प्रधानमंत्री जी राष्ट्रहित में दिन-रात कार्य कर रहे हैं, भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं – प्रतुल शाह देव
हेमंत सोरेन जब झारखंड की जनता के टैक्स के पैसे से असम, बंगाल और अन्य राज्यों की राजनीतिक यात्राएं करते हैं, तब क्या वह “राष्ट्रहित” होता है?
जो मुख्यमंत्री आदिवासी मूलवासी के गाढ़ी कमाई से 100 करोड़ का शीश महल बना रहे हो,उसकी पार्टी को प्रश्न करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के पत्र पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा लगता है झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रधानमंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ करना चाह रहा है। वैसे भी प्रधानमंत्री देश के अस्मिता और गौरव के प्रतीक होते हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की विदेश यात्राओं का उद्देश्य भारत के लिए निवेश, कूटनीतिक मजबूती, रोजगार और वैश्विक सम्मान सुनिश्चित करना है, जबकि हेमंत सरकार की यात्राओं का उद्देश्य केवल सत्ता बचाना और परिवारवादी राजनीति को मजबूत करना दिखाई देता है। प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद के लिए 100 करोड़ का शीश महल रूपी मुख्यमंत्री आवास बना रहे हैं। यह देश के सबसे महंगे और खर्चीले विलासिता के सुविधा से परिपूर्ण मुख्यमंत्री आवास में एक होगा।
प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री की बाहरी राज्यों की राजनीतिक यात्राओं का खर्च सरकारी खजाने से उठाया जा रहा। झारखंड की बदहाल कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, बिजली संकट और भ्रष्टाचार छोड़कर दूसरे राज्यों में राजनीति करना जनता के हित में है?प्रतुल ने जानना चाहा कि क्या मुख्यमंत्री जी ने कभी झारखंड के किसानों, युवाओं और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए उतनी गंभीरता दिखाई, जितनी विपक्षी गठबंधन की राजनीति के लिए दिखाते हैं?जब राज्य में विकास योजनाएं ठप हैं, निवेश भाग रहा है और अपराध चरम पर है, तब मुख्यमंत्री जी का लगातार राजनीतिक पर्यटन यात्राएं का क्या औचित्य है?
प्रतुल ने कहा कि झामुमो को यह समझना चाहिए कि राज्य के खजाने पर बोझ डालकर राजनीतिक यात्राएं करने वालों को राष्ट्रहित पर भाषण देने का नैतिक अधिकार नहीं है।

