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गुरु ईश्वर भक्ति और राष्ट्रभक्ति के मार्गदर्शक…..बाबूलाल मरांडी

प्रदेश भाजपा ने आज राज्य भर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु पूजन कार्यक्रम आयोजित किया। राज्य के सभी जिलों,मंडलों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं,पदाधिकारियों ,कार्यकर्ताओं ने मठ ,मंदिर ,आश्रमों में जाकर गुरु जनों,पुजारी ,पाहन गण का सम्मान किया और राज्य की उन्नति केलिए आशीर्वाद मांगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गुरु शिष्य परम्परा भारत की सनातन परम्परा है। हमारे धर्म शास्त्रों ने गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा बताया है।क्योंकि गुरु ही है जो सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए ईश्वर से साक्षात्कार का मार्ग प्रशस्त करता है।

कहा कि मनुष्य केवल निजी सुख से खुशी नहीं हो सकता।मनुष्य में सामाजिकता ,राष्ट्रीयता का भाव ही जीवन को पूर्णता प्रदान करता है।

कहा कि सनातन परम्परा में गुरु व्यक्ति को ईश्वर भक्ति और राष्ट्रभक्ति दिनों से जोड़ता है।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जनजाति समाज के अगुआ और आध्यात्मिक पथ प्रदर्शक पाहनो को सम्मानित करते हुए कहा कि इनके प्रयासों से ही जनजाति संस्कृति आज सुरक्षित है।उन्होंने इस समाज को अपनी पहचान और परंपरा से काटने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने योगदा आश्रम में संन्यासियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया।
श्री सिंह ने कहा कि अनादि काल से आध्यात्मिक गुरु राष्ट्र के जनजागरण के अगुआ हैं। संतों ,महापुरुषों संन्यासियों ने करोड़ों परिवार में संस्कारों को भरा है। आज पूरा विश्व सनातन संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहा।

कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय ने कहा कि सनातन संस्कृति गुरुओं के माध्यम से संस्कार के साथ और सेवा भाव मजबूत हो रहे। आज देश में लाखों सेवाभावी संस्थाएं जनकल्याण के विभिन्न कार्यों में जुटी हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा हमें समर्पण की शिक्षा देता है। यह समर्पण भाव समाज के सभी क्षेत्रों में गुरुजनों के माध्यम से निरंतर आगे बढ़ रहा है।

आज के सम्मान का कार्यक्रम प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम ,बालमुकुंद सहाय, राकेश प्रसाद,महामंत्री मनोज सिंह,महानगर अध्यक्ष वरुण साहू आदि शामिल रहे।

झामुमो अपनी असफलता छुपाने के लिए केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रही है – प्रतुल शाह देव

आंकड़े बताते हैं कि केंद्र सरकार ने झारखंड को पूरी मदद की है

विकास योजनाओं को हेमंत सरकार ने भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अपनी 6 वर्षों की सबसे असफल सरकार की विफलताओं को छुपाने के लिए केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रही है।प्रतुल ने कहा कि झारखंड का केंद्र सरकार ने झारखंड को 2024-25 के केंद्रीय बजट में रेलवे परियोजनाओं के लिए ₹9,853 करोड़ आवंटित किए हैं, जिसमें अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची, हटिया, और अन्य स्टेशनों का आधुनिकीकरण शामिल है। खनन क्षेत्र में रॉयल्टी और जीएसटी के माध्यम से झारखंड को उसका उचित हिस्सा मिल रहा है।जल जीवन मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण झारखंड सरकार ने इस योजना को लूट की भेट चढ़ा दी है। ये योजना अभी भी राष्ट्रीय औसत में सबसे नीचे है जो शर्मनाक है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 10,000 किमी से अधिक ग्रामीण सड़कें बनाई गई हैं। केंद्र सरकार की डीएमएफटी योजना के तहत झारखंड को खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए 2024 तक ₹12,000 करोड़ से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।प्रतुल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2024-25 में मनरेगा के लिए ₹86,000 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जिसमें झारखंड को उसकी मांग के अनुसार राशि दी जा रही है। झारखंड में मनरेगा कार्यों में देरी और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई हैं, जिसके लिए हेमंत सरकार जिम्मेवार है। 2024-25 में जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने झारखंड के लिए ₹1,200 करोड़ से अधिक का आवंटन किया है। यदि राशि का उपयोग नहीं हो रहा, तो यह राज्य सरकार की प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाता है।15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड को 2021-26 के लिए ₹31,000 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है

एक तरफ पैसे की मांग,दूसरी तरफ वित्त मंत्री की स्वीकारोक्ति की विभाग पैसा खर्च नहीं कर रहे

झामुमो को केंद्र पर आरोप लगाने से पहले अपनी सरकार की विफलताओं पर ध्यान देना चाहिए।वित्त मंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के 3 महीने बीत जाने के बाद भी अनेक विभागों में खर्च शून्य है जिसमें कृषि जैसा महत्वपूर्ण विभाग शामिल है।पिछले महीने ही कैबिनेट की बैठक के दौरान लंबे समय तक बिजली का कटना हेमंत सरकार की सच्चाई से अवगत कराती है।

पूर्णिया की घटना अत्यंत दुखद

प्रतुल ने कहा कि पूर्णिया की घटना अत्यंत दुखद है। बिहार सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। बिहार पुलिस ने इस मामले में तुरंत FIR दर्ज की और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। एनसीरबी के आंकड़ों के अनुसार बिहार में अपराध दर 2012-14 (यूपीए शासनकाल) की तुलना में 2024 में 30% कम हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के शासनकाल में पिछले साढे पांच वर्षों में 8000 से ज्यादा बलात्कार की घटना हुई है जिसमें लगभग एक तिहाई घटनाएं में आदिवासी बेटियां शिकार हुई है।यह आंकड़ा आबुआ सरकार की पोल खोलने के लिए काफी है।

“हेमंत सरकार में टेंडर घोटाला चरम पर,गृह विभाग में बड़ा नेक्सस सक्रिय”…..अजय साह

घोटालों की हो सीबीआई जांच

गृह विभाग में तीन कंपनियों का खेल: भाजपा ने खोली झारखंड
टेंडर घोटाले की पोल

झारखंड में टेंडर घोटाले की कई परतें, मुख्यमंत्री के अधीन गृह विभाग पर भाजपा का संगीन आरोप

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने झारखंड सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब देशभर में शासन व्यवस्था में सुधार और नवाचार हो रहे हैं, तब हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार के नए-नए तरीके ईजाद किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टेंडर सेटिंग को लेकर बड़े पैमाने पर खेल हो रहा है। जहाँ एक मंत्री पहले से ही टेंडर कमीशन घोटाले में जेल में है, वहीं अब एक और टेंडर घोटाले का सामने आना चौंकाने वाला और हैरान करने वाला है।

अजय ने आरोप लगाया कि पिछले पाँच वर्षों से गृह विभाग में बड़े पैमाने पर टेंडर घोटाले हो रहे हैं और सरकार ने एक संगठित सिंडिकेट को पनपने का खुला मौका दिया है। उन्होंने बताया कि पहले से मिलीभगत रखने वाली कंपनियों को तकनीकी रूप से योग्य घोषित किया जाता है और फिर एक तयशुदा गिरोह को मनमाने दर पर ठेके दिए जाते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि टेंडर संख्या JEM/2022/B/2317532 में 23 में से 20 कंपनियों को तकनीकी कारणों से बाहर कर दिया गया।

अजय ने खुलासा किया कि जाँच के दौरान यह सामने आया कि टेंडर GEM/2022/B/2498791 सहित कई मामलों में तीन ही कंपनियों को टेंडर दिए जा रहे हैं — कोलकाता की जे.सी. माइकल, पटना की अरिहंत कॉर्पोरेशन और दिल्ली की लाइफलाइन सिक्योरिटी। इन तीनों कंपनियों के डायरेक्टर या पार्टनर आपस में जुड़े हुए हैं। जे.सी. माइकल के डायरेक्टर चिराग जैन हैं, जो अरिहंत ट्रेडिंग के भी प्रोप्राइटर हैं। वहीं जितेंद्र कोचर जे.सी. माइकल और लाइफलाइन सिक्योरिटी दोनों के डायरेक्टर हैं। इससे स्पष्ट है कि गृह विभाग और ठेकेदारों के बीच एक गहरा गठजोड़ बना हुआ है, और यह केवल गठजोड़ नहीं बल्कि आपराधिक आचरण का मामला है।

अजय ने कहा कि GeM (Government e-Marketplace) के नियमों के अनुसार एक ही व्यक्ति दो अलग-अलग फर्म बनाकर टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकता। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन और एक अपराध है। हैरानी की बात यह है कि जो विभाग पूरे राज्य की निगरानी करता है, उसी में यह घोटाला हो रहा है और पकड़ में नहीं आ रहा। अजय ने जोर देकर कहा कि चूंकि गृह विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आता है, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब इसकी जाँच सीबीआई या अदालत की निगरानी में कराई जाए।

रामगढ़ करमा प्रोजेक्ट में हुई दर्दनाक मौत केलिए हेमंत सरकार जिम्मेवार……बाबूलाल मरांडी

यह हादसा नहीं हत्या है

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि रामगढ़ के करमा प्रोजेक्ट में हुए दर्दनाक हादसे की ख़बर सुनकर मन अत्यंत व्यथित और आक्रोशित है। कोयले की अवैध खदान में हमारे कई श्रमिक भाइयों के दबे होने की आशंका है। मैं ईश्वर से उनकी सलामती की प्रार्थना करता हूँ और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।

कहा कि लेकिन यह कोई हादसा नहीं, यह हत्या है! यह हत्या उस भ्रष्ट और निकम्मी सरकार की लापरवाही से हुई है, जो दिन के उजाले में चल रहे इस अवैध कारोबार से अपनी आँखें मूँदे बैठी है।कब तक झारखंड के गरीब यूँ ही अपनी जान गँवाते रहेंगे?

कहा कि रामगढ़ हो या धनबाद, हज़ारीबाग़ हो या बोकारो, चौतरफ़ा मौत का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है और राज्य सरकार दावा करती है कि उसे कुछ पता नहीं!जबकि हर एक जान की ज़िम्मेदार यह राज्य सरकार है।

कहा कि यह अपराध किसके संरक्षण में हो रहा है, यह किसी से छुपा नहीं है। यह पूरी तरह से पुलिस और सरकारी संरक्षण में हो रहा है। जब राज्य को ही एक अवैध डीजीपी चला रहे हों, तो फिर किससे क्या ही पूछना?

कहा कि सीसीएल ने खदान बंद कर दी, लेकिन राज्य सरकार के नाक के नीचे माफिया ने उसे फिर से शुरू कर दिया। यह सरकार की नाकामी नहीं, तो और क्या है?

श्री मरांडी ने इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग करते हुए कहा कि यह मौत का सिलसिला अब बंद होना चाहिए। इस सरकार को हर एक जान का हिसाब देना होगा!

संथाल परगना को बंगाल बनाना चाहता है झामुमो….आदित्य साहू

अपनी खिसकती जमीन, पार्टी के खिलाफ बढ़ते आक्रोश से हताश और निराश है झामुमो

सत्तामद में शहीद सिदो कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू भी झामुमो को प्यादा दिखते हैं

झामुमो बताए …गाय बथान,गोपीनाथपुर का प्रोड्यूसर ,डायरेक्टर कौन है?

भाजपा प्रदेश महामंत्री एवम सांसद आदित्य साहू ने आज झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि झामुमो पूरे संथाल परगना को पश्चिम बंगाल की तरह तुष्टीकरण में बर्बाद करना चाहती है। आज संथाल समाज झामुमो के चाल चरित्र को समझ चुका है। अपनी खिसकती जमीन और राज्य सरकार सके खिलाफ बढ़ते आक्रोश से झामुमो हताश और निराश है।

कहा कि जिन शहीदों के नाम पर राजकीय महोत्सव की बात झामुमो कर रही क्या उसमें शहीद के वंशज का कोई सम्मान नहीं होना चाहिए। क्या शहीद के वंशज अपने पूर्वज की पूजा नहीं कर सकते।

कहा कि ये कैसी तानाशाही चला रही हेमंत सरकार जिसमें शहीदों के वंशजों पर लाठियां बरसाई जाए, आंसू गैस के गोले छोड़े जाएं।

कहा कि झामुमो अपने कु कृत्यों के बदले माफी न मांग कर उल्टे घटना को सही ठहराने की कोशिश कर रही है।

कहा कि झामुमो सत्ता मद में डूब चुकी है।मानसिक दिवालिया पन ऐसा कि उसे सिदो कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू प्यादा दिखाई देने लगे।

कहा कि झामुमो बताए रामेश्वर मुर्मू कि हत्या के प्रोड्यूसर डायरेक्टर कौन है,कि गोपीनाथ पुर, गाय बथान में आदिवासी परिवारों के साथ घटी घटना के प्रोड्यूसर डायरेक्टर कौन हैं? बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठियों के हाथों आदिवासी समाज की छिनती जमीन का प्रोड्यूसर डायरेक्टर कौन है?

कहा कि बढ़ते लव जिहाद,लैंड जिहाद का प्रोड्यूसर डायरेक्टर कौन है?
कहा कि झामुमो बताए किसके संरक्षण में घुसपैठियों के आधार कार्ड,राशन कार्ड,वोटर कार्ड धड़ल्ले से बनाए जा रहे।

कहा कि बंगाल में झामुमो को हूल दिवस मनाने की स्वीकृति ममता बनर्जी सरकार द्वारा नहीं दिए जाने की बात बड़े गर्व से प्रेसवार्ता में बताने वाले झामुमो नेता बताएं कि वे झारखंड को अपमानित होते क्यों देखते रहे,क्यों उनकी हिम्मत ममता बनर्जी के खिलाफ बोलने की नहीं हुई?

कहा कि झारखंड का गठन भाजपा की कोख से हुआ है।भाजपा झारखंड को बर्बाद होते नहीं देख सकती।

कहा कि भाजपा हेमंत सरकार के खिलाफ उठे जनाक्रोश को दिशा देगी। संथाल परगना झामुमो की जागीर नहीं है।

बेरोजगार युवाओं के प्रति संवेदनहीन है हेमंत सरकार….बाबूलाल मरांडी

हेमंत सरकार पार्ट 2 के छः माह बाद भी उत्पाद सिपाही की लिखित परीक्षा ठंडे बस्ते में

उत्पाद सिपाही दौड़ में हुई थी युवाओं की मौत

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने युवाओं के सवालों पर हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्य सरकार ने उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ आयोजित कराई थी। सरकार के कुव्यवस्था और हठधर्मिता के कारण कई युवाओं की मौत होने लगी, लेकिन सरकार ने दौड़ को नहीं रोका जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ता ही चला गया।

कहा कि युवाओं को उम्मीद थी कि सरकार जल्द लिखित परीक्षा लेगी, लेकिन हेमंत सरकार गठन के 6 माह बीत जाने के बाद भी लिखित परीक्षा न होने के कारण अबतक उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया पर संशय बना हुआ है।

कहा कि झारखंड के युवा हेमंत सरकार की राजनीति के सबसे आसान शिकार हैं। साधन संपन्न धनाढ्य परिवार में जन्म लेने के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने अपने युवावस्था में साधारण युवकों के संघर्ष को महसूस नहीं किया है। इसलिए उनकी शासन पद्धति में भी युवाओं के प्रति संवेदनहीनता नज़र आती है।

कहा कि हेमंत जी सारी शर्म हया त्यागकर युवाओं के मुद्दे से बेपरवाह नज़र आते हैं। जब भी युवाओं द्वारा नौकरी की मांग की जाती है तो परीक्षा कैलेंडर का झुनझुना थमा दिया जाता है।

कहा कि आज झारखंड में युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो चुका है। न कोई ठोस नियोजन नीति, न पारदर्शी परीक्षा, न ससमय रिजल्ट… युवाओं को मिलता है तो सिर्फ फर्ज़ी आश्वासन!

बेरोजगार युवाओं के प्रति संवेदनहीन है हेमंत सरकार….बाबूलाल मरांडी

हेमंत सरकार पार्ट 2 के छः माह बाद भी उत्पाद सिपाही की लिखित परीक्षा ठंडे बस्ते में

उत्पाद सिपाही दौड़ में हुई थी युवाओं की मौत

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने युवाओं के सवालों पर हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्य सरकार ने उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ आयोजित कराई थी। सरकार के कुव्यवस्था और हठधर्मिता के कारण कई युवाओं की मौत होने लगी, लेकिन सरकार ने दौड़ को नहीं रोका जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ता ही चला गया।

कहा कि युवाओं को उम्मीद थी कि सरकार जल्द लिखित परीक्षा लेगी, लेकिन हेमंत सरकार गठन के 6 माह बीत जाने के बाद भी लिखित परीक्षा न होने के कारण अबतक उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया पर संशय बना हुआ है।

कहा कि झारखंड के युवा हेमंत सरकार की राजनीति के सबसे आसान शिकार हैं। साधन संपन्न धनाढ्य परिवार में जन्म लेने के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने अपने युवावस्था में साधारण युवकों के संघर्ष को महसूस नहीं किया है। इसलिए उनकी शासन पद्धति में भी युवाओं के प्रति संवेदनहीनता नज़र आती है।

कहा कि हेमंत जी सारी शर्म हया त्यागकर युवाओं के मुद्दे से बेपरवाह नज़र आते हैं। जब भी युवाओं द्वारा नौकरी की मांग की जाती है तो परीक्षा कैलेंडर का झुनझुना थमा दिया जाता है।

कहा कि आज झारखंड में युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो चुका है। न कोई ठोस नियोजन नीति, न पारदर्शी परीक्षा, न ससमय रिजल्ट… युवाओं को मिलता है तो सिर्फ फर्ज़ी आश्वासन!

आदिवासियों की सबसे ज्यादा विरोधी कांग्रेस पार्टी रही है – प्रतुल शाह देव

जिनका आदिवासियों पर जुल्म करने का इतिहास रहा हो,वे घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कांग्रेस पार्टी पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाया। प्रतुल ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम नेता वर्तमान में आदिवासियों के हितों के लिए आंसू बहाने का नाटक कर रहे है।जबकि इनका इतिहास आदिवासियों पर अत्याचार से भरा हुआ है।

प्रतुल ने कहा कि सरायकेला खरसावां गोली कांड में हजारों आदिवासियों को गोली मार दिया गया था। गुआ गोली कांड में झारखंड आंदोलनकरियों को थाने के हाजत से बाहर निकालकर गोली मार दी गई थी। दोनों समय कांग्रेस की ही सरकार प्रदेश में थी। मामले को रफा दफा कर दिया गया।प्रतुल ने कहा कि झारखंड आंदोलन की सबसे बड़ी विरोधी कांग्रेस पार्टी ही रही थी। आंदोलनकारी पर जुल्म ढाया गया था।कांग्रेस ने आजादी के बाद से इस मांग को लंबे समय तक लटका कर रखा। आवश्यकता पड़ने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसदों को खरीद भी लिया लेकिन अलग राज्य नहीं दिया था।

देश की प्रथम आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ कांग्रेस ने वोट किया था

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जब देश को पहली बार एक आदिवासी राष्ट्रपति मिलने वाली थी तो कांग्रेस ने पूरे देश में द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ वोटिंग की थी। कांग्रेस ने अपने अधिकांश सहयोगी दलों से भी द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ वोट दिलाया था। उसे समय इनका आदिवासी प्रेम गायब हो गया था।ये घटना इनका आदिवासियों के प्रति असली सच को उजागर करता है।

प्रतुल ने कहा कि आदिवासियों के नाम पर आज घड़ियाली आंसू बहने वाली कांग्रेस का पूरा इतिहास आदिवासियों पर जुल्म से भरा हुआ है।इस पाप को वह कितना भी धोने की कोशिश करें, वह नहीं धुलने वाला है क्योंकि दाग बहुत काले हैं।

Congress has been the most anti-tribal party – Pratul Shah Deo

Those with a history of oppressing tribals should stop shedding crocodile tears

BJP state spokesperson Pratul Shah Deo accused the Congress party of being anti-tribal. Pratul stated that the Congress state president and other leaders are currently pretending to shed tears for tribal interests, while their history is filled with atrocities against tribals.Pratul said that during the Saraikela Kharsawan firing incident, thousands of tribals were shot at. In the Gua firing incident, Jharkhand movement activists were pulled out of police custody and shot. At both times, the Congress was in power in the state, and the cases were hushed up. Pratul said that the Congress was the biggest opponent of the Jharkhand movement, with movement activists facing oppression. He further alleged that after independence, Congress kept the demand for a separate Jharkhand state on hold for a long time and when necessary even bought off Jharkhand Mukti Morcha MPs but did not grant a separate state.

Congress voted against the country’s first tribal President, Draupadi Murmu

Pratul Shah Deo said that when the country was about to get its first tribal President, the Congress campaigned and voted against Draupadi Murmu across the nation. Congress also ensured that most of its allied parties voted against her. At that time, their so-called tribal love vanished, revealing their true stance toward tribals.

Pratul stated that the Congress, which today sheds crocodile tears in the name of tribals, has a history steeped in atrocities against them. No matter how much they try to wash away this sin, it will not be erased because the stains are too dark.

भोगनाडीह में लाठीचार्ज की दमनकारी घटना हेमंत सरकार के पतन का कारण सिद्ध होगी….बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज भोगनाडीह में हूल दिवस के दिन आदिवासी समाज के ऊपर हुए बर्बर लाठीचार्ज की घटना की कड़ी निंदा की है।

श्री मरांडी ने कहा कि हूल दिवस के पावन अवसर पर भोगनाडीह में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग की घटना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बर्बर कार्रवाई में कई ग्रामीण घायल हुए हैं।

कहा कि साहिबगंज एसपी से दूरभाष पर पूरी घटना की जानकारी मिली है।

कहा कि आज की यह बर्बरता अंग्रेज़ी हुकूमत के दौर की यादें ताज़ा कर दी है। हूल क्रांति की भूमि पर, छह पीढ़ियों के बाद एक बार फिर सिद्धो-कान्हू के वंशजों को अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध सड़क पर उतरना पड़ा है।

कहा कि दरअसल, घुसपैठियों की गोद में बैठी राज्य सरकार नहीं चाहती कि झारखंड का आदिवासी समाज अपने पुरखों की वीरगाथाओं और बलिदानों से प्रेरित होकर अपनी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित हो।

कहा कि लेकिन सरकार की यह साजिश कभी सफल नहीं होगी। जिस तरह वीर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो ने हूल क्रांति के माध्यम से अंग्रेजी सत्ता की नींव हिला दी थी, उसी तरह आज भोगनाडीह में लाठीचार्ज की दमनकारी घटना हेमंत सरकार के पतन का कारण सिद्ध होगी।

झामुमो ने भगवान बिरसा मुंडा,बाबासाहेब, सिद्धू कान्हू एवं अन्य महापुरुषों का अपमान किया – प्रतुल शाहदेव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा पर बड़ा हमला करते हुए पार्टी पर भगवान बिरसा मुंडा, बाबासाहेब डॉक्टर अंबेडकर, सिद्धू कान्हू सहित झारखंड के शहीदों और महापुरुषों का अपमान करने का आरोप लगाया। प्रतुल ने कहा झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े एक संगठन की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा का नेतृत्व मंच पर बैठा था और उनके मंच के पास उनके पैरों के नीचे भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य महापुरुषों की तस्वीर लगाई गई थी।यह बेहद शर्मसार करने वाला वाकया है और यह झारखंड मुक्ति मोर्चा की शहीदों के प्रति सोच को दिखाता है।

प्रतुल ने कहा भगवान बिरसा मुंडा को पूरा झारखंड भगवान के रूप में मान्यता देता है। बाबासाहेब डॉक्टर अंबेडकर संविधान के निर्माता और वंचित समुदाय के मसीहा थे। सिद्धू कान्हू सहित अनेक महापुरुष जो झारखंड में पूजनीय है, उनकी तस्वीर को झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने अपने पैरों के नीचे लगा कर रखा था। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता खुद मंच पर टांग चढ़ा कर बैठे थे।अपने पैरों के नीचे मंच पर इन शहीदों की तस्वीरों को रखा था। यह बहुत अपमानजनक और शर्मनाक वाकया है और झारखंड मुक्ति मोर्चा की इन महापुरुषों के प्रति सोच को दिखाता है।

प्रतुल ने कहा कि इससे पहले भी लालू प्रसाद के जन्मदिवस के अवसर पर उनके पैरों के पास बाबा साहब की तस्वीर को रखा गया।लालू प्रसाद ने ऐसा करने से मना भी नहीं किया था। यह इंडी गठबंधन की देश के महापुरुषों के प्रति घटिया सोच को उजागर करता।

अविलंब सार्वजनिक रूप से माफी मांगे झामुमो

प्रतुल ने कहा कि ये तस्वीर झामुमो की शहीदों के प्रति घटिया सोच वाली मानसिकता को उजागर करता है।प्रतुल ने कहा कि इस घटना के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के किसी भी नेता ने सार्वजनिक रूप से इसके लिए माफी नहीं मांगी है।यानी इन्हें इस कुकृत्य का कोई अफसोस नहीं है। प्रतुल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सहित तमाम महापुरुषों का अपमान झारखंड बिल्कुल नहीं सहेगा।झारखंड मुक्ति मोर्चा को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

हेमंत सरकार में झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था 18 वीं सदी की….बाबूलाल मरांडी

सुविधा के अभाव का दंश झेलने केलिए जनता मजबूर

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष ने हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।
कहा कि ये 18वीं सदी नहीं है, पर झारखंड के गांवों में हालात अभी भी वही हैं। सिमडेगा ज़िले के चुंदियारी गांव में एक बुज़ुर्ग महिला गंगो देवी के कमर में गंभीर चोट आई, लेकिन गांव में न सड़क थी, न स्वास्थ्य सुविधा, न एम्बुलेंस पहुँची। मजबूर परिजन खाट पर लादकर तीन किलोमीटर पैदल चले।

कहा कि शर्म की बात ये है कि ये सब उस राज्य में हो रहा है, जहाँ हेमंत सरकार ने इस साल बजट में स्वास्थ्य पर ₹3497 करोड़ और सड़कों व पुलों के लिए ₹5300 करोड़ खर्च करने की घोषणा की थी। पिछले साल यही राशि ₹7223 करोड़ और ₹6389 करोड़ थी। इतना पैसा गया कहाँ? इसका जवाब तो हम सबको पता है।

कहा कि जब भ्रष्टाचार करने की बात आती है, तो हेमंत सरकार सुरसा से भी बड़ा मुँह खोल लेती है। लेकिन जब व्यवस्था को लेकर सवाल किया जाए, तो मुख्यमंत्री और मंत्री गूंगे बहरे बन जाते हैं।

कहा हेमंत सोरेन जी, राजनीति से इतर इतनी संवेदनशीलता तो दिखाइए, कम से कम ये सुनिश्चित कीजिए की आज के बाद किसी झारखंड वासी को खाट पर लादकर इलाज के लिए न जाना पड़े।

गौरवशाली विरासत और आत्मविश्वास के साथ बन रहा आत्मनिर्भर भारत…..बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, सांसद ,विधायक ,मोर्चा के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के द्वारा आज बूथों पर प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को सुना गया। बूथ पर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण भी किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने देवघर जिलांतर्गत जसीडीह प्रखंड के कुशमहा मे मन की बात पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ सुना।

इस अवसर पर श्री मरांडी ने कहा मन की बात कार्यक्रम भारत के सांस्कृतिक ,सामाजिक आर्थिक प्रगति का दस्तावेज है।

कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक विरासत के साथ आत्म निर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

कहा कि भारत की कला संस्कृति, पारंपरिक हुनर का सम्मान आज बढ़ा है। भगवान बुद्ध का संदेश और योग ने विश्व बंधुत्व के भाव को मजबूत किया है।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने हरमू मंडल रांची में कार्यक्रम को सुना।

उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम करोड़ों लोगों केलिए प्रेरणा है, पाथेय है। आज युवा शक्ति विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मोदी जी के संदेश को आत्मसात कर रहा है।

बिहार की नहीं झारखंड की चिंता करे झामुमो…..प्रदीप वर्मा

भाजपा प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने आज झामुमो प्रवक्ता के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि झामुमो बिहार की नहीं झारखंड की चिंता करे। बिहार में तो वे बिना बुलाए मेहमान की तरह टहल रहे।

कहा कि इंडी गठबंधन के सभी घटक दलों को चाहे कांग्रेस हो या झामुमो या राजद सभी को देश की संवैधानिक संस्थाओं से परेशानी है। इन्हें न संसद पर भरोसा है न संविधान पर और न ही संवैधानिक संस्थाओं पर।

कहा कि जिस चुनाव आयोग पर ये बार बार हमला बोलते हैं उसी चुनाव आयोग के परिणाम से सत्ता में बैठे हैं।लेकिन जब इन्हें हार का भय सताता है तो फिर इन्हें सब गलत लगने लगता है।

कहा कि चुनाव से पहले मतदाता पुनरीक्षण का कार्य कोई पहली बार नहीं हो रहा है बल्कि हर चुनाव में होता है। चाहे लोकसभा का हो या विधानसभा का ।

कहा कि चुनाव आयोग के पास कई स्तर से सुझाव एवं शिकायतें आती हैं। उसके आलोक में चुनाव आयोग निर्णय लेने केलिए स्वतंत्र होता है।

कहा कि यदि मतदाता पुनरीक्षण होता है तो यह सभी दलों केलिए होता है।कोई दल विशेष केलिए तो होता नहीं।जो मतदाता सूची बनती है उसके आधार पर सभी दलों केलिए मतदान होते हैं फिर इतना हाय तौबा मचाने के पीछे झामुमो को कौन सा भय सता रहा है।

कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव की तिथियों को लेकर भी झामुमो ने अनेक प्रकार की शंकाएं खड़ा करते हुए जनता को दिग्भ्रमित करने की कोशिश की थी।

कहा कि दरसअल झामुमो ,कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन को लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है। ये वोट बैंक , तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। इसलिए कोई भी सुधारवादी कदम इन्हें नहीं पचता है।

कहा कि झामुमो अपने जनादेश का सम्मान करते हुए झारखंड के विकास की चिंता करे तो ज्यादा भला होगा।

कांग्रेस पार्टी ने मुसलमानों को केवल वोट बैंक समझा…..जफर इस्लाम

संशोधित वक्फ कानून गरीब मुसलमानों के हित में

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व राज्यसभा संसद जफर इस्लाम ने आज जमकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। श्री इस्लाम आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास में विश्वास करती है। भाजपा किसी का तुष्टीकरण नहीं करती ,जो जरूरतमंद हैं उन तक योजनाओं का लाभ पहुंचे यह मोदी सरकार की सोच है। आज केंद्र सरकार की योजनाएं बिना भेदभाव के मुस्लिम समाज तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 60 वर्षों तक अपने शासन काल में मुसलमानों को केवल वोट बैंक समझा ,और आज भी ऐसा ही समझ रही।लेकिन आज समाज जाग चुका है।

कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब मुस्लिम समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना चाहते हैं।इसलिए धार्मिक मामलों में बिना हस्तक्षेप किये समाज के हित में कानून बनाए जा रहे।

कहा कि वक्फ संशोधित कानून में धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया है। केवल कानून के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में संशोधन किए गए है जिससे करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचेगा।

कहा कि वक्फ में मुस्लिम समाज के लोग गरीबों के कल्याण केलिए दान देते हैं।लेकिन चंद लोग उसपर मनमानी करते हुए उसका या तो निजी उपयोग करते हैं यह फिर औने पौने दाम पर करोड़ों की संपत्ति को लीज में दे देते है। जिसके कारण जो लाभ समाज को मिलना चाहिए था वह नहीं मिल पाता।

कहा कि जितनी संपत्ति वक्फ के पास है उससे करोड़ों गरीब मुसलमानों तक स्कूल,अस्पताल ,यूनिवर्सिटी ,कॉलेज की सुविधा पहुंचाई जा सकती है लेकिन इस दिशा में कोई सार्थक प्रयास नहीं किए गए। आज मोदी सरकार ने इस दिशा में कानून के माध्यम से पहल की है।

कहा कि वक्फ संपत्ति के प्रबंधन में गैर मुस्लिम को शामिल किया गया। जो बिल्कुल सही है। योग्य लोगों की सहायता से वक्फ संपत्ति का प्रबंधन ठीक होगा।आय में कई गुना वृद्धि होगी जिसका फायदा समाज को मिलेगा। धार्मिक मामले तो मुस्लिम समाज वीके लोग ही देखेंगे।

उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय ने भी नए कानून को सही ठहराते हुए केवल कुछ जानकारियां चाही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी भले शायरी के माध्यम से शब्दों का खेल खेल सकते हैं लेकिन संशोधित वक्फ कानून का विरोध कर मुस्लिम समाज का भला नहीं कर सकते।

कहा कि कांग्रेस पार्टी के दुष्प्रचार और विरोध के बावजूद यह संसद के दोनों सदनों में लोकतांत्रिक तरीके से पारित और महामहिम राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से बना हुआ कानून है। और गरीब मुस्लिम समाज के चेहरों पर मुस्कान लाने वाला है।कांग्रेस पार्टी को लोगों को गुमराह करने से बाज आना चाहिए।

प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक,प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह उपस्थित थे।

लोकतंत्र और वंशवाद एक दूसरे के पूरक नहीं हो सकते……गिरिराज सिंह

25 जून को कांग्रेस पार्टी को पूरे देश में माफी सभा कर जनता से माफी मांगनी चाहिए

जमाई टोला से झारखंड की पहचान खतरे में

हेमंत सरकार सत्ता लोभ में आपातकाल से भी खतरनाक खेल खेल रही

केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने आज कांग्रेस पार्टी और हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया। श्री सिंह आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री सिंह ने कहा कि 50 साल पहले श्रीमती इंदिरा गांधी ने देश पर इमरजेंसी थोपी ,लोकतंत्र की हत्या की तो देश की युवा पीढ़ी को आज जानने की जरूरत है कि लोकतंत्र की जननी भारत जहां लिच्छवी गणराज्य था में आखिर आपातकाल क्यों लगाया गया। क्यों लोकतंत्र को मारने की कोशिश की। तो यह स्पष्ट है कि आपतकाल लगाने वाली प्रधानमंत्री इंदिरा जी वंशवाद की उपज थी। लोकतंत्र और वंशवाद एक दूसरे के पूरक नहीं हो सकते।

कहा कि 1971 में 24 अप्रैल को राज नारायण जी ने इंदिरा गांधी द्वारा चुनाव में धोखाधड़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए 12 जून 1975 को श्रीमती इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसला सुनाया। इधर देश के अंदर कांग्रेस कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन गुजरात से शुरू होकर बिहार पहुंच गया था। न्यायालय के फैसले ने आंदोलन को बल दिया। ऐसी स्थिति में इंदिरा गांधी का तानाशाही चेहरा सामने आया। उन्होंने दोष मुक्ति तक पद से इस्तीफा देने का फैसला न कर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया लेकिन 24 जून 75 को सुप्रीम कोर्ट ने भी इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसला दिया।

कहा कि वंशवाद की उपज और सत्ता की लोलुप श्रीमती इंदिरा गांधी ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए देश पर 25 जून 75 की रात तत्कालीन राष्ट्रपति फकरुद्दीन अली अहमद के हस्ताक्षर से आपातकाल थोप दिया। रेडियो प्रसारण से देश की जनता इस काले संदेश को सुनी,लाखों लोगों को बिना कोई कसूर के गिरफ्तार किया गया। 2लाख से अधिक राजनीतिक दल के नेताओं की गिरफ्तारी की गई। अटल जी आडवाणी जी,राज नारायण झारखंड के कड़िया मुंडा जैसे अनेक नेता गिरफ्तार किए गए।महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया।20 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निरस्त कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि आज भले ही मस्जिदों से कांग्रेस पार्टी के पक्ष में फतवा जारी होता है लेकिन आपतकाल में मस्जिदों को भी नहीं बख्शा गया था। पकड़ पकड़ कर नसबंदी की जा रही थी।

कहा कि आज राहुल गांधी जो किताब लेकर घूमते फिरते संविधान बचाने की दुहाई देते हैं उन्हें अपना इतिहास पढ़ना चाहिए।
कहा कि आज के नौजवानों को कांग्रेस के इस चरित्र को जानना जरूरी है। आज कलम की ताकत लोकतंत्र के कारण बची है। कलम बंद नहीं करना पड़े इसलिए आज की पीढ़ी को लोकतंत्र के काले अध्याय के विषय में जानना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को थेथर लॉजी छोड़कर 25 जून को देश भर में माफी सभा करके देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। कहा कि भाजपा देश भर में मॉक पार्लियामेंट के माध्यम से युवाओं को इस काले अध्याय से परिचित करा रही है।

झारखंड में आजादी की तीसरी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

श्री सिंह ने हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यहां तो आपतकाल से भी भयावह स्थिति है। झारखंड जमाई टोला का राज्य बनता जा रहा। झारखंड बारूद के ढेर पर बैठा है। यह बारूद जमाई टोला है।

कहा कि देश से घुसपैठियों को बाहर करने का काम किया जा रहा चिह्नित किया जा रहा है लेकिन झारखंड में रेड कार्पेट बिछाया जा रहा । आदिवासी आबादी घट रही। उनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज बचेगा तभी तो नेता बनेंगे।

कहा कि हेमंत सरकार अबतक पेसा कानून लागू नहीं किया है। यह कानून आदिवासियों की परंपरा संस्कृति को बचाने का कानून है। जल जंगल जमीन पर अधिकार दिलाने का कानून है।

कहा कि आज राज्य के युवाओं को दलगत भावना से ऊपर उठकर झारखंड को बचाने केलिए चिंता करनी चाहिए।

कहा कि हेमंत सरकार सत्ता के लोभ में घुसपैठियों को संरक्षण देकर आपातकाल से भी ज्यादा खतरनाक खेल खेल रही है।

प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष वरुण साहू,प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक,महानगर प्रदेश प्रवक्ता अजय साह, वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह उपस्थित थे।

जेपी के आह्वान से भयभीत इंदिरा गांधी ने लगाया था आपातकाल….कर्मवीर सिंह

21 महीनों तक नहीं हुई थी कोई राजनीतिक जनसभा

भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री ने आज संविधान हत्या दिवस पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण को याद किया। प्रदेश कार्यालय में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित की नमन किया।

श्री सिंह ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले से श्रीमती इंदिरा गांधी की सांसद के रूप में सदस्यता समाप्त हो चुकी थी। उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए था।लेकिन श्रीमती गांधी ने न सिर्फ न्यायालय के आदेश की अवमानना की बल्कि देश के संविधान को ही कुचल डाला।

कहा कि 25 जून को दिल्ली के रामलीला मैदान में देश भर से जुटे लाखों लोकतंत्र सेनानियों को संबोधित करते हुए जेपी ने आह्वान किया था कि सिंहासन खाली करो कि जनता आती है। लेकिन आधी रात को देश में एक काले अध्याय की शुरुआत हुई।

कहा कि आज संविधान बचाने की दुहाई देने वाली कांग्रेस ने लोकतंत्र की सारी मर्यादाओं को तार तार किया है।

कहा कि देश को याद है कि 25 जून 75 को दिल्ली में ही ऐतिहासिक सभा के बाद 21 महीनों तक देश की जुबान को आपातकाल के माध्यम से कुचल दिया गया था। कोई राजनीतिक सभा इस दौरान नहीं हो सकती थी।

कहा कि भारत की जनता प्राचीन काल से लोकतंत्र प्रेमी है।यह देश लोकतंत्र की जननी है इसे कोई कुचलने में कभी सफल नहीं हो सकता। भारत की जनता कुचलने वाले को सबक सिखाना जानती है।

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