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नेशनल हेराल्ड मामले में अनर्गल प्रलाप कर रही कांग्रेस पार्टी…बाबूलाल मरांडी

राउज एवेन्यू कोर्ट ने नहीं दिया है क्लीन चिट, मामले को माना विचाराधीन,ट्रायल रहेगा जारी

भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान मूकदर्शक रही पुलिस, पुलिस प्रशासन बन गया है राज्य सरकार का टूल किट

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज नेशनल हेराल्ड मामले में प्रदेश कांग्रेस के प्रदर्शन को कांग्रेस पार्टी का मानसिक दिवालिया पन करार दिया।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले में अनर्गल प्रलाप कर भ्रष्टाचार को छुपाना चाहती है।जबकि कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार की जननी, पोषक और संरक्षक है।

कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में राउज कोर्ट का फैसला कहीं से भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी को क्लीन चिट नहीं है।इस फैसले ने सिर्फ एफआईआर दर्ज नहीं होने की बात कही है और मामले को विचाराधीन करार देते हुए ट्रायल को जारी रखने की बात भी कही है

कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला शुद्ध रूप से धोखाधड़ी का मामला है जिसमें धारा 420 के तहत सात साल की सजा है।

कहा कि इसके पहले भी कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी हाई कोर्ट,सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं जहां इन्हें कोई राहत नहीं मिली। दोनों अदालतों ने मामले को प्रथम दृष्ट्या गंभीर मानते हुए खारिज करने से इनकार कर दिया है। और कहा कि इसे निरस्त करने का कोई औचित्य भी नहीं बनता।

कांग्रेस पार्टी द्वारा इसे राग द्वेष से जुड़ा मामला बताए जाने को भी कोर्ट ने निरस्त किया।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भीतर से खोखली हो चुकी है। संवैधानिक मर्यादाओं के तहत काम करने की राजनीतिक क्षमता कांग्रेस के पास नहीं बची है।

कहा कि नेशनल हेराल्ड की इमारत निर्विवाद रूप से दिल्ली की एक प्रमुख संपत्ति है जिसे व्यावसायिक केलिए लीज पर दिया गया है।

कहा कि यह 2000करोड़ की संपत्ति को हड़पने का मामला है जो खत्म नहीं हुआ है।कानून की नजर में दोषी बक्से नहीं जाएंगे।

कहा कि यही कांग्रेस पार्टी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर न्यायालय का विरोध करती है और आज राउज कोर्ट के फैसले पर जनता को दिग्भ्रमित कर रही है।

श्री मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक सामाजिक संगठन को धरना प्रदर्शन का अधिकर है लेकिन जिस प्रकार से आज पुलिस प्रशासन के संरक्षण में कांग्रेस के नेताओं ने जिसमें कई संवैधानिक दायित्वों से भी जुड़े हैं ने भाजपा प्रदेश कार्यालय के गेट तक पहुंच कर प्रदर्शन किया इससे स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन राज्य सरकार का टूल किट बन गया है।

कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने संयम बरता नहीं तो प्रतिक्रिया में कोई भी बड़ी घटना घट सकती थी।

कहा कि आखिर प्रशासन द्वारा बैरिकेटिंग किए जाने के बाद भी कांग्रेस के लोगों को भाजपा प्रदेश कार्यालय के गेट तक किसके इशारे पर पहुंचने दिया गया।

श्री मरांडी ने इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की ।कहा कि राज्य सरकार ऐसे पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करे।

कांग्रेस पार्टी देश की ओरिजिनल वोट चोर पार्टी है—प्रतुल शाहदेव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान का नहीं, बल्कि वोट चोरी और संस्थाओं के दुरुपयोग का रहा है। आज जब भी भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतती है, कांग्रेस और उसका पूरा विपक्ष चुनाव आयोग, ईवीएम और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला शुरू कर देता है, लेकिन जब वही विपक्ष चुनाव जीत जाता है तो उसे लोकतंत्र की जीत बताने में देर नहीं लगती।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि आज़ादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री के चयन की प्रक्रिया ही कांग्रेस की वोट-चोरी मानसिकता का सबसे बड़ा प्रमाण है। प्रधानमंत्री बनने के लिए कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्षों के मतदान में सरदार वल्लभभाई पटेल को 28 वोट मिले थे, जबकि जवाहरलाल नेहरू को मात्र 2 वोट। इसके बावजूद लोकतांत्रिक निर्णय को दरकिनार कर नेहरू जी को प्रधानमंत्री बना दिया गया। इससे बड़ा वोट चोरी और जनमत की अवहेलना का उदाहरण देश के इतिहास में नहीं हो सकता।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देश के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव अवैध घोषित किया, क्योंकि न्यायालय ने पाया कि चुनाव नियमों के अनुरूप नहीं हुआ था। यह भी वोट चोरी का ही एक रूप था।

1975 में इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल थोपना लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था। 1976 में होने वाले आम चुनाव में जनता को वोट देने का संवैधानिक अधिकार था, लेकिन आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने यह अधिकार जनता से छीन लिया। यह सीधे-सीधे जनता के वोट की चोरी थी।प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सोनिया गांधी का नागरिक बने बिना मतदाता सूची में नाम दर्ज होना भी वोट चोरी का ही एक उदाहरण है, जिसे कांग्रेस ने हमेशा की तरह सत्ता के प्रभाव से दबाने की कोशिश की।

  • ईवीएम में खोट होता तो विपक्ष ने 2014 के बाद के 74 विधानसभा चुनाव में 30 कैसे जीत लिया

प्रतुल शाहदेव ने ईवीएम विवाद पर भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश में 74 बड़े विधानसभा चुनाव हुए, जिनमें से 44 में एनडीए को जीत मिली और 30 में विपक्ष ने जीत हासिल की। अगर ईवीएम में खोट होती, तो विपक्ष इन 30 चुनावों में कैसे जीतता? सच यह है कि विपक्ष हारने पर बहाने ढूंढती है और जीतने पर चुप्पी साध लेती है।

रिम्स कैंपस में अवैध निर्माण: भाजपा ने सरकार, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा किया

रिम्स–2 की जमीन भी इसी मॉडल पर हड़पने की तैयारी: अजय साह

रिम्स अस्पताल परिसर में चल रहे अवैध निर्माण को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि राजधानी रांची में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर ज़मीन की व्यवस्थित और संगठित लूट जारी है। बरियातू की जिस जमीन पर सेना का दावा था, उसे हथियाने वाले पूर्व डीसी, जो इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड बताए जाते हैं, को सरकार ने दोबारा सत्ता तंत्र में शामिल कर लिया है। अब उसी बरियातू क्षेत्र में सरकारी अस्पताल की जमीन पर कब्ज़ा कर एक निजी अपार्टमेंट का निर्माण खड़ा कर दिया गया है, जो अपने-आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है।

अजय ने आगे कहा कि सामान्यतः ज़मीन माफिया दो–तीन दिनों में अवैध कब्ज़ा कर भाग खड़े होते हैं, लेकिन रिम्स परिसर में तो चार वर्षों तक खुलेआम एक निजी अपार्टमेंट का निर्माण होता रहा। इतने लंबे समय तक चलने वाला अवैध निर्माण तभी संभव है जब माफियाओं को सरकार और उसके प्रभावी तंत्र का संरक्षण प्राप्त हो। इस पूरे प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग के साथ–साथ रांची नगर निगम के शीर्ष अधिकारी भी समान रूप से संलिप्त प्रतीत होते हैं। जहाँ आम लोगों के साधारण मकानों के नक्शे वर्षों तक पास नहीं होते, वहाँ चार साल तक अवैध अपार्टमेंट का निर्माण बिना अधिकारियों की शह के चलना असंभव है।

भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रांची नगर निगम पूरे राज्य के भ्रष्ट अधिकारियों की शरणस्थली बन गया है। दूसरे जिलों या नगर परिषदों में जब कोई अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर जाता है, तो उसे रांची नगर निगम में पदोन्नत कर भेज दिया जाता है, ताकि वह राजधानी में बड़े पैमाने पर “खेल” कर सके। अजय ने कहा कि नगर निगम में जारी यही भ्रष्टाचार का तंत्र है जिसके कारण पिछले पाँच वर्षों से राज्य में नगर निगम चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं।

अजय साह ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इसी “रिम्स मॉडल” को लागू करने के लिए सरकार भारी जनविरोध के बावजूद रिम्स–2 के लिए निवासियों की जमीन अधिग्रहित करने पर तुली हुई है? जब वर्तमान रिम्स की जमीन बिल्डरों और जमीन माफियाओं के हवाले कर दी गई है, तो क्या रिम्स–2 भी इसी तरह भूमाफियाओं के लिए नया खजाना बनाने की तैयारी है?

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि जो नगर निगम आम नागरिकों के साधारण मकानों पर बुलडोज़र चलाने में तत्पर रहता है, वही रिम्स में हो रहे अवैध निर्माण पर वर्षों तक केवल “नोटिस–नोटिस” का खेल खेलता रहा। भाजपा ने दावा किया कि इस अवैध निर्माण में कांग्रेस के एक विधायक का नाम भी सामने आ रहा है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई अनिवार्य है।

नाम के शब्दों से भावनात्मक लगाव बढ़ता है….बाबूलाल मरांडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी तंत्र और भवनों को जनता से जोड़ने केलिए किया पहल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज भवन का नाम लोक भवन करने के लिए प्रधानमंत्री जी का एवं निर्णय को झारखंड में अविलंब लागू करने पर बधाई शुभकामनाएं दी।

श्री मरांडी ने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता को शासक बोध से हटाकर लोक सेवा के रूप में स्थापित करने की लगातार पहल की है।

कहा कि चाहे मंत्री गण ,वरीय पदाधिकारियों के गाड़ियों से लाल पीली बत्ती हटाने का निर्णय हो या फिर राज पथ को कर्तव्य पथ बनाना,प्रधानमंत्री आवास को लोक कल्याण मार्ग ,केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन,राजभवन को लोक भवन और पीएमओ को सेवा तीर्थ के रूप में नामांकित करना जैसे निर्णय लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने खुद को प्रधानमंत्री की जगह प्रधान सेवक कहलाना तय किया है।

कहा कि इतना ही नहीं विकलांग शब्द को हटाकर दिव्यांग कहना यह बताता है कि प्रधानमंत्री जी भारत के एक एक नागरिक की भावनाओं के कितने करीब हैं।

श्री मरांडी ने कहा कि ये शब्दों का परिवर्तन मात्र नहीं बल्कि मोदी सरकार की नीति और नीयत को दर्शाता है।

बर्बादी के 6 साल,हेमंत सरकार

सात गारंटी पर एक कदम आगे नहीं बढ़ी हेमंत सरकार…..बाबूलाल मरांडी

झारखंड की जनता को मिला केवल धोखा ही धोखा

घोटालों की खड़ी की श्रृंखला ,15 से अधिक घोटाले हुए उजागर

कहने को अबुआ सरकार ,राज्य में आदिवासी समाज सबसे ज्यादा प्रताड़ित

प्रदेश भाजपा ने आज अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हेमंत सरकार पार्ट 2 के पहली वर्षगांठ पर प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी,कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह,मुख्य सचेतक विधायक नवीन जायसवाल,प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, आरोप पत्र समिति के सदस्य रविनाथ किशोर ने आरोप पत्र जारी किया।

प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप पत्र समिति गठित की थी जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही,पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी,पूर्व सांसद एवं प्रवक्ता गीता कोड़ा का भी नाम शामिल है।

आरोप पत्र जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने हेमंत सरकार के 6 साल को झारखंड की बर्बादी का साल बताया।और कहा कि इंडी गठबंधन ने विधानसभा चुनाव के समय जो सात गारंटी दी थी उसपर राज्य सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी,बल्कि राज्य को वर्षों पीछे धकेल दिया। श्री मरांडी ने इंडी गठबंधन के सात गारंटी की एक एक कर विस्तार से चर्चा की। सभी गारंटी पर सरकार की नाकामियों को उजागर किया।

उन्होंने कहा कि यह अबुआ सरकार नहीं बल्कि ठगों की सरकार है जिसने युवाओं,महिलाओं,किसानों, आदिवासी,पिछड़े,दलित,बुजुर्ग, दिव्यांग,स्कूली बच्चे सभी को ठगा है। उन्होंने आरोप पत्र के शीर्षक को सटीक बताया। यहां पुलिस वास्तव में जनता की रक्षक नहीं बल्कि लूटने वाली बन गई है।

उन्होंने 1932 खतियान आधारित नीति लाने की पहली गारंटी को बड़ा धोखा बताया। कहा कि इस नाम पर हेमंत सरकार जनता को 6 वर्षों से ठग रही। यहां की भाषा संस्कृति का संरक्षण नहीं हो रहा बल्कि 21 सदी में भी चंगाई सभा के नाम पर अंधविश्वास को बढ़ावा और संरक्षण देने में हेमंत सरकार जुटी है। जबकि कानूनन डायन,ओझा,गुणी पर प्रतिबंध है। उन्होंने चंगाई सभा को पूरी तरह बंद करने की मांग की।

दूसरी गारंटी मईयां सम्मान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज लाखों बहनों को धोखा दिया जा रहा है।वोट लेकर नाम काट दिए गए। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं पोर्टल नहीं खुलने की शिकायत लेकर दर दर भटक रहीं कोई सुनने वाला नहीं।

कहा कि उल्टे सम्मान राशि रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों के खातों में भेजी जा रही है।

सामाजिक न्याय की तीसरी गारंटी भी पूरी तरह फेल साबित हुई।पंचायत चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के हुए।निकाय चुनाव में भी कुछ नहीं हुआ। एस सी, एस टी आरक्षण पर भी धोखा दिया।

चौथी गारंटी जो खाद्य सुरक्षा की थी उसमें तो लूट ही लूट मची है। 7 किलो अनाज तो मिला नहीं उल्टे 5 किलो अनाज भी लूट लिए गए। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के पतना में बड़ा घोटाला जांच में उजागर हुआ । आपदा प्रबंधन के अनाज से जिसे बाद में भरपाई की गई। 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने के वादे को तो सरकार के मंत्री ने सिरे से नकार दिया।

रोजगार और स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित पांचवीं गारंटी जिसमें 10लाख नौकरी,15 लाख का स्वास्थ्य बीमा पूरी तरह झूठा साबित हुआ। बड़े समारोह में 8791 लोगों को नियुक्ति पत्र देकर सरकार ढिंढोरा पीट रही है जबकि पिछले 6 वर्षों में लगभग 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी तो रिटायर हो चुके हैं। स्वीकृत पद से आधे कर्मचारी पदाधिकारी भी आज नियुक्त नहीं। उल्टे इस सरकार ने दो लाख से अधिक पद समाप्त कर दिए।

कहा कि 2019 की उत्पाद सिपाही की दौड़ जून की गर्मी में राज्य सरकार ने कराई,19 बच्चे दौड़ते हुए मर गए।लेकिन आज तक यह सरकार बेशर्म बनी हुई है।

कहा कि यह सरकार नौकरी दे नहीं रही उल्टे युवाओं को धमकी दे रही। जो भ्रष्टाचार ,के खिलाफ बोलेगा उसे जेल भेजा जाएगा, केस मुकदमा आखिर बेरोजगार कैसे लड़ेगा।

यह सरकार अगर बेदाग है तो फिर परीक्षाओं के भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने से क्यों भाग रही है।

कहा कि छठी गारंटी शिक्षा की और जिलों में 500 एकड़ का औद्योगिक पार्क बनाने की थी।जिसपर क्या हुआ यह जग जाहिर है। सरकार बताए कितने प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले गए। कितने जिलों में मेडिकल इंजीनियरिंग की यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। किस जिले में ,500 एकड़ का औद्योगिक पार्क स्थापित हुआ।

7वीं गारंटी जो किसानों को धान खरीद में 3200 रूपये एमएसपी देने की थी पूरी तरह झूठा साबित हुआ। केंद्र द्वार स्वीकृत 2300 रूपये में 100 रूपये का बोनस देकर हेमंत सरकार ने 2400 रूपये एमएसपी निर्धारित किए।इस दर में भी लक्ष्य से आधे धान की भी खरीद नहीं हुई। कई जिलों में जो धान खरीद हुई उसके पैसे आज भी बकाए हैं।

कहा कि एक तरफ सरकार ने गारंटी में धोखा दिया दूसरी ओर घोटालों की श्रृंखला खड़ी कर दी।

राज्य में शराब , जीएसएससी सीजीएल परीक्षा ,डीएमएफटी फंड, मैन पावर सप्लाई गृह विभाग सामग्री खरीद,स्पोर्ट्स किट,भवन निर्माण, सरकारी टेंडर प्रक्रिया,डिग्री,जन्म प्रमाणपत्र, सरकारी रिक्त पद,आपदा मोचन निधि,स्वास्थ्य विभाग ने तुष्टीकरण घोटाला की चर्चा की।

उन्होंने कहा कि अबुआ सरकार में आदिवासी समाज सर्वाधिक बदहाल है।आज राज्य में सर्वाधिक दुष्कर्म की वारदातें आदिवासी युवतियों के साथ हुई है। दुमका से चाईबासा तक आदिवासी प्रताड़ित हो रहे हैं।

आज राज्य की डेमोग्राफी बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठियों से बदल रही और राज्य सरकार इनका संरक्षण कर रही।
विधान सभा में पहली बार सत्ता पक्ष के लोग एसआईआर का विरोध करते हुए बेल में घुस गए।

आज सरकार के मंत्री बीएलओ को पकड़कर बंधक बनाने की धमकी भरी भाषा बोल रहे।

कहा कि आखिर किस बात का डर राज्य सरकार को सता रही।उन्हें तो घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।अवैध मतदाताओं को चिन्हित करने में चुनाव आयोग की प्रक्रिया का सहयोग करना चाहिए़।

मैं अपने सगे संबंधियों के गलत कार्यों के खिलाफ आवाज उठा सकता हूं…..बाबूलाल मरांडी

हेमंत सोरेन में हिम्मत है तो पंकज मिश्रा पर कार्रवाई कर दिखाएं

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स के एक पोस्ट को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा रीट्वीट किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी के साथ उनकी तस्वीर पोस्ट की गई है और मुख्यमंत्री उसे रिट्वीट कर रहे हैं तो जवाब देना जरूरी हो जाता है।

कहा कि किसी के द्वारा किसी भी नेता का स्वागत करने या बैठकर बातचीत की तस्वीर का मतलब ये नहीं है कि नेता उसके कामकाज का लेखा जोखा रखे।

कहा कि हेमंत जी को तो इस बात का गर्व होना चाहिये कि मुझ जैसे लोग वैसे लोगों के भी काले कारनामे उजागर कर सकते हैं जो कभी मेरे साथ तस्वीरों में दिखे हैं।

कहा कि क्या हेमंत सोरेन जी अपने पंकज मिश्रा जैसे लोगों के कार्यकलापों की चर्चा या जॉंच का आदेश देने का नैतिक काम कर सकते हैं?

उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन लोगों के काले कारनामो की जानकारी मिलने पर उन्होंने नाम सामने लाया है उनमें से मेरे साथ किसी की तस्वीर तो क्या अगर कोई सगा संबंधी भी उस गलत काम में लिप्त है, तो मुख्यमंत्री उस पर कारवाई करायें वे उसका स्वागत करेंगे।

पद समाप्ति पत्र वितरित करे हेमंत सरकार….आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने आज हेमंत सरकार पार्ट 2 के पहली वर्षगांठ पर हुए नियुक्ति पत्र वितरण समारोह पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार करोड़ों रुपए विज्ञापन और कार्यक्रमों पर खर्च कर अपना पीठ थपथपा रही है।

कहा कि हेमंत सरकार को बताना चाहिए कि आज जो लगभग दस हजार नियुक्तियों का ढिंढोरा पीटा जा रहा है उसमें हेमंत सरकार द्वारा कितनी वेकेंसी निकाली गई है। ये तो अधिकांश पूर्ववर्ती रघुवर सरकार समय निकाली गई वेकेंसी है जिसे हेमंत सरकार ने कानूनी प्रक्रियाओं में उलझा दिया।

कहा कि दरअसल इंडी गठबंधन योजनाओं को लटकाने ,भटकाने और अटकाने में ज्यादा भरोसा करता है।जनता के कल्याण से इनका कुछ भी लेना देना नहीं।

कहा कि 10 लाख नौकरी का वादा कर सत्ता में आने वाली राज्य सरकार 10 हजार से भी कम नियुक्ति पत्र का जश्न मना रही है।

कहा कि यही सरकार है जिसने दुबारा सत्ता संभालते ही राज्य में दो लाख से अधिक सरकारी पद को ही समाप्त कर दिया ।
कहा कि आज सरकार को नियुक्ति पत्र की जगह पद समाप्ति पत्र वितरित करना चाहिए।

कहा कि आज युवा हताश और निराश है , जेएसएस सी सीजीएल की परीक्षाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। बेरोजगारी भत्ता की चर्चा तक सरकार नहीं कर रही।

कहा कि राज्य सरकार ने परीक्षा कैलेंडर जारी करने की घोषणा की थी जिसका कोई अता पता नहीं। ऐसे में यह नियुक्ति पत्र वितरण समारोह युवा बेरोजगारों के लिए जले पर नमक डालने के समान है।

फेस टाइम के जरिए पुलिस और कोल माफिया चोरी का सिंडिकेट चलाने की तैयारी में…..बाबूलाल मरांडी

धनबाद में बढ़ी आईफोन की बिक्री

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में बड़े पैमाने पर हो रहे कोयला चोरी पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

श्री मरांडी ने कहा कि जब से ईडी की दबिश बढ़ी है और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोयला चोरी की पोल खोली, तब से धनबाद में अवैध कोयले के ‘धंधे’ पर एक अघोषित आंशिक अल्प विराम लगा है, माफियाओं में डर पैदा हुआ और लूट थोड़ी कम हुई।

कहा कि लेकिन अब विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि कोयला चोर फिर से सक्रिय हो रहे हैं और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए उन्होंने अपने ‘कम्युनिकेशन’ का तरीका बदल दिया है।

कहा कि चौंकाने वाली सूचना यह है कि धनबाद के बैंक मोड़ स्थित एक दुकानदार ने हाल ही में करीब 55 iPhones मंगाए हैं। मकसद साफ है सामान्य कॉल ट्रेस होने के डर से अब FaceTime के जरिए पुलिस और माफिया मिलकर कोयला चोरी का सिंडिकेट चलाने की तैयारी में है।

श्री मरांडी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों से आग्रह किया कि धनबाद में अचानक सक्रिय हुए इन आईफोन और इनके खरीदारों और नामी-बेनामी उपयोगकर्ताओ पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

कहा कि ये चोर चाहे जितनी तकनीक बदल लें, प्रदेश की संपत्ति की लूट रोकवाने के लिये वे इन्हें बेनकाब करते रहेंगे।

“जश्न नहीं, जवाब दो”—हेमंत सरकार पर भाजपा का तीखा प्रहार

जनता बेहाल, सरकार मस्त”—हेमंत सरकार के जश्न पर भाजपा का हमला

हेमंत सरकार पार्ट–2 के एक वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि सरकार जिस उत्सव के माहौल में अपना एक साल पूरा होने का जश्न मना रही है, उसे बंद कर जनता के मूल सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली सरकार रोजगार प्रदान करने के बजाय शिल्पा राव जैसे कार्यक्रमों में व्यस्त रही, जबकि बेरोजगार युवा आज भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं। यह सरकार स्पष्ट करे कि एक साल में रोजगार सृजन के मोर्चे पर क्या उपलब्धियाँ हासिल हुईं और कितने युवाओं को वास्तविक लाभ मिला।

अजय साह ने राज्य में बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि अपराध रोकने के लिए सरकार ने कौन-सा ठोस कदम उठाया, क्योंकि पिछले एक वर्ष में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर गया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि छवि रंजन और वीरेंद्र राम जैसे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे अधिकारियों को दंडित करने के बजाय फिर से सरकार की व्यवस्था में शामिल कर लिया गया। साथ ही उन्होंने पूछा कि ईडी द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए भेजे गए पत्र का अब तक क्या परिणाम निकला, उस पर क्या कार्रवाई की गई।

उन्होंने आगे कहा कि जश्न मनाने से पहले सरकार को यह बताना चाहिए कि संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं को दरकिनार कर एक विवादित व्यक्ति को डीजीपी क्यों बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी ठेकों में एक खास समुदाय के प्रति झुकाव की क्या वजह है और पिछले एक वर्ष में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा भेजे गए अनियमितताओं संबंधी पत्रों पर क्या कार्रवाई हुई। मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से राज्य को क्या लाभ मिला, इसका भी स्पष्ट विवरण जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

अजय साह ने आरोप लगाया कि आदिवासियों पर बढ़ते अत्याचारों पर सरकार चुप्पी साधे बैठी है और यह भी स्पष्ट नहीं कर रही कि इस दिशा में उसने क्या कदम उठाए। जनता यह जानना चाहती है कि मंत्री और नौकरशाहों की जवाबदेही कहाँ है और लगातार संविधान तथा संवैधानिक संस्थानों का अपमान करने वाले मंत्रियों पर क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी पूछा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने के मामलों पर सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।

अंत में अजय साह ने कहा कि हेमंत सरकार के लिए उत्सव और समारोह मनाने का यह समय नहीं है; उसे जनता के कठिन सवालों का जवाब देना चाहिए और अपने एक वर्ष के कामकाज का ईमानदार हिसाब देना चाहिए।

योजनाएं वहां भी जाएं जहां पार्टी के जन प्रतिनिधि नहीं हैं….बाबूलाल मरांडी

जनसेवा के सपने को धरातल पर उतारने का प्रयास….आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू के सौजन्य से आज उनके सांसद निधि और सीसीएल सीएसआर फंड से स्वीकृत 6.08 करोड़ की लोक कल्याणकारी योजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न हुआ।

चिरौंदी स्थित आशीर्वाद बैंक्वेट हॉल में पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं,प्रदेश पदाधिकारियों के बीच पूजा पाठ,के साथ नारियल फोड़कर प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी,कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू,विधायक सीपी सिंह,मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल,ने शिलान्यास कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम का संचालन रांची महानगर जिला अध्यक्ष वरुण साहू ने और धन्यवाद ज्ञापन ग्रामीण जिला अध्यक्ष विनय महतो ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू को सामूहिक भव्य शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित करने केलिए बधाई शुभकामनाएं दी।

श्री मरांडी ने कहा कि आज भाजपा प्रतिपक्ष में है। कई क्षेत्रों में पार्टी के जन प्रतिनिधि नहीं हैं। ऐसे में उस क्षेत्र में पार्टी के राज्य सभा सांसद की योजनाएं पहुंचने से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार होता है।

उन्होंने आदित्य साहू जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में अपने सांसद मद की राशि से योजनाएं स्वीकृत की है।

उन्होंने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास को साकार कर रही है।

उन्होंने सामूहिक प्रयास,योगदान से विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि में बदलने का आह्वान किया।

कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो अवसर दिया उसके माध्यम से सेवा के संकल्प को धरातल पर उतारने का यह प्रयास है। कहा कि सांसद निधि जनता की निधि है जिसे जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सभी की है। सांसद तो केवल माध्यम होते हैं।

उन्होंने कहा कि आज सांसद निधि और सीसीएल सीएसआर फंड मिलाकर 6.08 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास हुआ जिसमें रांची महानगर और रांची ग्रामीण ,गुमला,लोहरदगा,पलामू रामगढ़ क्षेत्र की योजनाओं का हुआ है। अभी 3 और योजनाएं स्वीकृत होने की प्रक्रिया में हैं।

उन्होंने रांची ग्रामीण में सीएसआर फंड से दो पुराने तालाबों के सुंदरीकरण कराने की भी घोषणा की।

श्री साहू ने पार्टी के माननीय सांसद,विधायकगण,प्रदेश जिला के पदाधिकारी,कार्यकर्ता गण का आभार प्रकट किया।

विधायक सीपी सिंह ने कहा कि प्रदेश भर में स्वीकृत विभिन्न योजनाओ की मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए ताकि गुणवत्ता प्रभावित नहीं हो।

विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि पहली बार सामूहिक शिलान्यास कार्यक्रम देखने का अवसर मिला है।जो सभी केलिए प्रेरणादायी है।

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, आरती कुजूर, प्रदेश मंत्री सीमा पासवान, मनोज बाजपेई, सरोज सिंह, व लाल राजेंद्र नाथ शाहदेव, निर्भय सिंह, हेमंत दास,सुरेश साहू,शोभा यादव राजश्रीजयंती,रमेश सिंह,संदीप वर्मा,शिवपूजन पाठक, जितेंद्र वर्मा, नरेंद्र सिंह, रामकांत महतो, प्रभु दयाल बड़ाईक, राजू सिंह, प्रीतम साहू, अनीता वर्मा, सुधाकर चौबे, सुरेश प्रसाद, विनय सिंह, विकास रवि, बिना मिश्रा, बालसाई महतो, मानकी मुंडा,राजेंद्र केसरी,प्रेम मित्तल , कमाल खान, लक्ष्मीचंद्र दीक्षित,सहित हजारों लोग शामिल हुए

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को अविलंब बर्खास्त करें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन…..बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के बड़बोले मंत्री इरफान अंसारी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अविलंब बर्खास्त करने का आग्रह किया है। श्री मरांडी ने एसआई आर को लेकर बीएलओ को बंदी बनाए जाने संबंधी इरफान अंसारी के असंवैधानिक बयान पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि देश का संविधान चुनाव आयोग को मतदाता सूचियों की शुद्धता और सटीकता बनाए रखने के पूर्ण अधिकार देता है। लेकिन विडंबना यह है कि संविधान बचाने का ढोल पीटने वाले राहुल गांधी के करीबी और झारखंड सरकार के कांग्रेसी मंत्री इरफ़ान अंसारी ही संवैधानिक प्रक्रिया में बाधक बन रहे हैं और सार्वजनिक मंच से BLO को “घर में बंद करने” और “बंधक बनाने” जैसी धमकी दे रहे हैं।

कहा कि SIR प्रक्रिया का मूल उद्देश्य वोटर सूची को पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत मृत मतदाताओं के नाम हटाना, डुप्लीकेट नामों को हटाना, स्थानांतरित मतदाताओं की जानकारी अपडेट करना, नए मतदाताओं को शामिल करना, फर्जी नामों और घुसपैठियों को हटाने जैसे कार्य किए जाते हैं। यह संपूर्ण प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण आधार है।

कहा कि ऐसे गैर-जिम्मेदार और उकसाने वाले बयान न केवल SIR प्रक्रिया को बाधित करते हैं, बल्कि पूरी चुनावी प्रणाली और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सीधा प्रहार है। जब किसी मंत्री के शब्द ही कानून-व्यवस्था और चुनावी कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दें, तो उसके पास पद पर बने रहने का न नैतिक और न ही संवैधानिक अधिकार रह जाता है।

कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति छोड़, संविधान की शपथ लेकर उसके विरुद्ध आचरण करने वाले इरफ़ान अंसारी की तत्काल बर्खास्त करें।

उन्होंने चुनाव आयोग से भी आग्रह किया है कि मामले में सख्त कार्रवाई करें ।

सरकार आपके द्वार कार्यक्रम पर भाजपा ने किया बड़ा कटाक्ष

“हेमंत सरकार ‘गजनी मोड’ में काम करती है”- प्रतुल शाह देव

दो साल तक अपनी ही योजना भूलकर सोई रही

पहले तीन चरण में आए डेढ़ करोड़ से ज्यादा आवेदनों का क्या हुआ?

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि हेमंत सरकार की कार्य संस्कृति गजनी फिल्म से प्रभावित दिखती है। सरकार कोई योजना शुरू करती है।फिर भूल जाती है।फिर अचानक झटका लगता है तो याद आता है कि ‘सरकार आपके द्वार’ जैसा कोई कार्यक्रम भी है। प्रतुल ने कहा कि हेमंत सरकार 2 वर्षों से अपनी इस योजना को भूल कर बैठी थी।जिस सरकार को अपनी ही घोषणाएं याद न रहें, वह जनता की समस्याएं क्या याद रखेगी?”

प्रतुल ने कहा की सबसे पहले हेमंत सरकार को श्वेत पत्र जारी करके बताना चाहिए कि सरकार आपके द्वार के पहले तीन चरणों में आए हुए डेढ़ करोड़ से ज्यादा आवेदनों का क्या हुआ? 2021 में 35.95 लाख आवेदन, 2022 में 55.44 लाख आवेदन, 2023 में 58.26 लाख आवेदन आए थे। सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितने आवेदकों को न्याय मिला। ऐसा लगता है कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम सिर्फ एक रिसीविंग देने का जरिया बन गया है।पहले तीन चरणों में सबसे ज्यादा शिकायतें जमीन से संबंधित आए थे। लेकिन इस सरकार में तो अंचल कार्यालय लूट का अड्डा बन गया है। जिस सरकार में अंचल कार्यालय की बोली लगती हो वहां जनता को न्याय कहां मिलेगा। प्रतुल ने कहा ऐसा प्रतीत होता है कि ‘सरकार आपके द्वारा’ नहीं बल्कि सरकार की एक फोटो-अपॉर्चुनिटी’ बनकर रह गई है!”

“जनता को राहत देने के नाम पर कार्यक्रम सिर्फ शो बाजी है

प्रतुल ने कहा कि की सरकार आपके द्वारा के दौरान जमा किए गए डेढ़ करोड़ आवेदनों पर धूल जम रहा है।काम शून्य दिख रहा। सरकार कैमरे के सामने मुस्कुराने में व्यस्त है। आवेदक अपनी पुरानी समस्याओं से ही घिरे हुए हैं।दो साल बाद जागी सरकार को अब जनता जवाब देगी कि झारखंड में ‘गजनी गवर्नेंस’ नहीं चलेगा।”

झारखंड के भ्रष्ट ,तानाशाह एवं लापरवाह पदाधिकारी राज्य को कानून से नहीं मनमर्जी चला रहे….बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के प्रोन्नत पदाधिकारियों की पोस्टिंग नहीं किए जाने पर राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

श्री मरांडी ने कहा कि यह बहुत अफ़सोस की बात है कि झारखंड के कुछ लापरवाह एवं तानाशाह अफ़सर राज्य को क़ानून के मुताबिक नहीं, बल्कि अपनी मनमर्जी से चला रहे हैं। ऐसा लगता है मानों सारे नियम क़ानून और सुविधाएं उनके फायदे और निजी लाभ के लिये बनाये गये हों।

कहा कि हमें बताया गया है कि पुलिस विभाग में जिन अधिकारियों का डीएसपी में प्रोमोशन हुआ है, उनकी पोस्टिंग चार-पॉंच महीने से भी ज़्यादा समय तक लंबित रखी जाती है। कई मामलों में तो पोस्टिंग उनके रिटायरमेंट के सिर्फ दो-चार दिन पहले की जाती है। इस वजह से ऐसे प्रोमोशन पाये लोगों को जो वास्तविक लाभ मिलना चाहिए, वो नहीं मिल पाता।

कहा कि छोटे कर्मचारियों की स्थिति तो इससे भी बदतर है। उनके प्रोमोशन की फाइलें वर्षों तक विभागों की जटिल प्रक्रियाओं में फँसी रहती हैं। कई बार कर्मचारी न्यायालय से आदेश लेकर आते हैं, फिर भी उन्हें लाभ नहीं दिया जाता। इसके विपरीत, आईएएस/आईपीएस अधिकारी अपने प्रोमोशन और उसके लाभ को समय पर प्राप्त करने के लिए महीनों पहले ही सारी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर लेते हैं।

कहा कि राज्य के कई कर्मचारी मिलते हैं, तो इस मुद्दे को लेकर अपनी पीड़ा से अवगत कराते हैं । इस वजह से उनमें भारी असंतोष है।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग किया कि समय पर प्रोमोशन और लाभ की व्यवस्था में आईएएस/आईपीएस और राज्य कर्मियों के लिये छोटे-बड़े के दोहरे मापदंड एवं भेदभाव की प्रवृत्ति पर रोक लगे।

कहा कि यह व्यवस्था सबके लिए समान और निष्पक्ष होनी चाहिए।

मैया सम्मान योजना सरकार की केवल राजनीतिक स्टंट है:राफिया नाज़

राफ़िया नाज़ ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मैया सम्मान योजना असल में महिलाओं के सम्मान नहीं, बल्कि सरकार की राजनीतिक नौटंकी है। नाज़ ने कहा कि यह सरकार चुनाव से पहले वादे करती है और चुनाव के बाद उन्हें कूड़ेदान में फेंक देती है। “महिलाओं के नाम पर यह सबसे बड़ा राजनीतिक छल है,”

राफ़िया ने कहा कि प्रदेश के दर्जनों जिलों से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि महिलाओं को फॉर्म तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। नाज़ ने कहा कि यह शर्मनाक है कि जिन महिलाओं के लिए योजना बनाई गई, वही महिलाएँ दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन सरकारी तंत्र उन्हें फॉर्म तक नहीं दे पा रहा। “ऐसी योजना का क्या उपयोग, जिसमें प्रवेश-द्वार ही बंद हो?”

नाज़ ने कहा कि जिन महिलाओं ने किसी तरह फॉर्म भरे,उनमें से 65% महिलाओं को आज तक एक पैसे की भी राशि नहीं मिली। राफ़िया ने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं को झूठे आश्वासनों और खोखली तारीखों के सिवाय कुछ नहीं दिया,एक तरफ़ मैया सम्मान योजना की लॉलीपॉप और दूसरी तरफ़ सरकारी सहायता के सारे दरवाज़े बंद। “सरकार महिलाओं का पैसा रोककर बैठी है और आम जनता को सपना दिखा रही है। यह शर्मनाक और निर्दयी सरकार है,”

राफ़िया नाज़ ने कहा कि सरकार और उसके अधिकारी मिलकर इस योजना को फर्जी आंकड़ों और पोस्टर बाज़ी के दम पर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि असल में योजना आधी से ज़्यादा जिलों में ठप पड़ी है, लेकिन सरकार झूठ को ही उपलब्धि बनाकर बेच रही है। “यह सरकार जनता को सत्य नहीं, सिर्फ़ प्रचार और भ्रम देती है। यह ‘सम्मान योजना’ नहीं—‘वोट योजना’ है,”

सरकार आपके द्वार कार्यक्रम पर भाजपा ने किया बड़ा कटाक्ष

“हेमंत सरकार ‘गजनी मोड’ में काम करती है”- प्रतुल शाह देव

दो साल तक अपनी ही योजना भूलकर सोई रही

पहले तीन चरण में आए डेढ़ करोड़ से ज्यादा आवेदनों का क्या हुआ?

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि हेमंत सरकार की कार्य संस्कृति गजनी फिल्म से प्रभावित दिखती है। सरकार कोई योजना शुरू करती है।फिर भूल जाती है।फिर अचानक झटका लगता है तो याद आता है कि ‘सरकार आपके द्वार’ जैसा कोई कार्यक्रम भी है। प्रतुल ने कहा कि हेमंत सरकार 2 वर्षों से अपनी इस योजना को भूल कर बैठी थी।जिस सरकार को अपनी ही घोषणाएं याद न रहें, वह जनता की समस्याएं क्या याद रखेगी?”

प्रतुल ने कहा की सबसे पहले हेमंत सरकार को श्वेत पत्र जारी करके बताना चाहिए कि सरकार आपके द्वार के पहले तीन चरणों में आए हुए डेढ़ करोड़ से ज्यादा आवेदनों का क्या हुआ? 2021 में 35.95 लाख आवेदन, 2022 में 55.44 लाख आवेदन, 2023 में 58.26 लाख आवेदन आए थे। सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितने आवेदकों को न्याय मिला। ऐसा लगता है कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम सिर्फ एक रिसीविंग देने का जरिया बन गया है।पहले तीन चरणों में सबसे ज्यादा शिकायतें जमीन से संबंधित आए थे। लेकिन इस सरकार में तो अंचल कार्यालय लूट का अड्डा बन गया है। जिस सरकार में अंचल कार्यालय की बोली लगती हो वहां जनता को न्याय कहां मिलेगा। प्रतुल ने कहा ऐसा प्रतीत होता है कि ‘सरकार आपके द्वारा’ नहीं बल्कि सरकार की एक फोटो-अपॉर्चुनिटी’ बनकर रह गई है!”

“जनता को राहत देने के नाम पर कार्यक्रम सिर्फ शो बाजी है

प्रतुल ने कहा कि की सरकार आपके द्वारा के दौरान जमा किए गए डेढ़ करोड़ आवेदनों पर धूल जम रहा है।काम शून्य दिख रहा। सरकार कैमरे के सामने मुस्कुराने में व्यस्त है। आवेदक अपनी पुरानी समस्याओं से ही घिरे हुए हैं।दो साल बाद जागी सरकार को अब जनता जवाब देगी कि झारखंड में ‘गजनी गवर्नेंस’ नहीं चलेगा।”

झारखंड के भ्रष्ट ,तानाशाह एवं लापरवाह पदाधिकारी राज्य को कानून से नहीं मनमर्जी चला रहे….बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के प्रोन्नत पदाधिकारियों की पोस्टिंग नहीं किए जाने पर राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

श्री मरांडी ने कहा कि यह बहुत अफ़सोस की बात है कि झारखंड के कुछ लापरवाह एवं तानाशाह अफ़सर राज्य को क़ानून के मुताबिक नहीं, बल्कि अपनी मनमर्जी से चला रहे हैं। ऐसा लगता है मानों सारे नियम क़ानून और सुविधाएं उनके फायदे और निजी लाभ के लिये बनाये गये हों।

कहा कि हमें बताया गया है कि पुलिस विभाग में जिन अधिकारियों का डीएसपी में प्रोमोशन हुआ है, उनकी पोस्टिंग चार-पॉंच महीने से भी ज़्यादा समय तक लंबित रखी जाती है। कई मामलों में तो पोस्टिंग उनके रिटायरमेंट के सिर्फ दो-चार दिन पहले की जाती है। इस वजह से ऐसे प्रोमोशन पाये लोगों को जो वास्तविक लाभ मिलना चाहिए, वो नहीं मिल पाता।

कहा कि छोटे कर्मचारियों की स्थिति तो इससे भी बदतर है। उनके प्रोमोशन की फाइलें वर्षों तक विभागों की जटिल प्रक्रियाओं में फँसी रहती हैं। कई बार कर्मचारी न्यायालय से आदेश लेकर आते हैं, फिर भी उन्हें लाभ नहीं दिया जाता। इसके विपरीत, आईएएस/आईपीएस अधिकारी अपने प्रोमोशन और उसके लाभ को समय पर प्राप्त करने के लिए महीनों पहले ही सारी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर लेते हैं।

कहा कि राज्य के कई कर्मचारी मिलते हैं, तो इस मुद्दे को लेकर अपनी पीड़ा से अवगत कराते हैं । इस वजह से उनमें भारी असंतोष है।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग किया कि समय पर प्रोमोशन और लाभ की व्यवस्था में आईएएस/आईपीएस और राज्य कर्मियों के लिये छोटे-बड़े के दोहरे मापदंड एवं भेदभाव की प्रवृत्ति पर रोक लगे।

कहा कि यह व्यवस्था सबके लिए समान और निष्पक्ष होनी चाहिए।

मैया सम्मान योजना सरकार की केवल राजनीतिक स्टंट है:राफिया नाज़

राफ़िया नाज़ ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मैया सम्मान योजना असल में महिलाओं के सम्मान नहीं, बल्कि सरकार की राजनीतिक नौटंकी है। नाज़ ने कहा कि यह सरकार चुनाव से पहले वादे करती है और चुनाव के बाद उन्हें कूड़ेदान में फेंक देती है। “महिलाओं के नाम पर यह सबसे बड़ा राजनीतिक छल है,”

राफ़िया ने कहा कि प्रदेश के दर्जनों जिलों से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि महिलाओं को फॉर्म तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। नाज़ ने कहा कि यह शर्मनाक है कि जिन महिलाओं के लिए योजना बनाई गई, वही महिलाएँ दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन सरकारी तंत्र उन्हें फॉर्म तक नहीं दे पा रहा। “ऐसी योजना का क्या उपयोग, जिसमें प्रवेश-द्वार ही बंद हो?”

नाज़ ने कहा कि जिन महिलाओं ने किसी तरह फॉर्म भरे,उनमें से 65% महिलाओं को आज तक एक पैसे की भी राशि नहीं मिली। राफ़िया ने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं को झूठे आश्वासनों और खोखली तारीखों के सिवाय कुछ नहीं दिया,एक तरफ़ मैया सम्मान योजना की लॉलीपॉप और दूसरी तरफ़ सरकारी सहायता के सारे दरवाज़े बंद। “सरकार महिलाओं का पैसा रोककर बैठी है और आम जनता को सपना दिखा रही है। यह शर्मनाक और निर्दयी सरकार है,”

राफ़िया नाज़ ने कहा कि सरकार और उसके अधिकारी मिलकर इस योजना को फर्जी आंकड़ों और पोस्टर बाज़ी के दम पर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि असल में योजना आधी से ज़्यादा जिलों में ठप पड़ी है, लेकिन सरकार झूठ को ही उपलब्धि बनाकर बेच रही है। “यह सरकार जनता को सत्य नहीं, सिर्फ़ प्रचार और भ्रम देती है। यह ‘सम्मान योजना’ नहीं—‘वोट योजना’ है,”

जेएससीसी सीजीएल पेपर लीक मामले में विनय साह की गिरफ्तारी कई गंभीर सवाल खड़े करती है…..बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएसएस सी, सीजीएल परीक्षा में हुए व्यापक भ्रष्टाचार मामले में विनय साह की गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि विनय साह की गिरफ्तारी कई गंभीर सवाल खड़ा करती है।

कहा कि जो काम झारखंड पुलिस, पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता और सरकार के दबाव में नहीं कर पाई, वह काम योगी आदित्यनाथ की यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने कर दिखाया।

मेरा पहला सवाल यह है कि आखिर विनय साह की गिरफ्तारी हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई के खत्म होने के बाद ही क्यों हुई? क्या हमारी राज्य पुलिस का खुफिया तंत्र इतना विफल है कि वह आरोपियों को एक साल से पकड़ नहीं पा रहा था?

कहा कि इस मामले का मुख्य अभियुक्त अनीश अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हमें सूत्रों के हवाले से पक्की सूचना मिली है कि पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता ने एक मोटी रकम लेकर अनीश की गिरफ्तारी को अब तक टाले रखा है, ताकि पेपर लीक से संबंधित सारे डिजिटल साक्ष्यों को धीरे-धीरे नष्ट किया जा सके।

कहा कि उनके पास यह भी पक्की सूचना है कि जिन छात्रों ने नेपाल, राँची, हजारीबाग, और राँची के मंत्री रेजिडेंसी, नियामतपुर व अन्य जगहों पर प्रश्नों के उत्तर रटे थे, राज्य की सीआईडी टीम उन सभी के स्वीकारोक्ति बयानों को सरकार और पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के दबाव में बदल रही है, ताकि कुछ सफेदपोशों को बचाया जा सके।

कहा कि एक गंभीर सवाल यह भी है कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि पेपर लीक की जांच कर रही सीआईडी की पूरी टीम को जांच के दौरान दो बार बदला गया? जिस पर न्यायालय ने सख्त आपत्ति भी जताई थी।

कहा कि सवाल यह भी उठता है कि आज तक पेपर लीक में संबंधित एजेंसी और आयोग के अधिकारियों से पूछताछ क्यों नहीं की गई? जबकि आयोग के सदस्यों ने शुरुआत में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छात्रों के सारे सबूतों को ‘एडिटेड’ बताया था।

कहा कि एक प्रसिद्ध राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट को देखा जाए, तो अभियुक्त विनय साह ने खुद स्वीकार किया है कि कैसे उसने परीक्षा से पहले रांची के एक होटल में रुककर इस पेपर लीक की साजिश रची और छात्रों को नेपाल ले जाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाए।

कहा कि उनके पास पुख्ता जानकारी है कि फरार अभियुक्त अनीश का सीधा संपर्क परीक्षा कराने वाली एजेंसी, आयोग के अधिकारियों और पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता से है।

कहा कि एक अंतिम और गंभीर सवाल आखिर ऐसी कौन सी बात है कि राज्य के मुख्यमंत्री जी का पूरा कुनबा इस पेपर लीक को मात्र धनउगाही बताने पर तुला हुआ है?

कहा कि राज्य के मुखिया से अनुरोध करता हूँ कि अभी भी वक्त है, अगर उनकी मंशा स्पष्ट है तो तत्काल इस पूरे पेपर लीक प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाए। साथ ही राज्य की सीआईडी टीम और उनके मुखिया से अनुरोध है कि इस पूरे मामले की जाँच बिना किसी भेदभाव के की जाए, क्योंकि याद रहे समय भी बदलता है और परिस्थितियां भी। अगर कुछ नहीं बदलता है तो वह है ‘सत्य’।

हम झारखंड के युवाओं को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार की इस लड़ाई में हमेशा बेरोजगार युवाओं के साथ खड़ी रहेगी।

अवैध डीजीपी अनुराग गुप्ता को बनाने के पीछे वसूली,तस्करी,अवैध उत्खनन,रंगदारी ,भयादोहन….. बाबूलाल मरांडी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले किया विरोध,फिर सस्पेंड, फिर सेवा विस्तार, और त्यागपत्र लेने की कहानी

अनुराग गुप्ता के कार्यकाल की जांच नहीं ,मतलब अवैध कमाई की हिस्सेदारी

मुख्यमंत्री को मुफ्त सलाह…अनुराग गुप्ता को बना लें सलाहकार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज फिर एकबार अवैध रूप से नियुक्त पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता को लेकर हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि पूर्व आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता को 2 वर्षों तक निलंबित रखने,फिर उन्हें डीजीपी बनाने, रिटायरमेंट के बाद भी सेवा विस्तार देने और अंत में इस्तीफा लेने के पीछे के रहस्य को राज्य की जनता जानना चाहती है।आखिर इसके पीछे कारण क्या है?

उन्होंने कहा कि आज तक जो बातें सामने आ रही है उसके पीछे अवैध वसूली,तस्करी,अवैध उत्खनन,रंगदारी और भयादोहन है।

कहा कि अनुराग गुप्ता ने मुख्यमंत्री के संरक्षण में वसूली केलिए इंस्पेक्टर गणेश सिंह,सिपाही रंजीत राणा,बिचौलिया मनोज गुप्ता, हरियाणा के किशन जी जैसे लोगों को कलैक्टर बहाल किया था।और ये इतने प्रभावी हो गए हैं कि इन लोगों पर भी आजतक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। हेमंत सरकार भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों की संरक्षक बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने शराब घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से आगाह किया था लेकिन मुख्यमंत्री ने जानबूझकर अनसुना किया। और बाद में सीबीआई ने छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड पहुंच गई,वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे की गिरफ्तारी हुई।

कहा कि यहां भी राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया,90 दिनों तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर जमानत का रास्ता प्रशस्त किया। आज तक घोटाले से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई।

कहा कि हेमंत सरकार भ्रष्टाचार को रोकना नहीं चाहती।यदि ऐसा नहीं होता तो बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी कानून बनाते,अवैध संपत्ति जब्त की जाती।

कहा कि अवैध कफ सिरप को बढ़ावा देकर राज्य सरकार बच्चों के जान से भी खिलवाड़ करने में नहीं चुकी।जब गुजरात की टीम कार्रवाई करती है तो वही अवैध डीजीपी ने सीआईडी जांच कराने वीके बहाने अपराधियों को छोड़ने केलिए टेलीफोन किया।

कहा कि अवैध डीजीपी के कारनामे एक नहीं अनेक हैं।जब उन्हें सीआईडी,एसआईटी के डीजी से हटाया गया तो वे अपने ऑफिस से रातों रात कागजात हटाते रहे,,पेनड्राइव में सेव किया और सीएम को मामला उजागर करने केलिए धमका भी रहे।

कहा कि अवैध डीजीपी का कार्यालय लूट का अड्डा बना हुआ था,आज सूचना मिल रही है कि वे ।दिल्ली,हरियाणा से मुख्यमंत्री को धमका रहे हैं।

कहा कि आम तौर पर कुख्यात अपराधी को उसके गृह जिला से बाहर की जेलों में रखा जाता है लेकिन अनुराग गुप्ता ने सुजीत सिन्हा को पलामू की जेल में रखा, राजेश राम जैसे अपराधी की बैठकी अनुराग गुप्ता की गोपनीय शाखा में होती थी,मिलकर वसूली करते थे,झारखंड को लगातार लूट रहे थे।

कहा कि यह सब मुख्यमंत्री के संरक्षण में राज्य में पल बढ़ रहे भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के संरक्षण, पालन पोषण की सच्चाई है।

उन्होंने कहा कि इतना के बावजूद मुख्यमंत्री ने अबतक कोई जांच नहीं बैठाया। इसका सीधा अर्थ मामला लेन देन का है। मुख्यमंत्री को हिस्सेदारी नहीं मिलने की लड़ाई है अवैध डीजीपी का इस्तीफा।और जांच नहीं होना।

श्री मरांडी ने कहा कि राज्य के कुछ अधिकारी आज हेमंत सरकार के टूल किट बन रहे।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को कानून के आधार पर जनहित में कार्य करना चाहिए।नहीं तो जांच होने पर वे भी कभी मुश्किल में पड़ सकते हैं।

श्री मरांडी ने कहा कि भस्मासुर को वरदान देना महंगा पड़ता है। अच्छा होगा मुख्यमंत्री उन्हें अपना सलाहकार बना लें ताकि सुरक्षित रहें।

प्रेसवार्ता में सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह,प्रवक्ता प्रतुल शाह देव भी उपस्थित थे।

बिहार विधानसभा चुनाव में सुशासन,विकास और राष्ट्रवादी विचार की जीत…..बाबूलाल मरांडी

घाटशिला उपचुनाव सहानुभूति की जीत

बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय सहित सभी जिलों ,मंडलों में भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा उत्सव मनाया गया।

पार्टी प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ,कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू,प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह के साथ प्रदेश पदाधिकारीगण,रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पटाखे छोड़ कर और लड़ू बांट खुशियां मनाई,बधाई शुभकामनाएं दी। पूरा कार्यालय भारत माता की जय, के साथ गूंज उठा।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष को लड्डू खिलाकर बधाई शुभकामनाएं दी।

प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बिहार झारखंड के कार्यकर्ताओं को उनके कठिन परिश्रम केलिए तथा जनता को एनडीए पर प्रचंड भरोसा जताने केलिए आभार प्रकट किया, तथा ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा,गृह मंत्री अमित शाह ,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित एनडीए के नेताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

श्री मरांडी ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक जीत सुशासन की जीत है,सबका साथ, सबका विकास की,राष्ट्रवादी विचारों की जीत है।
कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए गठबंधन पर दिल खोलकर भरोसा जताया है। और यहीं भरोसा एनडीए की ताकत है।

कहा कि बिहार की जनता ने केवल विधानसभा चुनाव में बिहार को ही नहीं जिताया है बल्कि लोकतंत्र को मजबूत किया है और लोकतंत्र के विरोधियों को सबक सिखाया है।

उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम देश की राजनीति को नई दिशा देगा।

घाटशिला उपचुनाव परिणाम पर प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने क्षेत्र के मतदाताओं का आभार जताया और कहा कि यह जीत सहानुभूति की जीत है। हेमंत सरकार की नाकामियों पर सहानुभूति हावी रही।इस परिस्थिति में हुए उपचुनाव में ऐसा स्वाभाविक होता है।

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने कहा कि बिहार की जीत ने सुशासन विकास की राजनीति को गति प्रदान की है।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम ने तुष्टीकरण की राजनीति को नकारा है।

प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार की जनता जंगलराज ,लूट भ्रष्टाचार की सोच को दुबारा स्वीकार नहीं कर सकती। अब बिहार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नीतीश कुमार के साथ डबल इंजन की सरकार में तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हो चुका है।

प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने भी बिहार की जनता और एनडीए गठबंधन के कार्यकर्ताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

वरिष्ठ नेता एवं मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार की जीत ने इंडी गठबंधन के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार, सनातन पर हमला ,छठ पूजा के अपमान पर बड़ी चोट की है।

विधायक सीपी सिंह ने बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में विकास बनाम विनाश की सोच ही मुद्दा था।जनता ने सबका साथ, सबका विकास को प्रचंड बहुमत दिया है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडेय,पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी,प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, भानु प्रताप शाही,विकास प्रीतम,आरती कुजूर,प्रदेश मंत्री सरोज सिंह,सुनीता सिंह,कार्यालय मंत्री हेमंत दास सहित शिवपूजन पाठक,प्रतुल शाह देव,योगेंद्र प्रताप सिंह,अशोक बड़ाइक, पवन साहू,अमित मंडल ,सीमा सिंह,रविनाथ किशोर,रमेश सिंह,संदीप वर्मा, कमाल खान,लक्ष्मीचंद्र दीक्षित, गंगोत्री कुजूर,लक्ष्मी कुमारी,केके गुप्ता,अरुण झा,ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, बलराम सिंह, मनीष वैद्य,तारिक इमरान, रितेश तिवारी, संजय जायसवाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

भाजपा आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास उनके गौरव और सम्मान बढ़नेवाला केलिए संकल्पित और समर्पित है……बाबूलाल मरांडी

15 नवंबर झारखंड का ऐतिहासिक दिन
राज्य स्थापना दिवस,भगवान बिरसा जयंती, राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस का स्वर्णिम संयोग

प्रदेश भाजपा करेगी अनेक कार्यक्रम

  • श्रद्धांजलि के साथ होंगे रैली और सम्मेलन जैसे कार्यक्रम*

भारतीय जनता पार्टी,जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास करने के साथ उनके सम्मान ,गौरव को बढ़ाने केलिए संकल्पित और समर्पित है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज प्रेसवार्ता के दौरान ये बातें कही।

श्री मरांडी ने कहा बार बार भाजपा संगठन और भाजपा सरकारों ने इस भाव को धरातल पर उतारा है।झारखंड इस दृष्टि से अग्रणी है।

कहा कि आज विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती वर्षगांठ को राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस घोषित किया। यह बताता है कि झारखंड का जनजाति समाज,यहां की भाषा संस्कृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दिल में बसता है।

कहा कि यह जनजाति गौरव दिवस केवल जनजाति समाज का ही सम्मान नहीं बल्कि झारखंड के साढ़े तीन करोड़ जनता का सम्मान है।

इसके पूर्व भी भाजपा की सरकार ने ही श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में अलग झारखंड राज्य का सपना साकार किया।अलग राज्य गठन की तिथि भी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ही निर्धारित किया गया।इससे स्पष्ट है कि भाजपा की सरकार झारखंड के अमर बलिदानी महापुरुषों ,योद्धाओं की सोच के अनुरूप झारखंड राज्य का विकास चाहती है।जल ,जंगल,जमीन की सुरक्षा,भाषा संस्कृति,परंपरा का सम्मान चाहती है।

कहा कि अटल जी की सरकार ने ही केंद्र में अलग आदिवासी मंत्रालय बनाए।संथाली भाषा को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया।आज नरेंद्र मोदी जी की सरकार आदिवासी समाज के कल्याण केलिए अनेक योजनाएं चला रही।

कहा कि गरीब कल्याण केलिए चलाई जा रही योजनाओं में आदिवासी समाज की बड़ी आबादी लाभान्वित हो रही है।प्रधानमंत्री आवास,आयुष्मान योजना, उज्जवला योजना, गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ मिल रहा है।इसके अलावा जनजाति गांवों और समाज की उन्नति केलिए मोदी सरकार ने 24 हजार करोड़ पीएम जन मन योजना प्रारंभ की है।आज इस योजना का बजट बढ़ाकर 1लाख 24 हजार करोड़ कर दिया गया है।

कहा कि आदिवासी बच्चों की पढ़ाई केलिए एकलव्य आवासीय विद्यालय योजना का विस्तार किया है। 2014 से पूर्व 123 एकलव्य विद्यालय थे जो आज बढ़ाकर 715 कर दिए गए जिनमें 426 में पढ़ाई लिखाई चल रही है। यह विद्यालय नवोदय विद्यालय के तर्ज पर है जिसका बजट 2014 के बाद 278 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 6390 करोड़ रुपए कर दिए गए हैं।
आज एकलव्य विद्यालय ने एक लाख बत्तीस हजार बच्चे पढ़ रहे हैं।

कहा कि मोदी सरकार में झारखंड सहित पूरे देश के अनेक प्रतिभावान व्यक्तित्व को चुन चुन कर पद्म सम्मान से सम्मानित किया। झारखंड से भी कई लोग पद्मश्री सम्मान से सम्मानित हुए।

कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जहां अंतिम सांस ली उस परिसर और कक्ष को भव्य संग्रहालय के रूप में मोदी सरकार ने विकसित किया है।अंडमान निकोबार द्वीप समूह में एक द्वीप का झारखंड के अमर बलिदानी जनजाति सपूत शहीद अल्बर्ट के नाम पर द्वीप का नामकरण किया।आज झारखंड पूर्व में राज्यपाल रहीं श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी जिनका झारखंड से गहरा नाता है देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद महामहिम राष्ट्रपति पद को सुशोभित कर रही हैं। ये जनजाति समाज की पहली महिला राष्ट्रपति हैं। आज उड़ीसा और छत्तीसगढ़ राज्य में पार्टी ने आदिवासी समाज के नेता को मुख्यमंत्री बनाया है।

कहा कि झारखंड की रघुवर दास सरकार ने तो पहाड़िया जनजाति बटालियन का गठन कर हजारों आदिवासी परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा।

कहा कि कहा आज राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस को भाजपा प्रदेश भर में उत्सव के रूप में मनाएगी। जिसमें कई कार्यक्रम होंगे।14 और 15 नवंबर को पूरे प्रदेश में भगवान बिरसा मुंडा और जनजाति समाज के शहीद,महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई की जाएगी, और दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया जाएगा।सभी जिलों में शोभा यात्राएं,जनजातीय स्वाभिमान सम्मेलन होंगे।जिलों में संगोष्ठी होगी।

कहा कि 15 नवंबर को खूंटी में जनजाति रैली होगी जिसमें बड़ी संख्या में जनजाति समाज के लोग शामिल होंगे।

प्रेसवार्ता में कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद समीर उरांव, प्रदेश जनजाति मोर्चा अध्यक्ष पूर्व विधायक शिवशंकर उरांव, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह उपस्थित थे।

झारखंड में एक आईएफएस के जिम्मे वन विभाग का आधा बजट,दूसरी ओर आठ आईएफएस वेटिंग फॉर पोस्टिंग में…..बाबूलाल मरांडी

एक पद के नाते खुद खर्च करते और दूसरे पद से सुपरविजन भी

झारखंड सरकार में रोज नए नए कारनामों का रिकॉर्ड बन रहा। सारे नियम कानून तख्त पर रख दिए गए हैं। आज प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा ये क्या हो रहा है..मुख्यमंत्री जी,एक तरफ आठ प्रशिक्षु IFS अधिकारी वेटिंग फॉर पोस्टिंग में हैं, और एक अधिकारी पांच महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान हैं।

कहा कि धनबाद के डीसी आदित्य रंजन के दो पद संभालने के तर्ज पर वन विभाग में भी एक IFS अधिकारी सबा आलम अंसारी जमशेदपुर, सरायकेला और दलमा में डीएफओ एवं जमशेदपुर और चाईबासा के सीएफ जैसे पांच महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। अंसारी तीन डीएफओ और दो सीएफ का पद अकेले संभाल रहे हैं।

कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि डीएफओ के तौर पर राशि खुद खर्च कर रहे और खर्च की गई राशि का सुपरविजन सीएफ के तौर पर खुद ही कर रहे हैं… जैसे चारा घोटाले में अधिकारियों ने किया था।

कहा कि 2011 बैच के अधिकारी सबा आलम अंसारी द्वारा जानबूझकर प्रमोशन नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण सरकार द्वारा आठ प्रशिक्षु IFS अधिकारियों की पोस्टिंग लंबित रखा गया है।

कहा कि यह संयोग है या “ जितना बड़ा दुराचारी-उतना बड़ा अधिकारी” का एक और नमूना? क्योंकि सरकार इन्हें सिर्फ पांच पदों पर ही विराजमान नहीं रखे हुए है… बल्कि राज्य भर के वन विभाग का लगभग आधा फंड इनके अधिकार क्षेत्र में दिया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों की पोस्टिंग में ढोंग और पद संरक्षण की मिसाल पेश कर रही हेमंत सरकार…..बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में प्रशासनिक अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग में नियम विरुद्ध और मनमानी करने का आरोप लगाया है।

श्री मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन के कार्यकाल में जिले का एसपी बदलने से बचाने के लिए पूरे आईपीएस बैच का प्रमोशन रोकना राज्य की जनता देख चुकी है। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एक अवैध-लुटेरे डीजीपी को बचाने के लिए डीएसपी का आईपीएस में प्रमोशन तक रोकने की मिसाल भी हेमंत सरकार में ही देखने को मिली। लेकिन अब तो सीमाएं और आगे बढ़ चुकी हैं।

कहा कि डीएमएफ टी घोटाले में चर्चित आईएएस अधिकारी आदित्य रंजन फिलहाल धनबाद के डीसी हैं। हैरानी की बात यह है कि तबादला हो जाने के बावजूद पिछले पाँच महीनों से वे आईटी निदेशक के पद पर भी जमे हुए हैं।
कहा कि सवाल यह है कि यह व्यवस्था आखिर किस आधार पर चल रही है? एक ही समय पर धनबाद और रॉंची के दो पदों पर टिके रहने का औचित्य क्या है? क्या यह इतनी असाधारण प्रतिभा रखते हैं कि रांची में बैठे तमाम अधिकारी आईटी निदेशक बनने योग्य ही नहीं हैं? या फिर आपकी नीति “जितना बड़ा दुराचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी” का ये एक और उदाहरण हमारे सामने है?

कहा कि अगर वास्तव में यही स्थिति है कि राजधानी में इस पद के लिये दूसरे कोई योग्य अधिकारी ही नहीं हैं, तो उन अधिकारियों को कुर्सी तोड़ने के लिए बैठाए रखने की बजाय उन्हें नौकरी से निकाल बाहर करिये।

कहा कि राज्य को प्रशासनिक ढोंग और पद संरक्षण की राजनीति नहीं, पारदर्शिता और जवाबदेही की ज़रूरत है।

अवैध डीजीपी रहे अनुराग गुप्ता के पूरे कार्यकाल की जांच कराने की हिम्मत दिखाएं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन – बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी,अनुराग गुप्ता जैसा भ्रष्ट डीजीपी झारखंड बनने के बाद राज्य में कभी बना ही नहीं था।” सोशल मीडिया पर घूम रहा ये वीडियो न्यूज़ किसी विरोधी दल के नेता का नहीं, बल्कि आपके साथ सरकार में शामिल प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री का है, जो अवैध डीजीपी अनुराग गुप्ता को पद से हटाने के कई दिनों पहले का है।

कहा कि यह तो एक सैम्पल है। जब सत्ताधारी दल का व्यक्ति भी किसी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के इतने गंभीर आरोप लगा रहा है, तो ये सहज समझा जा सकता है कि उसने कैसे और कितने एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचार और अपराध किये होंगे?

कहा कि सुना तो यह भी जा रहा है कि जिस अवैध डीजीपी को आपने भस्मासुर बनने का आशीर्वाद दिया था, उसने आपको ही जलाने के इंतजाम करने का काम फिर से शुरू कर दिया है।

कहा कि भले ही आप थोड़े देर के लिए बच गए हैं, लेकिन जनता अभी भी आपके कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। ऐसा लगता है आपने सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे का फॉर्मूला अख्तियार किया है।

कहा कि मुख्यमंत्री जी,जनता बहुत समझदार होती है। लगातार मेरे द्वारा अवैध डीजीपी के खिलाफ आवाज उठाने पर भी आपके ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। सदन से सड़क तक आवाज उठाई गई लेकिन आप अपनी जिद्द पर अड़े रहे। मामला न्यायालय तक गया लेकिन आप अपने हठ पर डटे रहे। और जब आपका पाला पोसा हुआ ये अपराधी प्रवृत्ति का आदमी अंदर-अंदर आपका ही कब्र खोदने लगा तो आपकी नींद खुली है।

कहा कि मुख्यमंत्री जी, ऐसे तो नदी में बहुत पानी बह चुका है लेकिन थोड़ी बहुत अगर पद की गरिमा और साख की चिंता आपको है तो अवैध डीजीपी रहे अनुराग गुप्ता के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराने की हिम्मत दिखाइए। जनता आपसे यह चाहती है। जिस अवैध डीजीपी को इस्तीफा देने की नौबत आ गई उसे आप इतनी आसानी से भय मुक्त आख़िर कैसे कर देंगे?

कहा कि झारखंड की ब्यूरोक्रेसी में अच्छे अफसर भी भरे पड़े हैं। इनसबों के बीच इस बात की चर्चा है कि झारखंड में राज्य सेवा से लेकर कई आईएएस अफसर भ्रष्टाचार के लिये जेल की हवा खा चुके हैं, लेकिन एक भी भ्रष्टाचारी आईपीएस या पुलिस अफसर पर न तो कार्रवाई हुई न ही कोई जेल गया। जबकि अगर ठीक से जॉंच हो जाय तो उजागर हो जायेगा कि कुछ पुलिस अफ़सरों ने राज्य में भ्रष्टाचार का कैसा-कैसा कीर्तिमान बना रखा है?

कहा कि जांच बैठाइए मुख्यमंत्री जी, नहीं तो मेरी बात लिखकर रख लीजिये कि ऐसे और कई लोग आपके इर्द-गिर्द अभी भी घूम रहे हैं, जो आपको बराबर डर दिखाते रहेंगे और आगे ब्लैकमेल करेंगे आपको। हेमंत जी एकबार हिम्मत दिखाइए।

दागी,अपराधी और अवैध डीजीपी अनुराग गुप्ता के हटाए जाने पर बोले प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी

देर से ही लेकिन उनके सुझाव पर अमल किया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने…..बाबूलाल मरांडी

ज्यादा राज नहीं खुले ,इसलिए अनुराग गुप्ता को कोई सम्मानजनक पद दे दें मुख्यमंत्री

अपनी सरकार की स्थापित नीति..जितना बड़ा दुराचारी,उतना बड़ा पदाधिकारी का अनुसरण करें मुख्यमंत्री

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अवैध डीजीपी अनुराग गुप्ता का इस्तीफा स्वीकार कर नए कार्यकारी डीजीपी नियुक्त किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी,देर से ही सही, लेकिन अंततः उन्होंने हमारे सुझाव पर अमल किया और झारखंड के दागी, विवादास्पद एवं अपराधी क़िस्म के रिटायर्ड अवैध डीजीपी अनुराग गुप्ता का इस्तीफ़ा लेकर उन्हें हटाया। इसके लिये आपको धन्यवाद।

कहा कि भगवान का शुक्र है कि इन्हें आपने बाहर का रास्ता दिखाया वरना आगे आपको और झारखंड के लोगों को क्या-क्या देखने सुनने और झेलने पड़ते?

कहा कि विपक्ष के रूप में हमने न सिर्फ़ आपकी सरकार की अवैध नियुक्तियों और मनमानी पर सवाल उठाए, बल्कि यह भी स्पष्ट कहा था कि राज्य के डीजीपी पद पर बैठे अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पूरी तरह असंवैधानिक और अवैध है। हमने बार-बार आपको आगाह किया कि इस पर शीघ्र कार्रवाई करें। अब जाकर आपकी नींद टूटी और आपने मजबूरन अनुराग गुप्ता से इस्तीफ़ा मांग ही लिया।

कहा कि अब आप एक और मुफ़्त सलाह मान लीजिए,आपकी सरकार की नीति तो शुरू से ही रही है — “जितना बड़ा दुराचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी।”
तो उसी परंपरा को बनाए रखते हुए, अनुराग गुप्ता जी को किसी और “सम्मानित” पद से तुरंत नवाज़ दीजिए। इससे आप दोनों के हित भी सुरक्षित रहेंगे और आपके बीच के सारे “राज़ भी राज़” ही बने रहेंगे।
क्योंकि कहीं ऐसा न हो कि आदतन ये व्यक्ति “घर का भेदी-लंका ढ़ाहे” के तर्ज़ पर आपकी लंका में आग लगाने का काम शुरू कर दे।

घाटशिला में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर तीखा प्रहार

हेमंत सरकार अबुआ सरकार नहीं, ठगुवा सरकार है…..बाबूलाल मरांडी

हेमंत सरकार ने 6 वर्षों से आदिवासियों, युवाओं और झारखंड को ठगा है :

6 वर्षों में विकास केलिए एक कदम नहीं चली है हेमंत सरकार

घाटशिला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने झारखंड को छह वर्षों में एक कदम आगे नहीं बढ़ाया, बल्कि 25 वर्ष पीछे धकेल दिया है। यह सरकार पूरी तरह आदिवासी विरोधी, विकास विरोधी और जनविरोधी है।

मरांडी ने कहा कि यह सरकार केवल नाम की “अबुआ सरकार” है, वास्तव में यह “ठगुवा सरकार” है जिसने झारखंड के युवाओं और आदिवासियों को ठगा है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर हमला “इलाज के नाम पर मौत परोसी जा रही है”

श्री मरांडी ने आरोप लगाया कि चाईबासा सदर अस्पताल में थैलसीमिया से पीड़ित पांच आदिवासी बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाया गया, जो राज्य सरकार की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का उदाहरण है।
मरांडी ने कहा कि इलाज के नाम पर मौत परोसी जा रही है, लेकिन सरकार ने केवल कुछ लोगों को निलंबित कर मामले को दबाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मौन साधे बैठे हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री विपक्ष पर दोष मढ़ने में लगे हैं।

आदिवासी विरोधी सरकार, हत्या, जमीन लूट और महिला असुरक्षा चरम पर

श्री मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार की शुरुआत ही आदिवासियों की हत्या से हुई। 2020 में चाईबासा में सात आदिवासियों की हत्या हुई थी और इसी वर्ष सिद्धू-कान्हू के वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्या हुई, जो इस सरकार की असफलता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण में माफिया और घुसपैठिए आदिवासियों की जमीन लूट रहे हैं, महिलाएं असुरक्षित हैं, जबकि पेंशन, छात्रवृत्ति और रोजगार योजनाएं ठप हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पेसा कानून लागू न करके सरकार ने आदिवासियों के अधिकारों का गला घोंटा है।

लूट, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था चरम पर

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में ब्लॉक और थाना स्तर पर केवल वसूली हो रही है, जनता परेशान है और विकास के सारे कार्य ठप हैं।

उन्होंने कहाकि हेमंत सरकार जनता के हितों की जगह लूट और भ्रष्टाचार में व्यस्त है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है, अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है।

उन्होंने जनता से अपील की कि भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को विजयी बनाएं, ताकि झारखंड को लूट और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिल सके।

घुसपैठ पर गंभीर आरोप “राज्य की डेमोग्राफी बदलने की साजिश”

श्री मरांडी ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर ग्रामीण इलाकों में वोट बैंक तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार अपने राजनीतिक लाभ के लिए झारखंड की सामाजिक संरचना बदलने का षड्यंत्र कर रही है।

उन्होंने कहा कि घाटशिला जैसे आरक्षित क्षेत्र में मुस्लिम आबादी की वृद्धि दर पाँच वर्षों में 29.4 प्रतिशत रही है, जबकि सामान्य वर्ग की केवल 3 प्रतिशत कि यह एक सुनियोजित साजिश है।

उन्होंने बताया कि हेंदलजोरी पंचायत में 174 मुस्लिम महिलाओं को मंईयां योजना निधि की राशि दी गई, जबकि उस पंचायत में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है।

श्री मरांडी ने कहा कि सरकार घुसपैठियों को राशन कार्ड, आधार कार्ड और योजनाओं का लाभ दिला रही है। यह झारखंड की अस्मिता और सम्मान पर हमला है।

अब जनता को हेमंत सरकार पर वोट से चोट देना होगा

श्री मरांडी ने कहा कि अगर अब भी जनता ने इस सरकार को सबक नहीं सिखाया तो यह सरकार झारखंड की अस्मिता और सम्मान को बेच देगी।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा और एनडीए ही झारखंड को भ्रष्टाचार, माफियाओं और घुसपैठियों से मुक्त करा सकते हैं।

इस अवसर पर चुनाव प्रभारी अभय सिंह, जिलाध्यक्ष चंडीचरण साव, अशोक बड़ाईक, सुजन मन्ना सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सूचना अधिकार कानून की दुहाई देने वालों ने झारखंड में सूचना आयोग को साढे 5 वर्षों से पंगु बना दिया-प्रतुल शाह देव

कांग्रेस को पारदर्शिता की बात करने से पहले अपने शासनकाल के भ्रष्टाचार का आईना देखना चाहिए – प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के द्वारा सूचना अधिकार कानून के 20 वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेस वार्ता पर पलटवार किया। प्रतुल ने कि सूचना अधिकार कानून पर लंबा चौड़ा उपदेश देने से पहले उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर झारखंड में उनकी सरकार ने सूचना आयोग को पिछले साढे पांच वर्षों से क्यों पंगु बना दिया है? प्रतुल ने कहा की पिछले साढे 5 वर्षों से मुख्य सूचना आयुक्त सहित अन्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं की है।सूचना आयोग निष्क्रिय हो गया है।कांग्रेस के सहयोग से चल रही हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि सूचना आयोग के सक्रिय होने से भ्रष्टाचार की और खबरें सामने आती जिसे यह सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करती। प्रतुल ने कहा कि इस से हास्यास्पद स्थिति क्या हो सकती है की सूचना अधिकार की बीसवीं जयंती पर आयोजित प्रेस वार्ता करने वाले ने यह नहीं बताया की झारखंड में उन्होंने इस कानून को क्यों दफन कर दिया है?

प्रतुल शाह देव ने कहा कि कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि सूचना का अधिकार (RTI) लागू जरूर हुआ था, लेकिन यूपीए शासन में इसका सबसे ज्यादा दुरुपयोग और दमन हुआ।जब जब जनता ने आरटीआई के जरिए विभिन्न घोटालों, सोनिया गांधी के विदेशी ट्रस्ट, कांग्रेस और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच में हुए डील, नेशनल हेराल्ड घोटाले की जानकारी मांगी तब कांग्रेस के नेताओं ने अदालत में जाकर सूचना रोकने के लिए आवेदन दिए थे। यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र है। प्रतुल ने कहा कि व्हिस्ल ब्लोअर एक्ट कांग्रेस ने पारित किया जरूर, पर उसे 2014 तक लागू नहीं किया क्योंकि कांग्रेस पारदर्शिता से डरती थी।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही पर बोलने का नैतिक अधिकार कांग्रेस ने बहुत पहले खो दिया है।जिस पार्टी के शासनकाल में 2G, जीजाजी, कोयला, कॉमनवेल्थ, नेशनल हेराल्ड जैसे घोटालों से देश शर्मसार हुआ, वह आज पारदर्शिता पर उपदेश दे रही है — यह अपने आप में सबसे बड़ा मज़ाक है।

प्रतुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम गवर्नमेंट का युग देखा है। आज जनता को आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल, डिजिटल इंडिया, डीबीटी, ई गवर्नेंस, पब्लिक ग्रीवेंस जैसे प्लेटफार्मों से सीधे सरकार तक पहुंच मिली है। पहले कांग्रेस के शासन में फाइलें तिजोरी में बंद रहती थीं, आज मोदी सरकार में हर फाइल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जनता की नज़र के सामने है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शासन प्रणाली को जनभागीदारी और जवाबदेही पर आधारित बनाया है। DBT से 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक राशि सीधे गरीबों के खातों में गई, जिससे बिचौलियों की पूरी व्यवस्था खत्म हुई — यह वही पारदर्शिता है जिससे कांग्रेस हमेशा डरती रही।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फिर किया युवाओं के साथ विश्वासघात….. बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएससीसी द्वारा आयोजित होने वाले झारखंड विशिष्ट एवं तकनीकी योग्यताधारी प्रतियोगिता परीक्षा को अचानक रद्द किए जाने को युवाओं के साथ राज्य सरकार का विश्वासघात बताया।

श्री मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन जी ने युवाओं के साथ फिर वही किया, जो अब तक करते आए हैं – विश्वासघात!

कहा कि आज झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की झारखंड तकनीकी/ विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित होनी थी, लेकिन कल अचानक से तकनीकी खामियों का हवाला देकर परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर दी।

कहा कि क्या हेमंत जी के दिल्ली में होने की वजह से तकनीकी सेटिंग ढंग से नहीं हो पाई या वास्तव में कोई समस्या उत्पन्न हुई? वजह जो भी इसमें आर्थिक और मानसिक नुकसान तो परीक्षा देने आए युवाओं को ही उठाना पड़ा..

कहा कि युवा पिछले 6 सालों से हेमंत सरकार के साज़िशों के कुचक्र में फंस चुका है। पेपर लीक कर युवाओं का करियर बर्बाद किया जा रहा है और फिर उन्हें ही आरोपी बताकर बेगुनाही का सबूत मंगा जा रहा है।

श्री मरांडी ने कहा कि तत्काल खामियों को दूर कर अतिशीघ्र पारदर्शी ढंग से परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित करें, साथ ही सभी अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र तक आने जाने का खर्च भी सरकार वहन करे।

मनोज और किशन साहब ने कोयला खदान से कांके रोड तक मचाई है धूम ……बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखण्ड सरकार के संरक्षण में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध कोयला कारोबार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

कहा कि मुंशी प्रेमचंद्र की “दो बैलों की कथा” की तरह रांची में अवैध कोयला व्यापारियों की कथा भी चर्चित हो रही है।

कहा कि राजधानी रांची के
मोरहाबादी इलाके में होटल के बाहर सड़कों पर अक्सर खड़ी रहने वाली मनोज बाबू की बीएमडब्ल्यू कार की लोगों के बीच खूब चर्चा है। चर्चा भी क्यों न हो, काली कमाई से काले रंग की कार, काली आंखों को खूब भाती है।

कहा कि होटल के भीतर करोड़ों के टर्नओवर वाले कारोबारी कतार में बैठकर चाय-कॉफी पीते रहते हैं। बाहर से देखने पर यह सब किसी कार्पोरेट मीटिंग जैसा लगता है, लेकिन हकीकत को जानने वाले कहते हैं कि यह कोयला कारोबार, रैक लोडिंग और रेट फिक्सिंग का असली ‘काला खेल’ है।

कहा कि खेल में खिलाड़ी तो होते ही हैं…लेकिन इस खेल के “खिलाड़ियों के खिलाड़ी” हैं- किशन जी और मनोज साहब।

कहा कि “एक से भले दो” का जीता जागता उदाहरण अब देखने को मिल रहा है। “मनोज और किशन की जोड़ी” कोयला खदानों से लेकर कांके रोड तक धूम मचाई हुई है।

कहा कि एक तरफ मनोज जिले-जिले में एजेंट तैनात करके करोड़ों की वसूली करा रहे हैं, तो दूसरी ओर किशन साहेब के लिए दिल्ली से लेकर झारखंड तक ‘हर तरह के इंतजाम’ करने का जिम्मा संभाले हुए हैं।

कहा जब इतना बड़ा जिम्मा किशन जी स्वयं अपने कंधे पर उठाए हैं तो उनके भी आवागमन का जिम्मा किसी को तो उठाना ही होगा, इसलिए फॉर्चूनर से चलने वाले किशन के सर्विसिंग बिल का इंतजाम भी ‘किसी जी’ ने अपने कंधे पर उठाया हुआ है। इसलिए यह निश्चित है दोनों में सहयोग और सहमति किसी बड़े राज्य के सत्ताधारी नेता की होगी ही।

कहा कि मुख्यमंत्री जी समाचार माध्यमों एवं अन्य सूत्रों से “गैंग्स ऑफ कोयला चोरों एवं इनके हिस्सेदार आकाओं” के काले कारनामों की जो जानकारी हम तक पहुंच रही है, वैसे ही आप तक भी इनके कारनामों की जानकारी पहुंच ही रही होगी ।

कहा कि इस गोरखधंधे में अगर आपकी हिस्सेदारी है तो फिर आपके लिये चुप्पी साधे रहने में ही भलाई है। पर इतना खयाल रखिये समय भले लगे लेकिन देर सबेर इस महाघोटाले और झारखंड की खनिज सम्पदा को लुटवाकर अपनी तिजोरी भरने वालों को उसके किये की सजा जरूर मिलेगी।

कहा अभी कोयला चोरों एवं उनके सरगनाओं की फिल्मी टाइप कहानी का स्क्रिप्ट देखते रहिये और थोड़ा इंतज़ार कीजिये।

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