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कुसुंबा,विष्णुगढ़ में बच्ची की दुष्कर्म और हत्या पर बरसे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू…..

राज्य में अपराधी बेखौफ, असुरक्षित बहन बेटियां….आदित्य साहू

कल 27 मार्च को 11बजे जाएंगे कुसुंबा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ के कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की तीव्र भर्त्सना की है। श्री साहू कल 27 मार्च को 11 बजे कुसुंबा गांव जाकर परिजनों से मुलाकात करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुम्बा गांव में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी निर्मम हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की विफलता और सरकार की संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण है।

कहा कि नवरात्र का पवित्र त्यौहार चल रहा। घरों में बेटियों की पूजा हो रही । ऐसे में एक बेटी के साथ ऐसा कु कृत्य यह बताता है कि राज्य में पुलिस प्रशासन का भय नहीं।अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस प्रशासन मस्त है।

कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? क्या निर्दोषों की जान यूं ही जाती रहेगी और प्रशासन मूकदर्शक बना रहेगा?

कहा कि इस हृदयविदारक घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। घटना ने राज्य को फिर से कलंकित किया है।

कहा कि दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर प्रदेश में कानून का राज कब स्थापित होगा?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी….

आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है….बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा… यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का हित सुरक्षित…..प्रदीप वर्मा

झामुमो झारखंड के विकास की चिंता करे

वर्तमान वैश्विक हालातों में भ्रम फैलाना बंद करे इंडी गठबंधन

भाजपा प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने आज झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की प्रेसवार्ता पर करारा पलटवार किया।

डॉ वर्मा ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में पश्चिम एशिया युद्ध संकट की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।

कहा कि भारत सदैव शांति और बातचीत का पक्षधर रहा है।और इसी माध्यम से हर समस्याओं का समाधान भी चाहता है।

उन्होंने कहा कि आज के संकट के दौर में में पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था गड़बड़ाई है लेकिन भारत मजबूती के साथ खड़ा है।और प्रधानमंत्री जी ने हर प्रकार के कोशिशों को आज सदन में वक्तव्य के माध्यम से बताया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने पश्चिम एशिया के सभी राष्ट्र प्रमुखों से दो बार बात की है, हरमूज मार्ग बाधित नहीं हो इसकी बात भी संबंधित देशों के समक्ष मजबूती से रखी है,जिसके सकारात्मक परिणाम भी निकल कर आए हैं। हरमूज मार्ग से भारत के जहाज आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कभी भी अपने 140 करोड़ जनता के हित को दांव पर नहीं लगाया। देश की जनता इस बात को पूरी तरह जानती है।

कहा कि आज भारत अपने पेट्रोल,गैस के श्रोत का वैकल्पिक समाधान सुनिश्चित कर रहा। देश के आंतरिक संसाधन बढ़ाए जा रहे वही दूसरे देशों से भी आयात सुनिश्चित किए जा रहे।27 की जगह अब 41 देशों से भारत अपने जरूरी ऊर्जा आयात बढ़ा रहा है। कच्चे तेल के प्रयाप्त भंडार हैं।

कहा कि देश में एक समूह जनता को भ्रमित करने में सक्रिय है। उससे सावधान रहने की जरुरत है। कोरोना काल में भी कांग्रेस झामुमो ने लगातार भ्रम फैलाए थे।टीका को लेकर सवाल उठाए थे लेकिन प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प का ही परिणाम था कि उनके नेतृत्व में जनता के सहयोग से भारत विजई हुआ।

कहा कि ये वही लोग हैं जो परमाणु परीक्षण पर सवाल खड़ा करते है,सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक पर सवाल खड़ा करते हैं।सेना से सवाल पूछते हैं।

कहा कि झामुमो अपनी जिम्मेवारी समझे।जिसके लिए जनता ने जनादेश दिया है उसे पूरा करने में ध्यान दे।लेकिन लगता है कांग्रेस झामुमो को अपने वादों को पूरा करने की चिंता नहीं है। इंडी गठबंधन केवल जनता को दिग्भ्रमित कर अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश करता है।

कहा कि भारतीयों के जान माला की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है। युद्ध के दौरान 3लाख 75 हजार भारतीय देश सुरक्षित लौटे हैं।

“जी राम जी के खिलाफ प्रस्ताव पर भाजपा का प्रहार: कांग्रेस की कठपुतली बनी हेमंत सरकार”

हेमंत सरकार राम विरोधी और विकास विरोधी: अजय साह

झारखंड विधानसभा द्वारा VB GRAM G के खिलाफ पारित प्रस्ताव और उसे केंद्र सरकार को भेजने के फैसले पर भाजपा ने कड़ा और स्पष्ट विरोध जताया है। पार्टी प्रवक्ता अजय साह ने इस पूरे कदम को न केवल जनविरोधी, बल्कि सीधे तौर पर “राम विरोधी और विकास विरोधी” बताया है।

अजय साह ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार अब विकास की दिशा में काम करने के बजाय राजनीतिक पूर्वाग्रह और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझ चुकी है। जिस प्रस्ताव को कांग्रेस “ऐतिहासिक” बताने की कोशिश कर रही है, वह दरअसल झारखंड के विकास को पीछे धकेलने वाला और आम जनता के अधिकारों पर चोट करने वाला निर्णय है। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा कानून में सुधार कर तैयार किए गए नए प्रारूप का विरोध करना गांव, किसान और गरीब के खिलाफ खड़ा होना है। प्रस्ताव में 150 दिनों के रोजगार का जिक्र यह साबित करता है कि खुद कांग्रेस भी मानती है कि उसका पहले का 100 दिन का प्रावधान अपर्याप्त था।

अजय साह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब भी मनरेगा (MGNREGA) की चर्चा होती है, झारखंड का नाम घोटालों के कारण सामने आता है। देश के बड़े मनरेगा घोटालों में से एक यहीं हुआ, और हैरानी की बात यह है कि जिस आईएएस अधिकारी पर इस घोटाले की साजिश रचने के आरोप लगे, उसे जेल से बाहर आते ही हेमंत सरकार ने फिर से प्रशासन में जगह दे दी।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार की प्रभावी योजनाओं के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना यह दर्शाता है कि झारखंड सरकार खुद को संविधान, सर्वोच्च न्यायालय और भारत सरकार से भी ऊपर समझने लगी है। यह संघीय ढांचे के खिलाफ सीधी चुनौती है।

तंज कसते हुए अजय साह ने कहा कि जिस तरह “प्रधानमंत्री” शब्द से जुड़ाव के कारण आयुष्मान भारत योजना से हेमंत सरकार को दिक्कत थी, अब उसी तरह “राम” शब्द से भी उन्हें परेशानी होने लगी है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जैसे जल जीवन मिशन के फंड के उपयोग में अनियमितताएं सामने आईं, वैसे ही VB GRAM G जैसी योजनाओं को भी राजनीतिक दुर्भावना और भ्रष्टाचार का शिकार बनाया जा रहा है।

अंत में अजय साह ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस के दबाव में कठपुतली की तरह काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस तरह के हर फैसले का मजबूती से विरोध जारी रखेगी।

*राहुल गांधी के नक्शे कदम पर झारखंड के मुख्यमंत्री

  • हेमंत सोरेन, हिंदू देवी देवता,पर्व त्योहारों का कर रहे अपमान…..आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा विधानसभा में हिंदू देवी देवताओं, पर्व त्योहारों की गई अपमानजनक टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि हजारों वर्षों से सनातन संस्कृति विरोधियों ने हमले किए उसे मिटाने में सफल नहीं हो सके।सनातन संस्कृति अक्षुण्ण है,लगातार मजबूत हो रही है।

उन्होंने कहा भारत साधु संतों, मठ मंदिरों,यज्ञ हवन पूजा विधानों का देश है जिसपर गुलामी के दौर में भी राष्ट्रविरोधी ताकतों ने हमले किए और आजादी के बाद अब कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने इसकी जिम्मेवारी ले ली है।

कहा कि जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी,सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने सनातन को गाली देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। राम के अस्तित्व को नकार दिया, भगवा आतंक का नारा गढ़ा, त्रिशूल को आतंकवाद से जोड़ा।

कहा कि सत्ता लोलुपता और तुष्टीकरण के कारण कांग्रेस ने सारी मर्यादाएं लांघ दी। लेकिन दुर्भाग्यजनक स्थिति है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अब राहुल गांधी के नक्शे कदम पर चल रहे।

कहा कि कल विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन हेमंत सोरेन ने जिस प्रकार हिन्दू देवी देवताओं का मजाक उड़ाया,पूजा पद्धति का उपहास उड़ाया वह अत्यंत निंदनीय है,दुर्भाग्यपूर्ण है।

कहा कि राज्य सत्ता की अपनी संवैधानिक मर्यादाएं हैं। किसी भी धर्म ,सम्प्रदाय का उपहास उड़ाना सत्ता को शोभा नहीं देता।

उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा विश्व केलिए अनुकरणीय है।दुनिया आज उसका अनुसरण कर रही। भोगवादी संस्कृति ,पूंजीवादी व्यवस्था से ऊबे लोग भारत की सांस्कृतिक विरासत का अनुसरण कर रहे।

कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी समय समय पर सपरिवार पूजा पाठ करते हैं। लेकिन वोट बैंक और तुष्टीकरण की मानसिकता,सत्ता की लालच ने उन्हें दोहरा चरित्र का नेता बना दिया। उनकी भाषा बदल दी।

उन्होंने कहा कि हिम्मत है तो मुख्यमंत्री अन्य धर्मों की मान्यताओं, उनके पूजा पद्धतियों को अपमानित करके देख लें, उनका मखौल उड़ा कर देख लें।

कहा कि कभी मूर्ति का आकार छोटा करने, कभी रामनवमी का झंडा छोटा करने, कभी डीजे नहीं बजाने का आदेश निर्गत कर हेमंत सरकार ने पहले ही अपनी हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है।

कहा कि हिंदू समाज अनादि काल से सहिष्णु है लेकिन जब जब उसे ललकारा गया है तब तब दुर्गा, काली का अवतार महिषासुर मर्दन केलिए हुआ है। शिव का तांडव विनाश को निमंत्रण देता है।

कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने बयानों पर हिंदू समाज से क्षमा याचना करें अन्यथा हिन्दू समाज का प्रतिकार झेलने को तैयार रहना चाहिए़।

IAS राजीव रंजन का 24 घंटे के लिए परिवहन आयुक्त बनने के पीछे कौन सा खेल? : अजय साह

भाजपा के की उनके द्वारा 24 घंटों में लिए गए निर्णयों के समीक्षा की माँग

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने प्रेस वार्ता के दौरान झारखंड सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने तथ्यों के आधार पर दावा किया कि झारखंड के परिवहन सचिव राजीव रंजन ने नियमों को दरकिनार करते हुए “एक दिन के ट्रांसपोर्ट आयुक्त” बनने का अभूतपूर्व उदाहरण पेश किया है।

अजय साह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में झारखंड सरकार ने 1 दिसंबर 2016 और 16 दिसंबर 2016 को गजट अधिसूचना जारी कर दो महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया था। पहली, राज्य सड़क सुरक्षा परिषद, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं, और दूसरी, कोष प्रबंधन समिति, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव होते हैं। इन दोनों समितियों में परिवहन आयुक्त को सदस्य सचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो प्रशासनिक और नीतिगत कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि 10 मार्च को कार्यालय आदेश संख्या 24 जारी कर राजीव रंजन ने परिवहन आयुक्त के सभी अधिकार स्वयं के पास लेने का कथित रूप से अवैध आदेश पारित किया। इतना ही नहीं, अगले ही दिन 11 मार्च को कार्यालय आदेश संख्या 25 के माध्यम से उन्होंने अपने ही आदेश को निरस्त भी कर दिया। अजय साह के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम न केवल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना है, बल्कि राज्य सरकार की आधिकारिक गजट अधिसूचनाओं का भी सीधा उल्लंघन है। उनके मुताबिक, इस कदम के जरिए राजीव रंजन ने 24 घंटे के लिए खुद को परिवहन आयुक्त के रूप में स्थापित कर लिया।

अजय साह ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर प्रशासनिक अनियमितता बताते हुए मांग की कि इन 24 घंटों के दौरान परिवहन विभाग में लिए गए सभी फैसलों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस अवधि में पास की गई सभी फाइलों, स्वीकृत और अस्वीकृत प्रस्तावों की बारीकी से समीक्षा आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस प्रकार की अनियमितता या लाभ पहुंचाने का प्रयास हुआ है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे महत्वपूर्ण आदेश की कॉपी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव, जो संबंधित समितियों के अध्यक्ष हैं को क्यों नहीं दी गई। अजय साह ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पारदर्शिता का अभाव दिखता है और संभवतः इसे जानबूझकर गुप्त रखा गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिर इस “24 घंटे के खेल” के पीछे क्या मंशा थी, इसे सार्वजनिक रूप से जनता के सामने लाना बेहद जरूरी है, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे।

झारखंड के 18.8 लाख किसानों को मिला पीएम किसान सम्मान निधि का 22 वाँ किस्त

प्रदेश भाजपा ने किया स्वागत,प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं कृषि मंत्री का जताया आभार

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देश भर के 9.32 करोड़ किसानों को जिसमें झारखंड के 18.8 लाख किसान भी शामिल हैं को पीएम किसान सम्मान निधि का 22 वाँ किस्त किसानों के खाते में भेजे जाने का प्रदेश भाजपा ने स्वागत किया है।

प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि मोदी सरकार गांव गरीब किसान के कल्याण केलिए संकल्पित और समर्पित है।

कहा कि किसान सम्मान निधि जो प्रतिवर्ष तीन किस्तों को मिलाकर 6 हजार रुपए होती है,किसानों को बड़ी राहत प्रदान करती है। किसान खाद,बीज कीटनाशक दवाइयां खरीदने केलिए उधार और कर्ज लेने केलिए विवश नहीं है। समय पर किसान सम्मान निधि मिलने से किसान उसका कृषि कार्य में सदुपयोग भी करते हैं।

श्री साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रति झारखंड के किसानों की ओर से आभार प्रकट किया।

थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी खून चढ़ाने पर रिक्शा नौटंकी क्यों नहीं किया इरफान अंसारी ने…..आदित्य साहू

शिल्पी नेहा तिर्की धान खरीद की चिंता करती तो ज्यादा अच्छा होता

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज विधानसभा सत्र के दौरान राज्य सरकार के दो मंत्री इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की की नौटंकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी नौटंकी मंत्री बन गए हैं। इनकी कार्यशैली में विभाग की चिंता नहीं है बल्कि अपनी विफलताओं की छुपाने केलिए ये अपने बयानों से ,अपने उल्टे हरकतों से जनता को दिग्भ्रमित करते हैं।

कहा कि यदि रिक्शे की सवारी करनी ही थी तो उस दिन करते जिस दिन एक पिता को अपने बेटे की लाश झोले में भरकर ले जानी पड़ी। थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाकर मौत के मुंह में जाने को विवश कर दिया। गरीबों को एम्बुलेंस नसीब नहीं हो रहा। गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर गरीब हॉस्पिटल लाने को मजबूर हैं। ऐसे में इन गरीबों को रिक्शा भी उपलब्ध करा देते तो मंत्री जी की बहादुरी मानी जाती ।लेकिन इरफान अंसारी को गरीबों की सेवा से कोई मतलब नहीं।ये तो केवल नौटंकी करने, सरकारी सुविधा पाने ,राज्य को लूटने केलिए मंत्री बने हैं।

श्री साहू ने कृषि मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के हित की चिंता कब करेंगी कृषि मंत्री।4 महीने बीत जाने के बाद भी किसानों के धान नहीं खरीदे जा सके।राज्य सरकार के आंकड़े बता रहे कि अभी तक झारखंड के किसानों से 50% धान की खरीद हुई है। खरीदे गए धान के पैसे जिसे तुरंत भुगतान करना था वो अभी तक बकाए हैं।

कहा कि 3200 रुपए क्विंटल धान खरीदने और 450 रुपए में सिलिंडर देने के वादे करके सत्ता में आई हेमंत सरकार वादों को पूरी तरह भुला दिया।

श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार सुनियोजित तरीके से गैस की किल्लत को प्रचारित कर रही ।दुष्प्रचार के कारण जनता में भय व्याप्त हो रहा। राज्य सरकार की ओर से विरोधाभासी बयान आ रहे।मंत्री प्रदर्शन कर रहे और अधिकारी बता रहे कि कोई किल्लत नहीं।

कहा कि इंडी गठबंधन की सरकार बार बार अपने गैर जिम्मेदाराना हरकत से बाज आए।

उन्होंने झारखंड की जनता से ऐसे सरकार के नौटंकीबाज मंत्रियों की नौटंकी से दिग्भ्रमित नहीं होना चाहिए़।

कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता के हित की चिंता है। देश के हित में सभी आवश्यक निर्णय लिए जा रहे। देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है।

झारखंड में आदिवासी अस्मिता,जल ,जंगल,जमीन के व्यापारी हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन….आदित्य साहू

असम की धरती पर हेमंत सोरेन का दोहरा चरित्र उजागर

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा असम की एक जनसभा में दिए गए भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि असम में आदिवासी हित ,अधिकार की बात करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में उसका 10% भी जमीन पर उतार देते तो राज्य का भला हो जाता ।लेकिन इनकी कथनी और करनी में दोहरा चरित्र उजागर होता है।

कहा कि पिछले साढ़े 6 वर्षों में राज्य में सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को बताना चाहिए कि उन्होंने राज्य के आदिवासियों केलिए क्या किया? जल, जंगल जमीन की लूट पर क्या किया। आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत पर हो रहे लगातार हमले को रोकने केलिए क्या किया। ?

श्री साहू ने कहा कि दो दिन पहले देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति महोदया जो झारखंड की नातिन हैं,जनजाति समाज की बेटी हैं का पश्चिम बंगाल की धरती पर अपमान हुआ लेकिन हेमंत सोरेन जी ने एक छोटी प्रतिक्रिया भी नहीं दी। कहां गया आदिवासी समाज के सम्मान का दर्द। मौन के पीछे आखिर कौन सी राजनीतिक मजबूरी रही।

कहा कि रोज रोज आदिवासी बहन बेटियों की इज्जत झारखंड की धरती पर लूटी जा रही है, होनहार आदिवासियों की हत्याएं हो रही हैं लेकिन राज्य सरकार लाचार विवश बैठी है। एक एफआईआर तक सामान्य तरीके से दर्ज नहीं होते। राज्य में पिछले वर्ष हूल दिवस पर सिदो कान्हो के वंशजों को पूजा करने से रोका गया।उसके पहले सिदो कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मु की हत्या हुई । चाईबासा में 7 आदिवासियों का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। रूपा तिर्की की हत्या हुई,एक दरोगा बेटी को कुचलकर मार दिया गया।लेकिन हेमंत सरकार अपराधियों पर लगाम नहीं लगा सकी।

कहा कि राज्य में आदिवासियों की जमीन को बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिए कब्जा कर रहे और हेमंत सरकार घुसपैठियों का संरक्षण कर रही। राज्य के खनिज संसाधन,बालू,कोयला , पत्थर को राज्य सरकार दलाल बिचौलियों से लुटवाने में जुटी हुई है।

कहा कि पेसा कानून के नाम पर हेमंत सरकार ने एक्ट की मूल भावना को ही मिटा दिया। उसकी आत्मा ही मार दी।

कहा कि आज व्यापारी समाज को गाली देने वाले हेमंत सोरेन की पार्टी ने झारखंड की अस्मिता,आंदोलन का ही व्यापार कर दिया था। और सत्ता की भूख ऐसी है कि झारखंड आंदोलन को खरीदने,बोली लगाने वाले के साथ गलबहियां डालकर सत्ता सुख भोग रहे। यही है झामुमो की नैतिकता। जिस पार्टी ने आदिवासियों पर गोलियां चलाई ,लोगों को मरवाए वही पार्टी आज झारखंड की हितैषी हो गई और जिसने अलग राज्य का सपना साकार किया वह पार्टी इनकी नजरों में झारखंड विरोधी हो गई।

कहा कि असम की जनता को दिग्भ्रमित करना बंद करें मुख्यमंत्री। जनता इनकी हकीकत जानती है।

संवैधानिक संस्थाओं को निष्क्रिय करने का सुनियोजित षड्यंत्र कर रही हेमंत सरकार – प्रतुल शाह देव

हाई कोर्ट की फटकारों का भी सरकार पर कोई असर नहीं

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि झारखंड की हेमंत सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का सुनियोजित षड्यंत्र कर रही है। झारखंड हाई कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद भी सरकार लोकायुक्त, सूचना आयोग, महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर नियुक्ति करने में लगातार टालमटोल कर रही है। यह न केवल प्रशासनिक विफलता है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि इन संस्थाओं को चलाने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये का खर्च किया जा रहा है, लेकिन पद रिक्त रहने के कारण जनता को इनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। कार्यालय, भवन, कर्मचारी और अन्य व्यवस्थाओं पर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च हो रहा है, लेकिन न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली संस्थाएं पूरी तरह निष्क्रिय पड़ी हैं।उन्होंने कहा कि जब सरकार इन संस्थाओं में नियुक्ति ही नहीं करना चाहती, तो साफ है कि उसे पारदर्शिता और जवाबदेही से डर लगता है। लोकायुक्त भ्रष्टाचार पर निगरानी रखता है, सूचना आयोग पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और महिला एवं बाल आयोग समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा करते हैं। इन संस्थाओं को निष्क्रिय रखना सीधे-सीधे लोकतंत्र की आत्मा पर आघात है।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, जो यह दर्शाता है कि सरकार संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह विफल रही है। भाजपा मांग करती है कि सरकार तुरंत इन सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति कर संस्थाओं को सक्रिय करे, अन्यथा यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार जानबूझकर जवाबदेही से बचने के लिए इन्हें निष्क्रिय बनाए रखना चाहती है।

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