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झारखंड में बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़े आंदोलन की जरूरत…..बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में हो रहे बालू की लूट और बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक आंदोलन की आवश्यकता बताई।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में बालू के अवैध कारोबार ने एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक संकट का रूप ले लिया है। दुमका हो, खूँटी हो, रांची हो या राज्य का कोई अन्य जिला… हर जगह अवैध खनन और कालाबाज़ारी के कारण बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं। अवैध खनन से न केवल आम जनता आर्थिक रूप से शोषित हो रही है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुँच रही है। नदियों का स्वरूप बदल रहा है, भू-क्षरण बढ़ रहा है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन खतरे में पड़ रहे हैं।

कहा कि नदियों से कुछ ही किलोमीटर की दूरी तय करते ही बालू की कीमत कई गुना बढ़ जा रही हैं। आखिर ऐसा कौन सा अर्थशास्त्र लागू हो रहा है, जिसमें संसाधन राज्य का हो, मेहनत मजदूर की हो, लेकिन मुनाफा बिचौलियों, माफियाओं, थानेदार, डीसी, एसपी और मुख्यमंत्री की जेब में जा रहा है? सुना है कि पहले अनुराग गुप्ता के ज़माने में जिलों से जो बालू, कोयला, पत्थर के नाजायज कारोबार से सेंट्रलाइज्ड वसूली पचास से साठ परसेंट थी, वो अब और बढ़ाकर पचहत्तर परसेंट से भी ज्यादा हो गई है।

कहा कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरण और जनांदोलन खड़ा किया जाए। बालू घाटों की पारदर्शी नीलामी और ग्राम सभा के माध्यम से ही झारखंड में सस्ते बालू की पहुँच सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने ईडी के निदेशक झारखंड से कहा कि राज्य में चल रहे अवैध बालू कारोबार पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करे

हेमंत सरकार में हो रहा पुलिस और एसीबी का दुरूपयोग….बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार की पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद हिरासत में बंद व्यक्ति को रिहा करने के स्थान पर नई एफआईआर दर्ज कर उसे निरंतर कस्टडी में रखने के प्रयास पर एसीबी और झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी ने हेमंत सरकार में हो रहे पुलिस और ACB के दुरुपयोग का चेहरा उजागर कर दिया है।

कहा कि पिछले 6 सालों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने घोटालों को छुपाने, छोटे-बड़े राजनीतिक विरोधियों को डराने और फर्ज़ी मुकदमे में फंसाने के लिए ACB, सीआईडी एवं झारखंड पुलिस का मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य में अवैध डीजीपी की नियुक्ति कर इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है। एसीबी को भी भ्रष्टाचारियों के हवाले कर जैसी मर्जी वैसी गलती और ग़ैर क़ानूनी काम करवाया जा रहा है।

कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी से इस बात को कह रहे हैं कि पुलिस आज सबसे बड़ा गुंडा बन चुकी है। वर्दी तो पुलिस की पहन रहे हैं, लेकिन काम सारे अपराधी वाला कर रहे हैं। अवैध खनन, रंगदारी, वसूली, जमीन, बालू, पत्थर, शराब का काला धंधा और फर्ज़ी केस मुकदमे जैसे सभी गैरकानूनी काम में पुलिस के अधिकारी संलिप्त हैं।

कहा कि अब तो सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी यह मामला आ चुका है। सत्ता के प्रभाव में आपराधिक कार्यों में संलिप्त अधिकारियों को समझना होगा कि हेमंत सोरेन जी उन्हें बचाने कोर्ट में नहीं आएंगे। यदि यकीन न हो तो विनय चौबे का ही हश्र देख लें।

कहा कि वक्त जो भी लगे पर हेमंत सोरेन जी के कुकर्मों में सहभागी बने या बने हुए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों की जवाबदेही तय कारवाई जाएगी और विधिसम्मत तरीके से उन्हें सजा भी दिलवायी जाएगी। भाजपा इसके लिये संघर्ष जारी रखेगी।

हेमंत सरकार में हो रहा पुलिस और एसीबी का दुरूपयोग….बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार की पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद हिरासत में बंद व्यक्ति को रिहा करने के स्थान पर नई एफआईआर दर्ज कर उसे निरंतर कस्टडी में रखने के प्रयास पर एसीबी और झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी ने हेमंत सरकार में हो रहे पुलिस और ACB के दुरुपयोग का चेहरा उजागर कर दिया है।

कहा कि पिछले 6 सालों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने घोटालों को छुपाने, छोटे-बड़े राजनीतिक विरोधियों को डराने और फर्ज़ी मुकदमे में फंसाने के लिए ACB, सीआईडी एवं झारखंड पुलिस का मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य में अवैध डीजीपी की नियुक्ति कर इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है। एसीबी को भी भ्रष्टाचारियों के हवाले कर जैसी मर्जी वैसी गलती और ग़ैर क़ानूनी काम करवाया जा रहा है।

कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी से इस बात को कह रहे हैं कि पुलिस आज सबसे बड़ा गुंडा बन चुकी है। वर्दी तो पुलिस की पहन रहे हैं, लेकिन काम सारे अपराधी वाला कर रहे हैं। अवैध खनन, रंगदारी, वसूली, जमीन, बालू, पत्थर, शराब का काला धंधा और फर्ज़ी केस मुकदमे जैसे सभी गैरकानूनी काम में पुलिस के अधिकारी संलिप्त हैं।

कहा कि अब तो सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी यह मामला आ चुका है। सत्ता के प्रभाव में आपराधिक कार्यों में संलिप्त अधिकारियों को समझना होगा कि हेमंत सोरेन जी उन्हें बचाने कोर्ट में नहीं आएंगे। यदि यकीन न हो तो विनय चौबे का ही हश्र देख लें।

कहा कि वक्त जो भी लगे पर हेमंत सोरेन जी के कुकर्मों में सहभागी बने या बने हुए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों की जवाबदेही तय कारवाई जाएगी और विधिसम्मत तरीके से उन्हें सजा भी दिलवायी जाएगी। भाजपा इसके लिये संघर्ष जारी रखेगी।

*पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन आयुक्त से पार्टी की मांग दोहराई, कहा….

सभी मतदान केन्द्रों, स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर हो केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती…..बाबूलाल मरांडी

सभी बूथों,मतगणना हॉल और स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरा भी लगाया जाए

जनता को नहीं है राज्य पुलिस पर भरोसा, पुलिस के वरीय अधिकारी ही हैं आरोपी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज अपने बयानों के माध्यम से निकाय चुनाव को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में 13फरवरी को निर्वाचन आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन की मांग को दोहराया।

श्री मरांडी ने कहा कि आगामी 23 फरवरी को राज्य के 48 नगर निकाय चुनाव क्षेत्रों में मतदान होंगे।लेकिन अभी तक मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती, सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी लगाया जाने का निर्णय नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ईवीएम से चुनाव होने के बावजूद मतदान केंद्रों, स्ट्रॉग रूम और मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी लगाया जाता रहा है लेकिन निकाय चुनाव को राज्य सरकार ने बैलेट से कराने का निर्णय लिया है जिसमें बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग और बोगस मतदान से इनकार नहीं किया जा सकता है।

कहा कि राज्य पुलिस प्रशासन से जनता का भरोसा दिनोदिन समाप्त होता जा रहा है। जब पुलिस के कप्तान ही आरोपी हों, पोस्टिंग नियम विरुद्ध हो फिर उनके अधीनस्थ पर कैसे भरोसा किया जा सकेगा।

कहा कि हेमंत सरकार निकाय चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी। माननीय न्यायालय के सख्त निर्देश और भाजपा के आंदोलनों के दबाव में राज्य सरकार चुनाव कराने को बाध्य हुई है लेकिन इसे दलीय आधार पर नहीं कराने के पीछे राज्य सरकार को हार का सता रहा भय ही है। राज्य सरकार बैलेट के माध्यम से चुनाव कराकर पुलिस प्रशासन के माध्यम से चुनाव को अपने समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में प्रभावित करना चाहती है।

कहा कि भाजपा राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव चाहती है। जिस प्रकार से राज्य में अपराधी बेलगाम हैं,उनका मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है।ऐसे में बिना केंद्रीय बल के देखरेख के निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है।

कहा कि भाजपा इसीलिए निर्वाचन आयोग से मांग कर रही कि राज्य में
शांतिपूर्ण ,भयमुक्त ,निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने केलिए सभी बूथों पर,स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती हो तथा मतदान केंद्रों,और मत गणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए।

चुनाव के दौरान आई ए एस अधिकारियों का ट्रांसफर/पोस्टिंग ग़लत —- भाजपा

भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयोग पहुँची और ज्ञापन सौंप कर शिकायत दर्ज करायी की निकाय चुनाव के दौरान सरकार ने आई ए एस अधिकारियों का जो तबादला किया है वो आदर्श चुनाव आचार संहिता के ख़िलाफ़ है और सरकार ने फिर साबित किया है की वो आयोग से ऊपर है।
सुधीर श्रीवास्तव ने बताया की सरकार बार बार यह साबित कर रही है की वी राज्य निर्वाचन आयोग से ऊपर है ,सरकार को आचार संहिता से कोई मतलब नहीं है ।अगर यह ट्रांसफर पोस्टिंग मतदान या परिणाम के बाद भी होता तो कोई भूचाल नहीं आ जाता परंतु सरकार ने दिखाया कि वो जी चाहे कर सकती है ।आई ए एस अधिकारियों का तबादला में सरकार ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछना या अनुमति लेना तो दूर की बात है सरकार ने ट्रांसफर से सबंधित आयोग को सूचित भी नहीं किया है ।
आदर्श चुनाव आचार संहिता आम लोगो के लिए केवल नहीं बना है यह हर एक नागरिक हर एक संस्था हर विभाग सहित सरकार के लिए भी बना है ।प्रतिनिधिमंडल ने ट्रांसफर पोस्टिंग की पूरी सूची भी आयोग को सौंपी है और मांग किया है कि जिनके हस्ताक्षर से नोटिफिकेशन जारी हुआ उनके खिलाफ और जिनके कहने पर यह नोटिफिकेशन बनाया गया उनके खिलाफ कारवाई हो ।
प्रतिनिधिमंडल में अनिल कुमार सिंह और अमन यादव भी शामिल थे ।

भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी के साथ रांची की मातृ शक्ति….अरुण सिंह

राष्ट्रीय महामंत्री सांसद अरुण सिंह ने आज रांची की भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो के समर्थन में अभियान चलाया।

कहा रांची नगर निगम में भाजपा समर्थित मेयर उम्मीदवार श्रीमती रौशनी खलखो के समर्थन में आयोजित कार्यक्रमों में मातृशक्ति की उपस्थिति और उत्साह ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि रौशनी खलखो जी भारी मतों से विजयी होने जा रही हैं।

झारखंड में अवैध तरीके से नियुक्त डीजीपी के अवैध संपत्ति की जांच हो, वेतन की हो वसूली…बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने डीजीपी की नियुक्ति संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि एक महीने के भीतर प्रकाश सिंह जजमेंट के तहत यूपीएससी से अनुमोदित करायी गयी सूची से ही डीजीपी की नियुक्ति के सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम आदेश के बाद यह तय है कि अब झारखंड सरकार को भी ये काम करना ही पड़ेगा।

कहा कि यह भी साफ हो गया है कि डीजीपी की नियुक्ति में झारखंड सरकार की अंधेरगर्दी और मनमानी के खिलाफ हमने कानून सम्मत जो लंबी लड़ाई लड़ी, उसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।

कहा कि रिटायर होने के बाद भी ग़ैर कानूनी तरीके से डीजीपी के पद पर काम कर रही तदाशा मिश्रा जी अपेक्षाकृत बेहतर अधिकारी हैं उनसे है कि वे अपनी और फ़ज़ीहत कराने से बाज आयें। क़ानून की बारीकियों को समझें, उसका पालन करें और इससे पहले कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में निकाल बाहर किया जाय, वे स्वतः डीजीपी का पद छोड़कर नैतिक मूल्यों का पालन करें।

कहा कि यह हमारी समझ से परे है कि सेवा काल में किसी बड़े विवाद से दूर रहने वाली उनके जैसी अधिकारी आख़िर किस वजह से अपने पूरे कैरियर की अच्छाई को ग़ैर क़ानूनी काम करते हुए बट्टा लगाने की सोचेगा और हँसी का पात्र बनना चाहेगा?

कहा कि उनकी ये लड़ाई यहीं रुकने वाली नहीं है। झारखंड में इस तरह ग़लत तरीके से जितने भी डीजीपी अबतक बने और पद पर रहे हैं, उनसबों द्वारा वेतन एवं अन्य मद में ली गई रकम की वसूली, उनके द्वारा किये गये कार्यों को रद्द कराने और उनसबों की संपत्ति की जॉंच कराने के लिये वे हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने को तैयार हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य के नेतृत्व में निर्वाचन आयुक्त से मिला पार्टी का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल

ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने की प्रेसवार्ता…कहा

झारखंड में चल रही अपराधियों की समानांतर सरकार…..आदित्य साहू

निकाय चुनाव में हो केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति

मतदान से लेकर मतगणना की हो निगरानी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक सुधीर श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश, शामिल हुए।

प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और राज्य सरकार मस्त है। राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है।
कहा कि सत्ताधारी गठबंधन के नेता पूरी तरह लूट खसोट में लगे हैं, रोज रोज भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो रहे।जिस प्रकार से डीजीपी की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश आया है उससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार को संवैधानिक व्यवस्था से कुछ भी लेना देना नहीं है।राज्य सरकार पूरी तरह अहंकारी हो गई है और हठधर्मिता पर उतारू है।

कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को समझने केलिए कुछ उदाहरण ही काफी हैं।सभी ने देखा है कि किस प्रकार से राज्य में हजारों की संख्या में बच्चों की चोरी हुई है।यह भी देखा कि भाजपा के आंदोलन और दबाव में 50 से अधिक बच्चे बरामद हुए। लेकिन फिर पुलिस प्रशासन शांत बैठ गया। बाकी लापता बच्चों की कोई खबर अब नहीं आ रही।बच्चों की चोरी का दहशत ऐसा है कि कल बोकारो में बच्चे चोरी का अफवाह फैलने से हजारों लोग दहशत में आ गए।

कहा कि इधर अपराधियों का मनोबल कैसा बढ़ा है इसका ताजा उदाहरणरांची सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मेल से अपराधियों ने भेजी।कल रांची डीसी ऑफिस को उड़ाने की धमकी मेल से भेजी।जमशेदपुर में खबर आई गोलमुरी में कन्हैया यादव को अपराधियों ने गोली मारी।चुटिया रांची में महिला टीटी को गोली मारी।रांची में शराब के नशे में अपराधियों ने गाड़ी से लोगों को रौंद दिया।रामगढ़ में अपराधियों ने फायरिंग करके दहशत फैलाई।

कहा कि ऐसे में यह स्पष्ट है कि राज्य में अपराधी बेलगाम हैं।क्योंकि सत्ता धारी गठबंधन और राज्य सरकार का संरक्षण उन्हें प्राप्त है।

कहा कि ऐसे में राज्य में होने वाले निकाय चुनाव निष्पक्ष होंगे इसपर आशंका है।

कहा कि आज उनके नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने इस ध्वस्त कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु निर्वाचन आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपा है और मांग किया है कि…राज्य के सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति हो।साथ ही मतपेटी स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर भी केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती हो।

कहा कि राज्य सरकार अपनी हार को जीत में बदलने केलिए पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग कर सकती है।

निर्वाचन आयोग को सौंपा गया ज्ञापन

सेवा में,

राज्य निर्वाचन आयुक्त
झारखंड,रांची।

विषय… झारखंड निकाय चुनाव में बूथों पर केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती हेतु राज्य सरकार को निर्देश देने के संबंध में।

महोदय,

राज्य में आगामी 23 फरवरी को राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव निर्धारित है। इस चुनाव में 1087 वार्डों में 4304 बूथों पर चुनाव होंगे।

महोदय, यह चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पत्रों से होने जा रहा है जिसमें मतदान से लेकर मतगणना तक राज्य सरकार द्वारा सरकारी तंत्र के भरपूर दुरुपयोग की संभावना है।

महोदय, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी राज्य के शहरी क्षेत्रों में अधिकांश मतदान केंद्र संवेदनशील,अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आते हैं जिसपर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होती रही है।
मतपत्रों से हो रहे चुनाव में सरकार के इशारे पर बूथ कैप्चरिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

अतः प्रदेश भारतीय जनता पार्टी आग्रह करती है कि निकाय चुनाव में संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर मतदान के दिन और साथ ही मतपेटी की संग्रह स्थल ,मतगणना स्थल पर मतगणना पूर्ण होने तक केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती सुनिश्चित हो। कृपया इस संबंध में राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को आवश्यक दिशा निर्देश देने की कृपा की जाए।

भवदीय

(बाबूलाल मरांडी)
नेता प्रतिपक्ष

(आदित्य साहू)

प्रदेश अध्यक्ष ,सांसद

डॉ रविंद्र कुमार राय,गंगोत्री कुजूर,अशोक बड़ाइक,सुधीर श्रीवास्तव,चंद्रप्रकाश

प्रतिलिपि…श्री अमित शाह जी
गृह एवं सहकारिता मंत्री
भारत सरकार
नई दिल्ली।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य के नेतृत्व में निर्वाचन आयुक्त से मिला पार्टी का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल

ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने की प्रेसवार्ता…कहा

झारखंड में चल रही अपराधियों की समानांतर सरकार…..आदित्य साहू

निकाय चुनाव में हो केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति

मतदान से लेकर मतगणना की हो निगरानी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक सुधीर श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश, शामिल हुए।

प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और राज्य सरकार मस्त है। राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है।
कहा कि सत्ताधारी गठबंधन के नेता पूरी तरह लूट खसोट में लगे हैं, रोज रोज भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो रहे।जिस प्रकार से डीजीपी की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश आया है उससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार को संवैधानिक व्यवस्था से कुछ भी लेना देना नहीं है।राज्य सरकार पूरी तरह अहंकारी हो गई है और हठधर्मिता पर उतारू है।

कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को समझने केलिए कुछ उदाहरण ही काफी हैं।सभी ने देखा है कि किस प्रकार से राज्य में हजारों की संख्या में बच्चों की चोरी हुई है।यह भी देखा कि भाजपा के आंदोलन और दबाव में 50 से अधिक बच्चे बरामद हुए। लेकिन फिर पुलिस प्रशासन शांत बैठ गया। बाकी लापता बच्चों की कोई खबर अब नहीं आ रही।बच्चों की चोरी का दहशत ऐसा है कि कल बोकारो में बच्चे चोरी का अफवाह फैलने से हजारों लोग दहशत में आ गए।

कहा कि इधर अपराधियों का मनोबल कैसा बढ़ा है इसका ताजा उदाहरणरांची सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मेल से अपराधियों ने भेजी।कल रांची डीसी ऑफिस को उड़ाने की धमकी मेल से भेजी।जमशेदपुर में खबर आई गोलमुरी में कन्हैया यादव को अपराधियों ने गोली मारी।चुटिया रांची में महिला टीटी को गोली मारी।रांची में शराब के नशे में अपराधियों ने गाड़ी से लोगों को रौंद दिया।रामगढ़ में अपराधियों ने फायरिंग करके दहशत फैलाई।

कहा कि ऐसे में यह स्पष्ट है कि राज्य में अपराधी बेलगाम हैं।क्योंकि सत्ता धारी गठबंधन और राज्य सरकार का संरक्षण उन्हें प्राप्त है।

कहा कि ऐसे में राज्य में होने वाले निकाय चुनाव निष्पक्ष होंगे इसपर आशंका है।

कहा कि आज उनके नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने इस ध्वस्त कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु निर्वाचन आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपा है और मांग किया है कि…राज्य के सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति हो।साथ ही मतपेटी स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर भी केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती हो।

कहा कि राज्य सरकार अपनी हार को जीत में बदलने केलिए पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग कर सकती है।

निर्वाचन आयोग को सौंपा गया ज्ञापन

सेवा में,

राज्य निर्वाचन आयुक्त
झारखंड,रांची।

विषय… झारखंड निकाय चुनाव में बूथों पर केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती हेतु राज्य सरकार को निर्देश देने के संबंध में।

महोदय,

राज्य में आगामी 23 फरवरी को राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव निर्धारित है। इस चुनाव में 1087 वार्डों में 4304 बूथों पर चुनाव होंगे।

महोदय, यह चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पत्रों से होने जा रहा है जिसमें मतदान से लेकर मतगणना तक राज्य सरकार द्वारा सरकारी तंत्र के भरपूर दुरुपयोग की संभावना है।

महोदय, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी राज्य के शहरी क्षेत्रों में अधिकांश मतदान केंद्र संवेदनशील,अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आते हैं जिसपर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होती रही है।
मतपत्रों से हो रहे चुनाव में सरकार के इशारे पर बूथ कैप्चरिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

अतः प्रदेश भारतीय जनता पार्टी आग्रह करती है कि निकाय चुनाव में संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर मतदान के दिन और साथ ही मतपेटी की संग्रह स्थल ,मतगणना स्थल पर मतगणना पूर्ण होने तक केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती सुनिश्चित हो। कृपया इस संबंध में राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को आवश्यक दिशा निर्देश देने की कृपा की जाए।

भवदीय

(बाबूलाल मरांडी)
नेता प्रतिपक्ष

(आदित्य साहू)

प्रदेश अध्यक्ष ,सांसद

डॉ रविंद्र कुमार राय,गंगोत्री कुजूर,अशोक बड़ाइक,सुधीर श्रीवास्तव,चंद्रप्रकाश

प्रतिलिपि…श्री अमित शाह जी
गृह एवं सहकारिता मंत्री
भारत सरकार
नई दिल्ली।

झारखंड में अवैध तरीके से नियुक्त डीजीपी के अवैध संपत्ति की जांच हो, वेतन की हो वसूली…बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने डीजीपी की नियुक्ति संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि एक महीने के भीतर प्रकाश सिंह जजमेंट के तहत यूपीएससी से अनुमोदित करायी गयी सूची से ही डीजीपी की नियुक्ति के सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम आदेश के बाद यह तय है कि अब झारखंड सरकार को भी ये काम करना ही पड़ेगा।

कहा कि यह भी साफ हो गया है कि डीजीपी की नियुक्ति में झारखंड सरकार की अंधेरगर्दी और मनमानी के खिलाफ हमने कानून सम्मत जो लंबी लड़ाई लड़ी, उसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।

कहा कि रिटायर होने के बाद भी ग़ैर कानूनी तरीके से डीजीपी के पद पर काम कर रही तदाशा मिश्रा जी अपेक्षाकृत बेहतर अधिकारी हैं उनसे है कि वे अपनी और फ़ज़ीहत कराने से बाज आयें। क़ानून की बारीकियों को समझें, उसका पालन करें और इससे पहले कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में निकाल बाहर किया जाय, वे स्वतः डीजीपी का पद छोड़कर नैतिक मूल्यों का पालन करें।

कहा कि यह हमारी समझ से परे है कि सेवा काल में किसी बड़े विवाद से दूर रहने वाली उनके जैसी अधिकारी आख़िर किस वजह से अपने पूरे कैरियर की अच्छाई को ग़ैर क़ानूनी काम करते हुए बट्टा लगाने की सोचेगा और हँसी का पात्र बनना चाहेगा?

कहा कि उनकी ये लड़ाई यहीं रुकने वाली नहीं है। झारखंड में इस तरह ग़लत तरीके से जितने भी डीजीपी अबतक बने और पद पर रहे हैं, उनसबों द्वारा वेतन एवं अन्य मद में ली गई रकम की वसूली, उनके द्वारा किये गये कार्यों को रद्द कराने और उनसबों की संपत्ति की जॉंच कराने के लिये वे हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने को तैयार हैं।

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