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जमुआ विधायक के साथ राज्य के पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव द्वारा कार्यालय में किए गए अमर्यादित ,अहंकारी व्यवहार पर बोले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी

झारखंड में कतिपय मनबढू अधिकारियों का रवैया तानाशाह जैसा : बाबूलाल मरांडी

अधिकारी जनप्रतिनिधियों को भी समझ रहे ‘दरबारी’

मुख्यमंत्री लें संज्ञान, ऐसे अधिकारियों को बताएं औकात

जमुआ की भाजपा विधायक मंजू कुमारी द्वारा अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार से मुलाकात के दौरान उक्त अधिकारी के अहंकार पूर्ण रवैए पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने झारखंड में कुछ मनबढू अधिकारियों का रवैया तानाशाह जैसा बताया है।

श्री मरांडी ने एक्स पर लिखा है कि जो तस्वीर सामने आई है, वह सिर्फ एक तस्वीर नहीं… यह सत्ता पोषित घमंड और व्यवस्था की सड़ांध का जीता-जागता प्रमाण है। एक तरफ जनता द्वारा चुनी गई माननीय विधायक, और दूसरी तरफ एक विवादों में घिरे रहे अधिकारी… लेकिन व्यवहार ऐसा, मानो जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि कोई फरियादी सामने बैठा हो! क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही सम्मान है जनता के वोट का?

श्री मरांडी ने कहा कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री तक आम नागरिक को अपने पास बैठाकर सम्मान देते हैं, तो ये राज्य के अधिकारी किस घमंड में चूर हैं? जो अधिकारी विधायक की गरिमा नहीं समझता, वो आम जनता को क्या समझेगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।

श्री मरांडी ने कहा कि पथ निर्माण विभाग पहले ही भ्रष्टाचार के दागों से सना हुआ है… और अब उसके अधिकारी जनप्रतिनिधियों को भी ‘दरबारी’ समझने लगे हैं! अहंकार इतना कि शिष्टाचार भी भूल गए? ये तो और भी शर्मनाक है कि एक महिला विधायक के साथ भी ऐसा अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र का अपमान है।

श्री मरांडी ने मुख्यमंत्री से संज्ञान लेते हुए ऐसे ‘कमाऊ, बेलगाम और मनबढू’ अधिकारियों को उनकी औकात याद दिलाने की बात कही है।

श्री मरांडी ने कहा है कि मुख्यमंत्री उन्हें समझाइए कि वे जनता के सेवक हैं, शासक नहीं! अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साफ संदेश जाएगा कि झारखंड में ऐसे विवादास्पद तमाम अधिकारी ही असली सत्ता हैं और मुख्यमंत्री सहित दूसरे जनप्रतिनिधि सिर्फ नाम के हैं। व्यवस्था की गरिमा बचाने के लिये अनुशासन बनाये रखना बेहद ज़रूरी है।

कहा कि याद रखें अहंकार और भ्रष्टाचार का अंत हमेशा एक ही होता है…जेल, बेल और उम्रभर की बदनामी। फैसला हेमंत सोरेन जी को करना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों का सम्मान बचाना है या ऐसे ही घमंडी अधिकारियों को खुली छूट देनी है? एक दिन जब सीएम भी कभी सत्ता से बाहर होगें न तो ऐसे ही अधिकारी उन्हें भी औकात बताने में तनिक भी परहेज नहीं करेंगे। यह बात उन्हें याद रखनी चाहिए।

झारखंड में कुछ मनबढू अधिकारियों का रवैया तानाशाह जैसा : बाबूलाल मरांडी

जमुआ विधायक के साथ पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव के अहंकार पूर्ण रवैए पर बाबूलाल मरांडी ने जताया कड़ा एतराज

कहा

पथ निर्माण विभाग भ्रष्टाचार के दागों से सना हुआ और अब उसके अधिकारी जनप्रतिनिधियों को भी समझ रहे ‘दरबारी’

मुख्यमंत्री लें संज्ञान, ऐसे अधिकारियों को बताएं औकात

जमुआ की भाजपा विधायक मंजू कुमारी द्वारा अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार से मुलाकात के दौरान उक्त अधिकारी के अहंकार पूर्ण रवैए पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने झारखंड में कुछ मनबढू अधिकारियों का रवैया तानाशाह जैसा बताया है। श्री मरांडी ने एक्स पर लिखा है कि जो तस्वीर सामने आई है, वह सिर्फ एक तस्वीर नहीं… यह सत्ता पोषित घमंड और व्यवस्था की सड़ांध का जीता-जागता प्रमाण है। एक तरफ जनता द्वारा चुनी गई माननीय विधायक, और दूसरी तरफ एक विवादों में घिरे रहे अधिकारी… लेकिन व्यवहार ऐसा, मानो जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि कोई फरियादी सामने बैठा हो! क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही सम्मान है जनता के वोट का?

श्री मरांडी ने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री तक आम नागरिक को अपने पास बैठाकर सम्मान देते हैं, तो ये राज्य के अधिकारी किस घमंड में चूर हैं? जो अधिकारी विधायक की गरिमा नहीं समझता, वो आम जनता को क्या समझेगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।

श्री मरांडी ने कहा कि पथ निर्माण विभाग पहले ही भ्रष्टाचार के दागों से सना हुआ है… और अब उसके अधिकारी जनप्रतिनिधियों को भी ‘दरबारी’ समझने लगे हैं! अहंकार इतना कि शिष्टाचार भी भूल गए? ये तो और भी शर्मनाक है कि एक महिला विधायक के साथ भी ऐसा अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र का अपमान है।

श्री मरांडी ने मुख्यमंत्री से संज्ञान लेते हुए ऐसे ‘कमाऊ, बेलगाम और मनबढू’ अधिकारियों को उनकी औकात याद दिलाने की बात कही है। मुख्यमंत्री से श्री मरांडी ने कहा है कि आप उन्हें समझाइए कि वे जनता के सेवक हैं, शासक नहीं! अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साफ संदेश जाएगा कि झारखंड में ऐसे विवादास्पद तमाम अधिकारी ही असली सत्ता हैं और आप या दूसरे जनप्रतिनिधि सिर्फ नाम के हैं। व्यवस्था की गरिमा बचाने के लिये अनुशासन बनाये रखना बेहद ज़रूरी है। याद रखिए, अहंकार और भ्रष्टाचार का अंत हमेशा एक ही होता है…जेल, बेल और उम्रभर की बदनामी। फैसला आपको करना है हेमंत जी, कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों का सम्मान बचाना है या ऐसे ही घमंडी अधिकारियों को खुली छूट देनी है? वो दिन दूर नहीं जब आप भी कभी सत्ता से बाहर होगें न तो ऐसे ही अधिकारी आपको भी औकात बताने में तनिक भी परहेज नहीं करेंगे। यह बात आपको याद रखनी चाहिए।

झारखंड ट्रेज़री घोटाला “चारा घोटाला पार्ट 2”: अजय साह

झारखंड ट्रेज़री घोटाले के पीछे कौन से सफेदपोश? : भाजपा

ट्रेजरी घोटाला- न्यायिक जाँच से होंगे कई सफेदपोश बेनक़ाब: अजय साह

भारतीय जनता पार्टी ने बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, तो कई प्रभावशाली और सफेदपोश चेहरों का पर्दाफाश होना तय है।

अजय साह ने आरोप लगाया कि यह ट्रेजरी घोटाला जितना साधारण दिखाया जा रहा है, वास्तविकता में उतना ही जटिल और संगठित है। उन्होंने कहा कि बोकारो में गिरफ्तार कौशल पांडे लंबे समय तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का करीबी रहा है। यही कारण है कि उसे पूर्व डीजीपी द्वारा “मेहनत और लगन” के लिए सम्मानित भी किया गया था। ऐसे में यह मानना कठिन है कि एक लेखपाल अकेले 25 महीनों में 63 बार अवैध निकासी कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीडीओ की जिम्मेदारी जिला स्तर पर एसपी की होती है, जो यह अधिकार डीएपी को सौंपते हैं। इसलिए इस पूरे मामले में संबंधित डीएपी और एसपी की भूमिका की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि उपेंद्र सिंह के जन्मतिथि में हेरफेर जैसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ की क्षमता मौजूद थी, लेकिन उपेंद्र सिंह के नाम पर अनु पांडे के खाते में सालों तक अवैध धन हस्तांतरण होना एक बड़े और संगठित रैकेट की ओर संकेत करता है।

अजय साह ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी भाजपा ने बड़े स्तर की संलिप्तता की आशंका जताई थी, जिसे बाद में ईडी-रांची पुलिस प्रकरण ने सही साबित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान ट्रेजरी घोटाले में कौशल पांडे की भूमिका भी उसी तरह की है और बिना उच्च पुलिस अधिकारियों के संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि अब तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार केवल दो जिलों में ही यह घोटाला लगभग 20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यदि पूरे झारखंड में इसकी व्यापक जांच कराई जाए, तो यह घोटाला राज्य के कुख्यात चारा घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस विभाग से जुड़े इस महाघोटाले की जांच केवल पुलिस के माध्यम से कराना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। इसलिए पार्टी ने इस मामले की न्यायिक जांच या सीबीआई से जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

अजय साह ने यह भी कहा कि ट्रेजरी से अवैध निकासी का यह पहला मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में इससे पहले भी ऊर्जा विभाग से लगभग 100 करोड़, पर्यटन विभाग से 10 करोड़ और पेयजल विभाग से 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन घोटालों को कैग की रिपोर्ट में उजागर किया गया है, लेकिन सरकार अभी भी डीएमएफटी और शराब घोटाले से संबंधित फाइलें कैग को उपलब्ध नहीं करा रही है। यदि इन फाइलों को कैग को उपलब्ध कराया जाए, तो हजारों करोड़ रुपये के और भी घोटालों का खुलासा हो सकता है।

सत्ता केलिए सांप्रदायिक उन्माद, हिंसा की भाषा बोलना कांग्रेस के डीएनए में…आदित्य साहू

देश का विभाजन भी किया स्वीकार

आरएसएस को मिटाने की सोच रखने वाली कांग्रेस खुद मिट गई

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खगड़े के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने मुस्लिम समुदाय को भड़काते हुए भाजपा और आर एसएस को विषैला सांप बताया है और नमाज पढ़ने वक्त भी अगर भाजपा आरएसएस के लोग सामने से गुजरे तो नमाज छोड़कर इन संगठनों के लोगों को मारने की बात कही है।

श्री साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्ता के बिना मछली की तरह तड़प रही है। राजशाही सोच वाली यह पार्टी सत्ता को अपनी जागीर समझती है , लोकतंत्र के फैसले को कांग्रेस पार्टी कभी पचा नहीं पाती।

कहा कि सत्ता केलिए हिंसा, नफरत फैलाना कांग्रेस पार्टी के डीएनए में शामिल है। इनका इतिहास इनके काले कारनामों से भरे पड़े हैं।

कहा कि आजादी की लड़ाई में सत्ता केलिए इसी कांग्रेस पार्टी ने साम्प्रदायिक उन्माद खड़ा किए, तुष्टीकरण के आधार पर देश का विभाजन स्वीकार किया,हिंदू मुस्लिम के नाम पर दंगे भड़काकर लाखों देश वासियों की हत्या करवाई, करोड़ों लोगों को रिफ्यूजी बनने को मजबूर किया।

कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने तो सत्ता केलिए आपातकाल लगा कर लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की। और बाद में उनकी हत्या का साम्प्रदायिक रंग देते हुए हजारों सिखों की हत्या करवाई, दर दर भटकने को मजबूर किया। बड़ा पेड़ गिरता है तो पृथ्वी हिलती है,ये भाषा इसी कांग्रेस की है।

कहा कि शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलना,एक पीड़ित महिला का वोट बैंक केलिए हक अधिकार छीन लेना ये कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है।

कहा कि भगवा आतंकवाद की भाषा बोलने वाली कांग्रेस देश में आतंकवादियों का महिमामंडन करती है, हिन्दू देवी देवताओं का अपमान करती है, राम के अस्तित्व को नकार देती है।लेकिन कांग्रेस को शायद अहसास हो जाना चाहिए कि वह जितना हिंदू समाज को गाली देती गई ,नफरत और हिंसा की भाषा बोलती है उतना जनता की नजरों से गिरती गई।

कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को मिटाने की बात करने वाली कांग्रेस अब खुद मिटने की कगार पर है। राष्ट्र की सेवा में समर्पित करोड़ों स्वयंसेवक मां भारती की सेवा में समर्पित हैं। अपने शताब्दी वर्ष में भारत को सशक्त भारत समर्थ भारत स्वाभिमानी भारत आत्म निर्भर भारत बनाने की दिशा में बढ़ चुके हैं।

श्री साहू ने कांग्रेस पार्टी से जनता के सामने अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की।

*केंद्र सरकार ने झारखंड के 4342 पंचायत को दिए 2254 करोड,

प्रत्येक पंचायत को मिलेंगे 52 लाख रुपए*

प्रदेश भाजपा ने केंद्र सरकार का जताया आभार।

केन्द्र द्वारा भेजे गए पंचायतों के पैसे में नहीं हो कट कमीशन….भानु प्रताप शाही

राशि खर्च करने में बरती जाय पूरी पारदर्शिता, भ्रष्टाचार होने पर पार्टी करेगी आंदोलन

भाजपा ने प्रदेश भर के मुखिया, वार्ड पार्षद, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख, जिला परिषद के सदस्य, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से किया आग्रह, अपनी निगरानी और देख रेख में खर्च कराएं राशि

भाजपा ने केन्द्र सरकार द्वारा पंचायतों के विकास के लिए राज्य को भेजी गई 2254 करोड रुपए केलिए केंद्र सरकार का आभार प्रकट किया।

प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने आज प्रेसवार्ता कर राशि खर्च करने में झारखंड सरकार को पूरी पारदर्शिता बरतने की चेतावनी दी है। इसी मुद्दे पर पार्टी कार्यालय में प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गांव पंचायत के विकास के लिए 2254 करोड रुपए झारखंड को देने का काम किया है। झारखंड निर्माण के बाद इतनी बड़ी राशि एकमुश्त कभी भी ग्रामीण विकास के लिए नहीं मिली। इतनी बड़ी जो राशि प्राप्त हुई है वह देश के प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच, पंचायतों के माध्यम से गांवों के विकास, अटल बिहारी वाजपेई जी के सपनों का झारखंड निर्माण करने के लिए भेजा गया है। अटल जी के सपनों का झारखंड के निर्माण के लिए नरेन्द्र मोदी ने अनवरत झारखंड के गांवों के विकास की चिंता की है। लेकिन दुख इस बात का है कि राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को धन्यवाद देना भी उचित नहीं समझा। हां, मुख्यमंत्री हर सत्र में केन्द्र सरकार द्वारा पैसा नहीं देने का झुठा रोना जरूर रोते रहते हैं।

श्री शाही ने कहा कि 4342 पंचायत में प्रत्येक पंचायत में लगभग 52 लाख रुपए जो भेजे गए हैं, इन पैसों का सकारात्मक रूप से गांव के विकास के लिए खर्च होनी चाहिए। हेमंत सरकार के पिछले 6 साल के कार्यकाल को देखते हुए हमारी पार्टी और राज्य की जनता के मन में भय व आशंका है कि कहीं यह राशि भी अन्य योजनाओं की तरह भ्रष्टाचार यानि कट कमीशन की भेंट नहीं चढ़ जाय। हेमंत जी की सरकार सीसी यानि कट कमीशन वाली है। कहीं यह सरकार इस वित्त वाली पैसों में भी कट कमीशन तो नहीं सोच रही है। और इस कट कमीशन सरकार में जो एमबीए लोग हैं यानि मंत्री, बिचौलिया और अधिकारी का जो गठजोड़ है, हम लोगों के मन में यह आशंका है कि ये लोग राज्य की विकास, गांव के विकास की योजना पर भी तो नजर गड़ाकर नहीं बैठे हैं। कट कमीशन के चक्कर में कहीं गांव का विकास ठहर न जाए रुक ना जाए।
श्री शाही ने कहा कि भाजपा की पैनी नजर मोदी जी के द्वारा गांव, पंचायत के विकास के भेजे गए पैसे पर है। इसमें टाईड और अनटाईड जो दो ग्रांट का फंड की राशि का खर्च सुमचित देख रेख में पीसीसी सड़क, नाली, स्कूल, आंगनबाडी, अस्पताल, पंचायत भवन यानि जो भी गांव की बुनियादी आवश्यकता हो उस पर खर्च किया जाए। पंचायत के कार्यकारिणी, पंचायत समिति, जिला परिषद को इसका अधिकार मिले। अमूमन राज्य सरकार जब नियम बनाती है तो अपनी मनमानी और कट कमीशन के लिए टाईड और अनटाईड फंड को खर्च करने लिए इसे कई नियमों में इसे बंाध देती है। इसलिए इस बार हमारी पार्टी चाहती है कि इस फंड को खर्च करने में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए।
श्री शाही ने कहा कि केंद्र की जो योजनाओं को राज्य में जान बूझकर लटकाया और अटकाया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में झारखंड सरकार लगभग 30000 करोड रुपए खर्च नहीं कर सकी, यह सरकार की बड़ी नाकामी है। प्रधानमंत्री द्वारा 248000 पीएम आवास योजना झारखंड दिया गया। इसकी प्रगति कछुआ गति से चल रही है। राज्य सरकार ने 8 लाख अबुआ आवास बनाने का निर्णय लिया था। दुख की बात है कि राज्य सरकार एक भी आवास पूरा नहीं कर सकी। जो जानकारी मिल रही है अबुआ आवास की सूची को पीएम आवास में समाहित करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। इसी रवैये से झारखंड सरकार के द्वारा केन्द्र सरकार की योजनाओं के साथ अपनी ब्राडिंग करने की शंका होना स्वाभाविक है।।
श्री शाही ने कहा कि हम सभी पंचायत के मुखिया, वार्ड पार्षद, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख और जिला परिषद को यह बताना चाहते हैं कि पंचायतों को जो पैसा मिला है वह प्रधानमंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए भेजा गया है। इस पैसे में संबंधित मंत्री, बिचैलिया, अधिकारी तक कट कमीशन नहीं पहुंचे, सरकार यह सुनिश्चत करे।

श्री शाही ने पूरे प्रदेश के सम्मानित मुखिया, पंचायत के चुने हुए वार्ड पार्षद, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख, जिला परिषद के सदस्य, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से आग्रह किया वे पंचायतों के भेजे गए इस राशि का समुचित खर्च अपनी देख रेख और अगुवाई में करें। इसमें राज्य सरकार मनमानी करेगी तो भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता चूप नहीं बैठेगा। कोई कमीशन खाया तो पार्टी आंदोलन करेगी।

श्री शाही ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा रोना रोती है कि केंद्र हमें संरक्षित नहीं कर रही है, केंद्र हमें पैसा नहीं दे रही है। मोदी जी ने 11 साल में झारखंड का ग्रांट फंड को मनमोहन सरकार के 10 साल के कार्यकाल के मुकाबले उसमें 16 गुना का बढ़ोतरी करके झारखंड सरकार को देने का काम किया है। लेकिन इसका हश्र किसी से छिपा नहीं है। नल जल योजना का हाल बुरा है। झारखंड, देश में नीचे से दूसरे स्थान पर है। मात्र 55 प्रतिशत इनका अचीवमेंट है। इसमें भ्रष्टाचार की ईडी जांच चल रही है। इसी प्रकार पीएम जन मन योजना के तहत लगभग 2050 करोड़ रूपया मोदी जी ने केवल प्रिमिटिव ट्राइब के गांव के कनेक्टिविटी के लिए उनके उत्थान के लिए झारखंड को दिया है। इसकी भी अपेक्षित प्रगति नहीं है।

इस दौरान प्रेस वार्ता में मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और अशोक बड़ाइक भी मौजूद रहे।

वित्तीय कुप्रबंधन चरम पर, जनता के पैसों पर सरकार की लापरवाही भारी” – प्रतुल शाह देव

बजट का 15% राशि खर्च नहीं होना झारखंडियों के साथ क्रूर मजाक

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड में वित्तीय कुप्रबंधन अब चरम सीमा पर पहुंच चुका है। ताज़ा बजट आंकड़े इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि सरकार एक तरफ पैसे की कमी का रोना रोती है, वहीं दूसरी तरफ उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-2026 के लगभग 1,45,400 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले सरकार मात्र 1,23,659 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई, जिसके कारण राजकोष पर अनावश्यक दबाव बढ़ गया है। यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार के पास न तो वित्तीय प्रबंधन की क्षमता है और न ही विकास के प्रति गंभीरता।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि बजट का 15% राशि खर्च नहीं हो पाया। ये झारखंडियों के साथ क्रूर मजाक है।कुछ जन और समाज कल्याण से संबंधित विभागों में तो खर्च 50%-70% के बीच ही सिमट कर रह गया। सबसे दयनीय स्थिति स्कूली शिक्षा, पंचायती राज,नगर विकास, कृषि और स्वास्थ्य विभाग की है जिनका सीधे तौर पर समाज के अंतिम पयदान पर खड़े व्यक्ति से संबंध होता है। यह सीधे-सीधे विकास कार्यों में बाधा और जनता के अधिकारों की अनदेखी है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता, कर्मचारी और पेंशनभोगी भुगत रहे हैं। पेंशन भुगतान में देरी और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में बाधा इस बात का प्रमाण है कि सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह से गलत दिशा में हैं।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यह सरकार केवल बहाने बनाने में माहिर है। जब पैसा केंद्र से मिलता है तो उसका उपयोग नहीं कर पाती, और जब खर्च नहीं कर पाती तो वित्तीय संकट का रोना रोती है। यह दोहरा चरित्र झारखंड की जनता के साथ धोखा है।उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन करती और बजट का सही उपयोग करती, तो आज राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी दयनीय नहीं होती। यह स्पष्ट है कि सरकार के पास न विज़न है और न ही कार्य करने की इच्छाशक्ति।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू की अध्यक्षता में नव नियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों की हुई बैठक

प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा…

यह पद नहीं जिम्मेवारी है, चौथी बार मोदी सरकार के साथ झारखंड में डबल इंजन सरकार केलिए ले संकल्प…..आदित्य साहू

सभी पदाधिकारी टीम भावना से पार्टी के नीतियों कार्यक्रमों को धरातल पर उतारें

जनहित में कोई काम नहीं, हेमंत सरकार देश की सबसे भ्रष्ट सरकार : बाबूलाल मरांडी

बूथ स्तर तक संगठन को करें मजबूत : कर्मवीर सिंह

17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्य के सभी जिलों में भाजपा करेगी बड़ा प्रदर्शन

आगामी कई सांगठनिक कार्यक्रमों और वर्तमान राजनीतिक हालात पर हुई विस्तृत चर्चा

झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू की अध्यक्षता में गठित नई टीम के प्रदेश पदाधिकारियों की पहली बैठक प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुई।

बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी एवं संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह मुख्य रूप से मौजूद थे। बैठक प्रारंभ होने के साथ सर्वप्रथम सभी नए पदाधिकारियों का प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष द्वारा अभिनंदन व स्वागत किया गया। साथ ही सभी को नए दायित्व की शुभकामना भी दी गई।

प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि याद पद नहीं बल्कि पार्टी की नीतियों कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेवारी है जिसे प्रदेश पदाधिकारी एक टीम भावना के साथ पूरा करना है।

कहा कि एक तरफ देश में पिछले 12 वर्षों से यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गांव गरीब किसान दलित आदिवासी पिछड़ा सभी वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा।देश का स्वाभिमान सम्मान बढ़ रहा वही दूसरी ओर आज राज्य में आम आदमी राज्य सरकार से ऊब चुका है।

कहा कि भाजपा ने अलग राज्य गठन कराया है ।हम इसे लूटते बर्बाद होते नहीं देख सकते।
कहा कि नई जिम्मेवारियों के साथ हम राजनीतिक मैदान में उतरेंगे तो हमें चैन से नहीं बैठना है और इस अत्याचारी सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प पूरा करना है
2029 में झारखंड में डबल इंजन की सरकार बनाना ही पार्टी का लक्ष्य है। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प तभी पूरा होगा जब झारखंड में डबल इंजन की सरकार बनेगी। राज्य की जनता हमारे साथ है। आप पदाधिकारियों पर बड़ी जिम्मेवारी है। उन्होंने सभी पदाधिकारी से राज्य सरकार के काले कारनामों को अपने अपने स्तर से जनता के समक्ष लाने की बात भी कही।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस सरकार से जनता त्रस्त हो चुकी है। सरकार लगातार जनविरोधी निर्णय ले रही है। हेमंत सरकार में जनहित का कोई काम नहीं हो रहा है। कह सकते हैं कि हेमंत सरकार देश की सबसे भ्रष्ट सरकार है। भाजपा की नव गठित टीम में ऊर्जावान नेताओं की फौज है। उन्होंने नए पदाधिकारियों से राज्य सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए संकल्पित होने का आह्वान किया।

संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने भी पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाने के साथ पदाधिकारियों को लगातार सांगठनिक दौरा करने का भी निर्देश दिया।

बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफिंग करते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी ने बैठक में लिए गए निर्णयों को विस्तार पूर्वक सामने रखा। अमर बाउरी ने कहा कि प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के दौरान राजनीतिक हालात और सांगठनिक मुद्दों पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई। कुछ भावी आंदोलन की रूपरेखा बनाई गई है। साथ ही वर्तमान में चल रहे पार्टी के स्थापना दिवस और राज्यव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलता पूर्वक अमलीजामा पहनाने पर गहन मंथन हुआ। पार्टी के वरीय नेताओं ने इसको लेकर कई निर्देश भी दिया है। 14 अप्रैल को भीम राव आंबेडकर जी के जन्म जयंती को सांगठनिक स्तर पर मनाने के संबंध में भी सभी पदाधिकारी को निर्देशित किया गया। 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई। इस दिन सभी जिलों में बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता के कार्यालय के समक्ष बिजली कटौती, बिजली दर में वृद्धि एवं बिजली बिल की विसंगतियों से आम लोगों की हो रही परेशानी के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। बिजली के बाद अगला मुद्दा पानी का होगा, जिसपर पार्टी बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में है।

बैठक के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, प्रदेश कोषाध्यक्ष दीपक बंका, प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमंत दास, प्रदेश सह कार्यालय मंत्री सूरज गुप्ता (चौरसिया) मौजूद रहे।

*चटकपुर के मुखिया विक्की लोहरा सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल

भाजपा भरोसे का नाम है….आदित्य साहू

भाजपा ही विकास केलिए समर्पित….बाबूलाल मरांडी

रातू प्रखंड अंतर्गत चटकपुर पंचायत के मुखिया सह सामाजिक कार्यकर्ता विक्की लोहरा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर भाजपा में शामिल हुए। प्रदेश पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू और नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी की गरिमामयी मौजूदगी में आयोजित मिलन समारोह कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने पार्टी का पट्टा पहनाकर इन सभी का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। जबकि इस दौरान रांची पश्चिमी जिला अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह भी मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भरोसे का नाम है। यह पार्टी जो कहती है, वह करती है। यही कारण है कि भाजपा पर लोगों का विश्वास लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कल भी सैकड़ों युवाओं ने पार्टी की सदस्यता ली और आज भी कई लोग पार्टी में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजनीति को एक नया आयाम दिया है।

वहीं नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश हो या राज्य, भाजपा ही विकास की रोशनी फैला सकती है। स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करना अपने आप में महत्त्वपूर्ण है। इन लोगों के पार्टी में शामिल होने से पार्टी को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी। लोगों का यही विश्वास और प्यार 2029 में झारखंड में भाजपा की सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगा।

भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के पश्चात विक्की लोहरा ने कहा कि भाजपा में शामिल होना वैसे तो अपने आप में सौभाग्य और गौरव का विषय होता है लेकिन स्थापना दिवस जैसे मौके पर इस परिवार का हिस्सा बनना मेरे जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक क्षण है। पार्टी की विचारधारा, सिद्धांत एवं राष्ट्रसेवा के संकल्प को आत्मसात करते हुए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ संगठन को सशक्त बनाने हेतु हमेशा प्रयासरत रहूंगा।

इन्होंने भी भाजपा की सदस्यता ली

इसके अलावा हिन्दू संगठन के सचिव डॉ० अनुप कुमार पटेल, पंचायत समीति सदस्य
राकेश कुमार, वार्ड सदस्य संतोष शर्मा, मुन्नी देवी, उप-मुखिया सुनिता सिंह, राजीव पाण्डेय, गुडू राणा, जेपी यादव, राम अवतार साव, गणेश मुण्डा, रंजीत ठाकुर, रंजन दास, रीना मुंडा सहित सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

धूमधाम और उल्लास से मनाया गया भाजपा का स्थापना दिवस

नेताओं,कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय और घरों पर फहराया पार्टी ध्वज

भाजपा की सफलता करोड़ों कार्यकर्ताओं की तपस्या और मेहनत का परिणाम : आदित्य साहू

कभी बीजेपी के दो सीट पर कांग्रेस हंस रही थी, आज कांग्रेस की स्थिति पर दुनिया हंस रही : आदित्य साहू

भाजपा देश और समाज के लिए करती है राजनीति, असंख्य कार्यकर्ताओं की बदौलत पार्टी आज इस मुकाम पर : बाबूलाल मरांडी

विचारधारा को समर्पित सभी कार्यकर्ता अपने ,सबका लक्ष्य मां भारती की जय….कर्मवीर सिंह

पूरे झारखंड में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी का 47वां स्थापना दिवस पूरे उल्लास और धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान प्रदेश कार्यालय रांची में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता और विचारधारा आधारित पार्टी है। पार्टी आज जिस मुकाम पर है, यह करोड़ों कार्यकर्ताओं की तपस्या और मेहनत का परिणाम है। करोड़ों गुमनाम कार्यकर्ताओं ने अपनी अथक मेहनत से इस पार्टी को सींचने का काम किया है। बीजेपी आज वटवृक्ष बन चुका है, इससे 140 करोड़ लोगों को छांव मिल रहा है। 1984 में पार्टी को दो सीट आने पर कांग्रेस पार्टी हंस रही थी। विडंबना देखिए कि आज कांग्रेस की स्थिति पर पूरी दुनिया हंस रही है। कांग्रेस स्वार्थपूर्ति के लिए, जबकि बीजेपी राष्ट्रहित के लिए राजनीति करती है। कांग्रेस द्वारा देश को गर्त में धकेला गया। बीजेपी ने देश को नारकीय स्थिति से उबारा है।
श्री साहू ने कहा कि 1951 से 1980 तक एवं 1980 से अब तक जिस सोच और सपने के साथ संगठन और पार्टी को सींचा गया, पहले अटल बिहारी जी और अब नरेंद्र मोदी सरकार में अंत्योदय का वह सपना साकार होता दिख रहा है।

श्री साहू ने कहा कि भाजपा अंत्योदय के संकल्पों को पूरा करते हुए आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ चली है। जनता का अपार स्नेह और समर्थन पार्टी के साथ है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा देश और समाज के लिए राजनीति करती है। असंख्य समर्पित कार्यकर्ताओं की बदौलत आज पार्टी इस मुकाम पर स्थापित हो पाई है। हमारे लिए देश प्रथम है। इसलिए जनसंघ का विलय और मिली जुली सरकार होने के बावजूद अटल बिहारी सरकार द्वारा परमाणु परीक्षण करने में कोई हिचकिचाहट आड़े नहीं आई। नरेंद्र मोदी की सरकार में हर एक सपना, राम मंदिर निर्माण, धारा 370 हटाना सहित तमाम जो पुराने लंबित मांगें जो जनहित में थी उसे आज पूरा किया जा रहा है। यह सब देश की जनता की ताकत और कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण ही संभव हो पाया है।
श्री मरांडी ने कहा कि जनसंघ से लेकर भाजपा की यात्रा काफी प्रेरणादायक है। उन्होंने जनसंघ और बीजेपी के संघर्षपूर्ण यात्रा पर विस्तार पूर्वक चर्चा की।

कहा कि यह यात्रा भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने की यात्रा है। सशक्त भाजपा से ही सशक्त भारत का निर्माण होगा।

संगठन महामंत्री श्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी और दीनदयाल उपाध्याय जी यानि दो लोगों के द्वारा जनसंघ प्रारंभ किया गया। कालांतर में 1980 में आज ही के दिन बीजेपी का गठन किया गया। आज बीजेपी किस शिखर पर है, बतलाने की जरूरत नहीं है। यह बतलाता है कि एक व्यक्ति अगर ठान ले तो वह कुछ भी कर सकता है। बीजेपी 14 करोड़ से अधिक सदस्यों की पार्टी बन चुकी है। इस परिवार या संगठन में कोई नया पुराना नहीं होता। विचारधारा को समर्पित सभी कार्यकर्ता अपने हैं। संगठन का विस्तार और मां भारती की जय ही सभी का उद्देश्य होना चाहिए। बीजेपी अन्य पार्टियों से बिल्कुल अलग है। संगठन ही हमारी शक्ति है।

इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री यदुनाथ पांडेय, वरिष्ठ नेता श्री सूर्यमणि सिंह, श्री मधु साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

इसके पूर्व पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर और राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। साथ ही मंचासीन नेताओं को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्री योगेंद्र प्रताप सिंह ने किया। जबकि इस दौरान कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राकेश प्रसाद, श्री बालमुकुंद सहाय, श्री भानु प्रताप शाही, प्रदेश मंत्री श्री शैलेन्द्र सिंह, श्री अमरदीप यादव, श्रीमती सुनीता सिंह, श्रीमती शालिनी बौशखियार, कोषाध्यक्ष श्री दीपक बंका, श्री हेमंत दास, श्री सूरज चौरसिया, कमाल खां, श्री प्रेम मित्तल, श्रीमती आरती कुजूर, प्रदेश प्रवक्ता श्री प्रतुल शाहदेव, श्री अमित मंडल, राफिया नाज, श्रीमती शोभा यादव, श्री रमेश सिंह, श्री संदीप वर्मा , श्री सुरेश साव, अनामिका जूही, मनोज दूबे सहित काफी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

नेताओं/कार्यकर्ताओं ने कार्यालय और अपने अपने घरों पर पार्टी ध्वज फहराया

इस दौरान राज्य भर में पार्टी के नेताओं/कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों पर पार्टी का ध्वज फहराया। इस दौरान प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू जी और महामंत्री (संगठन) श्री कर्मवीर जी ने महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कार्यालय पर पार्टी का झंडा फहराया। जबकि प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू ने कुच्चू स्थित अपने आवास, नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने अपने आवास, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने देवघर जिला कार्यालय में, पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने जमशेदपुर, पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने घोड़ाबांधा, जमशेदपुर, पूर्व मुख्यमंत्री श्री मधु कोड़ा ने चाईबासा स्थित अपने आवास पर ध्वज लगाया। साथ ही पार्टी के नेताओं/कार्यकर्ताओं द्वारा भी अपने अपने घरों पर ध्वज फहराया गया।

5 से 12 अप्रैल तक होंगे कई कार्यक्रम

गौरतलब है कि स्थापना दिवस के तहत राज्य भर में मंडल, पंचायत, प्रखंड, जिलावार 5 से लेकर 12 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।

“इरफान अंसारी के सरंक्षण में हुआ जामताड़ा आयुष्मान भारत घोटाला, पूरे मामले की हो उच्च स्तरीय जांच : भाजपा”

जामताड़ा फ़र्ज़ी मोतियाबिंद ऑपरेशन में इरफान अंसारी के संदिग्ध भूमिका की हो जाँच: अजय साह

जामताड़ा में मोतियाबिंद के फर्जी ऑपरेशन और आयुष्मान भारत योजना में हुए कथित घोटाले को लेकर भाजपा ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए झारखंड सरकार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि यह केवल एक अस्पताल का मामला नहीं है, बल्कि यह झारखंड की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की कार्यशैली, भूमिका और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अजय साह ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी क्रांतिकारी योजना की शुरुआत भले ही झारखंड की धरती से हुई हो, लेकिन विडंबना यह है कि हेमंत सोरेन सरकार ने इस योजना को घोटाले की भेंट चढ़ा दी। जामताड़ा के सिटी अस्पताल और मंगलम नेत्रालय ने मात्र एक महीने में हजारों मोतियाबिंद ऑपरेशन का दावा कर आयुष्मान भारत के नाम पर लाखों रुपये की निकासी कर ली। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा महीनों तक चलता रहा और जब मामले का खुलासा हुआ तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले की लीपापोती करने का प्रयास किया गया।केवल एक सिविल सर्जन को दूसरे जिलें में भेज कर पूरे मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया गया।

अजय साह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के ही विधानसभा क्षेत्र में महीनों तक इतना बड़ा घोटाला चलता रहा और मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी, यह बात कोई भी सामान्य व्यक्ति स्वीकार नहीं कर सकता। प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित दोनों अस्पतालों में स्वास्थ्य मंत्री के करीबी लोगों का लगातार आना-जाना और पैरवी करना भी गंभीर जांच का विषय है। अस्पताल संचालकों और स्वास्थ्य मंत्री के बीच संबंधों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। हर मुद्दे पर बोलने वाले स्वास्थ्य मंत्री की इस मुद्दे पर चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में ये ऑपरेशन किए गए, वहां न केवल फर्जी ऑपरेशन हुए बल्कि बिना लाइसेंस के फार्मेसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी अवैध रूप से चलाई जा रही थीं। अगर स्वास्थ्य मंत्री अपने ही विधानसभा क्षेत्र में एक-दो कमरे के अस्पतालों में चल रहे घोटालों को नहीं रोक पाए, तो पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उनका नियंत्रण किस स्तर का है, यह समझा जा सकता है।

भाजपा ने मांग की है कि पूरे राज्य में आयुष्मान भारत के तहत हुए सभी मोतियाबिंद ऑपरेशनों का हेल्थ ऑडिट कराया जाए, ताकि जामताड़ा जैसे फर्जीवाड़े का पूरा सच सामने आ सके। अजय साह ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजनाओं में राज्य स्तर पर हो रही भारी अनियमितताओं के कारण ही कई बार केंद्र सरकार को फंड रोकना पड़ता है, और बाद में राज्य सरकार उसी को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यकाल में भी इसी तरह का फ़र्ज़ी मोतियाबिंद ऑपरेशन घोटाला सामने आया था, लेकिन उस मामले की जांच का क्या परिणाम निकला, यह आज तक एक रहस्य बना हुआ है।

“इरफान अंसारी के सरंक्षण में हुआ जामताड़ा आयुष्मान भारत घोटाला, पूरे मामले की हो उच्च स्तरीय जांच : भाजपा”

जामताड़ा फ़र्ज़ी मोतियाबिंद ऑपरेशन में इरफान अंसारी के संदिग्ध भूमिका की हो जाँच: अजय साह

जामताड़ा में मोतियाबिंद के फर्जी ऑपरेशन और आयुष्मान भारत योजना में हुए कथित घोटाले को लेकर भाजपा ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए झारखंड सरकार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि यह केवल एक अस्पताल का मामला नहीं है, बल्कि यह झारखंड की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की कार्यशैली, भूमिका और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अजय साह ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी क्रांतिकारी योजना की शुरुआत भले ही झारखंड की धरती से हुई हो, लेकिन विडंबना यह है कि हेमंत सोरेन सरकार ने इस योजना को घोटाले की भेंट चढ़ा दी। जामताड़ा के सिटी अस्पताल और मंगलम नेत्रालय ने मात्र एक महीने में हजारों मोतियाबिंद ऑपरेशन का दावा कर आयुष्मान भारत के नाम पर लाखों रुपये की निकासी कर ली। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा महीनों तक चलता रहा और जब मामले का खुलासा हुआ तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले की लीपापोती करने का प्रयास किया गया।केवल एक सिविल सर्जन को दूसरे जिलें में भेज कर पूरे मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया गया।

अजय साह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के ही विधानसभा क्षेत्र में महीनों तक इतना बड़ा घोटाला चलता रहा और मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी, यह बात कोई भी सामान्य व्यक्ति स्वीकार नहीं कर सकता। प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित दोनों अस्पतालों में स्वास्थ्य मंत्री के करीबी लोगों का लगातार आना-जाना और पैरवी करना भी गंभीर जांच का विषय है। अस्पताल संचालकों और स्वास्थ्य मंत्री के बीच संबंधों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। हर मुद्दे पर बोलने वाले स्वास्थ्य मंत्री की इस मुद्दे पर चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में ये ऑपरेशन किए गए, वहां न केवल फर्जी ऑपरेशन हुए बल्कि बिना लाइसेंस के फार्मेसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी अवैध रूप से चलाई जा रही थीं। अगर स्वास्थ्य मंत्री अपने ही विधानसभा क्षेत्र में एक-दो कमरे के अस्पतालों में चल रहे घोटालों को नहीं रोक पाए, तो पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उनका नियंत्रण किस स्तर का है, यह समझा जा सकता है।

भाजपा ने मांग की है कि पूरे राज्य में आयुष्मान भारत के तहत हुए सभी मोतियाबिंद ऑपरेशनों का हेल्थ ऑडिट कराया जाए, ताकि जामताड़ा जैसे फर्जीवाड़े का पूरा सच सामने आ सके। अजय साह ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजनाओं में राज्य स्तर पर हो रही भारी अनियमितताओं के कारण ही कई बार केंद्र सरकार को फंड रोकना पड़ता है, और बाद में राज्य सरकार उसी को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यकाल में भी इसी तरह का फ़र्ज़ी मोतियाबिंद ऑपरेशन घोटाला सामने आया था, लेकिन उस मामले की जांच का क्या परिणाम निकला, यह आज तक एक रहस्य बना हुआ है।

झारखंड में धूमधाम और उल्लास से पार्टी मनायेगी स्थापना दिवस: आदित्य साहू

स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए तिथिवार रूपरेखा तैयार, सभी जिलों को दिया गया है आवश्यक निर्देश

कार्यकर्ताओं के घरों, सभी बूथ, जिला मुख्यालय, प्रदेश मुख्यालय में फहरेगा नया ध्वज

मण्डल के अंतर्गत आनेवाले सभी चौक चौराहों और चट्टी बाजारों में फहराया जायेगा पार्टी का बड़ा झण्डा

गांव से शहर तक भाजपा की उपलब्धियों की चर्चा करेंगे भाजपा नेता

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि दुनियां के सबसे बड़े राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी का 47 वां स्थापना दिवस 6 अप्रैल को है। पूरे देश सहित झारखंड में भी पार्टी का स्थापना दिवस पूरे धूमधाम और उल्लास से मनाया जायेगा।

श्री साहू ने कहा कि भाजपा पार्टी विद डिफरेंस है। यह राजनीति पर नहीं बल्कि राष्टनीति पर चलती है। भारतीय जनसंघ रूपी पौधा करोड़ों देवतुल्य कार्यकर्ताओं के त्याग, परिश्रम और तपस्या से सिंचिंत होकर आज विशाल वृक्ष बन गया है। भारतीय जनता पार्टी यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के वैभव को विश्व में पुनर्स्थापित करने के साथ देश के सभी वर्ग एवं क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड में स्थापना दिवस मनाने के लिए पार्टी द्वारा तिथिवार रूपरेखा तैयार की गई है। इस बाबत सभी जिलों को निर्देशित किया गया है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पांच सदस्यीय प्रदेश टोली के अलावा जिलावार टोली का गठन किया गया है। 05 अप्रैल को बूथ, मंडल, जिला, प्रदेश कार्यालय में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई, एवं सजावट करने का निर्देश दिया गया है। महिला मोर्चा के द्वारा कार्यालय में मुख्य द्वार पर फुल एवं रंगोली से सजावट करने का भी निर्देश दिया गया है। जबकि 06 एवं 07 अप्रैल को सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने घरों पर पार्टी का नया ध्वज फहराने, सभी बूथों पर पार्टी का झण्डा फहरा कर प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्य द्वारा स्थापना दिवस मनाने का निर्देश दिया गया है। वहीं जिला मुख्यालय में झण्डोतोलन कर दोपहर 12 से 04 बजे तक स्थापना दिवस मनाया जायेगा। इस दौरान पार्टी की विकास यात्रा पर मुख्य वक्ता के द्वारा संबोधन दिया जायेगा। मण्डल के अंतर्गत आनेवाले सभी चौक चौराहों और चट्टी बाजारों में पार्टी का बड़ा झण्डा लगाया जायेगा। साथ ही कार्यकर्ताओं द्वारा सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है।

श्री साहू ने कहा कि 08 एवं 09 अप्रैल को जिला मुख्यालय में सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन किया जायेगा। इस दौरान तीन वक्ता द्वारा भाजपा का संगठनात्मक विस्तार एवं चुनावी सफलता में जन समर्थन, भारतीय राजनीति में भाजपा द्वारा लाया गया परिवर्तन सेवा भाव, अंत्योदय, विकासोन्मुख राजनीति एवं राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखना और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के द्वारा किये गये उल्लेखनीय एवं ऐतिहासिक कार्यो के विषय पर चर्चा किया जाना है।
वहीं 10 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच गांव/बस्ती चलो अभियान बूथ से लेकर वार्ड सदस्य, मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद् सदस्य, नगर परिषद्, महापौर, उप महापौर, सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी सभी चुने गये प्रतिनिधि, विधानसभा के 50 गाँव में अभियान चलाया जाना है। इसमें सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता का कार्यक्रम, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी एवं गणमान्य व्यक्तियों से संपर्क एवं उनका सम्मान, केन्द्र सरकार एवं एनडीए शासित प्रदेश सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर व्यापक चर्चा करना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों से जनसम्पर्क आदि कार्यक्रम शामिल हैं।

सत्ता में रहकर विरोध का नाटक, यही कांग्रेस-झामुमो का असली राजनीतिक चरित्र है- प्रतुल शाह देव

झामुमो कांग्रेस को जहरीला सांप बता रही,कांग्रेस अपनी ही सरकार को जन विरोधी बता रही

मुख्यमंत्री के माइनिंग विभाग को माफिया के प्रभाव में बता रही है कांग्रेस

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड में आज जो स्थिति बनी है, वह कांग्रेस और झामुमो की दोहरी राजनीति का जीता-जागता उदाहरण है। एक तरफ कांग्रेस सत्ता का सुख भोग रही है, मंत्री पदों का आनंद ले रही है, और दूसरी तरफ उसी सरकार की कानून-व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं पर सवाल खड़े कर रही है।

प्रतुल ने कहा कि आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के प्रभारी के राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि राज्य की पुलिस व्यवस्था निष्क्रिय है, विधि व्यवस्था चौपट हो गई है, बेटियों की सुरक्षा खतरे में है, शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है, बच्चे प्राइवेट स्कूल में दाखिला ले रहे हैं। तो फिर कांग्रेस अब तक सत्ता में क्यों बनी हुई है? क्या केवल कुर्सी बचाना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है?प्रतुल ने कहा एक हफ्ते तक विष्णुगढ़ की निर्भया की बर्बर हत्या पर चुप्पी रखने के बाद कांग्रेस की अब नींद टूटी है।वह भी तब जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व भाजपा के प्रतिनिधि मंडल पीड़ित परिवार से मिलकर आंसू पूछने का काम किया और सहायता राशि उपलब्ध कराई। इस घटना के विरोध में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को झारखंड बंद का आह्वान किया है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने तो मुख्यमंत्री पर सीधा आक्रमण करते हुए उनके अंतर्गत माइनिंग विभाग पर माइनिंग माफिया का कब्जा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून,2013 के अंतर्गत भूमि का अधिग्रहण माफिया के दबाव में नहीं हो रहा।यानी कांग्रेस के प्रभारी के अनुसार मुख्यमंत्री जी का मंत्रालय माइनिंग माफिया के दबाव में चल रहा है। के राजू ने कहा कि सभी डीसी, एसपी, इसी माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं।प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री पर इस सीधे हमले के बाद भी कांग्रेस इन माइनिंग माफिया के खिलाफ कोई आंदोलन करती नहीं दिख रही। बल्कि आंदोलन करने वाले अपने नेताओं के खिलाफ सरकार से मुकदमे दाखिल करवा रही है।

प्रतुल ने झामुमो पर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब खुद झामुमो के नेता कांग्रेस को “जहरीला सांप” बता रहे हैं, तो फिर सवाल उठता है कि आखिर उसी सांप को गले में लपेटकर सत्ता की कुर्सी क्यों बचाई जा रही है? यह गठबंधन पूरी तरह अवसरवाद और स्वार्थ पर आधारित है, जिसका खामियाजा झारखंड की जनता भुगत रही है।उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जनता इस ढोंग और दोहरे चरित्र को समझे और ऐसी अवसरवादी राजनीति को पूरी तरह नकार दे, जो केवल सत्ता के लिए सिद्धांतों को बेच देती है।

मुरहू, खूंटी की घटना पर प्रशासनिक कार्रवाई में तुष्टीकरण कर रही हेमंत सरकार….आदित्य साहू

तुष्टीकरण में पुलिस प्रशासन बन गया सरकार का टूल किट

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुरहू,खूंटी की घटना पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तुष्टीकरण में आकंठ डूब चुकी है।समुदाय विशेष के वोट बैंक केलिए राज्य सरकार बार बार हिन्दू समाज को प्रताड़ित कर रही है।

कहा कि सनातन धर्म के कोई पर्व त्योहार हो समुदाय विशेष के लोग सुनियोजित तरीके से जुलूस,शोभा यात्रा,मूर्ति, मंदिर पर निशाना साधते हैं। पर्व त्योहारों को बाधित करना,अनावश्यक अड़ंगा डालना, जुलूस पर पत्थरबाजी करना आम बात हो गई है।

कहा कि मुरहू खूंटी में रामनवमी जुलूस पर पथराव होना ऐसी ही मानसिकता का परिमाण है।

कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे असामाजिक और अपराधी प्रवृति के दंगाबाजों,पत्थरबाजों का मनोबल बढ़ा दिया है। पुलिस प्रशासन राज्य सरकार का टूल किट बन गया है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे पदाधिकारी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से बाज आएं। बर्दी की इज्जत को गिरवी नहीं रखें अन्यथा भाजपा ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारियों को चिन्हित कर रही है।

कहा कि भाजपा के आंदोलन को हल्के में लेने की कोशिश भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारी नहीं करें। आने वाले दिनों में भाजपा ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई कराएगी। इनके संपत्ति की जांच कराने और उन्हें जेल भेजने केलिए भी आंदोलन होगा।

शराब घोटाले में आरोपी आईएएस विनय कुमार चौबे की डिफॉल्ट बेल हेमंत सरकार की देन….बाबूलाल मरांडी

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार चला रहे हैं या सर्कस?

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि शराब घोटाले के बाद ACB आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय चौबे पर आज तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। ACB ने उनके पूरे परिवार की संपत्ति खंगाल ली, खबरों में देखा गया कि अवैध रूप से अर्जित नामी बेनामी संपत्ति के तथ्य भी सामने आए। शराब घोटाला में विनय चौबे के स्पष्ट भूमिका भी ख़बरों के माध्यम लोगों के सामने आई। कई आईएएस अधिकारियों ने उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही भी दी, इसके बावजूद ACB विनय चौबे के खिलाफ समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई और डिफ़ॉल्ट बेल मिल गया।

कहा कि हालांकि एक बात तो स्पष्ट हो चुका है कि ACB का इस्तेमाल सिर्फ लोगों को जेल में रखने, भयादोहन करने, उगाही करने, राजनैतिक/ग़ैर राजनैतिक छोटे-बड़े विरोधियो को तंग-तबाह करने, मानसिक यातना देने, दबाव में रखने और शराब घोटाले के सबूतों को नष्ट करने में हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ACB के ऐसे ग़लत कार्यों का संज्ञान लिया है।

कहा कि जिस दिन विनय चौबे की गिरफ्तारी हुई थी, उसी दिन उन्होंने कहा था कि यह गिरफ्तारी सजा देने के लिए नहीं, बल्कि बड़ी मछलियों को सजा से बचाने के लिए हुई है। पिछले 10-11 महीनों से ACB कारवाई करने का दिखावा कर आंखों में धूल झोंकने का काम करते रही।

कहा कि मुख्यमंत्री को इतना स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि सत्ता का दुरुपयोग कर कुछ दिन तक जांच प्रभावित करने और सजा को टालने का प्रयास कर सकते हैं, ACB का दुरुपयोग विरोधियों को तंग-तबाह करने में कर सकते हैं, लेकिन याद रखिए अंततः सबका हिसाब होगा!

कहा कि पावर और सत्ता के दम पर कानून का दुरपयोग करने वालो का अंजाम अंत में क्या होता है? याद न हो तो इतिहास उलट कर देख लें मुख्यमंत्री।

कल्पना सोरेन मौन क्यों?: राफिया नाज़

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने झारखंड सरकार पर सीधे प्रहार करते हुए कहा कि अक्सर खुद को “सशक्त नारी” और “स्वघोषित एक शोषित नारी” बताने वाली कल्पना सोरेन हर मंच पर रोती हुई दिखाई देती हैं। उनकी हिसाब से उन्हें पीड़ा हो रही थी, लेकिन सवाल यह है कि जब झारखंड की बेटियों के साथ सबसे निर्मम घटनाएँ घट रही थीं — जैसे दुष्कर्म, आग में जलाया जाना, रेत में दबाया जाना या पहाड़ से फेंकना — तब क्या कल्पना सोरेन कहीं दिखाई दीं?……नहीं

राफिया नाज़ ने कहा“क्या कल्पना सोरेन ने हजारीबाग की मासूम बेटी के दर्द को व्यक्त करने का साहस दिखाया? नहीं। जहाँ वह चीख-चीख कर कहती थी ‘झारखंड झुकेगा नहीं’ और ‘Jharkhand Baang Johar Akanaa’, वहीं झारखंड अब अपराधियों और बलात्कारियों के सामने झुका दिया गया है। इसमें झारखंड सरकार का भी भरपूर सहयोग रहा।”

राफिया नाज़ ने बताया कि हजारीबाग की 12 वर्षीय बच्ची के साथ निर्मम दुष्कर्म और हत्या की गई, जिसमें उसकी आंखें निकाल दी गईं और जीभ काट दी गई। इस घटना ने झारखंड सरकार की बेटियों की सुरक्षा की पोल खोल दी।

उन्होंने कहा “मुख्यमंत्री दावोस जा सकते हैं, लेकिन हजारीबाग का रास्ता उन्हें नहीं पता। अगर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेतागण आवाज़ नहीं उठाते, और हमारी बहनें सड़कों पर उतरकर आंदोलन नहीं करतीं, तो यह मामला शायद आज तक दबा रहता।”

राफिया नाज़ ने हाई कोर्ट का धन्यवाद किया कि उन्होंने मामले को संज्ञान में लिया और सीबीआई जांच की भी मांग की।

राफिया नाज़ ने बताया कि झारखंड में महिला सुरक्षा की स्थिति बेहद गंभीर है। जनवरी 2026 में झारखंड पुलिस ने 128 दुष्कर्म की घटनाएँ दर्ज कीं, जिसमें रोज़ाना औसतन 3-4 गंभीर अपराध होते हैं। इसके अलावा 16,162 महिला उत्पीड़न मामले फाइलों में धूल फांक रहे हैं, और 8,000 मामलों में अभी तक जांच शुरू नहीं हुई।यहाँ तक महिला तस्करी भी चरम पर है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में गुमला में डायन बताकर 50 वर्षीय बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या, साहिबगंज में शवों के टुकड़े मिलने और लिट्टीपाड़ा में पति के सामने पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया ,विदेश से आई बेटी को भी नहीं बख़्शा गया । यहाँ तक रिम्स और सदर अस्पताल जैसे संस्थानों में भी दुष्कर्म की घटनाएँ हुई हैं। यह सब झारखंड सरकार की महिला सुरक्षा के प्रति गंभीरता की पोल खोलते हैं।

राफिया नाज़ ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि झारखंड सरकार बेटियों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करे, अन्यथा भाजपा इसे दबने नहीं देगी।

कुसुंबा विष्णुगढ़ की निर्भया के हत्यारों को फांसी दिलाने केलिए भाजपा का आंदोलन हुआ तेज…..

2 दिनों के भीतर अपराधी नहीं पकड़े गए तो सड़कों पर उतरेंगे हजारों भाजपा कार्यकर्ता

2 अप्रैल को जिला और प्रखंड मुख्यालयों में मशाल जुलूस

3अप्रैल को संपूर्ण झारखंड के बंद की घोषणा

प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने घटना का स्वतः संज्ञान लेने पर माननीय उच्च न्यायालय का जताया आभार

कांग्रेस पार्टी संवेदनहीन,कर रही निर्लज्जता की पराकाष्ठा

भाजपा सहयोग करती है तो ढिंढोरा नहीं पिटती

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज नई दिल्ली स्थित आवास पर प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। कुसुंबा की बेटी के साथ हुए दुष्कर्म और फिर उसकी जघन्य हत्या पर हेमंत सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य में आज बेटियां असुरक्षित हैं। विधि व्यवस्था ध्वस्त है और अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड में कानून का शासन समाप्त हो चुका है ।यहां अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही।अपराधी गुंडे जैसा चाह रहे वैसा कर पाने में सफल हैं।

कहा कि झारखंड में हेमंत है तो हिम्मत है अपराधियों को, लुटेरों को, दलालों को,बिचौलियों को।

कहा कि आम आदमी परेशान है,त्रस्त है, बेटियां असुरक्षित हैं।

कहा कि रामनवमी मंगलवारी जुलूस में घूमने गई कुसुंबा की बेटी के साथ जिस प्रकार से अपराधियों ने दुष्कर्म किए,उसके शव के साथ जिस प्रकार से दरिंदों ने हालात की आंख निकाले, दांत तोड़े,जीभ काटे यह अपराध की पराकाष्ठा है।यह घटना रेयरेस्ट ऑफ द रेयर है।

कहा कि ऐसी घटना पर राज्य सरकार की उदासीनता ने राज्य की जनता को हताश निराश किया है। जनता दहशत में जीने को मजबूर है।

कहा कि मुख्यमंत्री ने घटना के 6 दिन बाद भी एक ट्वीट कर के भी घटना की निंदा नहीं की।कार्रवाई केलिए निर्देश नहीं दिए।

कहा कि वे आभारी हैं माननीय उच्च न्यायालय का जिन्होंने घटना का स्वतः संज्ञान लेकर राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, डीजीपी ,मुख्यसचिव को निर्देशित किए हैं।

कहा कि घटना के बाद भाजपा ने इस जघन्य अपराध के खिलाफ पूरे राज्य में आंदोलन प्रारंभ किए हैं। साथ ही कुसुंबा की निर्भया के परिवार के साथ पार्टी खड़ी है। उसके मजदूर पिता को घर लौटने में पार्टी के सांसद विधायकों ने मदद की, परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।हजारीबाग सहित पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन के माध्यम से अपराधियों की गिरफ्तारी केलिए आंदोलन चलाए हैं।

कहा कि आगे दो दिनों में अगर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आगामी 2 अप्रैल को भाजपा जिला और प्रखंड मुख्यालयों में मशाल जुलूस निकालकर विरोध करेगी और 3 अप्रैल को झारखंड को बंद कराया जाएगा।

उन्होंने राज्य के वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कांग्रेस पार्टी निर्लज्जता की सीमा पार कर चुकी है। सात दिनों के बाद सरकार के वित्त मंत्री कुछ पैसे देकर परिवार के जख्म को भरना चाहते है।ये संवेदनहीन सरकार है। जिसे गरीबों की पीड़ा,महिलाओं का दर्द,बेटियों के साथ दरिंदगी सामान्य घटना लगती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा कुसुंबा की निर्भया की आत्मा को तभी शांति मिलेगी जब उसके अपराधी फांसी के फंदे पर झूलेंगे।

प्रेसवार्ता में उपाध्यक्ष एवं सांसद डॉ प्रदीप वर्मा,सांसद ढुल्लू महतो भी उपस्थित थे।

6 अप्रैल को भाजपा मनाएगी 47 वीं स्थापना दिवस

पूरे प्रदेश में होंगे कार्यक्रम

भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए झारखंड प्रदेश टोली गठित, योगेंद्र प्रताप सिंह बनाए गए प्रदेश संयोजक

चार नेताओं को मिली सह संयोजक की जिम्मेदारी, जिला स्तर पर 1 संयोजक एवं 2 सह संयोजक (1+2) बनाए जाएंगे

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में स्थापना दिवस को पूरे उल्लास और उमंग से मनाएगी झारखंड भाजपा

मंडल, पंचायत और जिला स्तर पर आयोजित होंगे कई कार्यक्रम, पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों का गांव से लेकर शहर तक होगा बखान

भारतीय जनता पार्टी की झारखंड इकाई ने 6 अप्रैल को पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु प्रदेश स्तरीय टोली का गठन किया गया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू के निर्देशानुसार पार्टी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री योगेंद्र प्रताप सिंह को स्थापना दिवस कार्यक्रम की प्रदेश टोली का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया गया है। जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती आरती कुजूर, प्रदेश मंत्री श्री मुनेश्वर साहू, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमरदीप यादव एवं किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री श्री अर्जुन सिंह को सह संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जिला स्तर पर 1 संयोजक एवं 2 सह संयोजक (1+2) का तत्काल गठन करने का भी निर्देश जिला अध्यक्ष को दिया गया है।

इस बाबत कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक बनाए गए योगेंद्र प्रताप ने बताया कि विश्व के सबसे बड़े राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस 6 अप्रैल को है। देश के कोने-कोने से करोड़ों कार्यकर्ता पार्टी के स्थापना दिवस को हर वर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं तथा सेवा भाव और राष्ट्र प्रथम के मूलमंत्र को अपनाते हुए कार्य करने का संकल्प लेते हैं। हर साल की भांति इस साल भी झारखंड भाजपा अपनी पार्टी का स्थापना दिवस पूरे उल्लास के साथ मनाएगी।

श्री प्रताप ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू जी के निर्देशानुसार पार्टी के स्थापना दिवस पर कई कार्यक्रम तय किए गए हैं। इसमें पार्टी के सभी मंडल, जिला एवं प्रदेश कार्यालयों की तीन दिनों के लिए (5, 6 एवं 7 अप्रैल) सजावट करने, पार्टी के सभी कार्यालयों पर पार्टी का ध्वज 6 अप्रैल को फहराने, कार्यालय में कार्यक्रम के दौरान पार्टी की विकास यात्रा पर उद्बोधन तथा मिष्ठान वितरण करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं को अपने घरों पर पार्टी का ध्वज फहराने तथा सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश मिला है। 6 अथवा 7 अप्रैल को प्रत्येक बूथ पर प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्य एकत्रित होकर पार्टी के स्थापना दिवस का कार्यक्रम मनाएंगे। प्रत्येक जिले पर 8 अथवा 9 अप्रैल को पार्टी के सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित होना है। जिसमें भाजपा का संगठनात्मक विस्तार एवं चुनावी सफलता में जन समर्थन, भारतीय राजनीति में भाजपा द्वारा लाया गया परिवर्तन सेवा भाव, अंत्योदय, विकासोन्मुख राजनीति एवं राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखने, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के द्वारा किये गये उल्लेखनीय एवं ऐतिहासिक कार्यों आदि विषयों पर चर्चा किया जाएगा। वहीं 7 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच गांव / बस्ती चलो अभियान का आयोजन होगा। इसमें सभी पार्षद, पंचायत सदस्य से लेकर ऊपर स्तर के सभी जनप्रतिनिधियों सहित पार्टी के कार्यकर्ता प्रभावी रूप से भाग लेंगे।। गांवों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता का कार्यक्रम, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी एवं गणमान्य व्यक्तियों से संपर्क एवं उनका सम्मान, केन्द्र सरकार एवं एनडीए शासित प्रदेश सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर व्यापक चर्चा करना, लाभार्थियों से जनसम्पर्क आदि कार्यक्रम शामिल हैं।

निर्भया से भी ज्यादा जघन्य अपराध झारखंड की बेटी के साथ….आदित्य साहू

अपराधियों को मिले फांसी की सजा

24 घंटे में अपराधी नहीं पकड़े गए तो पूरे प्रदेश में भाजपा करेगी जोरदार आंदोलन

29 को मशाल जुलूस ,30 को बंद हो सकता है पूरा हजारीबाग

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम में बताएं झारखंड की बदतर विधि व्यवस्था को

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। श्री साहू कल हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंबा गांव से लौटने के बाद आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री साहू के साथ कुसुंबा जाने वालों में सांसद मनीष जायसवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ,विधायक नागेंद्र महतो,अमित यादव,रोशन लाल चौधरी,जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह शामिल थे।

श्री साहू ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वे पार्टी के जनप्रतिनिधियों के साथ कुसुंबा गांव गए और जो जानकारी मिली वह पूरी तरह रोंगटे खड़ा करने वाली,हृदय बिदारक है।

कहा कि जब पूरे देश में रामनवमी की तैयारियां चल रही हो, चैत्र नवरात्र में देवी की आराधना चल रही हो इसी बीच मंगलवारी जुलूस देखने गई एक गरीब मजदूर की 12 वर्षीय बेटी को अपराधी ,दरिंदे पकड़ते हैं,अपहरण कर उसका दुष्कर्म करते हैं और फिर हत्या भी कर देते हैं।

कहा कि ग्रामीण जनता ने बताया कि एक बेटी के साथ कैसा जघन्य कु कृत्य हुआ है। अपराधियों ने दुष्कर्म और हत्या के बात दरिंदगी की पराकाष्ठा की है। बेटी की आँखें निकाली गई, दांत तोड़े गए, जीभ काट दिए गए।

कहा कि ऐसे हालात में पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता ने राज्य की विधि व्यवस्था को उजागर किया है। चार दिनों तक गरीब के घर जिला प्रशासन नहीं पहुंचा। और हद तो तब हो गई जब मृत बेटी के मजदूर पिता को जल्द गांव आने में प्रशासन ने कोई मदद नहीं की।भाजपा के सांसद विधायकों ने फ्लाइट टिकट की व्यवस्था की।

कहा कि बात बात पर ट्वीट करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड की बेटी, गरीब की पीड़ा ने आहत नहीं किया।मुख्यमंत्री ने ट्वीट पर भी संवेदना प्रकट नहीं की।

कहा कि आखिर राज्य कहां जा रहा है।राज्य की जनता कैसे सुरक्षित रहे।कैसे बहन बेटियां सुरक्षित रहें ये मुख्यमंत्री जी बताएं। वे असम में जाकर वोट मांगेंगे।उन्हें असम की जनता के बीच अपनी नाकामियों,विफलताओं को बताना चाहिए।

कहा कि राज्य की पुलिस केवल वसूली में लगी है,कोयला ,पत्थर चोरों को संरक्षण देकर अपराधियों का संरक्षण कर रही है। अपनी तिजोरी भरने में जुटी है।

कहा कि भाजपा झारखंड की जन्मदात्री है।हम राज्य को बर्बाद होते नहीं देख सकते।

उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी और कहा कि 24 घंटे में अपराधी नहीं पकड़े गए तो 29 मार्च को हजारीबाग के सभी प्रखंडों में भाजपा कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज करेंगे।30 को पूरा हजारीबाग को ठप करेंगे,बंद करेंगे। साथ ही पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर पार्टी की महिला मोर्चा की बहने धरना प्रदर्शन करेंगी।

श्री साहू ने राज्य सरकार से मृतका के अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने हेतु कार्रवाई की मांग की।साथ ही मजदूर पिता को सरकारी नौकरी ,परिवार को सुरक्षा और 50 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

श्री साहू ने कहा कि सत्ताधारी झामुमो कांग्रेस,राजद को अनर्गल बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अच्छा होगा ये नेता कुसुंबा जाकर स्थिति को देखें।

प्रेसवार्त में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक,सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह,प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह,अजय साह भी उपस्थित थे।

कुसुंबा,विष्णुगढ़ में बच्ची की दुष्कर्म और हत्या पर बरसे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू…..

राज्य में अपराधी बेखौफ, असुरक्षित बहन बेटियां….आदित्य साहू

कल 27 मार्च को 11बजे जाएंगे कुसुंबा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ के कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की तीव्र भर्त्सना की है। श्री साहू कल 27 मार्च को 11 बजे कुसुंबा गांव जाकर परिजनों से मुलाकात करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुम्बा गांव में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी निर्मम हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की विफलता और सरकार की संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण है।

कहा कि नवरात्र का पवित्र त्यौहार चल रहा। घरों में बेटियों की पूजा हो रही । ऐसे में एक बेटी के साथ ऐसा कु कृत्य यह बताता है कि राज्य में पुलिस प्रशासन का भय नहीं।अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस प्रशासन मस्त है।

कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? क्या निर्दोषों की जान यूं ही जाती रहेगी और प्रशासन मूकदर्शक बना रहेगा?

कहा कि इस हृदयविदारक घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। घटना ने राज्य को फिर से कलंकित किया है।

कहा कि दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर प्रदेश में कानून का राज कब स्थापित होगा?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी….

आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है….बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा… यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का हित सुरक्षित…..प्रदीप वर्मा

झामुमो झारखंड के विकास की चिंता करे

वर्तमान वैश्विक हालातों में भ्रम फैलाना बंद करे इंडी गठबंधन

भाजपा प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने आज झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की प्रेसवार्ता पर करारा पलटवार किया।

डॉ वर्मा ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में पश्चिम एशिया युद्ध संकट की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।

कहा कि भारत सदैव शांति और बातचीत का पक्षधर रहा है।और इसी माध्यम से हर समस्याओं का समाधान भी चाहता है।

उन्होंने कहा कि आज के संकट के दौर में में पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था गड़बड़ाई है लेकिन भारत मजबूती के साथ खड़ा है।और प्रधानमंत्री जी ने हर प्रकार के कोशिशों को आज सदन में वक्तव्य के माध्यम से बताया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने पश्चिम एशिया के सभी राष्ट्र प्रमुखों से दो बार बात की है, हरमूज मार्ग बाधित नहीं हो इसकी बात भी संबंधित देशों के समक्ष मजबूती से रखी है,जिसके सकारात्मक परिणाम भी निकल कर आए हैं। हरमूज मार्ग से भारत के जहाज आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कभी भी अपने 140 करोड़ जनता के हित को दांव पर नहीं लगाया। देश की जनता इस बात को पूरी तरह जानती है।

कहा कि आज भारत अपने पेट्रोल,गैस के श्रोत का वैकल्पिक समाधान सुनिश्चित कर रहा। देश के आंतरिक संसाधन बढ़ाए जा रहे वही दूसरे देशों से भी आयात सुनिश्चित किए जा रहे।27 की जगह अब 41 देशों से भारत अपने जरूरी ऊर्जा आयात बढ़ा रहा है। कच्चे तेल के प्रयाप्त भंडार हैं।

कहा कि देश में एक समूह जनता को भ्रमित करने में सक्रिय है। उससे सावधान रहने की जरुरत है। कोरोना काल में भी कांग्रेस झामुमो ने लगातार भ्रम फैलाए थे।टीका को लेकर सवाल उठाए थे लेकिन प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प का ही परिणाम था कि उनके नेतृत्व में जनता के सहयोग से भारत विजई हुआ।

कहा कि ये वही लोग हैं जो परमाणु परीक्षण पर सवाल खड़ा करते है,सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक पर सवाल खड़ा करते हैं।सेना से सवाल पूछते हैं।

कहा कि झामुमो अपनी जिम्मेवारी समझे।जिसके लिए जनता ने जनादेश दिया है उसे पूरा करने में ध्यान दे।लेकिन लगता है कांग्रेस झामुमो को अपने वादों को पूरा करने की चिंता नहीं है। इंडी गठबंधन केवल जनता को दिग्भ्रमित कर अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश करता है।

कहा कि भारतीयों के जान माला की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है। युद्ध के दौरान 3लाख 75 हजार भारतीय देश सुरक्षित लौटे हैं।

“जी राम जी के खिलाफ प्रस्ताव पर भाजपा का प्रहार: कांग्रेस की कठपुतली बनी हेमंत सरकार”

हेमंत सरकार राम विरोधी और विकास विरोधी: अजय साह

झारखंड विधानसभा द्वारा VB GRAM G के खिलाफ पारित प्रस्ताव और उसे केंद्र सरकार को भेजने के फैसले पर भाजपा ने कड़ा और स्पष्ट विरोध जताया है। पार्टी प्रवक्ता अजय साह ने इस पूरे कदम को न केवल जनविरोधी, बल्कि सीधे तौर पर “राम विरोधी और विकास विरोधी” बताया है।

अजय साह ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार अब विकास की दिशा में काम करने के बजाय राजनीतिक पूर्वाग्रह और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझ चुकी है। जिस प्रस्ताव को कांग्रेस “ऐतिहासिक” बताने की कोशिश कर रही है, वह दरअसल झारखंड के विकास को पीछे धकेलने वाला और आम जनता के अधिकारों पर चोट करने वाला निर्णय है। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा कानून में सुधार कर तैयार किए गए नए प्रारूप का विरोध करना गांव, किसान और गरीब के खिलाफ खड़ा होना है। प्रस्ताव में 150 दिनों के रोजगार का जिक्र यह साबित करता है कि खुद कांग्रेस भी मानती है कि उसका पहले का 100 दिन का प्रावधान अपर्याप्त था।

अजय साह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब भी मनरेगा (MGNREGA) की चर्चा होती है, झारखंड का नाम घोटालों के कारण सामने आता है। देश के बड़े मनरेगा घोटालों में से एक यहीं हुआ, और हैरानी की बात यह है कि जिस आईएएस अधिकारी पर इस घोटाले की साजिश रचने के आरोप लगे, उसे जेल से बाहर आते ही हेमंत सरकार ने फिर से प्रशासन में जगह दे दी।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार की प्रभावी योजनाओं के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना यह दर्शाता है कि झारखंड सरकार खुद को संविधान, सर्वोच्च न्यायालय और भारत सरकार से भी ऊपर समझने लगी है। यह संघीय ढांचे के खिलाफ सीधी चुनौती है।

तंज कसते हुए अजय साह ने कहा कि जिस तरह “प्रधानमंत्री” शब्द से जुड़ाव के कारण आयुष्मान भारत योजना से हेमंत सरकार को दिक्कत थी, अब उसी तरह “राम” शब्द से भी उन्हें परेशानी होने लगी है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जैसे जल जीवन मिशन के फंड के उपयोग में अनियमितताएं सामने आईं, वैसे ही VB GRAM G जैसी योजनाओं को भी राजनीतिक दुर्भावना और भ्रष्टाचार का शिकार बनाया जा रहा है।

अंत में अजय साह ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस के दबाव में कठपुतली की तरह काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस तरह के हर फैसले का मजबूती से विरोध जारी रखेगी।

*राहुल गांधी के नक्शे कदम पर झारखंड के मुख्यमंत्री

  • हेमंत सोरेन, हिंदू देवी देवता,पर्व त्योहारों का कर रहे अपमान…..आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा विधानसभा में हिंदू देवी देवताओं, पर्व त्योहारों की गई अपमानजनक टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि हजारों वर्षों से सनातन संस्कृति विरोधियों ने हमले किए उसे मिटाने में सफल नहीं हो सके।सनातन संस्कृति अक्षुण्ण है,लगातार मजबूत हो रही है।

उन्होंने कहा भारत साधु संतों, मठ मंदिरों,यज्ञ हवन पूजा विधानों का देश है जिसपर गुलामी के दौर में भी राष्ट्रविरोधी ताकतों ने हमले किए और आजादी के बाद अब कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने इसकी जिम्मेवारी ले ली है।

कहा कि जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी,सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने सनातन को गाली देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। राम के अस्तित्व को नकार दिया, भगवा आतंक का नारा गढ़ा, त्रिशूल को आतंकवाद से जोड़ा।

कहा कि सत्ता लोलुपता और तुष्टीकरण के कारण कांग्रेस ने सारी मर्यादाएं लांघ दी। लेकिन दुर्भाग्यजनक स्थिति है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अब राहुल गांधी के नक्शे कदम पर चल रहे।

कहा कि कल विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन हेमंत सोरेन ने जिस प्रकार हिन्दू देवी देवताओं का मजाक उड़ाया,पूजा पद्धति का उपहास उड़ाया वह अत्यंत निंदनीय है,दुर्भाग्यपूर्ण है।

कहा कि राज्य सत्ता की अपनी संवैधानिक मर्यादाएं हैं। किसी भी धर्म ,सम्प्रदाय का उपहास उड़ाना सत्ता को शोभा नहीं देता।

उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा विश्व केलिए अनुकरणीय है।दुनिया आज उसका अनुसरण कर रही। भोगवादी संस्कृति ,पूंजीवादी व्यवस्था से ऊबे लोग भारत की सांस्कृतिक विरासत का अनुसरण कर रहे।

कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी समय समय पर सपरिवार पूजा पाठ करते हैं। लेकिन वोट बैंक और तुष्टीकरण की मानसिकता,सत्ता की लालच ने उन्हें दोहरा चरित्र का नेता बना दिया। उनकी भाषा बदल दी।

उन्होंने कहा कि हिम्मत है तो मुख्यमंत्री अन्य धर्मों की मान्यताओं, उनके पूजा पद्धतियों को अपमानित करके देख लें, उनका मखौल उड़ा कर देख लें।

कहा कि कभी मूर्ति का आकार छोटा करने, कभी रामनवमी का झंडा छोटा करने, कभी डीजे नहीं बजाने का आदेश निर्गत कर हेमंत सरकार ने पहले ही अपनी हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है।

कहा कि हिंदू समाज अनादि काल से सहिष्णु है लेकिन जब जब उसे ललकारा गया है तब तब दुर्गा, काली का अवतार महिषासुर मर्दन केलिए हुआ है। शिव का तांडव विनाश को निमंत्रण देता है।

कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने बयानों पर हिंदू समाज से क्षमा याचना करें अन्यथा हिन्दू समाज का प्रतिकार झेलने को तैयार रहना चाहिए़।

IAS राजीव रंजन का 24 घंटे के लिए परिवहन आयुक्त बनने के पीछे कौन सा खेल? : अजय साह

भाजपा के की उनके द्वारा 24 घंटों में लिए गए निर्णयों के समीक्षा की माँग

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने प्रेस वार्ता के दौरान झारखंड सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने तथ्यों के आधार पर दावा किया कि झारखंड के परिवहन सचिव राजीव रंजन ने नियमों को दरकिनार करते हुए “एक दिन के ट्रांसपोर्ट आयुक्त” बनने का अभूतपूर्व उदाहरण पेश किया है।

अजय साह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में झारखंड सरकार ने 1 दिसंबर 2016 और 16 दिसंबर 2016 को गजट अधिसूचना जारी कर दो महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया था। पहली, राज्य सड़क सुरक्षा परिषद, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं, और दूसरी, कोष प्रबंधन समिति, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव होते हैं। इन दोनों समितियों में परिवहन आयुक्त को सदस्य सचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो प्रशासनिक और नीतिगत कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि 10 मार्च को कार्यालय आदेश संख्या 24 जारी कर राजीव रंजन ने परिवहन आयुक्त के सभी अधिकार स्वयं के पास लेने का कथित रूप से अवैध आदेश पारित किया। इतना ही नहीं, अगले ही दिन 11 मार्च को कार्यालय आदेश संख्या 25 के माध्यम से उन्होंने अपने ही आदेश को निरस्त भी कर दिया। अजय साह के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम न केवल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना है, बल्कि राज्य सरकार की आधिकारिक गजट अधिसूचनाओं का भी सीधा उल्लंघन है। उनके मुताबिक, इस कदम के जरिए राजीव रंजन ने 24 घंटे के लिए खुद को परिवहन आयुक्त के रूप में स्थापित कर लिया।

अजय साह ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर प्रशासनिक अनियमितता बताते हुए मांग की कि इन 24 घंटों के दौरान परिवहन विभाग में लिए गए सभी फैसलों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस अवधि में पास की गई सभी फाइलों, स्वीकृत और अस्वीकृत प्रस्तावों की बारीकी से समीक्षा आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस प्रकार की अनियमितता या लाभ पहुंचाने का प्रयास हुआ है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे महत्वपूर्ण आदेश की कॉपी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव, जो संबंधित समितियों के अध्यक्ष हैं को क्यों नहीं दी गई। अजय साह ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पारदर्शिता का अभाव दिखता है और संभवतः इसे जानबूझकर गुप्त रखा गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिर इस “24 घंटे के खेल” के पीछे क्या मंशा थी, इसे सार्वजनिक रूप से जनता के सामने लाना बेहद जरूरी है, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे।

झारखंड के 18.8 लाख किसानों को मिला पीएम किसान सम्मान निधि का 22 वाँ किस्त

प्रदेश भाजपा ने किया स्वागत,प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं कृषि मंत्री का जताया आभार

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देश भर के 9.32 करोड़ किसानों को जिसमें झारखंड के 18.8 लाख किसान भी शामिल हैं को पीएम किसान सम्मान निधि का 22 वाँ किस्त किसानों के खाते में भेजे जाने का प्रदेश भाजपा ने स्वागत किया है।

प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि मोदी सरकार गांव गरीब किसान के कल्याण केलिए संकल्पित और समर्पित है।

कहा कि किसान सम्मान निधि जो प्रतिवर्ष तीन किस्तों को मिलाकर 6 हजार रुपए होती है,किसानों को बड़ी राहत प्रदान करती है। किसान खाद,बीज कीटनाशक दवाइयां खरीदने केलिए उधार और कर्ज लेने केलिए विवश नहीं है। समय पर किसान सम्मान निधि मिलने से किसान उसका कृषि कार्य में सदुपयोग भी करते हैं।

श्री साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रति झारखंड के किसानों की ओर से आभार प्रकट किया।

थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी खून चढ़ाने पर रिक्शा नौटंकी क्यों नहीं किया इरफान अंसारी ने…..आदित्य साहू

शिल्पी नेहा तिर्की धान खरीद की चिंता करती तो ज्यादा अच्छा होता

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज विधानसभा सत्र के दौरान राज्य सरकार के दो मंत्री इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की की नौटंकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी नौटंकी मंत्री बन गए हैं। इनकी कार्यशैली में विभाग की चिंता नहीं है बल्कि अपनी विफलताओं की छुपाने केलिए ये अपने बयानों से ,अपने उल्टे हरकतों से जनता को दिग्भ्रमित करते हैं।

कहा कि यदि रिक्शे की सवारी करनी ही थी तो उस दिन करते जिस दिन एक पिता को अपने बेटे की लाश झोले में भरकर ले जानी पड़ी। थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाकर मौत के मुंह में जाने को विवश कर दिया। गरीबों को एम्बुलेंस नसीब नहीं हो रहा। गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर गरीब हॉस्पिटल लाने को मजबूर हैं। ऐसे में इन गरीबों को रिक्शा भी उपलब्ध करा देते तो मंत्री जी की बहादुरी मानी जाती ।लेकिन इरफान अंसारी को गरीबों की सेवा से कोई मतलब नहीं।ये तो केवल नौटंकी करने, सरकारी सुविधा पाने ,राज्य को लूटने केलिए मंत्री बने हैं।

श्री साहू ने कृषि मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के हित की चिंता कब करेंगी कृषि मंत्री।4 महीने बीत जाने के बाद भी किसानों के धान नहीं खरीदे जा सके।राज्य सरकार के आंकड़े बता रहे कि अभी तक झारखंड के किसानों से 50% धान की खरीद हुई है। खरीदे गए धान के पैसे जिसे तुरंत भुगतान करना था वो अभी तक बकाए हैं।

कहा कि 3200 रुपए क्विंटल धान खरीदने और 450 रुपए में सिलिंडर देने के वादे करके सत्ता में आई हेमंत सरकार वादों को पूरी तरह भुला दिया।

श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार सुनियोजित तरीके से गैस की किल्लत को प्रचारित कर रही ।दुष्प्रचार के कारण जनता में भय व्याप्त हो रहा। राज्य सरकार की ओर से विरोधाभासी बयान आ रहे।मंत्री प्रदर्शन कर रहे और अधिकारी बता रहे कि कोई किल्लत नहीं।

कहा कि इंडी गठबंधन की सरकार बार बार अपने गैर जिम्मेदाराना हरकत से बाज आए।

उन्होंने झारखंड की जनता से ऐसे सरकार के नौटंकीबाज मंत्रियों की नौटंकी से दिग्भ्रमित नहीं होना चाहिए़।

कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता के हित की चिंता है। देश के हित में सभी आवश्यक निर्णय लिए जा रहे। देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है।

झारखंड में आदिवासी अस्मिता,जल ,जंगल,जमीन के व्यापारी हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन….आदित्य साहू

असम की धरती पर हेमंत सोरेन का दोहरा चरित्र उजागर

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा असम की एक जनसभा में दिए गए भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि असम में आदिवासी हित ,अधिकार की बात करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में उसका 10% भी जमीन पर उतार देते तो राज्य का भला हो जाता ।लेकिन इनकी कथनी और करनी में दोहरा चरित्र उजागर होता है।

कहा कि पिछले साढ़े 6 वर्षों में राज्य में सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को बताना चाहिए कि उन्होंने राज्य के आदिवासियों केलिए क्या किया? जल, जंगल जमीन की लूट पर क्या किया। आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत पर हो रहे लगातार हमले को रोकने केलिए क्या किया। ?

श्री साहू ने कहा कि दो दिन पहले देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति महोदया जो झारखंड की नातिन हैं,जनजाति समाज की बेटी हैं का पश्चिम बंगाल की धरती पर अपमान हुआ लेकिन हेमंत सोरेन जी ने एक छोटी प्रतिक्रिया भी नहीं दी। कहां गया आदिवासी समाज के सम्मान का दर्द। मौन के पीछे आखिर कौन सी राजनीतिक मजबूरी रही।

कहा कि रोज रोज आदिवासी बहन बेटियों की इज्जत झारखंड की धरती पर लूटी जा रही है, होनहार आदिवासियों की हत्याएं हो रही हैं लेकिन राज्य सरकार लाचार विवश बैठी है। एक एफआईआर तक सामान्य तरीके से दर्ज नहीं होते। राज्य में पिछले वर्ष हूल दिवस पर सिदो कान्हो के वंशजों को पूजा करने से रोका गया।उसके पहले सिदो कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मु की हत्या हुई । चाईबासा में 7 आदिवासियों का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। रूपा तिर्की की हत्या हुई,एक दरोगा बेटी को कुचलकर मार दिया गया।लेकिन हेमंत सरकार अपराधियों पर लगाम नहीं लगा सकी।

कहा कि राज्य में आदिवासियों की जमीन को बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिए कब्जा कर रहे और हेमंत सरकार घुसपैठियों का संरक्षण कर रही। राज्य के खनिज संसाधन,बालू,कोयला , पत्थर को राज्य सरकार दलाल बिचौलियों से लुटवाने में जुटी हुई है।

कहा कि पेसा कानून के नाम पर हेमंत सरकार ने एक्ट की मूल भावना को ही मिटा दिया। उसकी आत्मा ही मार दी।

कहा कि आज व्यापारी समाज को गाली देने वाले हेमंत सोरेन की पार्टी ने झारखंड की अस्मिता,आंदोलन का ही व्यापार कर दिया था। और सत्ता की भूख ऐसी है कि झारखंड आंदोलन को खरीदने,बोली लगाने वाले के साथ गलबहियां डालकर सत्ता सुख भोग रहे। यही है झामुमो की नैतिकता। जिस पार्टी ने आदिवासियों पर गोलियां चलाई ,लोगों को मरवाए वही पार्टी आज झारखंड की हितैषी हो गई और जिसने अलग राज्य का सपना साकार किया वह पार्टी इनकी नजरों में झारखंड विरोधी हो गई।

कहा कि असम की जनता को दिग्भ्रमित करना बंद करें मुख्यमंत्री। जनता इनकी हकीकत जानती है।

संवैधानिक संस्थाओं को निष्क्रिय करने का सुनियोजित षड्यंत्र कर रही हेमंत सरकार – प्रतुल शाह देव

हाई कोर्ट की फटकारों का भी सरकार पर कोई असर नहीं

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि झारखंड की हेमंत सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का सुनियोजित षड्यंत्र कर रही है। झारखंड हाई कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद भी सरकार लोकायुक्त, सूचना आयोग, महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर नियुक्ति करने में लगातार टालमटोल कर रही है। यह न केवल प्रशासनिक विफलता है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि इन संस्थाओं को चलाने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये का खर्च किया जा रहा है, लेकिन पद रिक्त रहने के कारण जनता को इनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। कार्यालय, भवन, कर्मचारी और अन्य व्यवस्थाओं पर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च हो रहा है, लेकिन न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली संस्थाएं पूरी तरह निष्क्रिय पड़ी हैं।उन्होंने कहा कि जब सरकार इन संस्थाओं में नियुक्ति ही नहीं करना चाहती, तो साफ है कि उसे पारदर्शिता और जवाबदेही से डर लगता है। लोकायुक्त भ्रष्टाचार पर निगरानी रखता है, सूचना आयोग पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और महिला एवं बाल आयोग समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा करते हैं। इन संस्थाओं को निष्क्रिय रखना सीधे-सीधे लोकतंत्र की आत्मा पर आघात है।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, जो यह दर्शाता है कि सरकार संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह विफल रही है। भाजपा मांग करती है कि सरकार तुरंत इन सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति कर संस्थाओं को सक्रिय करे, अन्यथा यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार जानबूझकर जवाबदेही से बचने के लिए इन्हें निष्क्रिय बनाए रखना चाहती है।

आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता नेता विधायक बाबूलाल मरांडी ने किया। इस अवसर पर संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह उपस्थित थे।

बैठक में सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, सत्येंद्र नाथ तिवारी, डॉ निरा यादव, राज सिन्हा, अमित कुमार यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, डॉ शशिभूषण मेहता, नागेंद्र महतो, रोशन लाल चौधरी, कुमार उज्जवल, पूर्णिमा साहू, रागिनी सिंह, शत्रुघन महतो, मंजू कुमारी उपस्थित थे।

विधायक दल की बैठक के उपरांत विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं हटिया के विधायक नवीन जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र आहूत होने के समय सभी जनप्रतिनिधि नगर निकाय चुनाव में व्यस्त थे तथा उसके बाद होली पर्व के कारण भी व्यस्तता रही। आज सभी विधायकों की बैठक में राज्य की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार के सवा वर्ष के कार्यकाल में राज्य में जो हालात उत्पन्न हुए हैं, उस पर सभी विधायकों ने बिंदुवार चर्चा की। झारखंड की स्थिति को विधानसभा के अंदर और बाहर मजबूती के साथ उठाया जाएगा। यदि पार्टी को संघर्ष करना पड़ा तो संघर्ष भी किया जाएगा।

बैठक में विधायकों ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और नौकरशाही हावी हो गई है। जनप्रतिनिधियों की बात सुनने वाला कोई नहीं है। आम जनता परेशान है और अपनी शिकायतें लेकर आती है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

बैठक में राज्य में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट, बिजली की समस्या, किसानों से धान की खरीद में हो रही देरी, बालू की किल्लत, कोयले की लूट, तथा बिना पैसे दिए सरकारी काम नहीं होने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। साथ ही युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़, JTET परीक्षा से जुड़े मुद्दे, तथा कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

विधायकों ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। हत्या, लूट और रंगदारी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और व्यापारी वर्ग भयभीत है। आम लोग डर के कारण घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि यह सरकार है या सर्कस।

कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में सभी विधायक एक स्वर में इन मुद्दों को जोरदार तरीके से सदन में उठाएंगे और जनता की आवाज बुलंद करेंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान सचेतक सह बगोदर के विधायक नागेंद्र महतो एवं प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक भी उपस्थित थे।

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