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जनता को झूठे सपने दिखाकर भ्रमित करना बंद करें सीएम, निवेश और रोजगार पर सरकार जवाब दे: संदीप वर्मा

निवेश को लेकर पिछले विदेश यात्रा पर श्वेत पत्र जारी करे हेमंत सरकार।

दिल्ली में राज्य की निवेश पर चर्चा और वित्त मंत्री की दिल्ली में रहने के बाद भी अनुपस्थिति, समझ से परे।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि वे झारखंड की जनता को झूठे सपने दिखाकर ठगना बंद करें। सबसे बड़ा धोखा वही होता है, जब जनता को सुनहरे सपने दिखाए जाएं और फिर उन्हें बीच रास्ते में ही तोड़ दिया जाए।

संदीप वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार का सपना दिखाया, लेकिन लाखों युवा आज भी रोजगार के लिए भटक रहे हैं। महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा दिया गया, लेकिन प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। अब सरकार नए उद्योगों और निवेश का सपना दिखा रही है, जबकि धरातल पर इसकी तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है।
संदीप वर्मा ने कहा निवेश संबंधी इस स्टेक होल्डर मीट में दूसरे विभागों के मंत्री उपस्थित दिखे लेकिन राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर दिल्ली में रहते इस महत्वपूर्ण बैठक से दूर रहकर इसकी गंभीरता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है ।इससे भी ये प्रतीत होता है होटल ताज की ये मीट सिर्फ यहाँ के लोगो के साथ छलावा है ।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री से सात वर्षों का हिसाब मांगती है। मुख्यमंत्री बताएं कि उनके कार्यकाल में झारखंड में कितने बड़े उद्योग स्थापित हुए हैं और उनसे कितने स्थायी रोजगार का सृजन हुआ है। जानकारी के अनुसार सरकार एक भी बड़ा उद्योग स्थापित कराने में सफल नहीं रही है।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री अपने पूरे प्रतिनिधिमंडल के साथ स्वीडन, स्पेन, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन की यात्रा पर गए थे। अब उस यात्रा को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। सरकार को बताना चाहिए कि इस विदेश दौरे पर राज्य की जनता के कर के कितने पैसे खर्च किए गए और उसके बदले झारखंड को अब तक कितना वास्तविक निवेश प्राप्त हुआ तथा कितनी परियोजनाएं धरातल पर उतरीं।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और डिजिटल गवर्नेंस की बात करती है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक राज्य में कितने आईटी पार्क, स्टार्टअप हब, टेक्नोलॉजी सेंटर या इनोवेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिससे झारखंड के युवाओं को आधुनिक रोजगार के अवसर मिल सकें।

पर्यटन नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला राज्य है, लेकिन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आज भी सड़क, पेयजल, शौचालय, आवास, सुरक्षा और प्रचार-प्रसार जैसी बुनियादी सुविधाएं संतोषजनक नहीं हैं। सरकार बताए कि पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी निवेशक के लिए सबसे पहली आवश्यकता सुरक्षित, पारदर्शी और कानून आधारित वातावरण होती है। झारखंड में लगातार बढ़ती रंगदारी, अपराध, अवैध खनन और भ्रष्टाचार की घटनाएं निवेशकों का विश्वास कमजोर करती हैं। सरकार स्पष्ट करे कि इन गंभीर समस्याओं पर अब तक कौन-कौन से प्रभावी और परिणामकारी कदम उठाए गए हैं।

श्री वर्मा ने कहा कि सरकार वर्षों से निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम का दावा करती रही है, लेकिन उद्योग जगत आज भी प्रक्रियाओं की जटिलता और देरी की शिकायत करता है। मुख्यमंत्री बताएं कि इस व्यवस्था को वास्तव में प्रभावी बनाने के लिए क्या सुधार किए गए हैं और उसका क्या परिणाम सामने आया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने का दावा करते हुए योजनाओं की घोषणा तो की, लेकिन नए उद्यमियों और नवाचार आधारित स्टार्टअप को आवश्यक सहयोग नहीं मिल सका। जबकि केंद्र सरकार लगातार स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों का सहयोग कर रही है।

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब केवल घोषणाएं और बड़े-बड़े भाषण नहीं बल्कि जमीन पर परिणाम चाहती है। मुख्यमंत्री को निवेश, उद्योग, रोजगार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। भाजपा राज्य सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा करती है तथा जनता के हितों से जुड़े इन सवालों का उत्तर मांगती रहेगी।

प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी तारिक इमरान और नीरज सिंह भी मौजूद रहे।

उत्पाद विभाग में 20000 करोड़ रुपये के संभावित राजस्व नुकसान पर भाजपा हमलावर, सीएम से मांगा जवाब*

ऑडिट रिपोर्ट में उठाए गए सवाल बेहद गंभीर, इसकी हो निष्पक्ष जांच : अविनेश कुमार

उत्पाद विभाग में 2021-25 की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में तकनीकी गड़बड़ियों के खुलासे को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए इसमें जवाबदेही तय कर उचित कार्रवाई की मांग की है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने कहा कि पीएजी की ऑडिट रिपोर्ट ने उत्पाद विभाग में गंभीर अनियमितताओं की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यप्रणाली के कारण निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया और सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि इस ऑडिट रिपोर्ट में शराब कारोबार की निगरानी व्यवस्था, होलोग्राम छपाई, जीपीएस सिस्टम और राजस्व प्रबंधन से जुड़ी कई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में इन कमियों के कारण सरकार को करीब 20 हजार करोड़ रुपये तक के संभावित राजस्व नुकसान की बात सामने आई है। रिपोर्ट में होलोग्राम छपाई, जीपीएस निगरानी और दस्तावेजों की उपलब्धता को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, वे बेहद गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले सुरक्षा होलोग्राम सरकारी व्यवस्था की बजाय निजी वेंडर से छपवाए गए। रिपोर्ट में शराब ढोने वाले वाहनों में लगाए गए जीपीएस सिस्टम के प्रभावी ढंग से संचालित नहीं होने और ऑडिट टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में इन कमियों के कारण निगरानी व्यवस्था और राजस्व संग्रह प्रणाली प्रभावित होने की बात कही गई है।

भाजपा प्रवक्ता ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूरे मामले पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए। साथ ही भाजपा ने नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री से इस्तीफे की भी मांग की है और कहा है कि यदि जवाबदेही तय नहीं हुई तो भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में नि:शुल्क नेत्र शिविर का आयोजन, 60 लोगों की हुई जांच

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जन्म-जयंती के अवसर पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

भाजपा प्रदेश कार्यालय में भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, शिक्षाविद् एवं ‘एक देश, एक संविधान’ के उद्घोषक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जन्म-जयंती के अवसर पर संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह द्वारा उनकी प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान नि:शुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान ASG नेत्र अस्पताल के चिकित्सक डॉ रियाज एवं उनकी टीम के अभिषेक कुमार व रूपेश कुमार के द्वारा 60 लोगों की जांच की गई।

मौके पर संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि देश के निर्माण में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अप्रतिम योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उनका कर्तत्व और सेवा भाव सिर्फ इतिहास नहीं है, बल्कि उनका कर्तत्व एक जीवन की दृष्टि है। एक भारत-श्रेष्ठ भारत ही वह दृष्टि है, जिसके लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके द्वारा बोया गया बीज, भारतीय जनसंघ, आज विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल भाजपा के रूप में विशाल वटवृक्ष बनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनके संकल्पों एवं सपनों के भारत का निर्माण कर रहा है।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, हेमंत दास, परमा सिंह, सीमा सिंह, रमेश सिंह, राहुल अवस्थी , संजय चौधरी, अनिल सिंह सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रोजमार्टा कंपनी पर राज्य सरकार मेहरबान क्यों : बाबूलाल मरांडी

बिना किसी वैध अनुबंध और बगैर अधिकृत एक्सटेंशन के कंपनी के काम करने एवं करोड़ों भुगतान पर उठाया सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने परिवहन विभाग में गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने परिवहन विभाग में एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा कर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा है कि ट्रेजरी स्कैम और फर्जी बैंक गारंटी घोटाले पर उठे सवालों का जवाब अभी तक जनता को नहीं मिला है। इसी बीच एक और गंभीर वित्तीय अनियमितता परिवहन विभाग से सामने आ रही है। यह दर्शाता है कि राज्य में हर जगह, हर विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और सरकार इस पर तनिक भी गंभीर नहीं है।

श्री मरांडी ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार झारखंड में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी कार्ड की प्रिंटिंग का कार्य करने वाली गुड़गांव की रोजमार्टा कंपनी के साथ राज्य सरकार का अनुबंध 22 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद केवल 22 मार्च 2026 तक का विस्तार दिया गया। इसके बावजूद पिछले लगभग तीन महीनों से बिना किसी वैध अनुबंध और बिना अधिकृत एक्सटेंशन के वही कंपनी कार्य कर रही है, और परिवहन विभाग द्वारा उसे करोड़ों रुपये का भुगतान भी किया जा रहा है।

श्री मरांडी ने सवालिया लहजे में पूछा है कि आखिर किस नियम के तहत बिना वैध अनुबंध के भुगतान किए जा रहे हैं? इसकी अनुमति किस अधिकारी ने दी? क्या वित्त विभाग को इसकी जानकारी है? क्या सक्षम प्राधिकारी या कैबिनेट से इसकी स्वीकृति ली गई थी, या फिर सब कुछ पर्दे के पीछे तय किया गया?

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में जवाब देना चाहिए कि यदि किसी आम ठेकेदार का अनुबंध समाप्त हो जाए, तो क्या उसे एक दिन भी बिना एग्रीमेंट के सरकारी कार्य करने दिया जाएगा? यदि नहीं, तो रोजमार्टा कंपनी के लिए अलग नियम क्यों? उसे यह विशेष संरक्षण किसके इशारे पर मिल रहा है?

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता जानना चाहती है कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी कौन लेगा। क्या सरकार इस प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करेगी, या फिर इस मामले में भी ट्रेजरी स्कैम की तरह कुछ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर असली जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास होगा?

रिम्स पार्ट-2 से पहले रिम्स पार्ट-1 को सुधारें स्वास्थ्य मंत्री : राफिया नाज

स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी के बयान पर राफिया नाज़ का पलटवार, कहा— जब अस्पतालों में लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हों, तब रिम्स पार्ट-2 केवल एक छलावा है

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी के रिम्स पार्ट-2 संबंधी बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि झारखंड की जनता को नए सपने नहीं, बल्कि अस्पतालों में जीवन बचाने वाली सुविधाएं चाहिए। जब राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल रिम्स आज भी डॉक्टरों, नर्सों, दवाइयों, बेड और आवश्यक उपकरणों की कमी से जूझ रहा है, तब रिम्स पार्ट-2 की घोषणा जनता के जख्मों पर मरहम नहीं, बल्कि नमक छिड़कने जैसा ही है।

राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड का गरीब मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचता है, लेकिन उसे इलाज से पहले लंबी कतारें, खाली वार्ड, दवाइयों की कमी और डॉक्टरों का इंतजार मिलता है। कई परिवार अपने परिजनों को बचाने के लिए कर्ज लेने, जमीन बेचने और दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यह केवल व्यवस्था की कमी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2025 की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया है। मार्च 2022 तक राज्य में 3,634 स्वीकृत चिकित्सा पदों में से 2,210 पद, 5,872 स्टाफ नर्सों में से 3,033 पद तथा 1,080 पैरामेडिकल पदों में से 864 पद रिक्त थे। वर्षों बीत जाने के बावजूद इन रिक्तियों को नहीं भर पाना बताता है कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में गरीब मरीज कभी शामिल ही नहीं रहे।

राफिया नाज़ ने कहा कि रिम्स की बदहाल व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। दवाइयों की कमी, उपकरणों का अभाव, लंबी प्रतीक्षा और संसाधनों की कमी से रोज़ मरीज और उनके परिजन परेशान होते हैं। झारखंड उच्च न्यायालय भी कई बार रिम्स की अव्यवस्था और रिक्त पदों पर सवाल उठा चुका है। ऐसे में पहले रिम्स पार्ट-1 को पूरी तरह सक्षम बनाना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है, उसके बाद ही किसी नए प्रोजेक्ट की बात होनी चाहिए।

राफिया नाज ने कहा कि भाजपा को राज्य सरकार के रिम्स टू की योजना से रत्ती भर भी आपत्ति नहीं है। आपत्ति है इसके लिए सरकार द्वारा गलत स्थल चयन को लेकर, आपत्ति है राज्य में पूर्व के चिकित्सीय संस्थान में बिना व्यवस्था दुरुस्त किए नए संस्थान का सपना दिखाने से। क्या सिर्फ आलीशान भवन समुचित इलाज की गारंटी होती है ? या इसके लिए अस्पतालों में उपकरण, दवा, डॉक्टर सहित अन्य तमाम संसाधन जरूरी होते हैं। रही बात भाजपा की तो भाजपा ने झारखंड में एम्स बनाया, कई मेडिकल कॉलेज बनाया। आयुष्मान योजना जैसी योजना दी, जो गरीबों के लिए वरदान बनी।

उन्होंने कहा कि हाल ही में रांची के एक निजी अस्पताल में एक मरीज के इलाज के बाद लगभग 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता है, जिसने निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी ही छोड़ दी है। यदि सरकारी अस्पताल मजबूत होते तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को ऐसी आर्थिक तबाही का सामना नहीं करना पड़ता।

राफिया नाज़ ने कहा कि आज भी झारखंड के कई जिलों में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं है। कहीं गलत ब्लड चढ़ने से लोगों की जान जा रही है, तो कहीं समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने से मरीज रास्ते में दम तोड़ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, गंभीर मरीज अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलने वाली दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं। मजबूर होकर गरीब मरीज बाहर से महंगी दवाइयां खरीदते हैं या इलाज अधूरा छोड़ देते हैं। आखिर इन मौतों और इस पीड़ा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड की जनता को घोषणाओं और बड़े-बड़े दावों से नहीं, बल्कि बेहतर इलाज से भरोसा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी जनता को बताएं कि हजारों रिक्त पद कब भरेंगे, सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और डॉक्टर कब उपलब्ध होंगे और रिम्स पार्ट-1 को विश्वस्तरीय बनाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। जब तक मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक रिम्स पार्ट-2 की बातें केवल एक छलावा और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हैं।

भय और अराजकता के माहौल में झारखंड में निवेश की बात बेमानी : रविनाथ किशोर

हेमंत सरकार बताए कि अब तक राज्य में कितने निवेश आए और उससे झारखंड को क्या लाभ हुआ

भारतीय जनता पार्टी, झारखंड प्रदेश के प्रवक्ता रविनाथ किशोर ने 8 एवं 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के संदर्भ में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में व्याप्त भय, असुरक्षा और अराजकता के माहौल में निवेश आकर्षित करने की बातें केवल दिखावा प्रतीत होती हैं।

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता जानना चाहती है कि हेमंत सरकार द्वारा निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से समय-समय पर की गई विदेश यात्राओं, निवेशक सम्मेलनों और अन्य आयोजनों का वास्तविक परिणाम क्या रहा। सरकार स्पष्ट करे कि अब तक राज्य में कितने नए निवेश आए, कितनी परियोजनाएं धरातल पर उतरीं तथा इनसे झारखंड के युवाओं को कितना रोजगार और राज्य को कितना आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।

श्री किशोर ने कहा कि किसी भी राज्य में निवेश का सबसे महत्वपूर्ण आधार बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और निवेशकों का विश्वास होता है। दुर्भाग्यवश झारखंड में आज अपराध, भय और प्रशासनिक अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में निवेशकों का राज्य की ओर आकर्षित होना कठिन है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास विकास की स्पष्ट कार्ययोजना और दूरदृष्टि का अभाव है। विकास योजनाओं की गति धीमी पड़ गई है, सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रियों के बीच समन्वय की कमी दिखाई देती है तथा कानून-व्यवस्था लगातार चुनौती बनी हुई है। इसके साथ ही राज्य वित्तीय अव्यवस्था की स्थिति का भी सामना कर रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

रविनाथ किशोर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में झारखंड में निवेश लाना चाहती है तो सबसे पहले कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना होगा, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना होगा, पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करनी होगी तथा सड़क, बिजली, जल और अन्य आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना होगा। निवेशकों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद वातावरण तैयार किए बिना बड़े निवेश की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है।

श्री किशोर ने कहा कि झारखंड को पुनः विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रभावी नेतृत्व, स्पष्ट नीति और सुशासन की आवश्यकता है। वर्तमान सरकार इन मोर्चों पर अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है, जिसके कारण राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है।

जमशेदपुर की जनता ने अहंकारी हेमंत सरकार के अहंकार को तोड़ा : अमर कुमार बाउरी

स्वत: स्फूर्त बंद रहा जमशेदपुर, ऐतिहासिक जनसमर्थन के लिए भाजपा ने दिया जनता को साधुवाद

जमशेदपुर आज बन चुका है चापड़पुर, पूरे राज्य की विधि व्यवस्था वेंटिलेटर पर

उड़ता पंजाब की राह पर झारखंड, नशे के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा सीधे मुख्यमंत्री और सरकार के हाथों तक पहुंच रहा

राज्य में कहीं भी अत्याचार और शोषण होगा, जनता के पक्ष में भाजपा एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका में खड़ी मिलेगी

भाजपा ने दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को पुनः दोहराया

भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर जमशेदपुर और आदित्यपुर में पार्टी के द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान मिले अपार जनसमर्थन को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आह्वान पर बुलाए इस बंदी कार्यक्रम में जमशेदपुर, आदित्यपुर के सभी प्रतिष्ठानों, सभी कंपनियों, ठेला खोमचे वालों तक ने, हर एक नागरिक ने सहयोग किया। यह बंद स्वत: स्फूर्त रहा। जनता ने साबित कर दिया कि यह सिर्फ एक पार्टी का प्रतिरोध नहीं है बल्कि यह आम जनता का प्रतिरोध है। साढ़े छह साल में इस अहंकारी राज्य सरकार का पहली बार जनता ने अहंकार तोड़ने का काम किया है। आज की बंदी सरकार की आँखे खोलने के लिए काफी है। अब राज्य सरकार के विवेक पर निर्भर है कि इस बंदी से मिले संदेश को वह सकारात्मक लेती है या नकारात्मक। उन्होंने बंदी में समर्थन के लिए जमशेदपुर, आदित्यपुर की जनता, पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को पार्टी की तरफ से साधुवाद दिया है। प्रदेश महामंत्री प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को सस्ती राजनीति से बाज आनी चाहिए। राज्य सरकार, सत्ता में शामिल पार्टियां, साथ ही उनके समर्थन में चलाए जा रहे सोशल मीडिया हैंडल के द्वारा इस मामले को जो डायवर्ट करने का प्रयास किया गया, उसे जमशेदपुर की जनता ने आईना दिखाने काम किया है। सत्ता में शामिल दलों द्वारा गलत नेगेटिव फैलाने की कोशिश को भी जनता ने खारिज कर दिया है। जमशेदपुर की जो नृशंस घटना घटी है और पुलिस ने जो कृत्य किया है उसकी पूरी जवाबदेही राज्य सरकार की है। राज्य सरकार को इस मामले में निर्दोषों को फंसाने, मामले को दूसरी दिशा देने की बजाय वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। पूरे राज्य में कहीं भी जनता पर अत्याचार और शोषण होगा, जनता तकलीफ में होगी, भारतीय जनता पार्टी एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका में वहां खड़ी दिखेगी।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि जमशेदपुर आज चापड़पुर बन गया है। पूरे राज्य में विधि व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। यह स्थिति एक दिन में नहीं बनी है। इसकी शुरुआत 2019 में हेमंत सरकार के गठन के साथ ही प्रारंभ हो गई थी। इस सरकार ने हमेशा विधि व्यवस्था से समझौता करने का काम किया है। 2019 में जैसे ही सरकार बनी, चाईबासा में सात लोगों की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। यही से इस सरकार की शुरुआत हुई। फिर एसपी, थानों की बोली लगनी शुरू हो गई, अवैध कारोबारों की खुली छूट दी गई, पूरे पुलिस तंत्र को अवैध वसूली में लगा दिया गया। पुलिस के पदस्थापन में एकमुश्त तो पैसा लिया ही जाने लगा, बीच-बीच में टॉप अप भी करने की नई परंपरा की शुरुआत हो गई। इसका नतीजा यह हुआ कि धीरे-धीरे पुलिस की साख गिरती चली गई और ईमानदार पुलिस कर्मियों का मनोबल गिरता चला गया। आज जमशेदपुर की घटना बताती है कि राज्य की पुलिस की साख किस स्तर तक नीचे जा चुकी है।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि जमशेदपुर की शांति भंग हो चुकी है। खुलेआम नशे का अवैध कारोबार किया जा रहा है। सबसे ज्यादा ड्रग्स और ब्राउन शुगर का इस्तेमाल जमशेदपुर, आदित्यपुर में हो रहा है। पूरा झारखंड सूखे नशे की जद में है। मुख्यमंत्री का नशा मुक्ति का लगा पोस्टर केवल छलावा साबित हुआ है। उड़ता पंजाब की तर्ज पर झारखंड भी उसी राह पर बढ़ चला है। युवा नशे के चंगुल में हैं। नशे के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा सीधे मुख्यमंत्री और सरकार के हाथों तक पहुंच रहा है। इसके पीछे बड़ा सिंडिकेट है। सिर्फ पुलिस अधिकारियों के तबादले से व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकती है इसके लिए पुलिस प्रशासन और सरकार को अपना खोया इकबाल फिर से वापस लाना होगा।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर आर्डर का राज स्थापित हो, इस प्रकार की चापड़ वाली घटना की अब जमशेदपुर या कहीं पुनरावृत्ति नहीं हो, जमशेदपुर सहित पूरे राज्य में अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, नशे के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाए, वहीं जमशेदपुर मामले में जिन पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में हत्या हुई है उन पुलिस कर्मियों पर मुकदमा चलाया जाए। इन पुलिस कर्मियों ने अपना दायित्व तो निभाने में कोताही बरती ही, साथ ही युवक के इलाज में भी लापरवाही बरती। आज अगर पुलिस सजग होती तो वह युवा आज जिंदा होता। जमशेदपुर की घटना से पूरा राज्य आक्रोशित है। पुलिस प्रशासन का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल और रवि नाथ किशोर भी मौजूद थे।

श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह 

प्रदेश मीडिया प्रभारी 

श्री अजय राय

प्रदेश सह मीडिया प्रभारी 

श्री सतीश सिन्हा

प्रदेश सह मीडिया प्रभारी 

मो. तारिक इमरान

प्रदेश सह मीडिया प्रभारी 

श्री नीरज सिंह

प्रदेश सह मीडिया प्रभारी 

श्री सूरज नाथ शाहदेव

प्रदेश सह मीडिया प्रभारी 

श्री प्रतुल शाहदेव 

मुख्य प्रवक्ता 

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