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महंगाई पर झामुमो का आंदोलन केवल और केवल राजनीतिक नौटंकी : आदित्य साहू

विश्व भर में महंगाई की ब्रांड एंबेसेडर के रूप में विख्यात रही कांग्रेस के साथ गलबहियां कर सरकार चलाने वाली jmm को महंगाई पर बोलने का हक नहीं

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने महंगाई पर सत्तारूढ़ दल झामुमो के आंदोलन को राजनीतिक नौटंकी बतलाया है। उन्होंने कहा कि दरअसल भाजपा द्वारा प्रदेश में जनमुद्दों पर अनवरत आंदोलन से सत्तारूढ़ दल हताशा में है। झामुमो का यह आंदोलन हर मुद्दे पर अपनी पार्टी की विफलता को छुपाने और राज्य में व्याप्त ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने का नाकाम प्रयास भर है। विश्व भर में महंगाई की ब्रांड एंबेसेडर के रूप में विख्यात रही कांग्रेस के साथ गलबहियां कर यहां सरकार चलाने वाली jmm को महंगाई पर तो कम से कम बोलने का रत्ती भर भी हक नहीं है। झामुमो केवल और केवल राजनीतिक ड्रामा कर रही है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में पेट्रोल डीजल पर कई बार उत्पाद शुल्क कम किया गया। वैश्विक भारी उथल पुथल जैसे हालातों के बीच जब पूरी दुनिया चिंतित थी, तब केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाकर देशवासियों को बड़ी राहत देने का काम किया गया। Jmm आम लोगों की बहुत हितकर है तो पेट्रोल डीजल पर वैट क्यों नहीं घटाती ? आज झारखंड में बिजली दर में वृद्धि के कारण उद्योग धंधे बंदी के कगार पर हैं। आम लोग महंगी बिजली बिल से परेशान हैं। यह सब jmm को नहीं दिखता।

श्री साहू ने कहा कि आज वैश्विक संकट के कारण पूरा विश्व ही परेशान है। यह सभी जानते हैं कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में अवरोध के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगी हुई है। यह सिर्फ भारत में ही तो महंगा नहीं हुआ है। इस विपरीत परिस्थिति में भी केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें पूरी तरह नियंत्रित रखने का काम किया है। पूरी दुनिया में आज ऊर्जा संकट किसी से छिपा नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों से अपने व्यक्तिगत संबंधों और सूझबूझ से भारत की जनता को पूरी राहत देने की जो कोशिश की है, वह सराहनीय है। दूसरी तरफ झारखंड सरकार महंगाई पर केवल बयानबाजी और राजनीति कर रही है। इन्हीं दलों ने चुनाव पूर्व 450 रुपए में आम लोगों को गैस सिलेंडर देने का वादा किया था। इन्हें 450 रुपए में आम लोगों को गैस सिलेंडर मुहैया कराने से किसने रोका है ?Jmm और कांग्रेस वाले केवल राजनीतिक ड्रामा नहीं करें और जनहित के जो मुद्दे भाजपा सिलसिलेवार तरीके से उठा रही है, इस के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करें। जनता इन दलों के चेहरे को अच्छी तरह पहचानती है।

भाजपा कार्यकर्ताओं के ‘लहू’ से सींचा गया है बंगाल का कमल : बाबूलाल मरांडी

पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी करार देने वालों दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ बाबूलाल ने एक्स पर लिखकर दिखाया आईना

वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला

फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार से भी उनके कदम नहीं डगमगाए

नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी बतलाने वाले दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा है कि चुनाव आयोग की मेहरबानी से नहीं, बल्कि हमारे कार्यकर्ताओं के ‘लहू’ से बंगाल का कमल सींचा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि कुछ लोग आज भी इस मुगालते में जी रहे हैं कि बंगाल में भाजपा की सत्ता चुनाव आयोग का ‘गिफ्ट’ है। जिन्हें लगता है कि EVM की मशीनें, केंद्रीय बल या दिल्ली का दखल भाजपा को सत्ता की दहलीज तक लाया है, वे शायद बंगाल की तासीर से वाकिफ नहीं हैं। सुन लीजिये! बंगाल में कमल बैलेट बॉक्स से पहले कार्यकर्ताओं के खून से खिला है।

श्री मरांडी ने अपने पोस्ट में कुल चार पार्ट में “लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने, चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी, 15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर एवं यह ‘गिफ्ट’ नहीं, शहीदों का बलिदान है!” पर क्रमवार शीर्षक देकर पार्टी के उतार चढ़ाव वाले सियासी सफरनामे, भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत, सत्तारूढ़ दल वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस के जुल्म को विस्तार से व्याख्या की है।

श्री मरांडी ने “लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने” वाले पहले शीर्षक में लिखा है कि 2011 से 2025 तक का सफर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महायज्ञ था जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। यहाँ लोकतंत्र की बात करने वालों को पेड़ों से लटकाया गया। किसी को बम से उड़ाया गया, तो किसी का शव क्षत-विक्षत हालत में तालाबों में मिला। नंदीग्राम से बीरभूम और कूचबिहार से बशीरहाट तक—सिर्फ भाजपा को वोट देने के अपराध में पूरे-पूरे गाँव खाक कर दिए गए। उन्होंने अतीत के पन्नों को पलटने की सलाह देते हुए कहा कि वह मंजर याद कीजिए, जब महिलाओं की अस्मत को राजनीतिक हथियार बनाया गया ताकि दहशत पैदा की जा सके। यह सत्ता किसी थाली में परोसकर नहीं मिली, इसके पीछे हाई कोर्ट की फटकार और CBI जांचों के वो पन्ने हैं जो TMC के ‘खूनी खेल’ की गवाही देते हैं।

श्री मरांडी ने अपने दूसरे शीर्षक “चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी” में लिखा है कि सोचिए! जिस बूथ अध्यक्ष की लाश सुबह पेड़ पर लटकी मिलती है, दोपहर को उसका बेटा कलेजे पर पत्थर रखकर उसी बूथ पर पोलिंग एजेंट बनकर खड़ा हो जाता है— यह हिम्मत EVM से नहीं, स्वाभिमान से आती है। जिस माँ का घर जला दिया गया, वह अगले दिन फिर हाथ में भगवा झंडा थामे गलियों में ललकारती है— यह हौसला चुनाव आयोग नहीं देता। वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला है। फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार भी उनके कदम को नहीं डगमगा सके।

श्री मरांडी ने तीसरे शीर्षक “15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर” में लिखा है कि यह ग्राफ किसी आंकड़ों का खेल नहीं, यह उन माँओं के आँसुओं का हिसाब है। 2011 में सिर्फ 1 विधायक जीतने पर मजाक उड़ाया गया। 2016 में 3 विधायक जीते, यह संघर्ष की शुरुआत थी। 2019 में 18 सांसद जीते, ममता के गढ़ में सेंध लग चुकी थी। 2021 में 77 विधायक जीतकर पार्टी मुख्य विपक्ष की ताकत बनी।
2024 में 12 सीटें मिली, भयंकर दमन के बावजूद टिके रहे। आज 2026 में पूर्ण बहुमत की प्रचंड विजय। यह जीत उन बेटों के नाम है जिनकी ‘तेरहवीं’ पर उनकी माताओं ने विलाप नहीं किया, बल्कि कसम खाई थी कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, लड़ाई जारी रहेगी। यह उन रिलीफ कैंपों में सड़ रहे परिवारों के सब्र की जीत है।

अपने चौथे शीर्षक यह ‘गिफ्ट’ नहीं, शहीदों का बलिदान है! में श्री मरांडी ने लिखा है कि जो लोग आज इसे “चुनाव आयोग की सेटिंग” कहते हैं, वे एक बार उन गुमनाम कब्रों और श्मशानों में जाकर देखें जहाँ भाजपा का झंडा ओढ़े हमारे भाई सो रहे हैं। उन जले हुए घरों की राख को हाथ लगाकर देखें, जहाँ आज भी चीखें सुनाई देती हैं। बंगाल में सत्ता किसी मशीन ने नहीं दी है। यहाँ हर एक वोट के पीछे एक शहादत छिपी है। 15 साल तक खून-पसीना बहाने के बाद, अपनों की लाशें ढोने के बाद और हर जुल्म सहने के बाद आज बंगाल की गलियों से यह हुंकार निकली है। इसे ‘मेहरबानी’ कहना उन शहीदों का अपमान है जिन्होंने लोकतंत्र को ज़िंदा रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह बंगाल के आत्मसम्मान की जीत है, यह कार्यकर्ताओं के ‘बलिदान’ की जीत है!

गोड्डा में आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की प्रसूता की मौत पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को घेरा

कहा

यह एक प्रसूता की मौत नहीं है बल्कि पूरे सिस्टम की मौत : आदित्य साहू

मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र का जब यह हाल तो प्रदेश के अन्य इलाकों में कुव्यवस्था का लगाया जा सकता है सहज अंदाजा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गोड्डा जिला अंतर्गत कुसुमघाटी निवासी आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की मीरा मालतो नामक प्रसूता की समुचित स्वास्थ्य व्यवस्था के अभाव में मौत पर पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह एक प्रसूता की मौत नहीं है बल्कि पूरे सिस्टम की मौत है। सबसे दुखद है कि यह मामला राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा क्षेत्र बरहेट से जुड़ा हुआ है। जब मुख्यमंत्री के निर्वाचन विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था का यह हाल है तो पूरे राज्य में इस विभाग में फैले कुव्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

वहीं प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य के बड़बोले स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर भी करारा प्रहार करते हुए कहा कि झारखंड गठन के बाद इस प्रकार का निकम्मा स्वास्थ्य मंत्री नहीं देखा गया। अपना काम छोड़कर स्वास्थ्य मंत्री केवल गैर जरूरी कार्यों में व्यस्त रहते हैं। पूरे स्वास्थ्य सिस्टम का कबाड़ा करके इस सरकार ने छोड़ दिया है। यह कुव्यवस्था अब जानलेवा बन चुकी है।

श्री साहू ने कहा कि हेमन्त सोरेन सरकार अबुआ सरकार होने का दंभ भरती रहती है। लेकिन इस सरकार में आदिम जनजातियों की स्थिति ही काफी गंभीर है। मृत प्रसूता भी आदिम जनजाति से ही थी। यह सर्वविदित है कि यह समुदाय आज अपने अस्तित्व को लेकर संघर्षरत है। बावजूद राज्य सरकार की इस समुदाय के प्रति यह उदासीनता शर्मनाक और चिंतनीय है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मीरा मालतो को उनके परिजनों द्वारा पहले राजाभीठा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था और वहां से प्रसूता को गोड्डा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिर वहां से एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो जाती है।

श्री साहू ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही सरायकेला के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां बेटे की मौत से इस सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। अगर सबक लिया होता तो इस प्रकार की तस्वीर पुनः सामने नहीं आती। दरअसल राज्य सरकार को आम लोगों की जान माल की चिकित्सीय सुरक्षा से कोई सरोकार ही नहीं है। सरकार केवल लूट खसोट में लगी हुई है। यहां पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था ही ध्वस्त है। कोई ऐसा दिन नहीं गुजरता जब स्वास्थ्य विभाग में कुव्यवस्था को लेकर अखबारों में खबरें प्रकाशित नहीं होती हो।

श्री साहू ने कहा कि पहले ही खटिया, ठेला एंबुलेंस से सिस्टम दागदार होता रहा है। यहां तो अब थैले में, कार्टून में एक छोटे बच्चे का शव पिता द्वारा ढोकर ले जाने की घटना घट चुकी है। आए दिन हो रही इस प्रकार की मौत का जिम्मेवार कौन है मुख्यमंत्री जी ? अगर आप लोगों से व्यवस्था नहीं संभलती तो राज्य के गरीब आदिवासियों और अन्य लोगों की जान लेने पर क्यों तुले हैं ? इस्तीफा क्यों नहीं दे देते ?

श्री साहू ने राज्य सरकार को चेताते हुए कहा कि भाजपा मूकदर्शक बनी नहीं रह सकती है। अगला आंदोलन राज्य में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ही किया जाएगा।

राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

एसआईटी में उन लोगों को सदस्य बनाया गया जिन पर खुद जांच की तलवार लटकी

वित्त विभाग ने सिर्फ क्लर्क, किरानी को हटाने का आदेश दिया,बड़े मछलियों को खुला छोड़ दिया

सरकार स्पष्ट करे कि बोकारो स्ट्रांग रूम में जमा 14 किलो सोना सुरक्षित है?

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

भाजपा का सवाल: अभियंताओं को धमकाने वाला बबलू मिश्रा कौन है? हो उच्चस्तरीय जांच

भारतीय जनता पार्टी ने प्रेसवार्ता के माध्यम से यह गंभीर प्रश्न उठाया है कि ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं को धमकाने वाला बबलू मिश्रा आखिर कौन है और उसे संरक्षण कौन दे रहा है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि जिस व्यक्ति पर खुलेआम सरकारी अभियंताओं को डराने-धमकाने, गाली-गलौज करने, अपमानित करने और मनचाहे ठेकेदारों को काम दिलाने का आरोप है, उसकी भूमिका की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच बेहद आवश्यक है।

उन्होंने मांग की कि बबलू मिश्रा के साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों, स्टाफ और पीए के कॉल रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जाए। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण विकास कार्यालय में उसके आने-जाने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की भी जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे नेटवर्क और उसके प्रभाव का स्पष्ट खुलासा हो सके।

अजय साह ने आगे कहा कि जिस पत्र को मुख्य अभियंता, अभियंता प्रमुख और विभागीय सचिव को भेजा गया, उस पर 11 दिनों तक कोई कार्रवाई या प्रतिक्रिया न होना अत्यंत संदेहास्पद है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी द्वारा मामला संज्ञान में लेने के बाद ही अधिकारी सक्रिय हुए, वह भी निष्पक्ष जांच के लिए नहीं बल्कि मामले की लीपापोती करने के उद्देश्य से। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि संबंधित पत्र की फॉरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि उसकी सत्यता सामने आ सके।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पत्रों में बबलू मिश्रा का उल्लेख होने के कारण उसकी भूमिका और हस्तक्षेप की जांच अनिवार्य हो जाती है।

अजय साह ने आरोप लगाया कि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन झारखंड में “जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी” का मॉडल चला रहा है। इसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम को गंभीर आरोपों के बावजूद महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रखा गया, जबकि आलमगीर आलम जैसे नेता को जेल में रहने के बावजूद प्रदेश कमिटी में स्थान देकर कांग्रेस द्वारा पुरस्कृत किया गया।

उन्होंने कहा कि भले ही वीरेंद्र राम और आलमगीर आलम आज सीधे तौर पर विभाग में सक्रिय न हों, लेकिन उनके द्वारा स्थापित भ्रष्टाचार का मॉडल आज भी विभाग में लागू है। ऐसे में पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। प्रेस वार्ता में मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक भी मौजूद थे।

*ग्रामीण कार्य विभाग में टेंडर घोटाले को दबाने के लिए हुए पत्र घोटाले की हो फॉरेंसिक जांच: अजय साह

भाजपा ने आरोप लगाया कि झारखंड ग्रामीण कार्य विभाग में टेंडर घोटाले को दबाने के लिए पत्र घोटाला किया गया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग, झारखंड सरकार के कुछ अभियंताओं द्वारा 23 अप्रैल को एक गंभीर पत्र जारी किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि एक व्यक्ति—बबलू मिश्रा—द्वारा अभियंताओं को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और सरकारी टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। यह पत्र 23 अप्रैल से ही विभिन्न स्तरों पर प्रसारित होता रहा और विभागीय हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।

अजय ने बताया कि 4 मई 2026 को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी जी ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई और जांच की मांग की। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, जैसे ही यह मामला राजनीतिक स्तर पर सक्रिय हुआ, उसी दिन अभियंताओं की ओर से एक दूसरा पत्र जारी किया गया, जिसमें पहले वाले पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दे दिया गया।

भाजपा ने इस पूरे संदर्भ में कहा है कि राज्य सरकार दोनों पत्रों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच कराए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन सा पत्र असली है और कौन सा फर्जी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि 23 अप्रैल से लेकर 4 मई तक अभियंताओं की ओर से कोई स्पष्टीकरण क्यों नहीं आया और नेता प्रतिपक्ष के हस्तक्षेप के तुरंत बाद ही नया पत्र क्यों जारी किया गया। भाजपा ने यह भी मांग की है कि इस बात की गहन जांच हो कि क्या अभियंताओं पर किसी प्रकार का दबाव बनाकर उन्हें अपना पूर्व बयान बदलने के लिए मजबूर किया गया। इसके अतिरिक्त, पत्र में उल्लिखित बबलू मिश्रा की पहचान, भूमिका एवं प्रभाव की उच्चस्तरीय जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि वे किस हैसियत से सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे थे। भाजपा ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक पारदर्शिता का ही नहीं, बल्कि राज्य की टेंडर प्रक्रिया और अधिकारियों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

तीन राज्यों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में मनाया गया जश्न।

लड्डू और झालमुड़ी खिलाकर एक दूसरे को दी बधाई एवं पटाखे -आतिशबाजी भी की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर लगी मुहर, देश ने विकास को चुना: आदित्य साहू

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब अँधेरा छंट चुका है और भगवामय सूरज का उदय हुआ है।

उन्होंने समस्त देशवासियों, पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं एवं सम्मानित मतदाताओं को इस शानदार जीत के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि जनता के अटूट विश्वास, कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में विकास और सुशासन की राजनीति पर लगी मुहर है।

आदित्य साहू ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार के 15 वर्षों के कुशासन का अंत हो गया है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता लंबे समय से तृणमूल सरकार की नीतियों से त्रस्त थी। उन्होंने कहा कि घुसपैठ को बढ़ावा देने, तुष्टिकरण की राजनीति को चरम पर पहुँचाने और भ्रष्टाचार के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हुई थी। साथ ही, कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अपराध और अराजकता के माहौल से जनता परेशान थी, आज उसका अंत हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि आज बंगाल की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से इन सभी स्थितियों का जवाब देते हुए बदलाव का मार्ग चुना है और एक नई दिशा की शुरुआत की है।

संगठन की ताकत और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मिली ऐतिहासिक जीत : कर्मवीर सिंह

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में पार्टी की ऐतिहासिक विजय पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि यह विजय केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि जनता के अटूट विश्वास और विकास व सुशासन की राजनीति के प्रति समर्थन का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जो जनकल्याणकारी योजनाएँ और विकास कार्य हुए हैं, उसी पर जनता ने अपनी मुहर लगाई है।

कर्मवीर सिंह ने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसका समर्पित कार्यकर्ता और बूथ स्तर तक मजबूत संगठन है। जब कार्यकर्ता पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ मैदान में उतरते हैं, तब ऐसे ऐतिहासिक परिणाम सामने आते हैं।

यह जनसमर्थन सुशासन, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक : अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस प्रचंड जनादेश के लिए पश्चिम बंगाल की जागरूक जनता-जनार्दन को नमन और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक समर्पित कार्यकर्ता का हार्दिक अभिनंदन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व में बंगाल में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह जनसमर्थन सुशासन, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है। तीनों राज्यों में मिली जीत अभूतपूर्व है।

यह ऐतिहासिक जीत जनता को समर्पित : अर्जुन मुंडा

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मिली जीत कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और उनके वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं ने जिस निष्ठा, समर्पण और सेवा भाव के साथ जनता के बीच काम किया है, यह जीत उसी का प्रमाण है। यह जनादेश हमें और अधिक जिम्मेदारी के साथ जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की प्रेरणा देता है। तीनों राज्यों में मिली इस ऐतिहासिक जीत के लिए सभी कार्यकर्ताओं को बधाई।

इस दौरान समीर उरांव, रवीन्द्र राय, राकेश प्रसाद,बालमुकुंद सहाय, गणेश मिश्रा, आरती कुजूर, सुनीता सिंह, अमरदीप यादव, अमित कुमार, शालिनी बैशख़ियार, दीपक बंका, सूरज चौरसिया, अशोक बड़ाईक, प्रदीप सिन्हा, प्रतुल शाहदेव, रफ़िया नाज़, राहुल अवस्थी, अविनेश सिंह, आरती सिंह, शशांक राज, पवन साहू, अनवर हयात, सुबोध सिंह गुड्डू, संदीप वर्मा, राकेश भास्कर, रमेश सिंह, सीमा शर्मा, वरुण साहू, रोशनी खलखो, नीरज कुमार, बबलू भगत, उषा पांडे, सुधीर श्रीवास्तव, तारीक इमरान, सीमा सिंह, सहित कई उपस्थित थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र के आग्रह के लिए भाजपा मुख्यमंत्री से समय देने का करती रही आग्रह, नहीं मिला समय

इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी

थक हार कर इस मामले पर भाजपा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

रांची के नन्हे प्रतिभाशाली तैराक ईशांक सिंह को भाजपा ने घर जाकर किया सम्मानित

ईशांक की उपलब्धि असाधारण प्रतिभा और निरंतर कठोर अभ्यास का परिणाम : आदित्य साहू

इशांक देश-प्रदेश के लाखों बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत

ईशांक सिंह ने झारखंड का नाम किया रोशन : कर्मवीर सिंह

इशांक सिंह ने पाक स्ट्रेट की 29 किमी की दूरी मात्र 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया

आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने झारखंड के लाल नन्हे तैराक ईशांक सिंह के राँची स्थित उनके आवास पर पहुंचकर इस होनहार बालक को सम्मानित किया और इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। झारखंड के इशांक सिंह ने पाक स्ट्रेट की 29 किमी की दूरी मात्र 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इशांक ने महज 7 वर्ष की उम्र में भारत और श्रीलंका के बीच करीब 29 किलोमीटर लंबे पाक जलडमरूमध्य पार कर एक नया इतिहास रचने का काम किया है। इशांक ने विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर न केवल झारखंड का बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड की धरती के लिए यह अत्यंत गर्व और प्रेरणा का क्षण है। मात्र 7 वर्ष की आयु में नन्हे तैराक इशांक ने समुद्र के चुनौतीपूर्ण मार्ग Palk Strait को तैरकर पार कर अद्भुत साहस परिचय दिया है। इतनी कम उम्र में इस तरह की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करना असाधारण प्रतिभा और निरंतर कठोर अभ्यास का परिणाम है। इशांक ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती। उनकी यह उपलब्धि देश-प्रदेश के लाखों बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

श्री साहू ने इस अभूतपूर्व सफलता के लिए नन्हे इशांक, उनके माता-पिता एवं समर्पित प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी है। साथ ही कामना करते हुए कहा है कि वे आगे भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर झारखंड और भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन करें।

संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि रांची के नन्हे प्रतिभाशाली तैराक ईशांक सिंह ने महज 7 वर्ष की उम्र में 29 किलोमीटर लंबे पाक जलडमरूमध्य को मात्र 9 घंटे 50 मिनट में पार करते हुए श्रीलंका के तलाइमन्नार से भारत के धनुषकोडी तक का सफर तय कर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर इतिहास रचने का काम किया है। झारखंड के लिए यह गर्व विषय है। नन्हें तैराक ने झारखंड का नाम रोशन किया है। यह अद्भुत उपलब्धि न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। इतनी कम उम्र में यह अद्भुत उपलब्धि हासिल कर ईशांक ने न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है।

इस दौरान मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश सिंह भी मौजूद रहे।

स्वास्थ्य विभाग में बड़े घोटाले की आशंका, स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए राज्य सरकार: नवीन जायसवाल

स्वास्थ्य विभाग में व्यापक गड़बड़ी को लेकर मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को जांच के लिए लिखा पत्र, नवीन जायसवाल ने कहा कि दूध की रखवाली बिल्ली करेगी ?

अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने और स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल पद से बर्खास्त करने की मांग

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हटिया विधायक एवं विधानसभा में मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं और कथित घोटालों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लगातार गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं। मुख्य सचिव द्वारा स्वास्थ्य सचिव को लिखे गए पत्र में व्यापक अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं, जो इस बात का संकेत है कि मामला अत्यंत गंभीर है।

श्री जायसवाल ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने चहेतों को ऊँचे दर पर टेंडर दिलाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पत्र में सामने आए तथ्यों के अनुसार, जिन उत्पादों की वास्तविक कीमत एक रुपये है, उन्हें तीन से पाँच गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर प्रक्रिया में एक ही परिवार के सदस्यों के नाम पर कई कंपनियों का पंजीकरण कराकर लाभ पहुँचाने का मामला सामने आया है, जो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

श्री जयसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लगातार घोटालों का खुलासा हो रहा है। हालांकि मुख्य सचिव द्वारा संज्ञान लिया जाना स्वागत योग्य है, लेकिन जांच की जिम्मेदारी स्वास्थ्य सचिव को ही सौंपे जाने पर संदेह उत्पन्न होता है। उन्होंने इसे “दूध की रखवाली बिल्ली को सौंपने” जैसा बताया और आशंका जताई कि जेम पोर्टल के माध्यम से हुई ऊँची दर की खरीद में लीपापोती की जा सकती है।

श्री जायसवाल ने आगे कहा कि झारखंड में ट्रेजरी लूट का मामला भी सामने आया है, जिसमें हर जिले में करोड़ों रुपये की धांधली उजागर हुई है। उन्होंने इसे चारा घोटाले से भी बड़ा घोटाला बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पहले से ही बालू, कोयला, जमीन और लोहा लूट के मामले सामने आते रहे हैं, और अब सरकारी खजाने की लूट का सिलसिला भी जुड़ गया है। मंत्री के प्रभाव में विभाग के भीतर अत्यधिक दरों पर खरीदारी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

श्री जायसवाल ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री से मांग करती है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। साथ ही संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने और स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल पद से बर्खास्त करने की मांग की गई।

प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक एवं प्रदेश प्रवक्ता अविनेश सिंह उपस्थित थे।

मैट्रिक टॉपर प्रेम के घर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, घोषणा के अनुसार दी एक लाख रुपए की सहयोग राशि

शेष तीन टॉपरों को भी भाजपा ने की 100000 रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

भाजपा प्रतिभा के सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए सदैव समर्पित : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने अपनी घोषणा के अनुसार मैट्रिक परीक्षा में झारखंड टॉपर करने वाले छात्र प्रेम कुमार साहू के घर पहुंचकर आज उन्हें एक लाख रुपए की सहयोग राशि प्रदान की। प्रेम रांची जिला के कांके प्रखंड अंतर्गत नेवरी निवासी अर्जुन साहू के सुपुत्र हैं। जिन्होंने मैट्रिक की परीक्षा में 498 अंक (99.60%) प्राप्त कर झारखंड में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। प्रेम के साथ हजारीबाग की प्रियांशु कुमारी, बानो की शिवांगी कुमारी एवं रांची के सन्नी कुमार वर्मा ने भी झारखंड टॉप किया है। भाजपा ने इन्हें भी 1,00,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रतिभा के सम्मान और उज्जवल भविष्य के निर्माण के लिए सदैव समर्पित है। प्रेम कुमार साहू ने प्रेमचंद्र हाई स्कूल, मेसरा (रांची) से मैट्रिक परीक्षा में 498 अंक (99.60%) प्राप्त कर पूरे झारखंड में प्रथम स्थान हासिल कर क्षेत्र एवं राज्य का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह अद्भुत सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से पूर्व में की गई घोषणा के अनुसार आज उनके आवास पहुँचकर उन्हें इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर आगे की पढ़ाई के लिए अपनी ओर से एक लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान कर अपना वादा पूरा किया।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और भारतीय जनता पार्टी के सेवा, समर्पण एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प से प्रेरित होकर समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का सतत प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में झारखंड के अन्य मेधावी विद्यार्थियों — हजारीबाग की प्रियांशु कुमारी, बानो की शिवांगी कुमारी एवं रांची के सन्नी कुमार वर्मा — जिन्होंने मैट्रिक परीक्षा में 498 अंक (99.60%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया है, उन्हें भी प्रोत्साहन स्वरूप उनकी आगे की पढ़ाई के लिए एक लाख रुपये की सहयोग राशि दी जाएगी।

श्री साहू ने कहा कि मेरा विश्वास है कि समाज के मेधावी और परिश्रमी विद्यार्थियों को यदि समय पर सहयोग और प्रोत्साहन मिले, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रकृति हमें यह सिखाती है कि वृक्ष अपने फल दूसरों के लिए देते हैं, नदियाँ दूसरों के हित के लिए बहती हैं और गायें भी दूसरों के कल्याण के लिए दूध देती हैं। उसी प्रकार मनुष्य का जीवन भी समाज की सेवा और दूसरों के उत्थान के लिए होना चाहिए।

भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

तय तिथि को सम्बन्धित जिले में एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर करेंगे प्रदर्शन

झारखंड की जनता कर रही त्राहिमाम, झारखंड सरकार पिकनिक मनाने में व्यस्त : आदित्य साहू

हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती, हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का करेंगे काम

नल जल योजना झारखंड में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी, बूंद बूंद पानी को तरस रही जनता

सरकार को चेतावनी, जनता को तत्काल पानी की सुविधा कराए मुहैया

भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

“महिला आक्रोश मशाल यात्रा” में उमड़ा जनसैलाब, महिलाओं ने प्रचंड उपस्थिति दर्ज कर जताया आक्रोश

नारी सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को जनता कभी नहीं करेगी माफ : आदित्य साहू

महिलाएं अब जाग चुकी हैं : आरती सिंह

विपक्ष अपनी संकीर्ण राजनीति के कारण महिलाओं के अधिकारों में डाल रहा बाधा: संजय सेठ

रांची में भाजपा, महिला मोर्चा, रांची महानगर–जिला के तत्वावधान में आयोजित “महिला आक्रोश मशाल यात्रा” ऐतिहासिक रूप से सफल रही। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाली गई इस मशाल यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर नारी सम्मान और अधिकारों के पक्ष में अपनी सशक्त आवाज बुलंद की।
महिला आरक्षण बिल को संसद में रोकने के मुद्दे पर इंडी गठबंधन के विरोध में महिलाओं का आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। पूरे मार्ग में “नारी सम्मान – हमारा अधिकार” जैसे नारों के साथ मातृशक्ति ने अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता और संघर्ष का परिचय दिया। यह मशाल यात्रा झारखंड में नारी शक्ति के बढ़ते आत्मविश्वास, एकता और संघर्ष के संकल्प का सशक्त उदाहरण बनी।

इस अवसर पर मुख्यरूप से उपस्थित भाजपा, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध कर विपक्ष ने देश की मातृशक्ति के साथ अन्याय किया है। झारखंड की धरती से आज यह स्पष्ट संदेश गया है कि नारी सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष अपनी संकीर्ण राजनीति के कारण महिलाओं के अधिकारों में बाधा डाल रहा है। आज की यह मशाल यात्रा उसी अन्याय के खिलाफ एक जनआंदोलन है। झारखंड की महिलाएं अब चुप बैठने वाली नहीं है। नारी शक्ति अब विपक्षी दलों के चेहरा को बेनकाब करेंगी।

महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह ने कहा कि झारखंड की महिलाएं अब जाग चुकी हैं और अपने सम्मान एवं अधिकारों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं। यह आक्रोश मशाल यात्रा नारी शक्ति की एकजुटता और संकल्प का प्रतीक है।

कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी, रांची के विधायक सीपी सिंह, महानगर जिला अध्यक्ष वरुण साहू, आरती कुजूर, सीमा शर्मा, शोभा यादव, काजल प्रधान, सुचिता सिंह, पायल सोनी, वीणा मिश्रा, अनीता वर्मा, अर्चना सिंह, रेखा महतो, सुमन सिंह, लवली पाठक, बबीता देवी सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

आगरा के पागलखाने में ही स्वास्थ्य मंत्री का समुचित इलाज संभव : अमर कुमार बाऊरी

इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला पूरे झारखंड को शर्मसार करने वाली, सभी दोषियों की हो अविलंब गिरफ्तारी

भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी ने कहा कि लगता है झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का स्वास्थ्य काफी खराब हो चुका है। इस स्थिति में रांची के कांके स्थित पागलखाना में उनका इलाज संभव नहीं दिख रहा है। इरफान अंसारी का रोग इस कदर बढ़ गया है कि अब योगी आदित्यनाथ के प्रदेश स्थित आगरा के पागलखाने में ही उनका समुचित इलाज संभव है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी चाहिए कि अविलंब विशेष सेवा विमान से अपने स्वास्थ्य मंत्री को आगरा भेजने की व्यवस्था करें, ताकि वहां उनका समुचित इलाज हो सके।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि आज हजारीबाग में सवाल पूछे जाने पर पत्रकारों के साथ इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा मारपीट की घटना पूरे झारखंड को शर्मसार करने वाली है। कहीं न कहीं पत्रकारों पर यह हमला सीधे-सीधे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने की साजिश है। दो तीन पहले ही स्वास्थ्य मंत्री रांची के एक मीडिया हाउस पर 11 करोड़ का नोटिस भेज चुके हैं और आज एक पत्रकार पर सरेआम मंत्री और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जानलेवा हमला। आखिर ये स्वास्थ्य मंत्री हैं या अराजक मंत्री ?

प्रदेश महामंत्री ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या हेमंत सरकार में अब सवाल पूछने पर लाठी और गुंडागर्दी से जवाब दिया जाएगा? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ ऐसे मंत्री से भला पूरे राज्य का स्वास्थ्य महकमा कैसे संभलेगा ? राज्य सरकार को पहले इनका मानसिक इलाज कराने की जरूरत है। जब तक इनका पूरी तरह मानसिक इलाज नहीं हो जाए तब तक इन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए।

प्रदेश महामंत्री ने हजारीबाग पुलिस प्रशासन से सभी दोषियों को अविलंब गिरफ्तार करने और उन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

भाजपा नेताओं ने वित्त मंत्री का हालचाल जाना, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना

वित्त मंत्री के अस्वस्थ होने की सूचना पर अस्पताल पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू पार्टी के अन्य नेताओं के साथ सेंटेविटा अस्पताल पहुँचकर राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर का कुशल-क्षेम जाना। वित्त मंत्री के अस्वस्थ होने की सूचना पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अस्पताल पहुंचे थे। नेताओं ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इस दौरान नेताओं ने परिजनों एवं चिकित्सकों से भी मंत्री के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की।

आदित्य साहू ने वित्त मंत्री के जल्द स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा में सक्रिय होने की कामना की।

इस अवसर पर विधायक विधायक सीपी सिंह , पूर्व नेता प्रतिपक्ष सह प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह एवं अशोक बड़ाईक भी उपस्थित रहे।

20 दिनों से सरकार,समिति, सीआईडी और एसआईटी जांच के बीच ट्रेज़री महाघोटाले को दफनाने की साजिश- प्रतुल शाह देव

खजाने से गायब ₹10,000 करोड़ का कनेक्शन क्या ट्रेजरी घोटाले से है,वित्त मंत्री स्पष्ट करे

सीआईडी ने खुद जांच ना कर पुलिस के आईजी के नेतृत्व में एसआईटी क्यों बनाया?

एसआईटी के लिए कोई समय सीमा का निर्धारण नहीं करना भी संदेहास्पद

रांची। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड में सामने आ रहे ट्रेजरी घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को स्पष्ट करना चाहिए कि खजाने से गायब ₹10,000 करोड़ आखिर कहां गए और क्या यह राशि ट्रेजरी घोटाले से जुड़ी हुई है।प्रतुल शाहदेव ने कहा कि पूरी राज्य सरकार इस गंभीर घोटाले पर पर्दा डालने में लगी हुई है। मीडिया द्वारा लगातार मामले उजागर किए जाने के बावजूद सरकार ने अपनी तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ “समिति पर समिति” और “एसआईटी पर एसआईटी” बनाकर असली घोटालेबाजों को बचाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पहले वित्त विभाग के उप सचिव ज्योति झा के नेतृत्व में बनी प्रारंभिक कमेटी ने बोकारो जाकर कई गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा किया था, लेकिन सरकार ने उस रिपोर्ट को दबाने का प्रयास किया।हाल के खुलासे ने स्पष्ट किया कि बोकारो में एसपी के नाम पर 16 करोड रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद 17 अप्रैल को उत्पाद सचिव के नेतृत्व में दूसरी कमेटी बनाकर मामले को लटकाना चाहा ताकि सच्चाई सामने न आ सके। वित्त विभाग की पुरानी समिति का पूरे तरीके से इसी एसआईटी में विलय कर दिया गया ताकि वो अलग रिपोर्ट ना दे पाए।

प्रतुल शाहदेव ने यह भी आरोप लगाया कि बोकारो के एसपी को अचानक हटाया जाना और सीआईडी जांच में देरी करना इस बात का संकेत है कि सरकार मामले को भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह तक सीआईडी ने जांच शुरू नहीं की और जब मामला मीडिया में उछला तब कार्रवाई का दिखावा किया गया।उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब सीआईडी द्वारा झारखंड पुलिस के आईजी (मानवाधिकार ) की अध्यक्षता में एसआईटी बना दिया गया।इससे जांच सीआईडी से निकल कर झारखंड पुलिस के अधिकारी के अधीन चली गई है। यहां बड़ा प्रश्न यह है की सीआईडी ने खुद से जांच क्यों नहीं की?प्रतुल ने कहा कि जब पुलिस के एक आईजी किसी टास्क फोर्स का नेतृत्व करेंगे तो उनके अधीन टास्क फोर्स के सीआईडी के कनिष्ठ अधिकारी कितने स्वतंत्र रह पाएंगे,ये बड़ा प्रश्न है। संदेह इस से भी पुख्ता होता है की एसआईटी के किए जांच की कोई समय सीमा नहीं दी गई है। यानी सरकार पूरे मामले को ठंडा बस्ती में डालना चाहती है। प्रतुल ने कहा कि अब समय आ गया है कि सिपाही, होमगार्ड के जवान और लेखापाल के अलावा बड़े मछलियों पर भी सरकार हाथ डाले।

प्रतुल शाहदेव ने स्पष्ट कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच केवल केंद्रीय एजेंसियां ही कर सकती हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे ट्रेजरी घोटाले की जांच तत्काल सीबीआई और ईडी को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।

जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड पर राज्य सरकार पर भाजपा का हमला, परिजनों को 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

पार्टी की ओर से 50 हज़ार का सहयोग राशि परिजनों को दिया गया।

राज्य में अपराधियों की चल रही है समानांतर सरकार : आदित्य साहू

हेमंत सरकार में आदिवासी असुरक्षित, कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।

मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैला रहा विपक्ष, महिलाओं के साथ किया विश्वासघात: पूर्णिमा साहू

महिला अधिकारों पर विपक्ष का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण।

28 अप्रैल को संध्या 5 बजे रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला जाएगा विशाल मशाल जुलूस

भाजपा नेत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि 16-17 अप्रैल को संसद में देश की आधी आबादी को समान अधिकार और भागीदारी देने का एक ऐतिहासिक अवसर आया था। किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। श्रीमति साहू भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी।

श्रीमती साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में स्पष्ट कहा है कि महिलाओं को सम्मान, अधिकार और नीति-निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है।

उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने वर्षों तक न विधानसभा में और न ही लोकसभा में महिलाओं को पर्याप्त अवसर दिया। लेकिन जब महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब उनका महिला-विरोधी चरित्र उजागर हो गया।

श्रीमती साहू ने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि इसका उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन देशभर में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पहले से ही जनगणना और परिसीमन से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2023 में जब यह अधिनियम सदन में प्रस्तुत किया गया था, तब किसी भी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया। उस समय लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कांग्रेस ने जल्दबाजी में समर्थन दिया, लेकिन अब जब इसे लागू करने की बात आई है, तो वही दल आज विरोध कर रहे हैं।

श्रीमति साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बयान देने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं मूकदर्शक नहीं, बल्कि सशक्त और जागरूक हैं। वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और उन्हें पाने के लिए आवाज उठाने को पूरी तरह तैयार हैं।

प्रेस वार्ता में पूर्णिमा साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और इंडी गठबंधन के महिला विरोधी मानसिकता को लेकर 28 अप्रैल को संध्या 5 बजे हजारों महिलाओं द्वारा रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो नारी शक्ति, सम्मान और अधिकारों की मजबूत अभिव्यक्ति होगा।

इस अवसर पर आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ एवं बबीता झा भी उपस्थित थीं।

अयोग्य एवं नकारा जेपीएससी चेयरमैन को हटाएं मुख्यमंत्री : बाबूलाल मरांडी

बेईमान और नकारा लोगों ने जेपीएससी को लूट का अड्डा बनाकर छोड़ा

सोशल मीडिया के एक्स पर ट्वीट कर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थी के सपनों के साथ बंद हो खिलवाड़

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की स्थिति राज्य में लगातार बदतर होती जा रही है। JPSC द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा में सामने आई गंभीर खामियों ने पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बोकारो और रांची के एक-एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र तक नहीं पहुंच पाए, जिसके कारण वहां परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इसके अलावा अंग्रेज़ी विषय में एक ही पैसेज से एक ही प्रश्न को दो बार पूछना और एक प्रश्न में विकल्प का गायब होना यह दर्शाता है कि परीक्षा आयोजन को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। हर परीक्षा में नई गड़बड़ियां सामने आना अब एक चिंताजनक प्रवृत्ति बन चुकी है।

श्री मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम फिर कह रहे हैं कि अयोग्य एवं नकारा जेपीएससी चेयरमैन को हटाईये। ऐसे बेईमान और नकारा लोगों ने जेपीएससी को लूट का अड्डा बनाकर रख दिया है, जिनका मुख्य काम परीक्षा संचालन के आउटसोर्सिंग से लेकर सारे ठेके-पट्टे, सप्लाई में कमीशन खाने से और नौकरी तक की बोली लगाकर पहले से बेच देने का बन के रह गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि जो लोग अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल हो रहे हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, उन पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के सपनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ न हो।

महिला आक्रोश मार्च आंदोलन स्वत: स्फूर्त, राजधानी रांची की सड़कों पर दिखेगी आधी आबादी की ताकत : अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं से अपने अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए एकजुट होने का किया आह्वान

झामुमो, कांग्रेस, राजद का महिला विरोधी चेहरा उजागर, अपमान का बदला लेगी नारी शक्ति

रांची के मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिला आक्रोश मार्च के तहत होना है पदयात्रा कार्यक्रम, हजारों की संख्या में शामिल होंगी महिलाएं

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित नहीं होने के विरोध में राजधानी रांची में शनिवार को होने वाले महिला आक्रोश मार्च में हजारों महिलाएं सड़क पर उतर कर अपना दमखम दिखाएंगी। यह किसी विशेष राजनीतिक पार्टी का नहीं बल्कि पूरी आधी आबादी का कार्यक्रम है। शनिवार को सुबह 10 बजे से मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा कार्यक्रम होना है। यह आंदोलन स्वत: स्फूर्त है। जिसमें महिलाओं के अलावा आम लोगों की भी बड़ी भागीदारी होगी।

केंद्रीय मंत्री ने सभी महिलाओं से आह्वान किया है कि वे चाहे वे किसी भी दल या सामाजिक संगठन से जुड़ी हों, सभी को अपने अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की जरूरत है। इस आक्रोश मार्च में शामिल होकर महिला विरोधियों को नारी शक्ति की ताकत का अहसास कराना जरूरी है।

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि यहां की सरकार में शामिल कांग्रेस, झामुमो, राजद का महिला विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है। इंडी गठबंधन और कांग्रेस की पुरानी चाल है कभी वह महिलाओं को कभी आरक्षण देना ही नहीं चाहती। समाजवादी पार्टी की यही मंशा रही है। इन दलों के नापाक मंसूबे के कारण संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हो पाया। इसको लेकर देश भर की महिलाओं के अंदर खासा आक्रोश व्याप्त है। महिलाएं अपने-अपने अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए आंदोलनरत हैं। इसी निमित्त राजधानी रांची में भी शनिवार को आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। हजारों महिलाएं इस आंदोलन में शामिल हो रही हैं। इन विपक्षी दलों ने महिलाओं का जिस प्रकार से अपमान किया है, उसका बदला नारी समाज हर हाल में लेकर रहेगी। जरूरत पड़ेगी तो महिलाएं इन विपक्षी दलों के नेताओं को जगह-जगह से खदेड़ने का भी काम करेगी। महिलाओं के अधिकारों पर जो वार किया गया है, उसके लिए कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन जिम्मेदार है। बहनों-बेटियों की आवाज को इंडी गठबंधन ने दबाने का प्रयास किया है। जिसके खिलाफ अब झारखंड की नारी शक्ति का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा। मोदी सरकार ने कितना सुनहरा मौका दिया था कि आधी आबादी को उनका अधिकार मिल जाए परंतु इंडी गठबंधन ने अपनी आदत के अनुसार उस अवसर पर पानी फेरने का काम किया है।

पंचायत चुनाव की आहट के साथ मुख्यमंत्री को याद आई गांव की सरकार : आदित्य साहू

केंद्र सरकार द्वारा झारखंड के 4342 पंचायत को मिले 2254 करोड़ रुपए पर वाहवाही बटोरने में जुटी झारखंड सरकार

प्रत्येक पंचायत को मिलेंगे लगभग 52 लाख रुपए, राशि खर्च करने में बरती जाय पूरी पारदर्शिता

बंदरबांट व भ्रष्टाचार होने पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता करेंगे निगरानी

हेमंत सरकार खर्च फंड का उपयोगिता प्रमाण पत्र तो दे ही नहीं पाती और चली है लंबी चौड़ी बातें करने

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गांव की सरकार के प्रति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेम को दिखावा और राजनीतिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट होते ही मुख्यमंत्री सियासी ढोंग करने में जुट गए हैं। 4 वर्षों तक गांव की सरकार के लिए हेमंत सरकार ने एक भी कुछ काम किया हो तो उन्हें बताना चाहिए। अब जब अगले वर्ष चुनाव होने हैं तो केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई राशि का श्रेय लेकर राज्य सरकार झूठी वाहवाही बटोरने में जुटी हुई है।

श्री साहू ने कहा कि राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर मुखिया सम्मेलन में मुख्यमंत्री गांव की सरकार को लेकर लंबी चौड़ी बातें करते हैं कि गांव के विकास से ही राज्य का विकास संभव है लेकिन राज्य की जनता यह नहीं भूली है कि यही हेमंत सोरेन की सरकार पिछली दफा पंचायत चुनाव को लगातार कैसे टालती रही।

श्री साहू ने कहा कि आज जब केंद्र सरकार द्वारा 4342 पंचायत को 2254 करोड रुपए यानी प्रत्येक पंचायत को लगभग 52 लाख रुपए विकास के लिए दिया गया है तो हेमंत सरकार इसका श्रेय लेने के लिए ऐसा प्रपंच रच रही है। गांव की सरकार के जनप्रतिनिधि झारखंड सरकार के इन चालों को बखूबी समझ रहे हैं। 4 सालों तक हेमंत सरकार ने गांव की सरकार के लिए क्या किया, यह उन्हें बताना चाहिए। आखिर गांव की सरकार का क्या कसूर था ? आज पीएम ने चिंता नहीं की होती तो यह जो पैसा आया है वह भी नहीं आ पाता। हेमंत सरकार खर्च फंड का उपयोगिता प्रमाण पत्र तो दे ही नहीं पाती और चली है लंबी चौड़ी बातें करने।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड गठन के बाद ग्रामीण विकास के लिए एकमुश्त इतनी बड़ी राशि कभी भी नहीं मिली। देश के प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के कारण ही यह संभव हुआ है। यह राशि पंचायतों के माध्यम से गांवों के विकास, अटल बिहारी वाजपेई जी के सपनों का झारखंड निर्माण करने के लिए भेजा गया है। इसलिए केंद्र द्वारा पंचायत को भेजे गए एक-एक पैसे का सदुपयोग कैसे हो, यह राज्य सरकार सुनिश्चित करे। उन पैसों का उपयोग पंचायत के अंतर्गत आने वाले गरीब, वंचित, शोषित, मजदूरों की भलाई में खर्च हो। मोदी सरकार ने पैसा इसलिए नहीं दिया कि उन पैसों का दुरुपयोग हो, उस पैसे पर भ्रष्टाचारियों की गिद्ध नजर पड़े। यह साफ चेतावनी है कि अगर इस मामले में भ्रष्टाचार करने की थोड़ी भी कोशिश हुई तो गांव-गांव तक भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता इसका विरोध करेंगे और उनके द्वारा उसकी निगरानी की जाएगी। क्योंकि इस सरकार का इतिहास कट कमीशन का रहा है। लेकिन इसमें गलती से भी ऐसा नहीं हो। भाजपा अध्यक्ष ने प्रदेश भर के मुखिया, वार्ड पार्षद, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख, जिला परिषद के सदस्य, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से भी आग्रह किया है कि वे अपनी निगरानी और देख रेख में इस राशि को खर्च करवाएं।

भाजपा की माँग: मनोज कौशिक को सीआईडी से हटाए बिना ट्रेजरी स्कैम की निष्पक्ष जांच संभव नहीं

झारखंड के बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इस पूरे मामले में चल रही जांच प्रक्रिया और सरकार द्वारा दिए जा रहे आश्वासनों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया है।

अजय साह ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक सीआईडी जांच शुरू नहीं होना अपने आप में कई संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस एजेंसी को जांच सौंपी जानी है, उसकी निष्पक्षता पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। उनके अनुसार, यह घोटाला शुरुआत में करीब 3.5 करोड़ रुपये का था, जो धीरे-धीरे 14 जिलों में फैलते हुए आधिकारिक रूप से 350 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने आशंका जताई कि जिस तेजी से यह आंकड़ा बढ़ रहा है, वह भविष्य में हजारों करोड़ के घोटाले का रूप ले सकता है और यह स्थिति कहीं न कहीं चारा घोटाले के दूसरे संस्करण जैसी प्रतीत हो रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस महाघोटाले की जांच झारखंड पुलिस के बजाय सीआईडी को इसलिए सौंपी जानी है ताकि एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित की जा सके। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां इस उद्देश्य के विपरीत नजर आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “अनुराग गुप्ता मॉडल” के तहत सीआईडी और झारखंड पुलिस की कमान एक ही अधिकारी के हाथों में केंद्रित कर दी गई है। वर्तमान में एडीजी सीआईडी श्री मनोज कौशिक को एडीजी मुख्यालय और रांची के आईजी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

अजय साह ने यह भी बताया कि ट्रेजरी घोटाला मूल रूप से पुलिस ट्रेजरी से जुड़ा मामला है, जिसकी जवाबदेही डीडीओ यानी संबंधित जिलों के एसपी पर होती है। उन्होंने उल्लेख किया कि मनोज कौशिक वर्ष 2012 से 2014 के बीच हजारीबाग के एसपी (डीडीओ) रह चुके हैं। ऐसे में यदि वही अधिकारी इस मामले की जांच का नेतृत्व करते हैं, तो यह ‘हितों के टकराव’ (Conflict of Interest) और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा। साथ ही, जिन जिलों में यह घोटाला संदिग्ध है, वे वर्तमान में भी उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जिससे निष्पक्ष जांच की संभावना और भी कम हो जाती है।

भाजपा ने मांग की है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए मनोज कौशिक को सीआईडी प्रमुख के पद से हटाकर किसी ऐसे अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए, जिसका इन जिलों या ट्रेजरी मामलों से पूर्व में कोई प्रत्यक्ष संबंध न रहा हो। अंत में अजय साह ने दोहराया कि यदि राज्य सरकार वास्तव में इस मामले को लेकर गंभीर है, तो उसे तुरंत न्यायिक जांच के आदेश देने चाहिए या फिर इस पूरे प्रकरण को सीबीआई को सौंप देना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

एसआईआर पर मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर रहे हैं हेमंत सोरेन: आदित्य साहू

अपने घुसपैठिये फर्जी वोटरों को बचाने के लिए गरीबों के नाम का उपयोग कर अपनी रोटी सेंक रहे हैं मुख्यमंत्री

झारखंड सरकार का वोट बैंक दांव पर, इसलिए छटपटा रहे हैं हेमंत सोरेन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एसआईआर पर झारखंड के मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर अपनी राजनीति रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं। गरीब गुरबा, आदिवासी, मूलवासी का नाम लेकर मुख्यमंत्री अपने हिडन एजेंडा को साध रहे हैं।

श्री साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान को पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन बतलाया है जिसमें उन्होंने बीजेपी पर एसआईआर की आड़ में आदिवासी, मूलवासी, पिछड़ों को उनके मताधिकार एवं राशन और पेंशन से वंचित करने की बात कही है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह बौखला गए हैं। अपने कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए मतदाताओं का पत्ता साफ हो जाने के ख्याल मात्र से ही उनकी नींद उड़ी हुई है। इसलिए वे अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं।

श्री साहू ने कहा कि देश में एसआईआर कोई पहली बार नहीं हो रहा है। देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया में एसआईआर एक पार्ट है। जो देश की आजादी के बाद से अब तक 13 बार किया जा चुका है। अंतिम बार 2004 में किया गया है। मोदी सरकार तो 2014 में बनी। इसके पूर्व जितने बार एसआईआर हुए, एक बार को छोड़कर सदैव देश में कांग्रेस या उनकी गठबंधन की सरकार रही। तब इस नियमित एसआईआर पर किसी ने कभी आपत्ति नहीं जताई। आखिर अब केंद्र में मोदी सरकार के दौरान प्रक्रिया पर किसी को आपत्ति क्यों ? उस पर भी यह पूरी तरह चुनाव आयोग का काम है, इसमें किसी राजनीतिक पार्टी का कोई भी दखल नहीं होता। चुनाव आयोग इस गहन पुनरीक्षण के तहत यह सुनिश्चित करता है कि देश में कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अपात्र मतदाता, इस में सूची में फर्जीवाड़ा कर अपना नाम नहीं शामिल कर सके। इसके लिए मतदाता सूची में 18 साल पूरा करने वाले मतदाताओं का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 तथा सुधार अथवा करेक्शन के लिए फॉर्म 8 भरना आवश्यक किया गया है।

श्री साहू ने कहा कि बिहार और बंगाल में विपक्षी दलों द्वारा भ्रामक बयान की सारी कलई खुल चुकी है। इन राज्यों में किसी वास्तविक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं कटा। स्वाभाविक है कि झारखंड में भी किसी वास्तविक वोटर का नहीं कटेगा। जो वास्तविक वोटर हैं, जो देश की नागरिकता होने की अहर्ता रखते हैं उनमें कहीं कोई घबराहट नहीं है। सारा भ्रम विपक्षी पार्टियां फैला रही हैं।

श्री साहू ने कहा कि दरअसल हेमंत सोरेन की बेचैनी और चिंता अपने कथित कोर घुसपैठिए वोटर को लेकर है जो इनके कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए हैं। यह किसी से छिपा नहीं है कि इस सरकार के कार्यकाल में पूरे झारखंड की डेमोग्राफी चेंज हुई है। विपक्ष ने अपने वोट बैंक के लिए इन घुसपैठियों को देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बसाया, लेकिन अब एसआईआर उनकी पहचान कर रहा है तो कांग्रेस, झामुमो, राजद सहित अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनका वोट बैंक दांव पर है। हेमंत सोरेन इसी कारण भयभीत हैं कि अब उनकी पोल पट्टी खुलने वाली है। राज्य में जो लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर फर्जी वोटर बने हुए हैं और वास्तविक लाभुकों की हकमारी कर रहे हैं। उन्हें ही फिल्टर कर हटाना तो एसआईआर का उद्देश्य है।

श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पहले भी कहा है कि हेमंत सरकार बांग्लादेशी, रोहंगिया को बसा रही है। अपने वोट बैंक की खातिर यहां के आदिवासी मूलवासी का हक इन्हें दे रही है। साल 2014 से 2019 के बीच देश भर में मतदाताओं में 9.3% की वृद्धि के मुकाबले झारखंड में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि होती है। जबकि 2019 से 2024 के बीच देश में मत प्रतिशत में 10.1% वृद्धि के मुकाबले झारखंड में यह वृद्धि 16.7% होती है। इस दौरान झारखंड में राष्ट्रीय ग्रोथ से भी अधिक मत प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि 2019 से 2024 के बीच यहां किसकी सरकार थी। भाजपा के शासनकाल में अवैध घुसपैठियों के लिए कोई जगह होती। जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में फर्जी लोगों को वोटर बनाकर बसाया जा रहा है।

श्री साहू ने कहा कि एक और उदाहरण देखिए कि झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के हैदरजोड़ी पंचायत में एक भी मुस्लिम आबादी नहीं है। लेकिन यहां मंईयां सम्मान योजना के तहत 174 मुस्लिम महिलाओं के नाम पर 2500 रुपए की राशि दी गई। इसी प्रकार पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया स्थित एक गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, फिर भी वहां 3000 मुस्लिम बच्चों का आधार कार्ड बन जाता है। कहने का तात्पर्य यह है कि किस बेदर्दी तरीके से हेमंत सरकार आदिवासियों मूलवासियों का हक़ बांग्लादेशी घुसपैठियों पर लूटा रही है। इसलिए प्रदेश में एसआईआर रूपी फिल्टर होना आवश्यक है। अब घुसपैठियों को पालने पोसने वाले ऐसे दलों की बैचेनी को साफ समझा जा सकता है। यह एक ऐसा फिल्टर है जो हर राज्य में होना जरूरी है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और भी मजबूत बनाने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है। एसआईआर से यहां के वास्तविक अल्पसंख्यक भी खुश हैं क्योंकि उनके हिस्से का लाभ बांग्लादेशी, रोहंगिया जो अब तक डकारते रहे हैं, उस पर लगाम लगेगी।

हेमंत सरकार की ढुलमुल नीति के कारण वीबी जी राम जी योजना में मची है लूट : आदित्य साहू

मजदूरों के पैसे पर डाका डाल रही सरकार, झारखंड में लूट और भ्रष्टाचार का पर्याय बनी यह योजना

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड में वीबी जी राम जी योजना (मनरेगा योजना) में आए दिन सामने आ रहे फर्जीवाड़ा और मची व्यापक लूट को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। कहा कि झारखंड में मनरेगा मतलब लूट और भ्रष्टाचार।

अध्यक्ष ने कोडरमा के मरकच्चो के पूरनानगर पंचायत में हुए फर्जीवाड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां फर्जी मास्टर रोल और एमबी की आड़ में सरकारी राशि की जमकर लूट होने का मामला सामने आया है। दिलचस्प बात है कि मनरेगाकर्मियों की हड़ताल के बावजूद योजना के तहत काम जारी रहता है और भुगतान भी किया जाता है। स्पष्ट है कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह खेल खेला जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह तो एक मामला है, पूरे राज्य में इस योजना में भारी लूट खसोट मचा हुआ है। इसके पूर्व भी चतरा के सिमरिया और प्रतापपुर में इसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। हेमन्त सरकार में इस योजना से जुड़े कई अनूठे कारनामे सामने आ चुके हैं। मनरेगा के नाम पर गरीबों के पैसों पर डाका डाला जा रहा है। जामताड़ा की पूर्व उपायुक्त को मनरेगा मजदूर बना दिया जाता है। कभी जेल में बंद आदमी मजदूरी करता है, कभी मरा हुआ आदमी। साहेबगंज जिले के तालझरी प्रखंड में 2021 में ही मर चुका व्यक्ति 2022 में मजदूरी करता है और उसको मजदूरी का भुगतान भी कर दिया जाता है। यहां सिंचाई कूप की खुलेआम बोली लग रही है। मनरेगा में इस प्रकार के फर्जीवाड़े के कई मामले पूर्व में भी सामने आते रहे हैं। झारखंड लूट खसोट का अड्डा बन चुका है। कांग्रेसी जिस योजना को अपनी उपलब्धि बतलाते नहीं थकते, उन्हीं की सरकार में इस योजना का हाल बेहाल है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस योजना में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा इसका नाम जी राम जी योजना किए जाने पर हेमंत सरकार को आपत्ति है। झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव तक पारित किया जाता है। जबकि 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए यह सब किया जा रहा है। निश्चित रूप से विकसित भारत जी राम जी योजना एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने झारखंड में इस योजना के बुरे हश्र के लिए राज्य सरकार की ढुलमुल नीति को जिम्मेवार ठहराया है। राज्य सरकार केवल कार्रवाई का दिखावा करती है। भ्रष्टाचार इस सरकार की मूल पहचान बन चुकी है। सरकार के स्तर पर ठोस कार्रवाई होती तो भ्रष्टाचारियों में मन में भय कायम होता परंतु सरकार कभी ऐसा चाहती ही नहीं। हेमंत सरकार को इस योजना के नामकरण का विरोध करने की बजाय भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। लेकिन हेमंत सोरेन सरकार में किसी प्रकार की सुधार की गुंजाइश की कल्पना भी बेमानी है।

हर अच्छे काम का विरोध करना, षड्यंत्र और राजनीति करना, कांग्रेस का इतिहास : आदित्य साहू

बिल का विरोध कर झामुमो, कांग्रेस, राजद ने दिखाया अपना चरित्र, इस जघन्य पाप की माफी नहीं

कांग्रेस के लिए नारी शक्ति सोनिया गांधी से शुरू और प्रियंका गांधी पर खत्म : नीरा यादव

कोडरमा विधायक ने सभी दलों की महिलाओं से इस राजनीतिक हकमारी के लिए विपक्ष को सबक सिखाने का किया अनुरोध

25 अप्रैल को राजधानी रांची में विशाल पदयात्रा का होगा आयोजन, शामिल होंगी हजारों महिलाएं

25 से 30 अप्रैल तक राज्य के सभी 595 मंडलों में पदयात्रा कर कांग्रेस सहित विपक्षियों के पुतला दहन का कार्यक्रम होगा आयोजित

राजधानी से लेकर झारखंड के एक एक गांव पहुंचकर महिलाएं करेंगी विपक्षी दलों के राजनीतिक पाप का पर्दाफाश

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अच्छी सोच के साथ देश की देवी स्वरूप महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण देने का विधेयक लाया था लेकिन हर अच्छे काम का विरोध करना, षड्यंत्र और राजनीति करना, कांग्रेस का इतिहास रहा है। यह बिल भी कांग्रेस की राजनीति का शिकार हो गया। कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियों ने राजनीतिक रूप से बहुत बड़ा अपराध और जघन्य पाप करने का काम किया है। इस बिल का विरोध करके झामुमो, कांग्रेस , राजद ने अपना चरित्र देश की महिलाओं को दिखाने का काम किया है। महिलाएं इस राजनीतिक पाप के लिए इन पार्टियों को कभी माफ नहीं करेगी। श्री साहू हजारीबाग में फ्लोरिस्टा होटल में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के बाद से ही सत्ता में कांग्रेस रही है लेकिन विभिन्न अवसरों पर झारखंड और देश की जनता को ठगने का काम किया है। यह लोग महिलाओं को आरक्षण देने का केवल दिखावा करते हैं, चुनाव के पूर्व घोषणा भी किया परंतु कभी इस दिशा में ईमानदारी पूर्वक पहल नहीं की। इनकी कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री एक साधारण परिवार से आते हैं। वह हर वह काम करना चाहते हैं जिससे लोगों का उसका फायदा मिल सके। इसी क्रम में इस बिल को लेकर पिछले दिनों विशेष सत्र का आयोजन किया गया था , सभी सांसद उसमें उपस्थित थे। लेकिन विपक्ष का इस दौरान देश की जनता ने जो नंगा नाच देखा वह किसी से छुपा नहीं है। बिल के माध्यम से किसी को व्यक्तिगत अधिकार नहीं दिया जा रहा था बल्कि आधी आबादी को यह लाभ मिल रहा था ताकि अधिक से अधिक संख्या महिलाएं अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करके जनता की आवाज को बुलंद कर सके। हर अच्छे काम पर कांग्रेस राजनीति करती रही है। यह बिल भी राजनीति का शिकार हो गया।

श्री साहू ने कहा कि जब से बिल गिरा है तब से पूरा देश आक्रोशित है। हर जगह अपने-अपने तरीके से महिलाएं विरोध कर रही हैं। इसी निमित्त झारखंड में भी 25 अप्रैल को रांची स्थित मोराबादी मैदान में हजारों की संख्या महिलाएं पदयात्रा में शामिल होगी। 25 अप्रैल को 11:00 बजे से रांची के सड़कों पर एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आम लोगों की भी सहभागिता होगी। यह आक्रोश पदयात्रा रांची का सबसे बड़ा पदयात्रा साबित होगा। रांची के बाद प्रत्येक जिले में, मंडल में, पंचायत में और गांव में भी इस प्रकार का पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। मंडल में 25 से लेकर 30 अप्रैल तक पदयात्रा करते हुए कांग्रेस सहित विपक्ष का पुतला दहन किया जाएगा। झारखंड में 595 मंडल है सभी मंडलों में यह कार्यक्रम होगा। उसके बाद पंचायत व गांव में महिलाएं कूच कर कांग्रेस की राजनीतिक पाप का पर्दाफाश करने का काम करेंगी। यह बिल पुण्य का कार्य था, इसमें बाधा डालकर कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टी ने घोर पाप किया है।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो 6 साल में 10000 से ज्यादा दुष्कर्म की घटनाएं घटी है। 3 साल की एक मासूम बच्ची तक को नहीं छोड़ा गया। मेडिकल की छात्रा के साथ जो घटना घटी, वह सर्वविदित है। विष्णुगढ़ मामले में सरकार के इशारे पर प्रशासन ने कैसे मामले को मोड़ने का काम किया यह भी बताने की जरूरत नहीं है। इसमें आरोपी को भाजपा कार्यकर्ता बतलाना सहित कई प्रकार की बात कर पूरे मामले को बदलने की कोशिश की गई। इसलिए इस मामले की सीबीआई जांच पर बीजेपी आज भी अटल है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। राज्य सरकार सच सामने लाना नहीं चाहती इसलिए सीबीआई जांच की अनुशंसा से भाग रही है। पूरे राज्य में विकास का काम ठप्प है, बेटियों की आबरू सुरक्षित नहीं है। आदिवासियों की कथित सरकार में आदिवासियों की स्थिति ही चिंताजनक है। उनको भी ठगने का काम किया गया है।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड तो इनसे संभल नहीं रहा है और ये लोग बंगाल और असम में जाकर पूरी झारखंड के पैसे को बहा रहे हैं।

इस दौरान कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव ने कहा कि पक्ष और विपक्ष लोकतंत्र की सुंदरता है लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दौरान विपक्ष ने जिस प्रकार अपनी भूमिका निभाई, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। कांग्रेस सहित उनके सहयोगी दलों के लिए महिला सशक्तिकरण की बातें सिर्फ नारेबाजी और झूठे वादे तक ही सीमित है। जब निर्णय की बारी आती है तो उनकी संकीर्ण मानसिकता और स्वार्थ उनका दिख जाता है।

विधायक ने कहा कि ये दल ग्रास रूट से नहीं आए हैं बल्कि इन्हें विरासत में सत्ता मिली है। कांग्रेस भला नारी शक्ति के मायने क्या जाने ? उनके लिए नारी शक्ति सोनिया गांधी से शुरू होती है और प्रियंका गांधी पर खत्म हो जाती है।

उन्होंने कहा कि यह बिल केवल एनडीए की महिलाओं के लिए नहीं बल्कि देश की तमाम बहनों को अधिकार दिलाने को लेकर था। उन्होंने सभी बहनों से आह्वान किया कि वह चाहे किसी भी दल में हो परंतु अपनी इस राजनीतिक हक से वंचित करने के लिए कांग्रेस सहित विपक्ष को कभी माफ नहीं करें और समय पर उन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के पास नहीं होने पर विपक्ष द्वारा जश्न मनाना शर्मनाक है। नारी शक्ति का अपमान करके ये लोग जीत का जश्न मनाते हैं। भला नारी शक्ति का अपमान करके कोई जीत पाया है ? 60 साल से महिला आरक्षण और सशक्तिकरण की बातें विपक्ष के मुंह से दिखावा ही रही है। 60 साल में कांग्रेस ने जो काम नहीं किया, 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करके दिखाया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का केवल नारा नहीं दिया बल्कि बेटियों और महिलाओं को संरक्षित और सुरक्षित करने का काम उन्होंने धरातल पर करके दिखाया है। सामाजिक, आर्थिक राजनीतिक हर प्रकार से महिलाओं के सम्मान और अधिकार की उन्होंने चिंता की। लोकतंत्र में उन्हें सम्मान और हिस्सेदारी दिलाने के लिए जब विपक्ष से सहयोग मांगा तो विपक्ष ने अपना राजनीतिक चरित्र दिखा दिया वह अक्षम्य है। विडम्बना है कि पीएम का विरोध करते-करते कांग्रेस देश का विरोध करने लगी।

इस दौरान प्रेस वार्ता में विधायक प्रदीप प्रसाद, हजारीबाग जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह, हजारीबाग जिला उपाध्यक्ष रेणुका साहू जी, हजारीबाग जिला की महिला मोर्चा अध्यक्ष मनोरमा राणा, वरिष्ठ नेत्री रत्ना सिन्हा, मंजू नंदिनी, पूनम चौधरी समेत कई महिलाएं मौजूद थी।

हर अच्छे काम का विरोध करना, षड्यंत्र और राजनीति करना, कांग्रेस का इतिहास : आदित्य साहू

बिल का विरोध कर झामुमो, कांग्रेस, राजद ने दिखाया अपना चरित्र, इस जघन्य पाप की माफी नहीं

कांग्रेस के लिए नारी शक्ति सोनिया गांधी से शुरू और प्रियंका गांधी पर खत्म : नीरा यादव

कोडरमा विधायक ने सभी दलों की महिलाओं से इस राजनीतिक हकमारी के लिए विपक्ष को सबक सिखाने का किया अनुरोध

25 अप्रैल को राजधानी रांची में विशाल पदयात्रा का होगा आयोजन, शामिल होंगी हजारों महिलाएं

25 से 30 अप्रैल तक राज्य के सभी 595 मंडलों में पदयात्रा कर कांग्रेस सहित विपक्षियों के पुतला दहन का कार्यक्रम होगा आयोजित

राजधानी से लेकर झारखंड के एक एक गांव पहुंचकर महिलाएं करेंगी विपक्षी दलों के राजनीतिक पाप का पर्दाफाश

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अच्छी सोच के साथ देश की देवी स्वरूप महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण देने का विधेयक लाया था लेकिन हर अच्छे काम का विरोध करना, षड्यंत्र और राजनीति करना, कांग्रेस का इतिहास रहा है। यह बिल भी कांग्रेस की राजनीति का शिकार हो गया। कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियों ने राजनीतिक रूप से बहुत बड़ा अपराध और जघन्य पाप करने का काम किया है। इस बिल का विरोध करके झामुमो, कांग्रेस , राजद ने अपना चरित्र देश की महिलाओं को दिखाने का काम किया है। महिलाएं इस राजनीतिक पाप के लिए इन पार्टियों को कभी माफ नहीं करेगी। श्री साहू हजारीबाग में फ्लोरिस्टा होटल में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के बाद से ही सत्ता में कांग्रेस रही है लेकिन विभिन्न अवसरों पर झारखंड और देश की जनता को ठगने का काम किया है। यह लोग महिलाओं को आरक्षण देने का केवल दिखावा करते हैं, चुनाव के पूर्व घोषणा भी किया परंतु कभी इस दिशा में ईमानदारी पूर्वक पहल नहीं की। इनकी कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री एक साधारण परिवार से आते हैं। वह हर वह काम करना चाहते हैं जिससे लोगों का उसका फायदा मिल सके। इसी क्रम में इस बिल को लेकर पिछले दिनों विशेष सत्र का आयोजन किया गया था , सभी सांसद उसमें उपस्थित थे। लेकिन विपक्ष का इस दौरान देश की जनता ने जो नंगा नाच देखा वह किसी से छुपा नहीं है। बिल के माध्यम से किसी को व्यक्तिगत अधिकार नहीं दिया जा रहा था बल्कि आधी आबादी को यह लाभ मिल रहा था ताकि अधिक से अधिक संख्या महिलाएं अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करके जनता की आवाज को बुलंद कर सके। हर अच्छे काम पर कांग्रेस राजनीति करती रही है। यह बिल भी राजनीति का शिकार हो गया।

श्री साहू ने कहा कि जब से बिल गिरा है तब से पूरा देश आक्रोशित है। हर जगह अपने-अपने तरीके से महिलाएं विरोध कर रही हैं। इसी निमित्त झारखंड में भी 25 अप्रैल को रांची स्थित मोराबादी मैदान में हजारों की संख्या महिलाएं पदयात्रा में शामिल होगी। 25 अप्रैल को 11:00 बजे से रांची के सड़कों पर एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आम लोगों की भी सहभागिता होगी। यह आक्रोश पदयात्रा रांची का सबसे बड़ा पदयात्रा साबित होगा। रांची के बाद प्रत्येक जिले में, मंडल में, पंचायत में और गांव में भी इस प्रकार का पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। मंडल में 25 से लेकर 30 अप्रैल तक पदयात्रा करते हुए कांग्रेस सहित विपक्ष का पुतला दहन किया जाएगा। झारखंड में 595 मंडल है सभी मंडलों में यह कार्यक्रम होगा। उसके बाद पंचायत व गांव में महिलाएं कूच कर कांग्रेस की राजनीतिक पाप का पर्दाफाश करने का काम करेंगी। यह बिल पुण्य का कार्य था, इसमें बाधा डालकर कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टी ने घोर पाप किया है।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो 6 साल में 10000 से ज्यादा दुष्कर्म की घटनाएं घटी है। 3 साल की एक मासूम बच्ची तक को नहीं छोड़ा गया। मेडिकल की छात्रा के साथ जो घटना घटी, वह सर्वविदित है। विष्णुगढ़ मामले में सरकार के इशारे पर प्रशासन ने कैसे मामले को मोड़ने का काम किया यह भी बताने की जरूरत नहीं है। इसमें आरोपी को भाजपा कार्यकर्ता बतलाना सहित कई प्रकार की बात कर पूरे मामले को बदलने की कोशिश की गई। इसलिए इस मामले की सीबीआई जांच पर बीजेपी आज भी अटल है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। राज्य सरकार सच सामने लाना नहीं चाहती इसलिए सीबीआई जांच की अनुशंसा से भाग रही है। पूरे राज्य में विकास का काम ठप्प है, बेटियों की आबरू सुरक्षित नहीं है। आदिवासियों की कथित सरकार में आदिवासियों की स्थिति ही चिंताजनक है। उनको भी ठगने का काम किया गया है।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड तो इनसे संभल नहीं रहा है और ये लोग बंगाल और असम में जाकर पूरी झारखंड के पैसे को बहा रहे हैं।

इस दौरान कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव ने कहा कि पक्ष और विपक्ष लोकतंत्र की सुंदरता है लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दौरान विपक्ष ने जिस प्रकार अपनी भूमिका निभाई, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। कांग्रेस सहित उनके सहयोगी दलों के लिए महिला सशक्तिकरण की बातें सिर्फ नारेबाजी और झूठे वादे तक ही सीमित है। जब निर्णय की बारी आती है तो उनकी संकीर्ण मानसिकता और स्वार्थ उनका दिख जाता है।

विधायक ने कहा कि ये दल ग्रास रूट से नहीं आए हैं बल्कि इन्हें विरासत में सत्ता मिली है। कांग्रेस भला नारी शक्ति के मायने क्या जाने ? उनके लिए नारी शक्ति सोनिया गांधी से शुरू होती है और प्रियंका गांधी पर खत्म हो जाती है।

उन्होंने कहा कि यह बिल केवल एनडीए की महिलाओं के लिए नहीं बल्कि देश की तमाम बहनों को अधिकार दिलाने को लेकर था। उन्होंने सभी बहनों से आह्वान किया कि वह चाहे किसी भी दल में हो परंतु अपनी इस राजनीतिक हक से वंचित करने के लिए कांग्रेस सहित विपक्ष को कभी माफ नहीं करें और समय पर उन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के पास नहीं होने पर विपक्ष द्वारा जश्न मनाना शर्मनाक है। नारी शक्ति का अपमान करके ये लोग जीत का जश्न मनाते हैं। भला नारी शक्ति का अपमान करके कोई जीत पाया है ? 60 साल से महिला आरक्षण और सशक्तिकरण की बातें विपक्ष के मुंह से दिखावा ही रही है। 60 साल में कांग्रेस ने जो काम नहीं किया, 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करके दिखाया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का केवल नारा नहीं दिया बल्कि बेटियों और महिलाओं को संरक्षित और सुरक्षित करने का काम उन्होंने धरातल पर करके दिखाया है। सामाजिक, आर्थिक राजनीतिक हर प्रकार से महिलाओं के सम्मान और अधिकार की उन्होंने चिंता की। लोकतंत्र में उन्हें सम्मान और हिस्सेदारी दिलाने के लिए जब विपक्ष से सहयोग मांगा तो विपक्ष ने अपना राजनीतिक चरित्र दिखा दिया वह अक्षम्य है। विडम्बना है कि पीएम का विरोध करते-करते कांग्रेस देश का विरोध करने लगी।

इस दौरान प्रेस वार्ता में विधायक प्रदीप प्रसाद, हजारीबाग जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह, हजारीबाग जिला उपाध्यक्ष रेणुका साहू जी, हजारीबाग जिला की महिला मोर्चा अध्यक्ष मनोरमा राणा, वरिष्ठ नेत्री रत्ना सिन्हा, मंजू नंदिनी, पूनम चौधरी समेत कई महिलाएं मौजूद थी।

कांग्रेस नेत्री सह फुसरो नगर परिषद वार्ड पार्षद रश्मि सिंह हुई भाजपा में शामिल

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में सैकड़ो समर्थकों के साथ ली पार्टी की सदस्यता

भाजपा सदैव महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध : आदित्य साहू

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में काँग्रेस नेत्री सह फुसरो नगर परिषद की वार्ड पार्षद रश्मि सिंह ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने सभी नवागंतुकों को पार्टी का पट्टा पहनाकर स्वागत किया।

समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने मिस कॉल के माध्यम से भाजपा की ऑनलाइन सदस्यता भी ग्रहण की। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं अशोक बड़ाईक, बोकारो जिला अध्यक्ष सुरेंद्र राज, अर्चना सिंह सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा की नीतियों और केंद्र सरकार के विकास कार्यों से प्रभावित होकर लोग तेजी से पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पारदर्शी, विकासोन्मुख और जनकल्याणकारी शासन स्थापित हुआ है, जिससे आम जनता का विश्वास भाजपा के प्रति लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान और अधिकार पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा हमेशा से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है। आज महिलाएं केवल भागीदार नहीं, बल्कि देश के विकास की अग्रणी शक्ति बनकर उभर रही हैं। पार्टी महिलाओं को बराबरी का अधिकार, सम्मान और नेतृत्व के अवसर देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि रश्मि सिंह और उनके समर्थकों का पार्टी में शामिल होना संगठन को और मजबूत करेगा तथा आने वाले समय में भाजपा को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।

पार्टी में शामिल होने वालो में विनय सिंह, अनिल सिंह, विजेंद्र कुमार, उर्मिला देवी, शोभा सिंह, सीमा सिंह, निधि सिंह, राजीव रंजन, विक्रम कुमार, श्वेता सिंह सहित सैकड़ों लोग शामिल हैं।

संसद में महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन दलों के विरोधी रवैए से देश भर में आक्रोश।

कांग्रेस का इतिहास, अपनी ताकत का उपयोग महिला विरोध में करती है….आदित्य साहू

प्रदेश भाजपा आगामी 25 अप्रैल को रांची में निकालेगी विशाल आक्रोश मार्च…..आदित्य साहू

मोरहाबादी मैदान से मेन रोड तक निकाला जाएगा आक्रोश मार्च

हजारों की संख्या में माता-बहनें उतरेंगी सड़कों पर

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि आगामी 25 अप्रैल को रांची में भाजपा के बैनर तले बड़ा आक्रोश मार्च निकलेगा।
यह आक्रोश मार्च मोरहाबादी मैदान से मेन रोड तक आयोजित है। इस कार्यक्रम में रांची महानगर, रांची पूर्वी, रांची पश्चिमी, रामगढ़, खूंटी और लोहरदगा जिले से हजारों की संख्या में माता बहनें शामिल होंगी।

बैठक के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन के दलों पर बड़ा निशाना साधा।

श्री साहू ने कहा कि कहा कि संसद में पेश महिला आरक्षण बिल का विरोध कर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सांसदों ने देश की महिला शक्ति के साथ घोर अन्याय किया है।

कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास पुराना है।जब कभी अवसर आया है कांग्रेस पार्टी ने नारी शक्ति को कुचलने में ताकत लगाई है।

कहा कि ये वही कांग्रेस है जिसने शाहबानो को न्याय दिलाने में नहीं बल्कि वोट बैंक के खातिर उसे प्रताड़ित करने में सत्ता का दुरुपयोग किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलकर शाहबानो के विरोध में कानून बनाए थे।

कहा कि इतना ही नहीं तीन तलाक कानून का विरोध किया, राष्ट्रपति महोदया का विरोध किया।मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए नारी सशक्तिकरण की योजनाओं का मजाक उड़ाया।

कहा कि यह जगजाहिर है कि कांग्रेस पार्टी गांधी परिवार की महिलाओं के सिवा और किसी महिला को राजनीति में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहती है।

कहा कि इसी मानसिकता के कारण संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया।

कहा कि इस महिला विरोधी चरित्र के कारण देश भर में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के खिलाफ नारी शक्ति में आक्रोश व्याप्त है। बहनें सड़कों पर उतरकर कांग्रेस पार्टी का विरोध कर रही है।

उन्होंने लोगों से 25 अप्रैल वाले आक्रोश मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान भी किया।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा, गीता कोड़ा, भानु प्रताप शाही, मुनेश्वर साहू, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह, अमरदीप यादव, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, सत्यनारायण सिंह, रमेश सिंह, सभी संबंधित छह जिले के अध्यक्ष सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

कांग्रेस और सहयोगियों को उनके राजनीतिक पाप की सजा भुगतनी ही होगी : सर्वानंद सोनोवाल

असम के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लिए इन्दिरा, सोनिया और प्रियंका ही महिला, देश की बाकी महिलाओं का उनकी नजर में कोई स्थान और सम्मान नहीं

बिल नहीं गिरा बल्कि पूरा इंडी गठबंधन महिलाओं की नजर में गिरा : श्रेयसी सिंह

जमुई विधायक ने यह भी कहा कि

विपक्ष के लोग आधी आबादी को सिर्फ नारों तक ही सीमित रखना चाहते हैं

नारी शक्ति वंदन अधिनियम मामले में इंडी गठबंधन के महिला विरोधी मानसिकता पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में सर्वानंद सोनोवाल और श्रेयसी सिंह की संयुक्त पीसी

असम के पूर्व मुख्यमंत्री सह केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम मामले में कांग्रेस और उनके सहयोगी पार्टियों ने पाप किया है उसकी सजा उन्हें भुगतनी ही होगी। महिलाओं को आगे बढ़ाने में कांग्रेस की नीतियां हमेशा सीमित रही हैं। उनका एक दायरा है। कांग्रेस के लिए महिला मतलब इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ही होता है बाकी उनके लिए उनकी नजर में किसी महिला का कहीं कोई स्थान नहीं है। जबकि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं उन्होंने सेवक बनकर देश की सेवा की है और हर समुदाय की महिलाओं को आगे बढ़ाने का मौका दिया है, उनके परिवार की चिंता की है। केंद्रीय मंत्री रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में नारी शक्ति, मातृशक्ति की पर्याय मानी जाती हैं। महिलाओं के उत्थान के बगैर कोई भी कल्पना बेमानी है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित अन्य कई कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को समान रूप से आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने कई कार्यक्रम लागू किया है। आज इसी का परिणाम है कि महिलाएं हर क्षेत्र में परचम लहरा रही है। राजनीतिक क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए, इसके लिए मोदी सरकार अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने और महिला सशक्तिकरण को संवैधानिक रूप दिलाने के उद्देश्य से 2 दिन का विशेष सत्र बुलाया गया लेकिन कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला का अपमान किया है। इस अधिनियम को लेकर विपक्ष ने जो षड्यंत्र रचा है यह नारी समाज का अपमान है। कांग्रेस महिलाओं को लेकर दशकों से ऐसा षड्यंत्र रचती आ रही है। कांग्रेस और उनके सहयोगी पार्टियों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी और एनडीए जब तक है तब तक देश में महिलाएं सुरक्षित है, उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है। विधेयक के दौरान असुर की तरह हंसने वाले ये लोग नारी शक्ति का उपहास नहीं उड़ा रहे थे बल्कि ये दल अपने भविष्य पर हंस रहे थे। आज प्रधानमंत्री लखपति दीदी बना रहे हैं। सोचिए कभी इस प्रकार की योजना बनाने का ख्याल कभी कांग्रेस के मन में क्यों नहीं आया ? यह मोदी जी के मन में ही क्यों आया। क्योंकि नरेंद्र मोदी महिलाओं को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं कांग्रेस ने कभी गरीबों, एसटी एससी वर्गों की चिंता नहीं की उनके लिए सिर्फ अपना खानदान को सुरक्षित रखना है, यही उनका मुख्य उद्देश्य रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 12 वर्षों की कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। महिलाएं जाग चुकी हैं। 2047 तक भारत आत्मनिर्भर बने, दुनिया का विकसित राष्ट्र बने, उसमें महिलाओं का उत्थान भी अहम योगदान निभा सकता है। महिलाओं को पुरुष के बराबर अवसर देने के उद्देश्य ही प्रधानमंत्री ने कदम उठाया है। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ानी होगी, उनके साथ नाइंसाफी नहीं हो इसके लिए मोदी जी लगातार प्रयासरत रहे हैं। भारत की महिलाएं मोदी जी के साथ हैं। 12 वर्ष में मोदी जी ने महिलाओं का अटूट विश्वास हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां की सरकार महिला अत्याचार को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। 10000 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं घटी है। यह सरकार महिलाओं की इज्जत बचाने में नाकाम साबित हुई है। कांग्रेस के साथ जो भी दल रहती है वह महिलाओं का सम्मान नहीं कर सकती है। दूसरी तरफ एनडीए की सरकार जब भी रही है तो महिलाओं के स्वाभिमान पर कभी आंच नहीं आने दिया गया है।

बिहार की पूर्व मंत्री सह बिहार से जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दो दिनों का स्पेशल सत्र बुलाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पुनः पारित कराने का प्रयास किया लेकिन आधी आबादी का झूठा नारा लगाने वाले लोगों ने इस अधिनियम को कानून बनाने के लिए वोटिंग तक नहीं किया। यह वह लोग हैं जो महिलाओं को केवल दिग्भ्रमित करना चाहते हैं और ये विपक्ष के लोग आधी आबादी को सिर्फ नारों तक ही सीमित रखना चाहते हैं। ये नहीं चाहते हैं कि आधी आबादी की महिला सशक्तिकरण राजनीतिक भागीदारी में बदले, यह नहीं चाहते कि महिला आगे बढ़े।

श्रीमति सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि यह क्रेडिट लेने का विषय नहीं है। यह लोकतंत्र है। केवल बीजेपी या एनडीए की महिला ही चुनाव नहीं लड़ेगी बल्कि देश की सभी महिलाओं के लिए समान रूप से आरक्षण का लाभ मिलेगा। विपक्ष के लोग कुतर्क देकर इन लोगों ने वोटिंग से इनकार कर दिया। सिर्फ एक बिल नहीं गिरा बल्कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के जितने भी नेता थे भारत की महिलाओं की नजरों में गिर गए हैं। पिछली बार जब जनगणना हुआ था तब 55 करोड़ की आबादी थी आज वह 140 करोड़ के आसपास है। आज एक सांसद को 26 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करना पड़ रहा है। तो क्या आज परिसीमन की जरूरत नहीं है ? आज अगर विधेयक लागू होता तो महिलाओं का प्रतिनिधित्व निश्चित रूप से बढ़ता। विपक्ष के कुतर्क में कहीं कोई दम नहीं है। 2029 में यह विधेयक लागू नहीं हो इसका उन्होंने पूरा प्रयास किया। झारखंड में जुमलेबाजी वाली मईया योजना चलाई जा रही है, आप घर बैठकर महिलाओं को पैसा देते हैं लेकिन जब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ती हुई दिखती है तो झामुमो , कांग्रेस , राजद सहित विपक्ष के लोगों को यह हजम नहीं होता है। महिला अच्छी नेता बने, उनको प्रतिनिधित्व मिले, यह विपक्ष को गवारा नहीं है। इनका दोहरा चरित्र उजागर हो चुका है। झूठी नीतियों और नारेबाजी में विपक्ष के लोग आगे खड़े मिलते हैं लेकिन जब संवैधानिक रूप से अधिकार देने की बात आती है तो महिलाओं के खिलाफ वोटिंग करते हैं, ताली बजाते हैं, मुस्कुराते हैं। ऐसा लगता है कोई उत्साह और कोई त्यौहार मना रहे हैं। निश्चित रूप से उनके व्यवहार से देश की सारी महिलाएं आहत हुई है, इसका इन्हें खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद गीता कोड़ा, रांची की महापौर रोशनी खलखो, प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, वरिष्ठ नेत्री सीमा शर्मा, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।

नारी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, दोषियों को मिले फांसी : आदित्य साहू

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तुष्टिकरण में अंधी हो चुकी है हेमंत सरकार, अपराधी को अपराधी की नजर से देखने की जरूरत

रिम्स की डेंटल छात्रा को न्याय दिलाने को लेकर भाजपा प्रतिबद्ध

19 अप्रैल को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस तो 20 अप्रैल रांची SSP कार्यालय का घेराव कार्यक्रम तय

वर्तमान में RIMS की डेंटल छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना से राजधानी सहित पूरा राज्य उबल रहा है। पूरे राज्य में महिला अपराध में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। हेमंत सरकार में ध्वस्त कानून व्यवस्था के खिलाफ भाजपा पूरी तरह आक्रामक दिख रही है। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, रांची महानगर, पूर्वी एवं पश्चिमी जिला के द्वारा लगातार आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर 19 और 20 अप्रैल को आंदोलन की रूपरेखा तैयार किया है।

इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और रांची की डेंटल छात्रा के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना हेमंत सरकार की कानून व्यवस्था का भयावह चेहरा दिखाती है। यह केवल अपराध नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाएं हैं। जब एक के बाद एक बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है।

श्री साहू ने कहा कि प्रदेश में लगातार इस प्रकार की घटनाएं घट रही हैं। 3 वर्ष की बच्ची तक को भी अपराधी नहीं बख्श रहे हैं। राज्य सरकार अगर इस प्रकार की घटनाओं में प्रारंभिक दौर में ही कड़ाई से पेश आती तो शायद अपराधियों का दुस्साहस इतना नहीं बढ़ता और इस प्रकार की स्थिति की नौबत नहीं आती। हेमंत सोरेन के दोनों कार्यकाल को मिलाकर 10000 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं घट चुकी है।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड सरकार तुष्टिकरण की राजनीति में पूरी तरह अंधी हो चुकी है। अपराधियों को तुष्टिकरण के चश्मे से देखकर यह सरकार कार्रवाई करती है। इस प्रकार की अधिकांश घटनाओं में पीड़िता हिंदू समाज से आती है और अपराध करने वाले अपराधी दूसरे समाज से आते हैं। हिंदू लड़कियों और महिलाओं को टारगेट करके इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। राज्य सरकार कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति करती है। मुकदमा नाम के लिए दर्ज होता है कार्रवाई कुछ होती नहीं। इस कारण अपराधी जेल से बाहर आ जाते हैं और फिर से इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति बेखौफ करते हैं। राज्य में कहीं भी कोई बेटी सुरक्षित नहीं है। यह स्पष्ट है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है।

श्री साहू ने कहा कि हम स्पष्ट शब्दों में कहना चाहते हैं, नारी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। ध्वस्त कानून व्यवस्था को लेकर 19 अप्रैल को भाजपा रांची महानगर के द्वारा शाम 05:30 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस का कार्यक्रम तय है। वहीं 20 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे रांची SSP कार्यालय का घेराव कार्यक्रम कर न्याय की आवाज को बुलंद किया जाएगा। SSP कार्यालय घेराव कार्यक्रम भाजपा रांची महानगर, रांची पूर्वी एवं पश्चिमी जिला के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जाना है।

श्री साहू ने कहा कि इन जघन्य अपराधों के दोषियों को तत्काल स्पीडी ट्रायल के माध्यम से कड़ी से फांसी दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी दरिंदा ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।

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