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जेएमएम के भ्रामक दावों पर भाजपा का पलटवार

न्यायपालिका के निर्णयों को राजनीतिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण – प्रतुल शाह देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतुल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में लिया गया। वहां मतदाता सूची में लगभग 80 लाख विसंगतियां पाई गई थीं। यह निर्णय स्पष्ट रूप से स्थानीय प्रशासन की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर न्यायालय की चिंता और अविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया चुनाव की पवित्रता पर जब प्रश्नचिह्न लगता है, तब न्यायपालिका को हस्तक्षेप करना पड़ता है। ऐसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करना लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ है।

दूसरे मुद्दे पर प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को “ऐतिहासिक राहत” मिलने का जेएमएम का दावा पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री को केवल समन की अवहेलना (नॉन-कम्प्लायंस) से जुड़े तकनीकी पहलू पर राहत मिली है, जबकि कथित भूमि घोटाले से संबंधित मूल आपराधिक मामला आज भी यथावत चल रहा है।प्रतुल ने कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए आधे-अधूरे सच को “ऐतिहासिक जीत” बताना राजनीतिक ईमानदारी के विपरीत है। यदि मुख्यमंत्री निर्दोष हैं तो उन्हें जांच प्रक्रिया का पूरा सामना करना चाहिए, न कि कानूनी प्रक्रियाओं को राजनीतिक ढाल बनाना चाहिए।उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा न्यायपालिका का सम्मान करती है और कानून के शासन में विश्वास रखती है, जबकि जेएमएम न्यायालय के निर्णयों को भी राजनीतिक चश्मे से देख रही है। झारखंड की जनता सच्चाई जानती है और भ्रम फैलाने की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।

झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत राज्य बजट दिशाहीन, तथ्यहीन बजट है ……आदित्य साहू

बजट में न कोई रंग दिखा और न खुशबू। यह रंगहीन और खुशबू विहीन बजट है

यह अबुआ दिसुम लूट बजट है

  • केवल लूटने और लुटवाने केलिए प्रस्तुत किया गया है
    पिछले बजट की 50% राशि ही खर्च कर पाई है राज्य सरकार

केंद्र सरकार दे रही भरपुर सहायता, 1.36 लाख करोड़ का विस्तृत ब्यौरा दे हेमंत सरकार, भ्रम नहीं फैलाए,भाजपा दिलाने में पूरा साथ देगी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार द्वारा 2026.27 केलिए प्रस्तुत बजट को दिशाहीन तथ्यहीन बजट बताया।

श्री साहू ने कहा कि यह बजट रंगहीन है और खुशबू विहीन भी।

श्री साहू ने कहा कि 1.58लाख करोड़ का बजट प्रस्ताव केवल गोल मटोल आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण है। इसमें राज्य के विकास का कोई विजन नहीं दिखाई पड़ता है।

कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे वित्तमंत्री जी आधे मन से भाषण पढ़ रहे थे। एकबार भी मुख्यमंत्री जी ने मेज थप थपा कर प्रोत्साहित नहीं किया।वित्तमंत्री जी आदर्श बजट बता रहे थे। राज्य के सभी वर्गों युवा ,किसान,महिला,उद्यमी से सलाह लेकर बनाया गया बजट बता रहे थे लेकिन वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने स्वयं कुछ दिनों पूर्व बयान दिया था कि बजट के विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं,मुझसे पदाधिकारी कुछ पूछ नहीं रहे।

कहा कि समझ में नहीं आता कि राज्य सरकार किस दिशा में और कैसे चल रही है जिसमें राज्य के वित्त मंत्री ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण बयान देते हैं।

वित्त मंत्री जी हंसना और गाल फुलाना एक साथ करना चाह रहे हैं। एक तरफ किसी के पैर पर झुकने से अच्छा अपने पैरों पर खड़ा होने की बात भी करते है दूसरी ओर केंद्र सरकार को पानी पी पी कर गाली देते हैं।

कहा कि 1लाख 36 हजार करोड़ के बकाए की बात खूब कर रहे लेकिन बार बार पूछने के बाद भी आज तक राज्य की हेमंत सरकार नहीं बता पाई कि कब कब का किस मद में बकाया है। यह सरकार केवल इसे मुद्दा बनाकर अपनी नाकामियों को छुपाने का प्रयास करती है।

कहा कि इस बजट को बाल बजट बता रही सरकार लेकिन राज्य के हजारों लापता बच्चों की कोई चर्चा बजट में नहीं की गई।

इसी राज्य में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी खून चढ़ाया गया।ऐसे प्रभावित बच्चों के विषय में कोई घोषणा नहीं की गई।

जेंडर बजट की बात कर रहे लेकिन रोज रोज हो रहे बलात्कार ,हत्या की रोक केलिए कोई विशेष प्रावधान कि बात नहीं की गई।

कहा कि राज्य सरकार ने पैसों की कोई कमी नहीं होने की बात की लेकिन 3200 रुपए क्विंटल धान खरीदने में यह सरकार पूरी तरह विफल रही। 2450 रूपये भी किसानों तक नहीं मिले।इसे भी बिचौलिए खा गए।

अपनी घोषणा के अनुरूप 400 रुपए में गैस सिलेंडर देने की बात पर कोई प्रस्ताव नहीं है बजट में।

आत्मा को मार कर बनाई गई पेसा नियमावली पर सरकार पीठ थपथपा रही जिसको खुद आदिवासी समाज ही स्वीकार नहीं कर रहा।

पैसों को कोई कमी नहीं है तो फिर राज्य के बच्चों की। छात्रवृत्ति क्यों बकाया है। विधवा पेंशन,वृद्धा पेंशन क्यों बकाया है। मईयाँ सम्मान में सभी महिलाओं को दिए जाने की घोषणा को क्यों अमल में लाने की बात नहीं की गई।

कहा कि इस सरकार ने अपने आय के अतिरिक्त स्रोत में सीएसआर फंड की चर्चा की है। जो औद्यौगिक विकास से ही संभव है।

राज्य में डी एम एफ टी फंड जो मोदी सरकार की देन है लेकिन जिस प्रकार से पदाधिकारियों की सुख सुविधा में इसका दुरूपयोग हुआ है वह जग जाहिर है। इसका बड़ा घोटाला राज्य में हुआ है। इसके जांच की कोई चर्चा नहीं हुई।

कहा कि ऐसा लगता है जैसे खाता न बही जो झामुमो कांग्रेस कहे वही सही।

कहा कि राज्य के वित्त मंत्री ने विभागों को पत्र लिखकर 10हजार करोड़ के हिसाब नहीं मिलने, घोटाला की बात की है लेकिन बजट में इसकी कोई चर्चा नहीं की।

उन्होंने पिछले बजट खर्च का ब्यौरा देते हुए कहा कि अबतक 50% राशि ही राज्य सरकार खर्च कर पाई है। आखिर नए बजट प्रावधान का क्या मतलब।

कहा कि कृषि में अबतक 29.80%,भवन निर्माण में 36.07% स्वास्थ्य में 61.34% पेयजल में 5.81%,खाद्य सुरक्षा में 33.55% ,उच्च और तकनीक शिक्षा में 37.73%,उद्योग में 39.41% राशि ही खर्च हुई।

कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि आदिवासी,दलित,पिछड़े समाज केलिए निर्धारित बजट मात्र 28%ही खर्च हुई है।ये कैसे आदिवासी समाज के मुख्यमंत्री हैं।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने लगातार अपेक्षा से अधिक सहायता झारखंड को की है। 2026 ..27 में राज्य को 51,236 करोड़ रुपए टैक्स के मिलेंगे।केंद्रीय सहायता 25..26 में 3.14 लाख करोड़ तथा 1.04 लाख करोड़ मिली।

कहा कि मोदी सरकार ने झारखंड को 2.02 करोड़ लोगों के जनधन खाते खोले, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना में 88.4 लाख, पीएम सुरक्षा बीमा योजना में 1.6 करोड़ जोड़े गए।मुद्रा योजना में 89 हजार करोड़ रुपए वितरित हुए,अटल पेंशन योजना 25.6 लाख लोग जुड़े हैं, किसान सम्मान निधि में 18.8 लाख किसान लाभान्वित हो रहे।गरीब कल्याण अन्न योजना से 2करोड़ 64 लाख लोग लाभान्वित हो रहे।

इसके अतिरिक्त हाईवे,रेलवे,हवाई सुविधा,एयरपोर्ट,एम्स ,आईआईटी ,पर्यटन , आदिवासी कल्याण की योजनाएं झारखंड की धरती पर उतरी है।

निकाय चुनाव मतगणना बीच में रोके नहीं राज्य सरकार
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने कहा कि मतदान में पराजित यह सरकार मतगणना में लूट का प्रयास की योजना बना रही।रात 8 बजे मतगणना रोक कर दूसरे दिन पूरा करने के पीछे मंशा ठीक नहीं।

कहा कि ऐसे भी सीसीटीवी कैमरा केवल दिखावा है, कोई काम नहीं कर रहा ऐसी सूचना मिल रही।

कहा कि रात में कोयला,बालू चोरी के बाद अब वोट चोरी का प्रयास राज्य सरकार कर रही।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतगणना को बीच ने नहीं रोकने का आग्रह किया।

आज की प्रेसवार्ता में कोषाध्यक्ष दीपक बंका,मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक,प्रवक्ता प्रतुल शाह देव भी उपस्थित रहे।

निकाय चुनाव में हजारों मतदानकर्मी अपने मताधिकार से हुए वंचित ….आदित्य साहू

दूरभाष पर बात करने पर भी निर्वाचन आयोग ने नहीं की कोई व्यवस्था

राज्य सरकार चौतरफा लोकतंत्र का गला घोंट रही

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज राज्य सरकार पर निशाना साधा।

श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार के इशारे पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने राज्य के मतदानकर्मियों केलिए पोस्टल बैलेट का कोई प्रावधान नहीं किया जिसके कारण हजारों कर्मी अपने मताधिकार से वंचित हो गए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के रक्षा की बात करने वाली कांग्रेस झामुमो,राजद गठबंधन की सरकार ने आज प्रदेश के निकाय चुनाव में लोकतंत्र का गला घोंट दिया।

कहा कि उन्होंने पोस्टल बैलेट के संबंध में सुबह 11 बजे ही राज्य निर्वाचन आयुक्त से दूरभाष पर बात कर आग्रह किया था लेकिन परिणाम शून्य निकला।

श्री साहू ने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि निर्वाचन आयोग राज्य सरकार के दबाव में संवैधानिक निर्णय नहीं ले रहा।

कहा कि राज्य सरकार की मंशा निकाय चुनाव को लेकर पहले से ही साफ नहीं रही है।

कहा कि निर्वाचन आयोग अविलंब मतदानकर्मियों केलिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था सुनिश्चित कराए।

झामुमो ने साइलेंस पीरियड में किया आचार संहिता,उल्लंघन, अपने घोषित प्रत्याशी केलिए वोट की की अपील

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य पर अविलंब दर्ज हो मुकदमा….मनोज कुमार सिंह

बाबूलाल मरांडी पर पैसा बांटने का सबूत दे झामुमो,भ्रम नहीं फैलाए

भाजपा प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर बड़ा पलटवार किया।

श्री सिंह ने कहा कि राज्य का सत्ताधारी गठबंधन पहले से ही निकाय चुनाव में हार के परिणाम की आशंका से भयभीत है। इसीलिए राज्य सरकार ने दलीय आधार पर चुनाव नहीं कराए।इतना ही नहीं तकनीक के इस युग में भी हेमंत सरकार ने बैलेट से निकाय चुनाव कराने का निर्णय लिया ताकि पुलिस प्रशासन को टूल किट बनाकर चुनाव को प्रभावित कर सकें।

कहा कि बावजूद इसके जब इनके समर्थित उम्मीदवारों की हार दिखाई पड़ रही तो झामुमो अनर्गल आरोप लगाने पर उतारू हो गया। अपराधियों ,गुंडों से पूरे राज्य में दहशत फैलाए जा रहे।

कहा कि एक तरफ दहशत,भय ,आतंक दूसरी ओर भ्रम,दुष्प्रचार का सहारा।

कहा कि अगर झामुमो में थोड़ी भी राजनीतिक समझ ,नैतिकता है तो अविलंब बाबूलाल मरांडी के द्वारा पैसे बांटने की बात साबित करे।पुलिस प्रशासन उसके हाथों में है।

श्री सिंह ने कहा कि एक तरफ आचार संहिता की बड़ी बड़ी बातें सुप्रियो भट्टाचार्य कर रहे और चुनाव प्रचार की समय सीमा समाप्त होने, साइलेंस पीरियड में उन्होंने रांची नगर निगम केलिए झामुमो के समर्थित उम्मीदवार केलिए खुलेआम चुनाव चिन्ह बताकर वोट मांगा।

श्री सिंह ने कहा कि केवल अपने प्रत्याशी की ही नहीं बल्कि राज्य के पुलिस प्रशासन के सहारे वोट को प्रभावित करने की मंशा भी सुप्रियो भट्टाचार्य की प्रेसवार्ता में उजागर हुआ है।

श्री सिंह ने अविलंब सुप्रियो भट्टाचार्य पर एफआईआर दर्ज करने की चुनाव आयोग से मांग की।

प्राचीन सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक तकनीक के बल पर भारत बनेगा आत्म निर्भर….आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज रांची के गोंदा मंडल स्थित बूथ पर प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का 131 वां एपिसोड सुना।

श्री साहू ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम विकसित भारत संकल्प को सिद्धि में बदलने का अभियान है। प्रत्येक महीने अंतिम रविवार को होने वाला संबोधन देश के करोड़ो लोगों को प्रेरणा से भर देता है।

श्री साहू ने कहा कि उत्तर से दक्षिण , पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाले प्रेरक प्रसंगों में बढ़ते भारत,बदलते भारत की तस्वीर होती है , भारत के लोगों के पुरुषार्थ की गाथाएं होती है, संस्कृति और प्रकृति की बातें होती है।साथ ही आधुनिक तकनीक से बदलती दुनियां में भारत की बढ़ती सकारात्मक भूमिका की चर्चा भी होती है।

श्री साहू ने युवाओं से मन की बात को नियमित सुनने का आह्वान किया।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मन की बात भारत के स्वाभिमान , सम्मान की बात है।यह विरासत और विकास दोनों से जुड़ी हुई बात है। यह वोकल फॉर लोकल की बात है।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश से गुलामी के प्रतीकों को एक एक कर मिटाने का निर्णय देश के स्वाभिमान को बढ़ाने वाला है।

प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने कहा कि मन की बात में उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकात्मकता ही भारत के संस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना है।

उन्होंने भारत प्राचीन काल से उन्नत तकनीक का निर्माता, शोधकर्ता रहा और आधुनिक तकनीक को भी भारत उतनी ही तेजी से विकसित करने में अपना योगदान कर रहा है।

नेता प्रतिपक्ष पर मुकदमा और अपराधियों का संरक्षण कर रही राज्य सरकार….आदित्य साहू

निष्पक्ष,भयमुक्त मतदान के साथ प्रत्याशियों की सुरक्षा केलिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित हो

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री साहू ने कहा कि निकाय चुनाव में अपनी करारी हार को देखते हुए हेमंत सरकार बौखला गई है। राज्य की सत्ता में शामिल गठबंधन दलों को मालूम हो गया है कि उनके समर्थित उम्मीदवारों को जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है। इसलिए पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग करते हुए अब भाजपा को यह सरकार टारगेट कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के ऊपर गिरिडीह में मुकदमा दर्ज करना एक तरह से सत्ता पक्ष की बौखलाहट है। बाबूलाल मरांडी जी कोई नासमझ नेता नहीं है जो आचार संहिता का उल्लंघन करेंगे।लेकिन हेमंत सरकार पर सत्ता का अहंकार इतना हावी है कि अब नेता प्रतिपक्ष जहां भोजन कर रहे हों उसे भी आचार संहिता से जोड़कर मुकदमा दर्ज कराया गया। यह सरासर सत्ता का दुरुपयोग है।पुलिस प्रशासन पूरी तरह राज्य सरकार की टूल किट बन गया है।

कहा कि एक तरफ नेता प्रतिपक्ष पर राज्य सरकार मुकदमा दर्ज करा रही दूसरी ओर निकाय चुनाव में पूरे प्रदेश में अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है।

कहा कि चक्रधर पुर में भाजपा समर्थित नगर निकाय प्रत्याशी विजय सिंह गगराई को लगातार जान से मारने की धमकी अपराधियों द्वारा मिल रही है,उनके घर पर धमकी भरे पोस्टर चिपकाए गए लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

कहा कि इतना ही नहीं भाजपा ने जो चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग की संभावना जताई है उसकी पूरी तैयारी अपराधियों के बढ़ते आतंक से सच होती दिखाई पड़ रही है।

कहा कि विजय सिंह गगराई ने जिला प्रशासन,निर्वाचन अधिकारी,पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत की है,थाना में एफआईआर दर्ज कराया है लेकिन अपराधी बेलगाम हैं।

श्री साहू ने कहा कि निर्वाचन आयोग को पूरे प्रदेश में भयमुक्त और निष्पक्ष निकाय चुनाव कराने की जिम्मेवारी है।

कहा कि अगर चुनाव को अपराधियों ,गुंडों,बदमाशों से प्रभावित करने की कोशिश अगर की है, भाजपा समर्थित प्रत्याशी को खरोंच भी लगी तो भाजपा पूरे प्रदेश में राज्य सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन को बाध्य होगी।

निष्पक्ष और भयमुक्त निकाय चुनाव सुनिश्चित कराना निर्वाचन आयोग और पुलिस प्रशासन की जिम्मेवारी….आदित्य साहू

पद और वर्दी की मर्यादा न तोड़ें पुलिस प्रशासन

नगर निकाय क्षेत्र की जनता राज्य सरकार की नाकामियों पर चोट करने के मूड में

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर नगर निकाय चुनाव में जनता से भयमुक्त मतदान करने का आह्वान किया।

कहा कि लोकतंत्र के महापर्व नगर निकाय चुनाव के प्रचार का आज अंतिम दिन है। न्यायालय के सख्त निर्देश और भाजपा के लगातार आंदोलन,धरना प्रदर्शन का परिणाम है कि हेमंत सरकार की चुनाव कराने की नीयत नहीं होने के बाद तीन वर्षों के विलंब के बाद राज्य के 48 नगर निकाय में आगामी 23 फरवरी को चुनाव होंगे।

कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद भी राज्य सरकार ने सत्ता और प्रशासन के दुरूपयोग की मंशा उजागर कर दी है।राज्य पुलिस की सुरक्षा में और बैलेट पेपर से चुनाव कराने के निर्णय से यह आशंका और मजबूत हो गई है।

कहा कि भाजपा ने चुनाव की घोषणा से पहले भी निकाय चुनाव को ईवीएम से कराने की मांग राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग से किया लेकिन राज्य सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी रही।राज्य सरकार पुलिस प्रशासन को टूल किट के रूप में उपयोग करा रही। राज्य पुलिस की देख रेख में निष्पक्ष ,भ्रष्टाचार मुक्त संभव नहीं जान पड़ता। भाजपा ने राज्य के सभी बूथों पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव के तर्ज पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की देख रेख में निकाय चुनाव कराने की मांग की लेकिन राज्य सरकार के इशारे पर निर्वाचन आयोग ने इस दिशा में पहल नहीं किया।

कहा कि राज्य के सभी निकाय क्षेत्रों में संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथ है। भाजपा ने लिखित ज्ञापन सौंपकर इस संबंध में भी मांग की है।लेकिन लगता है राज्य सरकार निकाय चुनाव में लोकतंत्र का गला घोंटने को तैयार हो गई है।

कहा कि बावजूद इसके पूरे प्रदेश में घूमने और जनसंपर्क से यह स्पष्ट हो गया है कि जनता लोकतंत्र की रक्षा केलिए संकल्पित है। राज्य सरकार की मंशा पर जनता पानी फेरने को तैयार है।जिस प्रकार से राज्य की जनता राज्य सरकार के कारनामों, अर्श से फर्श तक फैले आकंठ भ्रष्टाचार, अपराधियों के आतंक और भय, लूट ,अपहरण,बच्चा चोरी से परेशान है उसका खामियाजा हेमंत सरकार को भुगतना पड़ेगा।

कहा कि यह ठीक है कि निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा लेकिन सभी राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों को समर्थन दिया है।पूरे प्रदेश में राज्य सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है। इसलिए सत्ता धारी गठबंधन के समर्थित उम्मीदवारों को जनता निकाय चुनाव में सबक सिखाने को तैयार है।

कहा कि भाजपा जनता से आग्रह करती है कि … आप निर्भीक होकर भारी संख्या में मतदान करें। यह चुनाव केवल शहर की सरकार ही तय नहीं करेगी बल्कि राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी भी होगी।अहंकारी राज्य सरकार को सबक सिखाएगा।

उन्होंने राज्य सरकार के पुलिस प्रशासन से भी अनुरोध है कि आप अपने पद और वर्दी की मर्यादा नहीं तोड़ें।राज्य सरकार का टूल किट बनने से बचें। नहीं तो भाजपा सभी पर पैनी नजर रख रही है। लोकतंत्र को कलंकित करने और करवाने वाले को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाइक, प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

कांग्रेस पार्टी के डीएनए में देश से गद्दारी….आदित्य साहू

सोनिया,राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नीचता की हद पर पहुंच गई है

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए बड़ा निशाना साधा।

श्री साहू ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के इशारे पर सुनियोजित षड्यंत्र के तहत जिस प्रकार का आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई) के अंतरराष्ट्रीय समिट में कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय नेताओं के द्वारा किए गए नग्न प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को धूमिल किया है।

कहा कि कांग्रेस पार्टी के डीएनए में ही भारत का विरोध है।देश विभाजन को स्वीकार करने से लेकर आज तक कांग्रेस का इतिहास भारत के विरोध से भरा पड़ा है।

कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने नीचता की हद पार कर दी।

कहा कि जिस सम्मेलन में आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भारत की बदलती छवि, प्रसिद्धि ,संभावनाओं पर दुनिया गर्व कर रही उस स्थान पर कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के द्वारा छद्म प्रतिनिधि के रूप में घुसकर नग्न प्रदर्शन करना यह बतलाता है कि कांग्रेस पार्टी को भारत की प्रगति पसंद नहीं।

उन्होंने कहा कि इसके पहले भी विदेश की धरती पर भारत की छवि को खराब करने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

कहा कि चाहे पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक हो, या एयर स्ट्राइक कांग्रेस पार्टी भारत की सेना पर सवाल खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भी कांग्रेस पार्टी ने सवाल खड़ा किया। ये वही कांग्रेस है जो खून की दलाली की भाषा बोलती है।

कहा कि आतंकवादियों,देश द्रोहियों को जी कहकर संबोधित करने वाली कांग्रेस पार्टी टुकड़े टुकड़े गैंग को खुल्लम खुल्ला समर्थन करती है।

श्री साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने राजशाही सोच से उबर नहीं रही है।सत्ता के बिना कांग्रेस देश द्रोही बन गई है।

उन्होंने कांग्रेस पार्टी को देश की जनता से माफी मांगने,प्रायश्चित करने की मांग की।

ऊर्जा विभाग के सचिव एवं जेबीवी एन एल के सीएमडी की नियुक्ति पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, कहा..

एसीबी के दर्ज 6 शिकायतों के बावजूद भ्रष्ट पदाधिकारी को बनाया ऊर्जा विभाग का बॉस…बाबूलाल मरांडी

सत्ता की मलाई बांटने केलिए नियम कानून की उड़ रही धज्जियां

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हाल ही में ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा तत्कालीन विभागीय सचिव के सीआर में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें अपने ऊर्जा विभाग का सचिव, सीएमडी तथा जेबीवीएनएल के एमडी जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंप दी।

कहा कि झारखंड की ऊर्जा संपदा को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने वाली इस सरकार ने नैतिकता की सारी हदें पार कर दी हैं। एक ऐसे अधिकारी को ऊर्जा विभाग का ‘सुपर बॉस’ बनाना जिसके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो में छह-छह शिकायतें दर्ज हों और जो ईडी की रडार पर रहा हो राज्य की जनता के गाल पर करारा तमाचा है।

कहा कि मुख्यमंत्री का भ्रष्ट अधिकारियों के प्रति विशेष लगाव रहा है। अनुराग गुप्ता, विनय चौबे, पूजा सिंघल, छवि रंजन, राजीव बख्शी सहित कुछ अन्य भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों को महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली पदों पर नियुक्त किया गया।

कहा कि जिस अधिकारी को उसके संदिग्ध आचरण के कारण पहले एक महत्वपूर्ण विभाग के सचिव पद से बेआबरू होकर हटना पड़ा, उसे आखिर किस डील के तहत मुख्यमंत्री ने इतनी बड़ी ताकत सौंप दी?

कहा कि जब मंत्री द्वारा अधिकारी के कार्यप्रणाली पर आपत्ति दर्ज की गई थी, तो फिर आपके द्वारा इतने अहम पदों पर पुनः नियुक्ति का आधार क्या रहा?

कहा कि उनका यह बयान सिद्ध हो गया कि जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी! पहले वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर जी और अब दीपिका पाण्डेय जी के मंतव्यों को नजरअंदाज कर सीएम ने सिद्ध कर दिया कांग्रेस कोटे के मंत्री और विधायकों की इस सरकार में कोई हैसियत नहीं। ग्रामीण विकास मंत्री को समझना होगा कि प्रतिकूल लिखने से कुछ नहीं होने वाला क्योंकि इस शासन का मूल मंत्र ही यही है कि जो जितना भ्रष्ट अधिकारी उसे उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी। आपत्ति तो जैसे उस अधिकारी के लिए पदोन्नति का आधार बन गई क्योंकि यहां दागदार होना ही सबसे बड़ी योग्यता है।

कहा कि राज्य की जनता देख रही है कि कैसे सत्ता की मलाई बांटने के लिए नियम-कायदों और शुचिता की बलि दी जा रही है।

बच्चा चोरी और मानव तस्करी से झारखंड का हर परिवार भयभीत,हेमंत सरकार पूरी तरह विफल : प्रतुल शाह देव

गायब हुए बच्चों और बच्चों में अधिकांश अनुसूचित जनजाति से संबंधित

6 वर्षों के बाद भी हजारों बच्चों का कोई अता पता नहीं

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड में बच्चों के अपहरण, लापता होने और मानव तस्करी की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।उन्होंने कहा कि झारखंड से हर वर्ष औसतन 500 से 700 नाबालिग बच्चे लापता हो रहे हैं। जिनमें से कई का अब तक कोई पता नहीं चल सका।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि वर्ष 2022 में आंकड़ों के अनुसार टाटा से 122,गुमला से 52, लोहरदगा से 36 ,चाईबासा से 39, रांची से 29 और पलामू से 46 नाबालिगो के लापता होने की रिपोर्ट हुई। वर्ष 2024 में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 236 नाबालिग़ बच्चे ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार हुए।अभी भी हजारों बच्चे ट्रेसलेस है और पुलिस इनका पता लगाने में विफल रही है।

प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में बच्चा चोर और मानव तस्करी के संगठित गिरोह निर्भीक होकर सक्रिय हैं और गरीब व आदिवासी बच्चे सबसे अधिक निशाने पर हैं।उन्होंने कहा कि आज झारखंड में माता-पिता अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने से डर रहे हैं। यह किसी भी सरकार के लिए शर्मनाक स्थिति है।

प्रतुल ने राज्य सरकार से जवाब माँगा कि लापता बच्चों की खोज के लिए विशेष अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा और तस्करी के गिरोहों पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी।झारखंड की जनता अपने बच्चों की सुरक्षा पर समझौता नहीं करेगी।

झारखंड में चल रही अपराधियों की समानांतर सरकार…..आदित्य साहू

भाजपा समर्थित को अपराधियों के द्वारा मिल रही जान से मारने की धमकी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज धनबाद में प्रेसवार्ता कर हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री साहू ने कहा कि झामुमो कांग्रेस निकाय चुनाव में अपने समर्थित उम्मीदवारों की सुनिश्चित हार को देखते हुए बौखलाहट में हैं। इसलिए अपराधियों के माध्यम से भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को सत्ता पक्ष के इशारे पर जान से मारने की धमकी मिल रही है।

श्री साहू ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर चक्रधर के भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजय गगराई को जान से मारने की मिली धमकी एवं एक महिला कार्यकर्ता के घर चिपकाए गए धमकी को मीडिया के समक्ष रखा।

श्री साहू ने धनबाद एवं मेदिनीनगर पलामू के उम्मीदवारों को भी अपराधियों से मिली धमकी की चर्चा की।

श्री साहू ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से भी बात की और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।

कहा कि पिछले 6 वर्षों से अपराधियों दलालों,बिचौलियों का संरक्षण करने वाली राज्य सरकार अब निकाय चुनाव में अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने केलिए अपराधियों का सहारा ले रही।सूचना मिल रही है कि कई कुख्यात अपराधी राज्य के विभिन्न निकाय क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

कहा कि भाजपा ने पहले से ही इसकी आशंका व्यक्त की है।

कहा कि यह सरकार हार के डर से दलीय आधार पर चुनाव नहीं कराई।साथ ही बैलेट से चुनाव कराने की पीछे भी इस सरकार की मंशा अपराधियों ,गुंडों के सहारे बूथ लूटने ,बूथ कैप्चरिंग की है।

कहा कि पार्टी ने निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपकर प्रत्येक बूथ पर केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की है।

कहा कि जिस प्रकार से निकाय चुनाव को लेकर अपराधियों की सक्रियता बढ़ी है इससे यह बात सच हो रही है कि राज्य सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने केलिए तैयार है। अपराधियों के माध्यम से अपना उद्देश्य पूरा करने की मंशा राज्य सरकार रखती है।

राज्य सरकार और अपराधियों के बीच एक दूसरे की सुरक्षा करने का समझौता है।

भाजपा राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए मांग करती है कि राज्य सरकार अपराधियों के आतंक पर सख्त लगाम लगाए।

कहा कि निर्वाचन आयोग केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती निकाय चुनाव में सुनिश्चित करे साथ ही सीसीटीवी कैमरा भी बूथों पर लगाना सुनिश्चित करें।यदि राज्य सरकार अपराधियों का संरक्षण करती है तो भाजपा सड़क से सदन तक चुप नहीं बैठेगी।

प्रेसवार्ता में पूर्व सांसद पी एन सिंह,जिलाध्यक्ष श्रवण राय भी उपस्थित थे।

दलीय आधार पर चुनाव कराने से डरी हेमंत सरकार….रघुवर दास

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री दास ने कहा कि विगत वर्षों से शहरी निकाय क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा है। लोग राजधानी होने के बावजूद लोग पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यही कारण है कि वर्तमान सरकार जो दलगत आधार पर निकाय चुनाव होते थे, उससे डर कर गैर दलीय आधार पर निकाय चुनाव करवा रही है। साफ दर्शाता है कि न सिर्फ गांव बल्कि शहर की जनता भी सरकार से त्रस्त है। प्रचार और झूठ के आधार पर चल रही वर्तमान सरकार से लोगों का भरोसा उठ चुका है, इसलिए सरकार दलगत चुनाव कराने से डर गई है।

कहा कि निकाय चुनाव 2022 से ही लंबित हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो झारखंड के शहरी क्षेत्रों में विकास के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली लगभग 5100 करोड़ की राशि से वंचित रह गए।

कहा कि रांची में कार्यकर्ताओं और लोगों में भाजपा समर्थित युवा, जुझारू और ऊर्जावान उम्मीदवार श्रीमती रोशनी खलखो जी के लिए जो उत्साह दिख रहा है, उससे स्पष्ट है कि रांची की जनता ने अपने उज्जवल भविष्य के लिए क्रम संख्या 6 में बिस्किट छाप पर मुहर लगाने का मन बना लिया है।

झारखंड में बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़े आंदोलन की जरूरत…..बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में हो रहे बालू की लूट और बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक आंदोलन की आवश्यकता बताई।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में बालू के अवैध कारोबार ने एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक संकट का रूप ले लिया है। दुमका हो, खूँटी हो, रांची हो या राज्य का कोई अन्य जिला… हर जगह अवैध खनन और कालाबाज़ारी के कारण बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं। अवैध खनन से न केवल आम जनता आर्थिक रूप से शोषित हो रही है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुँच रही है। नदियों का स्वरूप बदल रहा है, भू-क्षरण बढ़ रहा है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन खतरे में पड़ रहे हैं।

कहा कि नदियों से कुछ ही किलोमीटर की दूरी तय करते ही बालू की कीमत कई गुना बढ़ जा रही हैं। आखिर ऐसा कौन सा अर्थशास्त्र लागू हो रहा है, जिसमें संसाधन राज्य का हो, मेहनत मजदूर की हो, लेकिन मुनाफा बिचौलियों, माफियाओं, थानेदार, डीसी, एसपी और मुख्यमंत्री की जेब में जा रहा है? सुना है कि पहले अनुराग गुप्ता के ज़माने में जिलों से जो बालू, कोयला, पत्थर के नाजायज कारोबार से सेंट्रलाइज्ड वसूली पचास से साठ परसेंट थी, वो अब और बढ़ाकर पचहत्तर परसेंट से भी ज्यादा हो गई है।

कहा कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरण और जनांदोलन खड़ा किया जाए। बालू घाटों की पारदर्शी नीलामी और ग्राम सभा के माध्यम से ही झारखंड में सस्ते बालू की पहुँच सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने ईडी के निदेशक झारखंड से कहा कि राज्य में चल रहे अवैध बालू कारोबार पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करे

हेमंत सरकार में हो रहा पुलिस और एसीबी का दुरूपयोग….बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार की पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद हिरासत में बंद व्यक्ति को रिहा करने के स्थान पर नई एफआईआर दर्ज कर उसे निरंतर कस्टडी में रखने के प्रयास पर एसीबी और झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी ने हेमंत सरकार में हो रहे पुलिस और ACB के दुरुपयोग का चेहरा उजागर कर दिया है।

कहा कि पिछले 6 सालों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने घोटालों को छुपाने, छोटे-बड़े राजनीतिक विरोधियों को डराने और फर्ज़ी मुकदमे में फंसाने के लिए ACB, सीआईडी एवं झारखंड पुलिस का मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य में अवैध डीजीपी की नियुक्ति कर इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है। एसीबी को भी भ्रष्टाचारियों के हवाले कर जैसी मर्जी वैसी गलती और ग़ैर क़ानूनी काम करवाया जा रहा है।

कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी से इस बात को कह रहे हैं कि पुलिस आज सबसे बड़ा गुंडा बन चुकी है। वर्दी तो पुलिस की पहन रहे हैं, लेकिन काम सारे अपराधी वाला कर रहे हैं। अवैध खनन, रंगदारी, वसूली, जमीन, बालू, पत्थर, शराब का काला धंधा और फर्ज़ी केस मुकदमे जैसे सभी गैरकानूनी काम में पुलिस के अधिकारी संलिप्त हैं।

कहा कि अब तो सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी यह मामला आ चुका है। सत्ता के प्रभाव में आपराधिक कार्यों में संलिप्त अधिकारियों को समझना होगा कि हेमंत सोरेन जी उन्हें बचाने कोर्ट में नहीं आएंगे। यदि यकीन न हो तो विनय चौबे का ही हश्र देख लें।

कहा कि वक्त जो भी लगे पर हेमंत सोरेन जी के कुकर्मों में सहभागी बने या बने हुए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों की जवाबदेही तय कारवाई जाएगी और विधिसम्मत तरीके से उन्हें सजा भी दिलवायी जाएगी। भाजपा इसके लिये संघर्ष जारी रखेगी।

हेमंत सरकार में हो रहा पुलिस और एसीबी का दुरूपयोग….बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार की पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद हिरासत में बंद व्यक्ति को रिहा करने के स्थान पर नई एफआईआर दर्ज कर उसे निरंतर कस्टडी में रखने के प्रयास पर एसीबी और झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी ने हेमंत सरकार में हो रहे पुलिस और ACB के दुरुपयोग का चेहरा उजागर कर दिया है।

कहा कि पिछले 6 सालों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने घोटालों को छुपाने, छोटे-बड़े राजनीतिक विरोधियों को डराने और फर्ज़ी मुकदमे में फंसाने के लिए ACB, सीआईडी एवं झारखंड पुलिस का मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य में अवैध डीजीपी की नियुक्ति कर इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है। एसीबी को भी भ्रष्टाचारियों के हवाले कर जैसी मर्जी वैसी गलती और ग़ैर क़ानूनी काम करवाया जा रहा है।

कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी से इस बात को कह रहे हैं कि पुलिस आज सबसे बड़ा गुंडा बन चुकी है। वर्दी तो पुलिस की पहन रहे हैं, लेकिन काम सारे अपराधी वाला कर रहे हैं। अवैध खनन, रंगदारी, वसूली, जमीन, बालू, पत्थर, शराब का काला धंधा और फर्ज़ी केस मुकदमे जैसे सभी गैरकानूनी काम में पुलिस के अधिकारी संलिप्त हैं।

कहा कि अब तो सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी यह मामला आ चुका है। सत्ता के प्रभाव में आपराधिक कार्यों में संलिप्त अधिकारियों को समझना होगा कि हेमंत सोरेन जी उन्हें बचाने कोर्ट में नहीं आएंगे। यदि यकीन न हो तो विनय चौबे का ही हश्र देख लें।

कहा कि वक्त जो भी लगे पर हेमंत सोरेन जी के कुकर्मों में सहभागी बने या बने हुए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों की जवाबदेही तय कारवाई जाएगी और विधिसम्मत तरीके से उन्हें सजा भी दिलवायी जाएगी। भाजपा इसके लिये संघर्ष जारी रखेगी।

*पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन आयुक्त से पार्टी की मांग दोहराई, कहा….

सभी मतदान केन्द्रों, स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर हो केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती…..बाबूलाल मरांडी

सभी बूथों,मतगणना हॉल और स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरा भी लगाया जाए

जनता को नहीं है राज्य पुलिस पर भरोसा, पुलिस के वरीय अधिकारी ही हैं आरोपी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज अपने बयानों के माध्यम से निकाय चुनाव को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में 13फरवरी को निर्वाचन आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन की मांग को दोहराया।

श्री मरांडी ने कहा कि आगामी 23 फरवरी को राज्य के 48 नगर निकाय चुनाव क्षेत्रों में मतदान होंगे।लेकिन अभी तक मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती, सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी लगाया जाने का निर्णय नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ईवीएम से चुनाव होने के बावजूद मतदान केंद्रों, स्ट्रॉग रूम और मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी लगाया जाता रहा है लेकिन निकाय चुनाव को राज्य सरकार ने बैलेट से कराने का निर्णय लिया है जिसमें बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग और बोगस मतदान से इनकार नहीं किया जा सकता है।

कहा कि राज्य पुलिस प्रशासन से जनता का भरोसा दिनोदिन समाप्त होता जा रहा है। जब पुलिस के कप्तान ही आरोपी हों, पोस्टिंग नियम विरुद्ध हो फिर उनके अधीनस्थ पर कैसे भरोसा किया जा सकेगा।

कहा कि हेमंत सरकार निकाय चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी। माननीय न्यायालय के सख्त निर्देश और भाजपा के आंदोलनों के दबाव में राज्य सरकार चुनाव कराने को बाध्य हुई है लेकिन इसे दलीय आधार पर नहीं कराने के पीछे राज्य सरकार को हार का सता रहा भय ही है। राज्य सरकार बैलेट के माध्यम से चुनाव कराकर पुलिस प्रशासन के माध्यम से चुनाव को अपने समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में प्रभावित करना चाहती है।

कहा कि भाजपा राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव चाहती है। जिस प्रकार से राज्य में अपराधी बेलगाम हैं,उनका मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है।ऐसे में बिना केंद्रीय बल के देखरेख के निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है।

कहा कि भाजपा इसीलिए निर्वाचन आयोग से मांग कर रही कि राज्य में
शांतिपूर्ण ,भयमुक्त ,निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने केलिए सभी बूथों पर,स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती हो तथा मतदान केंद्रों,और मत गणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए।

चुनाव के दौरान आई ए एस अधिकारियों का ट्रांसफर/पोस्टिंग ग़लत —- भाजपा

भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयोग पहुँची और ज्ञापन सौंप कर शिकायत दर्ज करायी की निकाय चुनाव के दौरान सरकार ने आई ए एस अधिकारियों का जो तबादला किया है वो आदर्श चुनाव आचार संहिता के ख़िलाफ़ है और सरकार ने फिर साबित किया है की वो आयोग से ऊपर है।
सुधीर श्रीवास्तव ने बताया की सरकार बार बार यह साबित कर रही है की वी राज्य निर्वाचन आयोग से ऊपर है ,सरकार को आचार संहिता से कोई मतलब नहीं है ।अगर यह ट्रांसफर पोस्टिंग मतदान या परिणाम के बाद भी होता तो कोई भूचाल नहीं आ जाता परंतु सरकार ने दिखाया कि वो जी चाहे कर सकती है ।आई ए एस अधिकारियों का तबादला में सरकार ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछना या अनुमति लेना तो दूर की बात है सरकार ने ट्रांसफर से सबंधित आयोग को सूचित भी नहीं किया है ।
आदर्श चुनाव आचार संहिता आम लोगो के लिए केवल नहीं बना है यह हर एक नागरिक हर एक संस्था हर विभाग सहित सरकार के लिए भी बना है ।प्रतिनिधिमंडल ने ट्रांसफर पोस्टिंग की पूरी सूची भी आयोग को सौंपी है और मांग किया है कि जिनके हस्ताक्षर से नोटिफिकेशन जारी हुआ उनके खिलाफ और जिनके कहने पर यह नोटिफिकेशन बनाया गया उनके खिलाफ कारवाई हो ।
प्रतिनिधिमंडल में अनिल कुमार सिंह और अमन यादव भी शामिल थे ।

भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी के साथ रांची की मातृ शक्ति….अरुण सिंह

राष्ट्रीय महामंत्री सांसद अरुण सिंह ने आज रांची की भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो के समर्थन में अभियान चलाया।

कहा रांची नगर निगम में भाजपा समर्थित मेयर उम्मीदवार श्रीमती रौशनी खलखो के समर्थन में आयोजित कार्यक्रमों में मातृशक्ति की उपस्थिति और उत्साह ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि रौशनी खलखो जी भारी मतों से विजयी होने जा रही हैं।

झारखंड में अवैध तरीके से नियुक्त डीजीपी के अवैध संपत्ति की जांच हो, वेतन की हो वसूली…बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने डीजीपी की नियुक्ति संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि एक महीने के भीतर प्रकाश सिंह जजमेंट के तहत यूपीएससी से अनुमोदित करायी गयी सूची से ही डीजीपी की नियुक्ति के सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम आदेश के बाद यह तय है कि अब झारखंड सरकार को भी ये काम करना ही पड़ेगा।

कहा कि यह भी साफ हो गया है कि डीजीपी की नियुक्ति में झारखंड सरकार की अंधेरगर्दी और मनमानी के खिलाफ हमने कानून सम्मत जो लंबी लड़ाई लड़ी, उसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।

कहा कि रिटायर होने के बाद भी ग़ैर कानूनी तरीके से डीजीपी के पद पर काम कर रही तदाशा मिश्रा जी अपेक्षाकृत बेहतर अधिकारी हैं उनसे है कि वे अपनी और फ़ज़ीहत कराने से बाज आयें। क़ानून की बारीकियों को समझें, उसका पालन करें और इससे पहले कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में निकाल बाहर किया जाय, वे स्वतः डीजीपी का पद छोड़कर नैतिक मूल्यों का पालन करें।

कहा कि यह हमारी समझ से परे है कि सेवा काल में किसी बड़े विवाद से दूर रहने वाली उनके जैसी अधिकारी आख़िर किस वजह से अपने पूरे कैरियर की अच्छाई को ग़ैर क़ानूनी काम करते हुए बट्टा लगाने की सोचेगा और हँसी का पात्र बनना चाहेगा?

कहा कि उनकी ये लड़ाई यहीं रुकने वाली नहीं है। झारखंड में इस तरह ग़लत तरीके से जितने भी डीजीपी अबतक बने और पद पर रहे हैं, उनसबों द्वारा वेतन एवं अन्य मद में ली गई रकम की वसूली, उनके द्वारा किये गये कार्यों को रद्द कराने और उनसबों की संपत्ति की जॉंच कराने के लिये वे हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने को तैयार हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य के नेतृत्व में निर्वाचन आयुक्त से मिला पार्टी का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल

ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने की प्रेसवार्ता…कहा

झारखंड में चल रही अपराधियों की समानांतर सरकार…..आदित्य साहू

निकाय चुनाव में हो केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति

मतदान से लेकर मतगणना की हो निगरानी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक सुधीर श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश, शामिल हुए।

प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और राज्य सरकार मस्त है। राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है।
कहा कि सत्ताधारी गठबंधन के नेता पूरी तरह लूट खसोट में लगे हैं, रोज रोज भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो रहे।जिस प्रकार से डीजीपी की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश आया है उससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार को संवैधानिक व्यवस्था से कुछ भी लेना देना नहीं है।राज्य सरकार पूरी तरह अहंकारी हो गई है और हठधर्मिता पर उतारू है।

कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को समझने केलिए कुछ उदाहरण ही काफी हैं।सभी ने देखा है कि किस प्रकार से राज्य में हजारों की संख्या में बच्चों की चोरी हुई है।यह भी देखा कि भाजपा के आंदोलन और दबाव में 50 से अधिक बच्चे बरामद हुए। लेकिन फिर पुलिस प्रशासन शांत बैठ गया। बाकी लापता बच्चों की कोई खबर अब नहीं आ रही।बच्चों की चोरी का दहशत ऐसा है कि कल बोकारो में बच्चे चोरी का अफवाह फैलने से हजारों लोग दहशत में आ गए।

कहा कि इधर अपराधियों का मनोबल कैसा बढ़ा है इसका ताजा उदाहरणरांची सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मेल से अपराधियों ने भेजी।कल रांची डीसी ऑफिस को उड़ाने की धमकी मेल से भेजी।जमशेदपुर में खबर आई गोलमुरी में कन्हैया यादव को अपराधियों ने गोली मारी।चुटिया रांची में महिला टीटी को गोली मारी।रांची में शराब के नशे में अपराधियों ने गाड़ी से लोगों को रौंद दिया।रामगढ़ में अपराधियों ने फायरिंग करके दहशत फैलाई।

कहा कि ऐसे में यह स्पष्ट है कि राज्य में अपराधी बेलगाम हैं।क्योंकि सत्ता धारी गठबंधन और राज्य सरकार का संरक्षण उन्हें प्राप्त है।

कहा कि ऐसे में राज्य में होने वाले निकाय चुनाव निष्पक्ष होंगे इसपर आशंका है।

कहा कि आज उनके नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने इस ध्वस्त कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु निर्वाचन आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपा है और मांग किया है कि…राज्य के सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति हो।साथ ही मतपेटी स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर भी केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती हो।

कहा कि राज्य सरकार अपनी हार को जीत में बदलने केलिए पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग कर सकती है।

निर्वाचन आयोग को सौंपा गया ज्ञापन

सेवा में,

राज्य निर्वाचन आयुक्त
झारखंड,रांची।

विषय… झारखंड निकाय चुनाव में बूथों पर केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती हेतु राज्य सरकार को निर्देश देने के संबंध में।

महोदय,

राज्य में आगामी 23 फरवरी को राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव निर्धारित है। इस चुनाव में 1087 वार्डों में 4304 बूथों पर चुनाव होंगे।

महोदय, यह चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पत्रों से होने जा रहा है जिसमें मतदान से लेकर मतगणना तक राज्य सरकार द्वारा सरकारी तंत्र के भरपूर दुरुपयोग की संभावना है।

महोदय, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी राज्य के शहरी क्षेत्रों में अधिकांश मतदान केंद्र संवेदनशील,अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आते हैं जिसपर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होती रही है।
मतपत्रों से हो रहे चुनाव में सरकार के इशारे पर बूथ कैप्चरिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

अतः प्रदेश भारतीय जनता पार्टी आग्रह करती है कि निकाय चुनाव में संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर मतदान के दिन और साथ ही मतपेटी की संग्रह स्थल ,मतगणना स्थल पर मतगणना पूर्ण होने तक केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती सुनिश्चित हो। कृपया इस संबंध में राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को आवश्यक दिशा निर्देश देने की कृपा की जाए।

भवदीय

(बाबूलाल मरांडी)
नेता प्रतिपक्ष

(आदित्य साहू)

प्रदेश अध्यक्ष ,सांसद

डॉ रविंद्र कुमार राय,गंगोत्री कुजूर,अशोक बड़ाइक,सुधीर श्रीवास्तव,चंद्रप्रकाश

प्रतिलिपि…श्री अमित शाह जी
गृह एवं सहकारिता मंत्री
भारत सरकार
नई दिल्ली।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य के नेतृत्व में निर्वाचन आयुक्त से मिला पार्टी का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल

ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने की प्रेसवार्ता…कहा

झारखंड में चल रही अपराधियों की समानांतर सरकार…..आदित्य साहू

निकाय चुनाव में हो केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति

मतदान से लेकर मतगणना की हो निगरानी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक सुधीर श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश, शामिल हुए।

प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और राज्य सरकार मस्त है। राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है।
कहा कि सत्ताधारी गठबंधन के नेता पूरी तरह लूट खसोट में लगे हैं, रोज रोज भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो रहे।जिस प्रकार से डीजीपी की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश आया है उससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार को संवैधानिक व्यवस्था से कुछ भी लेना देना नहीं है।राज्य सरकार पूरी तरह अहंकारी हो गई है और हठधर्मिता पर उतारू है।

कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को समझने केलिए कुछ उदाहरण ही काफी हैं।सभी ने देखा है कि किस प्रकार से राज्य में हजारों की संख्या में बच्चों की चोरी हुई है।यह भी देखा कि भाजपा के आंदोलन और दबाव में 50 से अधिक बच्चे बरामद हुए। लेकिन फिर पुलिस प्रशासन शांत बैठ गया। बाकी लापता बच्चों की कोई खबर अब नहीं आ रही।बच्चों की चोरी का दहशत ऐसा है कि कल बोकारो में बच्चे चोरी का अफवाह फैलने से हजारों लोग दहशत में आ गए।

कहा कि इधर अपराधियों का मनोबल कैसा बढ़ा है इसका ताजा उदाहरणरांची सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मेल से अपराधियों ने भेजी।कल रांची डीसी ऑफिस को उड़ाने की धमकी मेल से भेजी।जमशेदपुर में खबर आई गोलमुरी में कन्हैया यादव को अपराधियों ने गोली मारी।चुटिया रांची में महिला टीटी को गोली मारी।रांची में शराब के नशे में अपराधियों ने गाड़ी से लोगों को रौंद दिया।रामगढ़ में अपराधियों ने फायरिंग करके दहशत फैलाई।

कहा कि ऐसे में यह स्पष्ट है कि राज्य में अपराधी बेलगाम हैं।क्योंकि सत्ता धारी गठबंधन और राज्य सरकार का संरक्षण उन्हें प्राप्त है।

कहा कि ऐसे में राज्य में होने वाले निकाय चुनाव निष्पक्ष होंगे इसपर आशंका है।

कहा कि आज उनके नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने इस ध्वस्त कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु निर्वाचन आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपा है और मांग किया है कि…राज्य के सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति हो।साथ ही मतपेटी स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर भी केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती हो।

कहा कि राज्य सरकार अपनी हार को जीत में बदलने केलिए पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग कर सकती है।

निर्वाचन आयोग को सौंपा गया ज्ञापन

सेवा में,

राज्य निर्वाचन आयुक्त
झारखंड,रांची।

विषय… झारखंड निकाय चुनाव में बूथों पर केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती हेतु राज्य सरकार को निर्देश देने के संबंध में।

महोदय,

राज्य में आगामी 23 फरवरी को राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव निर्धारित है। इस चुनाव में 1087 वार्डों में 4304 बूथों पर चुनाव होंगे।

महोदय, यह चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पत्रों से होने जा रहा है जिसमें मतदान से लेकर मतगणना तक राज्य सरकार द्वारा सरकारी तंत्र के भरपूर दुरुपयोग की संभावना है।

महोदय, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी राज्य के शहरी क्षेत्रों में अधिकांश मतदान केंद्र संवेदनशील,अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आते हैं जिसपर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होती रही है।
मतपत्रों से हो रहे चुनाव में सरकार के इशारे पर बूथ कैप्चरिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

अतः प्रदेश भारतीय जनता पार्टी आग्रह करती है कि निकाय चुनाव में संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर मतदान के दिन और साथ ही मतपेटी की संग्रह स्थल ,मतगणना स्थल पर मतगणना पूर्ण होने तक केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती सुनिश्चित हो। कृपया इस संबंध में राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को आवश्यक दिशा निर्देश देने की कृपा की जाए।

भवदीय

(बाबूलाल मरांडी)
नेता प्रतिपक्ष

(आदित्य साहू)

प्रदेश अध्यक्ष ,सांसद

डॉ रविंद्र कुमार राय,गंगोत्री कुजूर,अशोक बड़ाइक,सुधीर श्रीवास्तव,चंद्रप्रकाश

प्रतिलिपि…श्री अमित शाह जी
गृह एवं सहकारिता मंत्री
भारत सरकार
नई दिल्ली।

झारखंड में अवैध तरीके से नियुक्त डीजीपी के अवैध संपत्ति की जांच हो, वेतन की हो वसूली…बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने डीजीपी की नियुक्ति संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि एक महीने के भीतर प्रकाश सिंह जजमेंट के तहत यूपीएससी से अनुमोदित करायी गयी सूची से ही डीजीपी की नियुक्ति के सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम आदेश के बाद यह तय है कि अब झारखंड सरकार को भी ये काम करना ही पड़ेगा।

कहा कि यह भी साफ हो गया है कि डीजीपी की नियुक्ति में झारखंड सरकार की अंधेरगर्दी और मनमानी के खिलाफ हमने कानून सम्मत जो लंबी लड़ाई लड़ी, उसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।

कहा कि रिटायर होने के बाद भी ग़ैर कानूनी तरीके से डीजीपी के पद पर काम कर रही तदाशा मिश्रा जी अपेक्षाकृत बेहतर अधिकारी हैं उनसे है कि वे अपनी और फ़ज़ीहत कराने से बाज आयें। क़ानून की बारीकियों को समझें, उसका पालन करें और इससे पहले कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में निकाल बाहर किया जाय, वे स्वतः डीजीपी का पद छोड़कर नैतिक मूल्यों का पालन करें।

कहा कि यह हमारी समझ से परे है कि सेवा काल में किसी बड़े विवाद से दूर रहने वाली उनके जैसी अधिकारी आख़िर किस वजह से अपने पूरे कैरियर की अच्छाई को ग़ैर क़ानूनी काम करते हुए बट्टा लगाने की सोचेगा और हँसी का पात्र बनना चाहेगा?

कहा कि उनकी ये लड़ाई यहीं रुकने वाली नहीं है। झारखंड में इस तरह ग़लत तरीके से जितने भी डीजीपी अबतक बने और पद पर रहे हैं, उनसबों द्वारा वेतन एवं अन्य मद में ली गई रकम की वसूली, उनके द्वारा किये गये कार्यों को रद्द कराने और उनसबों की संपत्ति की जॉंच कराने के लिये वे हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने को तैयार हैं।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने दिया अंत्योदय का मंत्र…..आदित्य साहू

एकात्म मानव दर्शन ,सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का चिंतन दिया पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने….बाबूलाल मरांडी

कुशल संगठन कर्ता रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय….कर्मवीर सिंह

प्रदेश भाजपा ने आज सभी जिलों में मां भारती के सपूत,पार्टी के प्रेरणा पुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाया। पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा और चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। दीनदयाल उपाध्याय की के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने पुष्पांजलि अर्पित की।

श्री साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक महामानव थे जिनका इस दुनियां से असमय जाना देश ही नहीं पूरे विश्व केलिए अपूरणीय क्षति थी।

कहा कि दीनदयाल जी ने गरीबी और अभाव के जीवन को बड़े नजदीक से देखा था। इसलिए उन्होंने भारत को सशक्त बनाने केलिए अंत्योदय का मंत्र दिया।

कहा कि आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार और चिंतन का अनुसरण करते हुए देश की सेवा में जुटे हैं। मोदी सरकार के केंद्र में गांव,गरीब ,किसान , दलित,वंचित, पिछड़े ,समाज को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का संकल्प है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साहेबगंज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्री मरांडी ने कहा कि भाजपा का चिंतन अपने स्थापना काल से ही एकात्म मानव और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद है जिसके प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय रहे।

कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ही भारत की एकात्मकता है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारतीय चिंतन के मूल में एकात्मकता है। इसीलिए भारत एक भूभाग नहीं बल्कि जीवंत सांस्कृतिक चेतना है।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक कुशल संगठन कर्ता रहे। उन्होंने अपना क्षण क्षण और कण कण मां भारती के सेवा में समर्पित कर दिया।

कहा कि उन्होंने भारत की राजनीतिक व्यवस्था को एक नई दिशा दी।आज भारतीय जनता पार्टी उनके आदर्शों पर चलकर विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है।

कहा कि दीनदयाल के आदर्शों के अनुरूप भाजपा कार्यकर्ता केलिए राजनीति सत्ता प्राप्ति का तरीका नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है।

मनरेगा जिला लोकपालों को समाप्त कर हेमंत सरकार ने 31 मार्च तक भ्रष्टाचार को दी खुली छूट : प्रतुल शाहदेव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि जिला स्तर पर कार्यरत मनरेगा लोकपाल व्यवस्था को निष्क्रिय करना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का निर्णय है। 31 मार्च तक चल रही मनरेगा योजनाओं की निगरानी के लिए अब कोई लोकपाल नहीं रहेगा, जिससे सरकारी धन की खुली लूट का रास्ता साफ हो गया है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सरकार ने पत्रांक 13-121 लोकपाल, 2023, ग्रा वि (N) 196, दिनांक 09/02/2026 के माध्यम से जिला लोकपाल की नियुक्ति को निष्क्रिय कर यह साबित कर दिया है कि उसे पारदर्शिता नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की चिंता है। केंद्र सरकार के पत्र को गलत तरीके से व्याख्या कर बहाना बनाकर हेमंत सरकार जानबूझकर निगरानी तंत्र को कमजोर कर रही है।उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों की आजीविका से जुड़ी योजना है, लेकिन झारखंड में यह योजना वर्षों से कमीशनखोरी, फर्जी मस्टर रोल और योजनाओं में भारी अनियमितताओं की शिकार रही है। लोकपाल की अनुपस्थिति में भ्रष्टाचार पर कोई रोक नहीं बचेगी, जो सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रतुल ने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार के कारण ही केंद्र सरकार अब विकसित भारत जी राम जी योजना लेकर आ रही है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले मनरेगा के जिला लोकपालों की तत्काल नियुक्ति की मांग करती है। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है, तो यह माना जाएगा कि हेमंत सरकार स्वयं भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है। प्रतुल ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में ही राज्य सरकार ने मनरेगा के लिए फंड का प्रावधान किया और केंद्र ने भी अपने हिस्से का पैसे का प्रावधान करके रखा है।जब तक विकसित भारत जी राम जी योजना पूरे तरीके से चालू नहीं हो जाती, तब तक तो मनरेगा से ही भुगतान हो रहा।इस लिए राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक जिला स्तर पर मनरेगा लोकपाल की अविलंब नियुक्ति करनी चाहिए।

भ्रष्टाचार दबाने केलिए फाइलों को बंधक बना रही राज्य सरकार…..बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड का शराब घोटाला अब केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं रहा, बल्कि इसे सरकारी संरक्षण में रफा-दफा करने का गंदा खेल बन चुका है।

कहा कि महालेखाकार (AG) की ऑडिट टीम जब घोटाले का हिसाब और फाइलें मांगती है, तो विभाग सीनाजोरी पर उतर आते हैं। आबकारी विभाग अकेला नहीं है, बल्कि ऐसे कई विभाग हैं जो ऑडिट के लिए फाइलें देने से साफ इनकार कर रहे हैं।

कहा कि विभागों का यह तर्क कि “फाइलें ACB ले गई है,”। यह अब पूरी तरह साफ है कि ACB की यह कथित ‘कार्रवाई’ दोषियों को पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि पैसे का लेखा-जोखा छिपाने और भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए की जा रही है।

कहा कि जांच के नाम पर फाइलों को ‘बंधक’ बना लेना, एक सोची-समझी साजिश है, ताकि न ऑडिट पूरा हो और न ही सच बाहर आए। सरकारी तंत्र खुद ही ‘जांच’ को ‘बचाव की ढाल’ बनाकर जनता की आंखों में धूल झोंक रहा है।

कहा कि यह झारखंड की जनता के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात है।

सीआईपी कांके के 156 सुरक्षा कर्मियों की सेवा बचाने का होगा प्रयास ….आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रातः अपने पैतृक आवास, कुच्चू में सीआईपी कांके में कार्यरत 156 सुरक्षा कर्मियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, पीड़ा और चिंताओं को गंभीरता से सुना।

कहा कि वर्षों तक निष्ठा और समर्पण के साथ संस्थान की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन कर्मियों को अचानक सेवा से हटाया जाना अत्यंत चिंताजनक है। इससे न केवल उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है, बल्कि उनके परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट भी उत्पन्न हो गया है।

कहा कि सभी प्रभावित सुरक्षा कर्मियों के हितों की रक्षा हेतु ठोस एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

हेमंत सरकार पूरी तरह भ्रष्ट निकम्मी सरकार…..आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज चतरा ,रामगढ़ में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया।
इस अवसर पर सांसद मनीष जायसवाल , विधायक रोशन लाल चौधरी , रामगढ़ प्रभारी शशिभूषण भगत , अमरनाथ चौधरी , पूर्व जिला अध्यक्ष श्री प्रवीण मेहता ,अमेंद्र गुप्ता , महामंत्री राजू चतुर्वेदी , रंजीत पांडेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

श्री साहू ने राज्य की हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि हेमंत सरकार पिछले 6 वर्षों से जनता को केवल धोखा दे रही है। आज राज्य के आदिवासी,दलित, पिछड़े सभी समाज के लोग प्रताड़ित हो रहे।

श्री साहू ने कहा कि राज्य में सारे उद्योग ,धंधे बंद हो रहे। उद्योगपति ,व्यापारी परेशान हैं। फिरौती और धमकी की झड़ी लगी है।

कहा कि एक तरफ व्यापारी वर्ग अपराधियों से परेशान हैं वही दूसरी ओर मुख्यमंत्री व्यापारियों को अपमानित करने में जुटे हैं।

कहा कि किसानों को राज्य सरकार लगातार धोखा दे रही। 3200 रूपये क्विंटल धान खरीद का वादा पूरी तरह विफल रहा।आज दलाल,बिचौलियों के माध्यम से धान बेचने को मजबूर हैं।

कहा कि राज्य में आदिवासी जमीन की लूट मची है। पेसा नियमावली में भी हेमंत सरकार ने जनजाति समाज को धोखा दिया।

श्री साहू ने कहा कि निकाय चुनाव में राज्य सरकार को सबक सिखाने का मौका आया है।

श्री साहू ने कहा कि मोदी सरकार ने जनता केलिए लोक कल्याणकारी बजट प्रस्तुत किया है जिससे विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ेगा।

कहा कि बजट में झारखंड केलिए भी अनेक संभावनाएं है जिसका लाभ राज्य सरकार को लेना चाहिएं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को व्यापारियों से नफरत ,बिचौलियों दलालों से है प्यार…..आदित्य साहू

झारखंड किसी की जागीर नहीं,राज्य साढ़े तीन करोड़ जनता का

अच्छा होता भ्रष्टाचार,दलाली,अपहरण,बलात्कार, रोकने की घोषणा करते मुख्यमंत्री

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी राज्य के व्यापारियों पर अपमानजनक टिप्पणी करते हैं। घाटशिला उपचुनाव में भी उन्होंने व्यापारियों के संबंध में अपमानजनक टिप्पणी की थी। प्रदेश भाजपा ऐसे बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती है।

कहा कि ऐसा लगता है मुख्यमंत्री जी को व्यवसायियों,व्यापारियों से नफरत है।वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री जी को दलालों,बिचौलियों से अपार प्रेम है।इसीलिए वे राज्य में दलालों बिचौलियों को बढ़ावा और संरक्षण दे रहे। कहा कि हेमंत सोरेन जी की सरकार को बिचौलिए दलाल ही चला रहे।

कहा कि मुख्यमंत्री जी अभी अभी विदेश दौरा से लौटे हैं। राज्य में निवेश व्यापार को बढ़ाने की बात कर रहे हैं। वे राज्य के कुछ व्यायारियों को लेकर भी गए थे। मुख्यमंत्री जी का फिर यह दोहरा चरित्र क्यों?

कहा कि ये व्यापारी समाज ही है जो लाखों लोगों की रोजी रोटी से जुड़ा हुआ है।लाखों परिवार का पालन व्यवसायों से ही होता है।इसलिए एक संवैधानिक प्रमुख पद पर बैठकर व्यापारियों को गाली देना शोभा नहीं देता।

कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को उन्हें सम्मानित करना चाहिए़ जो आपका काम पूरा कर रहे।आप रोजगार बोल कर नहीं दे रहे और व्यायारी वर्ग लाखों घर चला रहा।

कहा कि मुख्यमंत्री जी को पता है राज्य में अपराधियों की धमकी,फिरौती,बच्चे का अपहरण जैसे दर्द झेलकर कैसे व्यापारी वर्ग व्यवसाय कर रहा।लेकिन राज्य सरकार सुविधा नहीं देकर उन्हें गालियां दे रही।

कहा कि राज्य के व्यापारियों को गाली देते हैं और बालू ,पत्थर दूसरे राज्यों में अवैध तरीके से भेजने ,तस्करी को बढ़ावा देने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं।इधर व्यापारियों को गाली देते हैं और दलालों, बिचौलियों को संरक्षण दे रहे।किसान से धान की खरीद हो नहीं रही है ।किसान कुव्यवस्था के कारण दलाल बिचौलियों को धान बेचने को मजबूर हैं।और सरकार फिर इन्हीं बिचौलियों से धान खरीद कर उन्हें लाभ पहुंचाएगी।और इसी दोहरे चरित्र के कारण राज्य में निवेशक आने से डरते हैं।
मुख्यमंत्री जी लाख विदेश यात्रा पर चले जाएं, खूब मौज मस्ती कर लें लेकिन अगर व्यापार और निवेश के प्रति नियत साफ नहीं रहेगी तो कोई निवेशक यहां निवेश करने नहीं आयेगा।

श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री जी जिस पार्टी और गठबंधन के नेता हैं वे तो पुराना व्यापारी हैं जिसने झारखंड आंदोलन का ही व्यापार कर दिया। झामुमो कांग्रेस विक्रेता और क्रेता बन गए।आज भी सरकार की नीयत झारखंड को बेचने की है इसे बचाने की नहीं।

मुख्यमंत्री के कोयला रोकने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि झारखंड किसी पार्टी या परिवार की जागीर नहीं।यह साढ़े तीन करोड़ जनता का झारखंड है।यह भारत देश का अभिन्न हिस्सा है। हम सभी भारत के निवासी हैं। इसलिए भारत को खंड खंड में देखने का नजरिया राष्ट्र विरोधी नजरिया है।राज्य के मुख्यमंत्री से राष्ट्र विरोधी बयान की अपेक्षा नहीं।

कहा कि झारखंड का कोयला है तो किसी दुसर राज्य से कुछ और आता है।सब मिलकर विकसित भारत बनता है। इसलिए विकसित झारखंड बनाने में केन्द्र सरकार के साथ खड़ा होना आपकी जिम्मेवारी है। जनता ने आपको इसी केलिए अवसर दिया है।

कहा कि जिसे रोकना चाहिए उसे वे रोक नहीं रहे।रोकना है तो भ्रष्टाचार रोकिए।घुसपैठियों से हो रही जमीन की लूट रोकिए।आदिवासी,दलित,पिछड़ों के साथ हो रहे अत्याचार को रोकिए।अपरहण, धमकी,फिरौती को रोकिए।जल , जंगल जमीन की लूट रोकिए।बहन बेटियों के साथ हो रहे दुष्कर्म रोकिए।अवैध उत्खनन रोकिए।बालू,कोयला पत्थर की लूट रोकिए।

कहा कि दिन के उजाले में कोयले का अवैध उत्खनन राज्य में हो रहा।रामगढ़ जिला के घाटों थाना क्षेत्र परसा बेड़ा, लाइयो, बड़गांव, सिरका कुजू थाना क्षेत्र के कर्मा,बनवार, हैसागढ़ा ,रजरप्पा, धनैया, बोकारो के तिलैया, चोरिटांड़, महुआडांड़,धनबाद के निरसा,कलियासोला,ग़ल्फ़ाबादी, रामकनली,लोदाना,जैसे एक दर्जन से ज्यादा स्थान अवैध उत्खनन के क्षेत्र हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार झारखंड की जनता केलिए पूरी तरह समर्पित है।आज मोदी सरकार के कारण झारखंड में….प्रधानमंत्री जनधन योजना में 2.02 करोड़ खाते खुले प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 88.4लाख लोग पंजीकृत हैं।प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 1.6 करोड़ लोग पंजीकृत हैं।अटल पेंशन योजना में 25.6 लाख लोग पंजीकृत हैं।प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से झारखंड में 89 हजार करोड़ रुपए मिले हैं।प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड में 5.92 लाख किसान जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से 18.8 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं।इतना ही नहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ 2करोड़ 64 लाख लोगों को मिल रहा।आयुष्मान कार्ड 1.35 करोड़ लोगों को मिला है।राज्य में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का लाभ 38.9 लाख घरों तक गैस कनेक्शन।जल जीवन मिशन का लाभ 34.4 लाख घरों तक पहुंचा है।इसके अलावा हाईवे,रेलवे,वायु सेवा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास मोदी सरकार में हुआ है।

कहा कि इसलिए मोदी सरकार के विकसित भारत संकल्प को पूरा करने में विकसित झारखंड बनाना भी जरूरी है।राज्य सरकार को इस सोच के साथ काम करना चाहिए।न कि विरोध और टकराव की भाषा में।
मुख्यमंत्री को राज्य की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक,प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा,सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष तीन प्रत्याशियों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में नामांकन वापस लिया

रांची नगर निगम क्षेत्र में मेयर पद केलिए नामांकन करने वाले तीन कार्यकर्ताओं ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष के समझ भाजपा समर्थित उम्मीदवार रोशनी खलखो के पक्ष में समर्थन देते हुए नामांकन वापस लिया।

नामांकन वापस लेने वालों में संजय टोप्पो, राजेंद्र मुंडा,,सुनील फकीरा कच्छप शामिल हैं।

निजी क्षेत्र में 75% आरक्षण पर भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया

निजी क्षेत्र में आरक्षण की बात, सरकारी योजनाओं में बाहरी राज : अजय साह

75% आरक्षण सिर्फ भाषणों में, योजनाओं में बाहरी राज!

भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने मुख्यमंत्री के इस बयान को जनता को भ्रमित करने वाला और सरकार के दोहरे चरित्र को उजागर करने वाला बताया।

अजय ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में पूरी राज्य सरकार कार्य कर रही है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि सरकारी विभागों में झारखंड के स्थानीय लोगों को दी जा रही प्राथमिकता मुख्यमंत्री के दावों के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा जारी किए जा रहे अधिकांश टेंडर इस प्रकार डिजाइन किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्यमियों और सवेंदकों को अवसर नहीं मिल पाता और बाहर की कंपनियों व लोगों को सीधा लाभ पहुंचाया जाता है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा ने शराब नीति में स्थानीय महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी, लेकिन सरकार ने इस नीति का प्रत्यक्ष लाभ छत्तीसगढ़ के व्यापारियों को सौंप दिया। इसी तरह बालू घाटों की नीलामी में ऐसी शर्तें रखी गईं, जिससे स्थानीय लोगों को बाहर कर बड़े कॉर्पोरेट घरानों को बालू घाट आवंटित किए गए। कोचिंग संस्थानों के रेगुलेशन में भी ऐसी कठोर शर्तें जोड़ी गईं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर संचालित छोटी-मोटी कोचिंग संस्थाएं बंद होने के कगार पर पहुंच गईं और बाहर के कॉर्पोरेट ग्रुप्स को खुला अवसर मिल गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत स्थानीय डॉक्टरों द्वारा संचालित छोटे क्लिनिकों को भी जानबूझकर बाहर कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग का उदाहरण देते हुए अजय ने कहा कि इस विभाग में तो एक परिवार और एक ही समुदाय विशेष का वर्चस्व स्थापित हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के लगभग सभी विभागों में दूसरे राज्यों की कंपनियों का वर्चस्व है और वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली में बैठकर पूरी व्यवस्था की सेटिंग-गेटिंग में लगे हुए हैं।

अजय ने यह भी कहा कि केवल सरकारी ठेकों तक ही नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी स्थानीय लोगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि भाजपा ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था कि किस प्रकार एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया में स्थानीय छात्रों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज लगभग हर विभाग में आउटसोर्सिंग के नाम पर नौकरियों का एक संगठित कारोबार चल रहा है, जिसमें बिचौलियों द्वारा भारी कमीशनखोरी की जा रही है और स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर लगातार छीने जा रहे हैं। भाजपा ने यह भी याद दिलाया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली सबसे बड़ी योजना स्किल डेवलपमेंट में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया है।

अजय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो सरकार निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण का दिखावा कर रही है, उसे पहले इसे सरकारी नीतियों, योजनाओं और ठेकों में ईमानदारी से लागू करना चाहिए। अन्यथा भाजपा सरकार के इस दोहरे चेहरे को जनता के सामने लगातार उजागर करती रहेगी।

झारखंड सरकार के खजाने से हुए 10हजार करोड़ के गबन की हो उच्च स्तरीय जांच….बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार के खजाने से ₹10,000 करोड़ की राशि गायब होने की खबर पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि वित्त मंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वित्त सचिव द्वारा सभी विभागों के सचिवों की बैठक बुलाकर विस्तृत हिसाब लिया जाए, लेकिन वित्त सचिव द्वारा मंत्री के आदेश का पालन करने के बजाय फाइल को मुख्य सचिव के पास भेज दिया गया, जहां वह पिछले तीन महीनों से लंबित पड़ी है। आखिर सरकार जांच से क्यों कतरा रही है?

कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह मुख्य सचिव भी जमीन घोटाले के आरोपों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में संदेह उठना स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव द्वारा जानबूझकर मामले को दबाने या टालने का प्रयास किया जा रहा है।

कहा कि मुख्य सचिव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तीन महीने से फाइल पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई और देरी के लिए कौन जिम्मेदार है?

श्री मरांडी ने कहा कि यह पूरा मामला गंभीर आर्थिक अपराध है। इसकी जांच होनी चाहिए कि यह राशि कहां गई, कहीं इसे निवेश के रूप में तो नहीं लगाया गया और क्या मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव ने इससे कोई लाभ उठाया है?

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