओं को शत प्रतिशत पहुंचाने केलिए अपने अपने नगर निकाय के नरेंद्र मोदी बने।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड में संपन्न निकाय चुनाव भाजपा के संघर्षों और न्यायालय के दबाओं का परिणाम है अन्यथा राज्य सरकार निकाय चुनाव कराना ही नहीं चाहती थी।

उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव के परिणाम भाजपा के पक्ष में हैं। और आगे भी यह जीत का सिलसिला रुकना नहीं चाहिए।

कहा कि राज्य की आदिवासी,दलित,महिला,युवा विरोधी सरकार को हटाकर ही हम चैन से बैठेंगे।झारखंड में नया सबेरा लाना अभी बाकी है। निकाय चुनाव परिणाम ने अंगड़ाई ली है।

कहा कि आज झारखंड में चाहे बुनियादी सुविधाओं के विकास हों या गरीब कल्याण की योजनाएं सभी मोदी सरकार की देन है। हेमंत सरकार केवल लूट भ्रष्टाचार और घोटालों में व्यस्त है। अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है। व्यापारियों की दिन दहाड़े हत्याएं हो रही।आम खास कोई सुरक्षित नहीं है।

कहा कि निकाय चुनाव में भी अधिकारियों ,पुलिस प्रशासन के बल पर भाजपा के जीते हुए प्रत्याशियों को हराया है

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भाजपा का राज्य सरकार के खिलाफ संघर्ष और तेज होगा। पार्टी सड़क से सदन तक चुप नहीं बैठेगी।

राष्ट्रीय महामंत्री सांसद अरुण सिंह ने कहा कि निकाय चुनाव में नगरीय क्षेत्र की जनता ने राज्य सरकार को करारी चोट दी है। जनता भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में खड़ी रही। और पार्टी चुनाव चिन्ह और निकाय चुनाव होते तो राज्य की सत्ताधारी ठगबंधन का सूफ़डा साफ हो जाता।

कहा कि राज्य सरकार ने डर के कारण दलीय आधार पर चुनाव नहीं कराए।देश भर में मेयर के चुनाव दलीय आधार पर होते हैं लेकिन झारखंड में डरी सहमी सरकार हिम्मत नहीं जुटा पाई। पुलिस प्रशासन के दुरूपयोग केलिए बैलेट से चुनाव कराए।

कहा कि झारखंड में अगली सरकार भाजपा की बनेगी।जनता भ्रष्ट निकम्मी हेमंत सरकार से ऊब चुकी है।

उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता भी कमल खिलाने को तैयार हैं।झारखंड के कार्यकर्ताओं का प्रयास बंगाल में भी शुभ परिणाम लेकर आएगा।

कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है,पार्टी के पास विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। हमें जनता के विश्वास को सेवा के बल पर बार बार जीतना है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि निकाय चुनाव के नव निर्वाचित जन प्रतिनिधि गवर्नेंस का नया मॉडल खड़ा करें।विकास को तेजी से धरातल पर उतारें।

कहा कि जनप्रतिनिधियों का यह प्रयास विकास का नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।भारत के भविष्य को सुनिश्चित करेगा।विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेगा।

अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुमला,लोहरदगा ,खूंटी जैसे क्षेत्रों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत भाजपा के मजबूत जनाधार का परिणाम है। कार्यकर्ताओं के प्रयास ने सुखद परिणाम दिए हैं।उन्होंने जनता का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल,विधायक सीपी सिंह,उज्जवल दास सहित पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय,आरती कुजूर ,दीपक बंका,हेमंत दास सहित प्रदेश पदाधिकारी जिलाध्यक्ष गण उपस्थित थे।

राष्ट्रपति महोदय के साथ ममता बनर्जी और बंगाल सरकार का व्यवहार अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है….बाबूलाल मरांडी

यह राष्ट्रपति का अपमान है,आदिवासी समाज का अपमान है

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल सरकार द्वारा महाहिम राष्ट्रपति के साथ किए गए व्यवहार की कड़ी निंदा की।

श्री मरांडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान महामहिम राष्ट्रपति महोदया, संथाल आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू जी के साथ पश्चिम बंगाल सरकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है। राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी, वह पूरे देश ने महसूस की।

कहा कि ममता दीदी, राजनीति अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्र के सर्वोच्च पद और उससे जुड़े प्रोटोकॉल का सम्मान हर राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है। आपसे अपेक्षा थी कि आप लोकतांत्रिक मर्यादाओं, संवैधानिक पदों के सम्मान और शिष्टाचार का पालन सुनिश्चित करेंगी, लेकिन आपने सत्ता के अहंकार में राष्ट्रपति पद की गरिमा और संताल आदिवासी समाज को अपमानित करने का काम किया है।

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