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“बांग्लादेशी-रोहिंग्या को बसाने और अपनों को उजाड़ने में जुटी हेमंत सरकार : अजय साह

“गरीबों का घर छीनकर घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है जेएमएम सरकार : अजय साह”

“पुनर्वास विफलता का ठीकरा केंद्र पर फोड़ रही है हेमंत सरकार”

जेएमएम की हालिया प्रेस वार्ता पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठियों को बसाने में लगी है, जबकि अपने ही देश के गरीब और बेसहारा नागरिकों को बेघर करने के लिए नए-नए बहाने गढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जेएमएम बड़ी चालाकी से भारत सरकार के उस पत्र का जिक्र करती है जिसमें अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन उन सभी पत्रों को दबा देती है जिनमें बेघर और बेसहारा लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुनर्वास देने की स्पष्ट बात लिखी है। भारत सरकार की नीति साफ और पारदर्शी है—गरीबों को घर देना और घुसपैठियों को हटाना। इसके विपरीत, राज्य सरकार ने बिना किसी पुनर्वास योजना के अतिक्रमण हटाकर अपने असफल प्रयासों का दोष केंद्र पर डालने की कोशिश की है।

अजय साह ने आगे कहा कि भारत सरकार और झारखंड उच्च न्यायालय ने कई बार राज्य सरकार को घुसपैठियों को हटाने का निर्देश दिया, लेकिन सरकार हर बार बहानेबाजी करती रही। आज वही सरकार उन लोगों को खदेड़ रही है जो पिछले 40–50 वर्षों से रांची में रह रहे हैं। नगर निगम चुनाव न होने के कारण गरीबों को घर देने वाली योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं और जिन योजनाओं पर काम चल रहा है, उनमें भी राज्य सरकार और निगम के अधिकारियों द्वारा करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है।

अजय ने कहा कि किसी भी अतिक्रमण को हटाने से पहले राज्य सरकार को पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए और साथ ही साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वहाँ पर कोई भी नया निर्माण ना हो। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि हेमंत सरकार अतिक्रमण हटाने में धर्म देखकर कार्रवाई करती है। रांची शहर के बीचों बीच विशेष समुदाय के अवैध कब्जों पर कोई कार्यवाही नहीं होती, जबकि दशकों से बसे हिंदू समाज के गरीब परिवारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

अजय साह ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार का यह दोहरा रवैया जनता की नज़रों से अब छिपा नहीं है और आने वाले समय में जनता जेएमएम सरकार को करारा जवाब देगी।

भाजपा ने हेमंत सरकार पर राजधानी रांची सहित पूरे प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम होने का बड़ा आरोप लगाया

“रांची सहित पूरे प्रदेश की महिलाएं सबसे असुरक्षित? सर्वे रिपोर्ट ने हेमंत सरकार की पोल खोल दी” – प्रतुल शाहदेव

हेमंत सरकार के कार्यकाल में 8000 बलात्कार की घटनाएं हो चुकी है

पिछले 6 वर्ष से महिला आयोग खाली है

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राष्ट्रीय महिला आयोग के द्वारा जारी नारी रिपोर्ट 2025 रिपोर्ट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट हेमंत सरकार की संवेदनहीनता और नाकामी को उजागर करती है।उन्होंने कहा कि “देश के 31 शहरों में महिला सुरक्षा को लेकर हुए सर्वे में राजधानी रांची की महिलाएं सबसे असुरक्षित बताई जाती हैं।सरकार के लिए सबसे शर्मनाक पहलू है की राजधानी की 27% महिलाएं छेड़खानी के कारण अपना घर बदलने को मजबूर होती हैं।”

प्रतुल शाहदेव ने आगे कहा कि लोगों का पुलिस पर अविश्वास इतना बढ़ गया है कि “9% महिलाएं अपने साथ हुए अपराध को छुपा लेती हैं और सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि सर्वे के अनुसार 85% महिलाओं को प्रशासन पर भरोसा ही नहीं है। इससे साफ है कि झारखंड में महिलाएं पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि “रांची ही नहीं, पूरे झारखंड में यही स्थिति है। हेमंत सरकार पार्ट 1 और पार्ट 2 में अब तक 8000 से ज्यादा बलात्कार के मामले दर्ज हो चुके है। बलात्कारियों को सजा दिलाने का सरकार का रिकॉर्ड भी फिसड्डी है।आदिवासी बालिकाएं लगातार ट्रैफिकिंग की चपेट में आ रही हैं। लेकिन हेमंत सरकार पिछले 6 वर्षों से राज्य महिला आयोग का गठन तक नहीं कर पाई। यह उसकी महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों के प्रति संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण है।” प्रतुल ने कहा कि “हेमंत सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील है। जो सरकार महिला आयोग तक नहीं बना पाई, उससे महिलाओं की सुरक्षा की उम्मीद करना बेमानी है।”

नगर निकाय चुनाव को सिर्फ कमीशनखोरी और अफसरशाही को हावी होने के लिए टालना चाहती हेमंत सरकार–प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार की नीयत लोकतंत्र को मजबूत करने की नहीं बल्कि उसे कमजोर करने की है। नगर निकाय चुनाव को लेकर सरकार का रवैया पूरी तरह से संदेहास्पद और दुर्भावनापूर्ण है। लंबे समय तक सरकार ने ट्रिपल टेस्ट नहीं कराकर नगर निकाय चुनाव को पहले टाल कर रखा। सरकार की मंशा पिछड़ों को उनका हक देना नहीं था।उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर नगर निकाय चुनाव से भाग रही है ताकि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की भागीदारी खत्म हो और केवल अफसरशाही और कमीशनखोरी का बोलबाला बना रहे।

प्रतुल शाह देव ने उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए विभिन्न आदेशों और सरकार पर की गई प्रतिकूल टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 4 जनवरी 2024 को झारखंड उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिया था कि पूरे राज्य में नगर निकाय चुनाव तीन सप्ताह के भीतर कराए जाएँ और “ट्रिपल-टेस्ट” प्रक्रिया को बहाना न बनाया जाए।सरकार ने इस आदेश की अवहेलना करते हुए अपील की, जिसे खंडपीठ ने खारिज कर दिया और एकलपीठ का आदेश बरकरार रखा।इसके बाद 16 जनवरी 2025 को उच्च न्यायालय ने पुनः आदेश दिया कि जिन नगर निकायों का कार्यकाल अप्रैल 2023 तक समाप्त हो चुका है, वहाँ चुनाव हर हाल में मई 2025 तक संपन्न करा लिए जाएँ।इसके बावजूद आज तक चुनाव नहीं हुए।

प्रतुल ने कहा कि अदालत ने कई बार सरकार की लापरवाही और संवैधानिक व्यवस्था की अनदेखी पर आपत्ति जताई और स्पष्ट टिप्पणी की कि राज्य सरकार “रूल ऑफ लॉ” को दरकिनार कर रही है।आज की सुनवाई में उच्च न्यायालय ने सरकार के टालमटोल रवैये पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को ठप करना गंभीर अपराध है। उच्च न्यायालय ने आज कहा कि सरकार नगर निकाय चुनाव का अगली तिथि को रोड मैप प्रस्तुत करे।

पिछड़ों को आरक्षण देते हुए अविलंब चुनाव की तिथि की घोषणा हो

प्रतुल ने कहा कि भाजपा मांग करती है कि हेमंत सरकार तत्काल उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नगर निकाय चुनाव में पिछड़ों को आरक्षण देते हुए तिथि घोषित करे।लोकतंत्र को बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। अब और टालना बर्दाश्त नहीं होगा।

हेमंत सोरेन बिहार इंडी एलायंस की सभा में शामिल होने नहीं बल्कि अपनी सत्ता बचाने के लिए गए थे – प्रतुल शाहदेव

हेमंत सोरेन जी को हर जगह केवल परसेंटेज और इंसेंटिव ही क्यों दिखता है?

रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने पटना की सभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति को अपनी सत्ता को बचाए रखने का प्रयास बताया। प्रतुल ने कहा वस्तुतः वह इंडी एलायंस की सभा में नहीं गए थे, बल्कि झारखंड में अपनी सत्ता कायम रखना उनका मुख्य उद्देश्य था।प्रतुल ने अभिव्यक्ति को लेकर भी उन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने वहाँ “SIR” का अर्थ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बजाय स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन बता दिया। ऐसा उन्होंने अपने भाषण के दौरान चार बार किया। यह साबित करता है कि हेमंत सोरेन को हर चीज़ में केवल “परसेंटेज” और “इंसेंटिव” ही दिखाई देता है। झारखंड के मुख्यमंत्री की सोच किस मानसिकता से ग्रसित है, यह उनकी जुबान से बार-बार झलकता है।

“झारखंडी अस्मिता को तार-तार कर रहे हैं हेमंत सोरेन”

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा को इंडी गठबंधन ने बिहार में एक भी सीट नहीं दी। “बड़े बे-आबरू होकर तेरे कूचे से निकले हम” की कहावत इस पर पूरी तरह सटीक बैठती है। इनको बैठकों में निमंत्रण भी नहीं मिला। फिर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनकी यात्रा में शामिल हुए। यह झारखंडी अस्मिता के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात है।

“सत्ता के लोभ में भूल गए पिता पर हुए अत्याचार”

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा में शामिल होकर हेमंत सोरेन ने यह भी दिखा दिया कि सत्ता के लोभ में वे अपना अतीत भी भूल गए हैं। कांग्रेस ने ही उनके पिता, स्वर्गीय शिबू सोरेन जी को दो-दो बार मुकदमों में फँसाकर जेल भेजा था। जेल में उनका प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था।आज उसी कांग्रेस के साथ कदमताल करना झारखंड की जनता के साथ भी अन्याय है और अपने पूर्वजों की विरासत का अपमान है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अब झारखंड की जनता झामुमो के असली चेहरे को पहचान चुकी है। भाजपा झारखंडी अस्मिता की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर संघर्ष करेगी और जनता के सामने सच लाती रहेगी।

वोटबैंक की राजनीति के लिए एसआईआर का विरोध कर रहे हैं कांग्रेस, झामुमो और राजद

बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को केवल बसाना नहीं बल्कि वोटर बनाना भी इन दलों का मकसद

जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या से जुड़े कई आंकड़े पेश कर भाजपा अध्यक्ष ने विपक्षी दलों को दिखाया आईना

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री बाबूलाल मरांडी जी ने कहा कि झारखंड सरकार ने जिस प्रकार से एसआईआर का विरोध किया है तो यह वोट बैंक की राजनीति है। झारखंड प्रदेश में जिस प्रकार से जो डेमोग्राफी बदली है या बदल रही है, बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को वोट बैंक बनाए रखना इनका मकसद है। इसका एक उदाहरण राज्य सरकार ने कल स्पष्ट रूप से बता दिया है कि वह इन्हें केवल झारखंड में बसाना ही नहीं चाहती है बल्कि साथ में उन्हें मतदाता भी बनाना चाहती है ताकि झारखंड की चुनाव कांग्रेस पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल अपने पक्ष में करा सके। आप सब ने कल झारखंड की विधानसभा की कार्यवाही को देखा और आज सवेरे अखबारों में प्रमुखता से छपी इन मुद्दों से जुड़े समाचार को भी देखा होगा। श्री मरांडी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड की अलार्मिंग सिचुएशन है। इससे तो पूरा राज्य, देश प्रभावित होगा ही लेकिन इससे सीधा और तत्काल कोई प्रभावित होगा तो वह आदिवासी समाज होगा। संथाल परगना और झारखंड में दर्जनों आदिवासी महिला है जिससे इन रोहिंग्या, बांग्लादेशी मुसलमानों ने ना केवल शादी किया बल्कि मुखिया, जिला परिषद भी बने हैं। यही स्थिति रही तो आने वाले समय में इसी तरह से आदिवासी महिलाओं से शादी करके रोहिंग्या, बांग्लादेशी मुसलमान सांसद, विधायक भी बनेंगे। यह दृश्य साफ दिख रहा है।

1951 में जब पहला जनगणना हुआ था तब झारखंड में आदिवासियों की संख्या 35.38 प्रतिशत थी। जबकि मुस्लिम की आबादी 8.9% थी। 2011 के जनगणना में आदिवासियों की संख्या 35.38 प्रतिशत से घटकर 26.20% हो गई। वहीं मुसलमानों की जनसंख्या 8.9% से बढ़कर 14.53% हो गई। आदिवासियों की जनसंख्या में गिरावट आई जबकि मुसलमानों की आबादी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। यही जब ओवरऑल बात किया जाए तो 1951 में सनातनियों की आबादी 87.79% थी। 2011 में सनातनियों की संख्या घटकर 81.17% हो गई।

श्री मरांडी ने कहा कि यह नेचुरल तरीके से नहीं बढ़ सकती है। यह कृत्रिम तरीके से बढ़ी और बढ़ाई गई है। बांग्लादेश से लगातार घुसपैठ होना इसका प्रमुख कारण है। कांग्रेस, झामुमो, राजद जैसे दल इसके पक्षधर हैं। ऐसे घुसपैठियों का वोटर कार्ड, राशनकार्ड बनाना, जन्म प्रमाण पत्र बनाना, उनकी जमीन उपलब्ध कराना, उनको बसाना इनकी मंशा है। ताकि वोट में इसका फायदा उठाया जा सके। कल के विधानसभा में उनकी मंशा साफ दिखी।

अभी मतदाता सूची ज्वलंत मुद्दा है इस संबंध में एक और उदाहरण देते हुए श्री मरांडी ने कहा कि 2014 से 2019 के बीच देश के अंदर में मतदाताओं में 9.3% की वृद्धि दर्ज हुई। जबकि झारखंड में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं 2019 से 2024 के बीच देश में मत प्रतिशत में 10.1% वृद्धि हुई जबकि झारखंड में यह वृद्धि 16.7% दर्ज की गई। यह गौर करने वाली बात है। 2019 से 2024 के बीच यहां किसकी सरकार रही या बताने की जरूरत नहीं है। 2019 से 2024 के बीच राष्ट्रीय ग्रोथ से भी झारखंड में मत प्रतिशत की वृद्धि अधिक दर्ज होना, आईने की तरह सब कुछ साफ कर रहा है। यह काफी चिंता का विषय है कि इस रफ्तार से आखिर यहां पर आबादी कैसे बढ़ी, यह भी एक गहन जांच का विषय है। चूंकि 2014 से 2019 में झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार थी इसलिए यहां पर अवैध घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं थी इसलिए अधिक वृद्धि दर्ज नहीं हुई। आज वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ऐसे लोगों को इन दलों के द्वारा वोटर बनाकर बसाया जा रहा है, इसलिए इन लोगों के पेट में दर्द हो रहा है और ये दल हंगामा कर रहे हैं।

श्री मरांडी ने कुछ रिजर्व विधानसभा क्षेत्रों का आंकड़ा भी इस संदर्भ में पेश किया जो काफी चौंकाने वाले हैं। श्री मरांडी ने कहा कि सिमडेगा विधानसभा में 2019 में 2.21 लाख मतदाता थे जो 2024 में बढ़कर 2.44 लाख हो गए। इसमें ओवरऑल 10.2% की वृद्धि दर्ज हुई। यहां पर 2019 में 9308 मुस्लिम मतदाता थे जो 2024 में बढ़कर 16605 हो गए। यहां मुस्लिम मतदाताओं में 78.4% की वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि नन मुस्लिम में 7.2% की ही वृद्धि दर्ज हुई है। यह चिंता का विषय है नहीं। यह संताल परगना का मामला नहीं है। एक प्लानिंग के तहत सब कुछ अंजाम दिया जा रहा है। इसी प्रकार कोल्हान के जगन्नाथपुर विधानसभा में 2019 में 1.71 लाख वोट थे 2024 में 1.98 लाख वोट हुए। ओवरऑल कुल वृद्धि 15.7% की थी। जबकि मुस्लिम वोटरों में यह वृद्धि 52 फ़ीसदी है वहीं गैर मुस्लिम मतों में 13% की ही वृद्धि हुई। एक कुछ चंद उदाहरण है जो दर्शाते हैं कि पूरे राज्य की डेमोग्राफी एक सुनियोजित तरीके से बदली जा रही है। इनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया जा रहा है। यह केवल झारखंड नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।

श्री मरांडी ने कहा कि आपने पूर्व में भी देखा कि चाकुलिया, घाटशिला जैसे क्षेत्रों में जहां एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है वहां एक-एक गांव में किस प्रकार सैकडों की संख्या में जन्म प्रमाण पत्र बनाया गया। इसी प्रकार जिन इलाकों में मुस्लिम आबादी नहीं है वहां भी कैसे मईयां योजना का लाभ लिया गया, आप सभी ने देखा। जब जांच हुई तब कोई मुर्शिदाबाद तो कोई मालदा का पाया गया। इसी प्रकार चतरा के प्रतापपुर में कुछ पंचायत में इतने जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए जितनी वहां की शायद जनसंख्या भी नहीं है।

श्री मरांडी ने कहा कि जब झारखंड सहित पूरे देश में डेमोग्राफी बदल रही है। चुनाव आयोग जब इन फर्जी और विदेशी मतदाताओं को हटाने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की बात करता है तो उसे रोकने और इन फर्जी मतदाताओं को बचाने के लिए वोटबैंक की राजनीति के लिए विधान सभा में विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं, एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इसका विरोध करेगी।

श्री मरांडी ने कहा कि हम चुनाव आयोग से मांग करेंगे कि इस प्रकार जो मतदाताओं की वृद्धि हुई है। अब एक-एक वास्तविक मतदाताओं को सत्यापित किया जाए। जो यहां के नागरिक हैं वही सूची में रहें। फर्जी मतदाताओं को तत्काल सूची से हटाया जाए। झारखंड में अभी तो चुनाव नहीं है, क्यों नहीं साल भर का ही वक्त लगे लेकिन एक एक मतदाता सत्यापित कराना भाजपा सुनिश्चित करेगी। तब ही डेमोग्राफी ठीक होगी, नहीं तो यह लोकतंत्र पर एक बड़ा खतरा साबित होगा।

इस दौरान प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्री योगेंद्र प्रताप सिंह जी और प्रदेश प्रवक्ता श्री रामाकांत महतो जी भी मौजूद थे।

सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच पर सदन में अड़ेगा एनडीए…..नवीन जायसवाल

ध्वस्त विधि व्यवस्था,अटल क्लीनिक नाम परिवर्तन, विश्वविद्यालय बिल,यूरिया कालाबजारी,अतिवृष्टि से किसानों की परेशानी जैसे मुद्दे भी जोर शोर से उठाएंगे एन डी ए विधायक

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज विधानसभा के चालू मानसून सत्र में गठबंधन के मुद्दों पर चर्चा केलिए एन डी ए विधायक दल की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने की। बैठक में जदयू विधायक सरयू राय,आजसू विधायक निर्मल महतो लोजपा विधायक जनार्दन पासवान सहित भाजपा विधायक सीपी सिंह,मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल,सचेतक,राज सिन्हा,नागेंद्र महतो,सत्येंद्र तिवारी,आलोक चौरसिया,शशिभूषण मेहता,मनोज यादव,देवेंद्र कुंवर,प्रदीप प्रसाद,रोशनलाल चौधरी,पूर्णिमा दास साहू,मंजू कुमारी ,उज्जवल दास शामिल हुए।

बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग करते हुए भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि झारखंड विधानसभा के छोटे मानसून सत्र में एनडीए गठबंधन राज्य के ज्वलंत और बड़े मुद्दों को जोरशोर से उठाएगा।

श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस की बर्बरता ,ध्वस्त विधि गठबंधन के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है।

कहा कि भाजपा का स्पष्ट मानना है कि सामाजिक सांस्कृतिक सरोकारों से जुड़कर जनता की सेवा करने वाले राजनीतिक आदिवासी कार्यकर्ता सूर्या हांसदा का एनकाउंटर पूरी तरह से फर्जी है। परिवार के सदस्यों क्षेत्र की आम जनता की स्पष्ट राय है कि सूर्या हांसदा की साजिशन हत्या हुई है। इसलिए पार्टी इस घटना की सीबीआई जांच कराने के मांग पर अडिग है जिसे सदन में उठाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बात करने वाले झामुमो,कांग्रेस राजद गठबंधन की राज्य सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों,तरीकों की हत्या कर रही है। राज्य की प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है,बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।और अब राज्य सरकार विश्वविद्यालय संशोधन बिल के माध्यम से यूनिवर्सिटी शिक्षा को भी बर्बाद करना चाहती है।राज्य सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए महामहिम राज्यपाल के अधिकारों को समाप्त करने पर जुटी है। कुलपतियों की नियुक्ति अपने अधिकार में लेना चाहती है।

उन्होंने कहा कि राज्य निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का अपमान झारखंड की जनता बर्दाश्त नहीं कर सकती। जिस प्रकार अटल क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा क्लीनिक किया गया है इसका सदन में भाजपा और सहयोगी दल विरोध करेंगे। सरकार चाहे तो मदर टेरेसा के नाम पर कोई और योजना शुरू करे लेकिन अटल क्लीनिक का नाम बदलना पूरी तरह झारखंड निर्माता श्रद्धेय अटल जी का,झारखंड का अपमान है।

कहा कि आज अतिवृष्टि से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। राज्य में भदई फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। साथ ही आज बड़े पैमाने पर राज्य में यूरिया खाद की कालाबाजारी हो रही।किसानों को महंगे दाम पर यूरिया खरीदने केलिए विवश होना पड़ रहा। एनडीए गठबंधन के विधायक इस विषय को लेकर राज्य सरकार को घेरेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य में विपक्ष के पूर्व विधायकों के सुरक्षा का मुदा भी गंभीर है।आज सत्ता धारी गठबंधन के प्रखंड स्तरीय नेताओं को बड़ी संख्या में बॉडीगार्ड उपलब्ध कराया जा रहा जबकि एनडीए के पूर्व विधायक का गार्ड हटाया जा रहा।

कहा कि युवाओं बेरोजगारी की समस्याएं,परीक्षाओं की धांधली जैसे विषय भी एनडीए विधायक उठाएंगे।

आजसू विधायक निर्मल महतो ने पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो को जान से मारने की मिल रही धमकी को भी गंभीर बताया तथा सदन में उठाने की बात कही।

लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने भी एनडीए की बैठक में आए गंभीर मुद्दों को सदन में मिलकर उठाने की बात कही।

कहा कि ये सारे मुद्दे सदन में उठेंगे।j

राज्य सरकार ने जानबूझकर विनय चौबे के खिलाफ़ चार्जशीट दायर नहीं कर जमानत का मार्ग प्रशस्त किया…..बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शराब घोटाला में जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय चौबे को जमानत मिलने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

कहा कि इस मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई शुरू से शक के घेरे में है।

कहा कि राज्य सरकार तकरीबन 1000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में हेमंत सोरेन जी के पूर्व सचिव के खिलाफ एसीबी ने जानबूझकर 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिससे उनकी जमानत का रास्ता आसान हो गया।

कहा कि दरअसल हेमंत सरकार ने अपने ही पूर्व सचिव की गिरफ्तारी का नाटकीय षडयंत्र इसलिए रचा था, ताकि ईडी की जांच प्रभावित हो सके और सबूतों को मिटाया जा सके।

कहा कि ईडी के निदेशक को जनता के हजारों करोड़ की लूट में शामिल इन भ्रष्टाचारियों पर कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई कार्रवाई करनी चाहिए।

सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले ली सच्चाई जानने भाजपा की सात सदस्यीय टीम पहुंची गोड्डा

परिजनों से मुलाकात कर घटना के संबंध में ली विस्तृत जानकारी।

प्रेसवार्ता कर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा…

सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में समिति बनाकर हो…..अर्जुन मुंडा

दोबारा पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट तैयार हो
न्याय दिलाने केलिए भाजपा आंदोलन का भी लेगी सहारा

राज्य सरकार की जांच एजेंसी पर जनता को भरोसा नहीं

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के निर्देशानुसार प्रदेश भाजपा द्वारा सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की जांच हेतु गठित सात सदस्यीय समिति ने आज गोड्डा का दौरा किया। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा,पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी,प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही,पूर्व मंत्री रणधीर सिंह,पूर्व सांसद सुनील सोरेन,पूर्व विधायक अमित मंडल और अनिता सोरेन उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा नेता लॉबिन हेंब्रम भी साथ थे।

समिति ने स्व सूर्या हांसदा के परिजनों से मुलाकात की। समिति ने उस विद्यालय का भी दौरा किया जो स्व सूर्या हांसदा के द्वारा चलाया जा रहा था। बच्चों से भी समिति के सदस्यों ने जानकारी प्राप्त की।
बाद में मीडिया से बात करते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार एवं राज्य की पुलिस पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए।

श्री मुंडा ने कहा कि स्व सूर्या हांसदा का परिवार ललमटिया क्षेत्र के पारंपरिक मांझी परिवार से आते थे।यह परिवार परंपरागत स्वशासन व्यवस्था का प्रधान है। अब उनकी माता जी इस दायित्व को निभा रही।

कहा कि इस नाते इस परिवार के द्वारा सामाजिक सांस्कृतिक दायित्वों का निर्वहन किया जाता है। स्व सूर्या हांसदा यहां के विस्थापितों की समस्याओं सहित कई सामाजिक मुद्दों को लगातार उठाते रहे थे। जिसके कारण उनके ऊपर कई मुकदमे दर्ज हुए।

कहा कि 14 मुकदमों में उनको बरी किया गया था। लेकिन इनके खिलाफ साजिश करने वाले रुके नहीं। कई घटनाओं में इनका नाम जानबूझकर साजिश के तहत जोड़ा जाता रहा है।

विगत 27 मई को जो स्व सूर्या हांसदा और मुकदमा दर्ज हुआ वह पूरी तरह झूठा था। वे उस दिन अपने बच्चे का जन्मदिन परिवार के साथ मना रहे थे।

कहा कि फर्जी केस दर्ज कर पुलिस उनको ढूंढने लगी।और बिना कोर्ट वारंट के गिरफ्तार करते हुए साजिश के तहत उन्हें मार दिया गया।

कहा कि पुलिस का बयान और आम जनता के विचार में पूरी तरह विरोधाभास है।पुलिस जिसे अपराधी बता रही उनका चरित्र समाज सेवा का रहा है। वे एक विद्यालय का सफल संचालन करते थे जिसमें लगभग 350 बच्चे पढ़ते थे। शिक्षा के माध्यम से समाज की सेवा करने वाले को राज्य पुलिस साजिश के तहत अपराधी बता रही। आखिर पढ़ाता वही है जो समाज का भविष्य गढ़ना चाहता है।

कहा कि स्व सूर्या हांसदा राजनीतिक कार्यकर्ता भी थे और लोकतांत्रिक तरीके से उन्होंने चुनाव भी लड़े थे।

कहा कि सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामला एक साजिश के तहत हत्या है ।और यह राज्य का सवाल है।

श्री मुंडा ने कहा कि सरकार के इशारे पर पोस्टमार्टम में भी गड़बड़ी की गई है। पूछने पर स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन लीपापोती करने में जुट गया है।

श्री मुंडा ने राज्य सरकार से मांग किया कि जनता और स्व सूर्या हांसदा के परिवार को राज्य सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है। इसलिए राज्य सरकार पहले दोबारा पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट तैयार करे और फिर हाइकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच समिति बनाकर घटना की निष्पक्ष जांच कराना सुनिश्चित करे।

श्री मुंडा ने स्व सूर्या हांसदा के परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार खुद को आदिवासी समाज की हितैषी मानती है,पारंपरिक व्यवस्था की हिमायती मानती है तो फिर स्पष्टीकरण दे।

कहा कि अगर राज्य सरकार इसपर पुनर्विचार नहीं करती है तो भाजपा आने वाले दिनों में न्याय दिलाने केलिए बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने श्री अमित शाह को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने श्री अमित शाह को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदरणीय श्री अमित शाह जी ने आज केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में सर्वाधिक 2258 दिवस तक कार्य करने का कीर्तिमान अपने नाम दर्ज किया है।

कहा कि पिछ्ले छह वर्षों में कर्मठता और दृढ़ निश्चयता के साथ गृह मंत्री के रूप में माननीय अमित शाह जी ने कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। इसमें आज ही के दिन 5 अगस्त को कश्मीर से अनुच्छेद 370 एवं धारा 35ए के निरस्तीकरण की ऐतिहासिक घोषणा शामिल है। उनके कार्यकाल में ही आज देश नक्सल मुक्त होने की कगार पर पहुंच गया है। ऐसी अनेकों उपलब्धियां उनके साथ जुड़ी हैं।

कहा कि वे इसी तरह माँ भारती की अहर्निश सेवा करते रहें। यशस्वी गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को झारखंड की समस्त जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भारत के यशस्वी गृह मंत्री अमित शाह की को दी बधाई।

भारत के राजनीतिक इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल के गृह मंत्री बने अमित शाह जी ….बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज अमित शाह जी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

श्री मरांडी ने कहा कि भारत के राजनीतिक इतिहास में बहुत कम नेता ऐसे हुए हैं, जिन्होंने नीतिगत परिवर्तन के साथ‑साथ ज़मीनी स्तर पर भी परिवर्तन के लिए निरन्तर कार्य किया हो। उन्हीं चंद नेताओं में से एक, हमारे माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी, आज देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गृह मंत्री बन चुके हैं।

कहा कि यह गौरवपूर्ण क्षण उसी दिन आया, जिस दिन 2019 में अमित शाह जी ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव संसद में रखा था, जिसके परिणामस्वरूप जम्मू‑कश्मीर को भारत के संविधान में पूर्ण एकात्मता के साथ जोड़ा गया और उस ऐतिहासिक बोझ से मुक्ति दिलाई गई, जिसने कश्मीर को भारत की मुख्यधारा से लंबे समय तक अलगाव में रखा था।

कहा कि उनके कार्यकाल में गृह मंत्रालय की आंतरिक सुरक्षा नीतियों ने देश की दिशा बदल दी।

कहा कि झारखंड राज्य में, जहां वर्षों से नक्सलवाद ने विकास, शिक्षा और रोज़गार के रास्तों को रोका हुआ था, वहाँ केंद्र सरकार ने गृह मंत्री जी के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन समर्पण’ के तहत एक संगठित, योजनाबद्ध और निर्णायक लड़ाई शुरू की।
झारखंड के साथ‑साथ अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहा यह अभियान आम नागरिकों में यह विश्वास लौटा रहा है कि केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

कहा कि अमित शाह जी को उनके लंबे, प्रभावशाली और निर्णायक कार्यकाल के लिए हार्दिक बधाई।
यह देश आपके नेतृत्व में और भी सशक्त और सुरक्षित बने, यही कामना है।

राज्य सरकार मदरसा से टेरेसा तक केंद्रित, विकास से कुछ भी लेना देना नहीं….नवीन जायसवाल

प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय,संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ,पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन,विधायक एवं मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल,सचेतक नागेंद्र महतो,विधायक नीरा यादव , मनोज यादव,सत्येंद्र तिवारी,आलोक चौरसिया,देवेंद्र कुंवर,अमित यादव,रोशनलाल चौधरी,उज्जवल दास,प्रदीप प्रसाद,पूर्णिमा दास
साहू,मंजू कुमारी उपस्थित रहे।

*बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पार्टी के मुख्य सचेतक ने कहा कि
राज्य सरकार मदरसा से टेरेसा तक केंद्रित, विकास से कुछ भी लेना देना नहीं….नवीन जायसवाल

मीडिया को संबोधित करते हुए पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि पार्टी के विधायक दल की बैठक में राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कहा कि हेमंत सरकार को विकास से कुछ भी लेना देना नहीं है। यह सरकार केवल नाम बदलने में विश्वास करती है। सत्ता मद में इतनी चूर है कि देश की एकता और अखंडता केलिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले महापुरुष डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और राज्य के निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम बदलकर उन्हें अपमानित कर रही।
कहा कि यह उन महा पुरुषों का अपमान नहीं बल्कि देश और राज्य का अपमान है।

कहा कि राज्य सरकार मदर टेरेसा के नाम पर कोई अन्य योजना शुरू कर सकती थी लेकिन ये सरकार तुष्टीकरण में आकंठ डूबी है। इस सरकार की विकास यात्रा की कहानी मदरसा से टेरेसा तक जारी है।
कहा कि इस माध्यम से हेमंत सरकार गांव देहात में चंगाई सभा के साथ मदर टेरेसा क्लीनिक के माध्यम से धर्मांतरण को बढ़ावा देना चाहती है।

कहा कि इसके अलावा रिम्स 2 के बहाने यह सरकार किसानों पर कहर ढाना चाहती है। आज किसान अति वृष्टि से परेशान है।फसलें सब्जी बर्बाद हो रहे, भदाई फसलें बर्बाद हो चुकी है पर सरकार निश्चिंत बैठी है।

कहा कि सीआईडी जांच के बहाने सीजीएल परीक्षा के भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश हो रही।

कहा कि मतदाता पुनरीक्षण का विरोध कर यह सरकार बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठियों का संरक्षण करते रहना चाहती है।

उन्होंने कहा कि पिछड़ों को 27% आरक्षण देने की बात करने वाली सरकार में नीयत साफ है तो निकाय चुनाव में राज्य सरकार 27% आरक्षण सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा इसके अतिरिक्त राज्य की ध्वस्त विधि व्यवस्था ,महिलाओं के साथ बढ़ते अत्याचार भी सदन में मुद्दे बनेंगे।

राज्य मे किसानों की समस्याओ से महामहिम जी को अवगत कराए

आज भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन साहू जी के नेतृत्व मे झारखंड के महामहिम श्रीमान संतोष गंगवार जी से औपचारिक मुलाकात किए । इस अवसर पर राज्य मे किसानों की समस्याओ से महामहिम जी को अवगत कराए ।

झारखंड गठन के 24 वर्ष बाद भी राज्य के किसान अपनी प्रमुख मांग को लेकर आंदोलनरत है। इसके साथ-साथ राज्य मे अतिवृष्टि से किसान की फसल बर्बाद हो रहे है । किसान त्राहिमाम – त्राहिमाम कर रहा है, आम जनता मंहगाई की मार झेल रही है । इन सबके बावजूद झारखंड सरकार मौन धारण किए हुए है।

राज्य के किसानों के प्रमुख मांगे को लेकर महामहिम जी को निम्न ज्ञापन दिए। : –

1 > अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार रुपए का मुआवज़ा राज्य सरकार दें।

2 > धान खरीद पर करोड़ो का बकाए को राज्य सरकार अविलंब किसानों को दें ।

3 > केसीसी ऋण माफी योजना की अवधि को 31 मार्च 2020 से बढ़ाकर 2025 या सरकार अपने कार्यकाल तक करें ।

4 > किसान योजना का लाभ सीधे डीबीटी माध्यम से किसानों तक मिले । बिचौलिए और ऐजेन्सी माध्यम से भ्रष्टाचार मे वृद्धि हो रहा है । इससे किसान प्रभावित हो रहे है ।
5 > मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को राज्य सरकार अविलंब लागू करें ।

6 > राज्य सरकार का कृषि बजट 2025 – 2026 ( 137757 करोड़ ) मे तेजी से विकास कार्य करें ।
7 > राज्य के लगभग 70 फीसदी आबादी कृषि कार्य करते है । फिर भी किसानों के उत्थान पर राज्य सरकार गंभीर नही है । अलग कृषि बजट से किसानों का सर्वांगीण विकास कार्य सिद्ध होगा ।

8 > राष्ट्रीय किसान आयोग के तर्ज पर झारखंड मे भी “राज्य किसान आयोग ” का गठन हो ।

9 > किसानों के बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा राज्य सरकार उपलब्ध कराए ।

10 > पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत हर खेत को पानी उपलब्ध कराए ।

11 > किसानों को बाजार मूल्य पर खाद्य और बीज उपलब्ध कराए । इसके साथ-साथ उन्नत किस्म की गुणवत्ता की जांच हो ।

12 > धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य राज्य सरकार के घटक दलो के चुनावी घोषणा-पत्र के अनुसार 2400₹ प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 3200₹ प्रति क्विंटल धान खरीद करने का वादा किया था, लेकिन मात्र 2400₹ प्रति क्विंटल ही धान खरीद पर भुगतान कर रही है। इसके साथ-साथ 60 लाख क्विंटल घान खरीद का लक्ष्य राज्य सरकार ने रखी थी, जबकि मात्र 34.7 लाख क्विंटल हीं धान की खरीद की। बाकी किसान अपने धान को बिचौलिए के माध्यम से औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हुए। इससे साफ पता चल रहा है कि हेमंत सरकार किसान विरोधी सरकार है ।

भाजपा का राज्य के सत्ताधारी गठबंधन पर बड़ा हमला…

इंडी गठबंधन बना तुष्टिकरण गठबंधन…..अजय साह

वोटबैंक की भूख में डूबा इंडी गठबंधन, न्याय और नारी गरिमा से समझौता…डिंपल के अपमान पर मौन अखिलेश, कांग्रेस आफताब के साथ

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री अजय साह ने आज इंडी गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह गठबंधन मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति में इतना डूब चुका है कि अब उसे न महिला सम्मान की चिंता है, न ही न्याय की मर्यादा की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से लेकर झारखंड तक इंडी गठबंधन के नेता वोटबैंक की राजनीति के लिए हर सीमाएं लांघ रहे हैं।

उन्होंने समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि नई दिल्ली की एक मस्जिद में राजनीतिक बैठक के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शाहबुद्दीन रिजवी ने उनके पहनावे पर बेहद अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसे बाद में मौलाना साजिद रशीदी ने और भी शर्मनाक भाषा में दोहराया। अजय साह ने सवाल उठाया कि जब एक हिंदू महिला सांसद के पारंपरिक पहनावे पर इस तरह की घिनौनी टिप्पणी की जाती है, तब अखिलेश यादव और पूरा इंडी गठबंधन मौन क्यों रहता है? क्या तुष्टिकरण की राजनीति उनके लिए महिला गरिमा से भी अधिक मूल्यवान हो चुकी है?

झारखंड के संदर्भ में अजय साह ने कहा कि कांग्रेस की वही सरकार, जो अंकिता सिंह को जिंदा जलाने पर, रूबिका पहाड़िया के पचास टुकड़े किए जाने पर और रूपेश पांडे की मॉब लिंचिंग पर चुप्पी साधे रही, आज एक दुष्कर्म के आरोपी आफताब अंसारी की मौत पर जांच कमिटी बना रही है। उन्होंने कांग्रेस के एक मंत्री पर भी तंज कसते हुए कहा कि न वह अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं, न गृह मंत्री, और न ही रामगढ़ से विधायक, लेकिन जैसे ही किसी मामले में ‘मुस्लिम’ नाम आता है, वह सबसे पहले प्रतिक्रिया देने पहुँच जाते हैं। यह मंत्री झारखंडवासियों की नहीं बल्कि सिर्फ़ एक समुदाय की चिंता करते है।

अजय साह ने तीखे शब्दों में कहा कि आज का इंडी गठबंधन एक तुष्टिकरण गठबंधन बन चुका है—जो एक समुदाय विशेष के तुष्टिकरण में न्याय, संविधान और सामाजिक संतुलन तक को कुर्बान करने पर तुला है।

मदर टेरेसा क्लीनिक के नाम पर हेमंत सरकार द्वारा धर्मांतरण बढ़ाने की तैयारी….अमर कुमार बाउरी

अटल जी जनता के दिलों में अमर,राज्य सरकार के मिटाने से नहीं मिटने वाले

मुख्यमंत्री नाम परिवर्तन से सहमत तो स्वयं करें घोषणा

अटल क्लीनिक के नाम परिवर्तन पर भाजपा नहीं बैठेगी चुप,सदन से सड़क तक होगा आंदोलन

झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता,पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने आज राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला। श्री बाउरी आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री बाउरी ने कहा कि राज्य के झुग्गी झोपड़ी ,बस्तियों में राज्य सरकार द्वारा चलने वाले अटल क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा क्लीनिक करना एक बड़ी साजिश है।

उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा का भारतीय जनता पार्टी सदा सम्मान करती है। उनकी सेवा भावना और गरीबों,कुष्ठ रोगियों केलिए की गई सेवा को भुलाया नहीं जा सकता। भारत सरकार ने उन्हें कई बड़े अलंकरणों से सम्मानित भी किया है।

उन्होंने कहा कि लेकिन यह भी सच्चाई है कि मदर टेरेसा द्वारा स्थापित संस्थान निर्मल हृदय पर बच्चा चोरी का आरोप भी लगा हुआ है। यह भी सच्चाई है कि ऐसी संस्थाएं सेवा के नाम पर लाखों गरीबों को स्वास्थ्य सुविधा,भोजन , वस्त्र ,उपलब्ध कराकर उनकी पहचान,उनके धर्म ,संस्कार को बदलने का कार्य भी किया है।

कहा कि धर्मांतरण की समस्या राज्य की एक बड़ी समस्या है जिसे मदर टेरेसा क्लीनिक के सहारे और तेज करने की साजिश राज्य सरकार द्वारा रची जा रही है।

उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने झारखंड की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अलग झारखंड राज्य का सपना भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर 2000 को साकार किया। जबकि आज राज्य के सत्ताधारी दल कांग्रेस राजद झामुमो आंदोलन को बेचने खरीदने में लगे थे। दिखावा केलिए ऑटोनोमस कॉन्सिल पर ही सहमत हो गए थे जबकि नियत साफ रहती तो वर्ष 2000 से पहले ही अलग राज्य का गठन करा सकते थे।

कहा कि झामुमो कांग्रेस राजद की नियत कभी साफ नहीं रही। अलग झारखंड राज्य का नक्शा भी भाजपा के वनांचल राज्य का नक्शा है जो अटल जी की देन है।

कहा कि अटल जी झारखंड के कण कण में बसे हैं।और तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास जी ने अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अटल मोहल्ला क्लीनिक की स्थापना की थी।जिसे हेमंत सरकार ने बदल कर मदर टेरेसा क्लीनिक करने का निर्णय लिया है।

कहा कि हेमंत सरकार को बताना चाहिए कि मदर टेरेसा का झारखंड में क्या योगदान है। विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन में झारखंड से बाहर का उदाहरण देने वाली सरकार को मदर टेरेसा कैसे झारखंड की दिखने लगी।

कहा कि यह नाम परिवर्तन स्वास्थ्य सेवा को ठीक करने केलिए नहीं बल्कि स्वास्थ्य की आड़ में धर्मांतरण को बढ़ावा देने केलिए सरकारी संरक्षण है।

उन्होंने कहा कि यह आशंका है कि आनेवाले दिनों में हेमंत सरकार मदर टेरेसा क्लीनिक को स्वंयसेवी संस्थाओं के माध्यम से चलाने का निर्णय करेगी जिसमें धर्मांतरण कराने वाली संस्थाएं शामिल होंगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी सरकार के मुखिया हैं।और यदि राज्य सरकार का यह निर्णय उचित है तो वे सार्वजनिक तौर पर मीडिया के माध्यम से नाम परिवर्तन पर अपनी सहमति व्यक्त करें।

श्री बाउरी ने कहा कि भाजपा इस साजिश को कामयाब नहीं होने देगी।एक सशक्त विपक्ष के नाते पार्टी सदन से सड़क तक कड़ा विरोध करेगी।

प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक,प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह उपस्थित थे।

झारखंड और आदिवासी अस्मिता को श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने ही पहचान दिया……बाबूलाल मरांडी

राजनीति के निम्न स्तर पर उतरी हेमंत सरकार,अटल जी के योगदान को कर रही अनदेखा

नाम बदलने से ज्यादा जरूरी है स्वास्थ्य व्यवस्था में बुनियादी सुधार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार द्वारा अटल मोहल्ला क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा के नाम पर किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

श्री मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से यह पूछा है कि इसे कृतघ्नता कहा जाए या नैतिक पतन, कि राज्य सरकार ने मोहल्ला क्लिनिक के नाम से अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम हटाने का निर्णय लिया है?

कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में वाजपेयी जी का योगदान किसी परिचय का मोहताज नहीं है।
1999 में अटल जी ने झारखंड की धरती से जनता से वादा किया था कि यदि केंद्र में उनकी सरकार बनी, तो झारखंड के लोगों को एक अलग राज्य का उपहार दिया जाएगा और जैसे ही उनकी सरकार बनी, उन्होंने अपना यह वादा निभाया।

कहा कि झारखंडवासियों को उनका अधिकार दिलाने में और आदिवासी अस्मिता को अलग पहचान देने में अटल जी के अटल इरादों की निर्णायक भूमिका रही है।लेकिन हेमंत सरकार ने राजनीति के निम्नतम स्तर को छूते हुए उनके योगदान को अनदेखा कर दिया।

कहा कि क्या सरकार यह स्पष्ट कर सकती है कि कैबिनेट के इस निर्णय से स्वास्थ्य व्यवस्था में वास्तविक सुधार होगा?एम्बुलेंस समय पर पहुँचने लगेगी?क्लिनिक में बेहतर इलाज उपलब्ध होगा?

कहा कि यदि सरकार को वास्तव में मदर टेरेसा का सम्मान करना था, तो उनके नाम पर कोई नई योजना लाती, ऐसी योजना जो मरीज़ों को सहारा और सेवा प्रदान करती, जो स्वयं मदर टेरेसा के जीवन का उद्देश्य था। किन्तु ऐसा न कर सरकार ने यहाँ भी केवल राजनीतिक हित साधने का प्रयास किया है।

कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी बदहाल है कि गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस न मिलने के कारण रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ रहा है। वृद्ध महिलाओं को खाट पर अस्पताल ले जाया जा रहा है, और शवों को ले जाने तक के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं है।परन्तु इन बुनियादी समस्याओं को दूर करने के बजाय, सरकार नाम बदलने में व्यस्त है।

अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदलने पर भाजपा का कड़ा ऐतराज़

नाम बदल बदल कर हर रोज़ नए नए विवाद खड़ा कर रही है राज्य सरकार: अजय साह

झारखंड निर्माता श्रद्धेय अटल जी का अपमान झारखंड की जनता बर्दास्त नहीं करेगी

भारतीय जनता पार्टी ने अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदलकर “मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक” रखने के हेमंत सरकार के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इस निर्णय को तुच्छ मानसिकता और विकृत राजनीतिक सोच का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जब भी झारखंड में विकास की दिशा में कोई सकारात्मक पहल होती है, झामुमो सरकार उसे नकारात्मक विवादों में बदलने का प्रयास करती है।

अजय साह ने कहा कि आयुष्मान भारत और अटल मोहल्ला क्लिनिक जैसी योजनाएं भाजपा की क्रांतिकारी सोच की देन हैं, जिन्होंने गरीबों और आम लोगों के स्वास्थ्य अधिकारों को सशक्त किया। लेकिन हेमंत सरकार इन योजनाओं को अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए अपमानित और विकृत कर रही है।उन्होंने आगे कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी झारखंड राज्य के निर्माता रहे हैं, और उनका नाम झारखंड के जन-जन की स्मृतियों से जुड़ा है। अटल जी का नाम हटाकर राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति करना केवल एक भारतरत्न का नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की आत्मा का अपमान है।

अजय साह ने सरकार को सुझाव दिया कि यदि वह कोई नई स्वास्थ्य योजना शुरू करना चाहती है तो उसमें नए नामकरण की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन पहले से स्थापित और लोकप्रिय योजनाओं का नाम बदलकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा करना ओछी और दुर्भाग्यपूर्ण प्रवृत्ति है। उन्होंने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब हेमंत सरकार ने महान राष्ट्रनायकों का अपमान करने की कोशिश की हो।

अजय ने अंत में कहा कि हेमंत सरकार की राजनीति का मूल उद्देश्य जनहित नहीं, बल्कि जनभावनाओं को आहत कर जनता का ध्यान भटकाना है। उन्होंने इसे घोटालों में घिरी सरकार की एक सोची-समझी रणनीति बताया, जो जनमुद्दों से भागने के लिए रोज़ नए विवाद पैदा कर रही है।

लातेहार स्कूल में यौन हिंसा को लेकर भाजपा का राज्य सरकार पर तीखा हमला…“

राज्य में पॉक्सो कोर्ट का काम भी अफसर ही कर रहे– अजय साह

हाई कोर्ट के “जुवेनाइल जस्टिस कम पॉक्सो कमिटी” की निगरानी में हो जांच

दोषी पदाधिकारियों पर पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत हो मामला दर्ज

लातेहार जिले के एक मिशनरी स्कूल में सामने आए मास लेवल के यौन अपराध के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है।

आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि राज्य के वरिष्ठ पदाधिकारी, विशेष रूप से शिक्षा सचिव और जिला प्रशासन, पूरे प्रकरण को दबाने और लीपापोती करने का प्रयास कर रहे हैं।

अजय साह ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो एक्ट की धारा 19 और 21 के अनुसार, यदि किसी नाबालिग के साथ यौन अपराध की जानकारी किसी को भी होती है तो उसे लिखित रूप में पुलिस को सूचित करना अनिवार्य है। साथ ही, पुलिस को यह मामला 24 घंटे के भीतर सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) और पॉक्सो कोर्ट में दर्ज करना होता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ‘शंकर किसनराव खाडे बनाम महाराष्ट्र राज्य’ मामले का हवाला देते हुए कहा कि यदि यौन हिंसा की जानकारी होने के बावजूद लिखित सूचना नहीं दी जाती है तो संबंधित व्यक्ति पर पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत आपराधिक मामला बनता है।

अजय ने प्रेस वार्ता के दौरान एक ऑडियो क्लिप सुनाते हुए कहा कि छात्राओं ने साफ तौर पर आरोप लगाए हैं कि स्कूल के एक फादर द्वारा पिछले दो वर्षों से यौन अपराध किया जा रहा है, वह भी एक से अधिक छात्राओं के साथ। इसके बावजूद अब तक पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं किया गया है, जो कानून की खुली अवहेलना है।

उन्होंने तीखे सवाल उठाते हुए कहा –क्या अब झारखंड में पॉक्सो कोर्ट का काम भी अधिकारी करेंगे? पॉक्सो एक्ट की किस धारा के तहत शिक्षा सचिव या अन्य अफसर जांच और निर्णय का अधिकार रखते हैं? क्यों एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पॉक्सो कोर्ट में मामला दर्ज नहीं हुआ?

प्रदेश प्रवक्ता ने मांग किया कि इस गंभीर यौन हिंसा के मामले में तत्काल पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाए. इसके अलावा झारखंड हाई कोर्ट के “जुवेनाइल जस्टिस कम पॉक्सो कमिटी” की निगरानी में पूरे प्रकरण की जांच हो.

कहा कि जो भी पदाधिकारी मामले को दबाने में संलिप्त पाए जाएं, उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 21 और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ काम कर रही हेमंत सरकार…..बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष ने आज हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि “झारखंड सरकार संविधान पर हमला कर रही है और रूल ऑफ़ लॉ का गला घोट रही है।” ये वक्तव्य झारखंड हाईकोर्ट का है।हाईकोर्ट ने 4 जनवरी 2025 को अधिसूचना जारी करके सरकार को नगर निकाय चुनाव तीन हफ़्ते के भीतर कराने का निर्देश दिया था आज 19 जुलाई है, ना चुनाव करवाये गये ना ही कोर्ट से माँगे गये चार माह के समय में चुनाव की कोई तैयारियाँ की गई।

कहा कि इस तरह हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करना दिखाता है कि हेमंत सरकार न्यायपालिका का कितना सम्मान करती है। जब कोर्ट ने वापस इस मुद्दे पर सरकार से जवाब माँगा तो बहाना दिया गया कि राज्य निर्वाचन आयोग की नियुक्ति नहीं की गई है।

कहा कि नगर निकाय हो या महिला आयोग या फिर जेपीएससी हेमंत सरकार ने अध्यक्ष की नियुक्ति करने में आनाकानी के अलावा आज तक कुछ नहीं किया क्योंकि माननीय मुख्यमंत्री लोकतंत्र और संविधान के हर संस्थान को अपने अधीन रखकर उसे नियंत्रित करना चाहते हैं।

कहा कि हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि स्थानीय निकायों को प्रशासक के भरोसे चलाना लोकतंत्र की आत्मा के ख़िलाफ़ है, ऐसी व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकती। लेकिन लोकतंत्र की आत्मा के ख़िलाफ़ यह सरकार का कोई पहला काम नहीं है, डीजीपी की नियुक्ति से लेकर स्थानीय निकायों में चुनाव कराने तक सरकार ने संविधान के नियमों के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें तोड़ मरोड़ कर अपने राजनीतिक हित के लिए प्रयोग किया है।

कहा कि हेमंत सरकार ने हर संवैधानिक संस्था को मृतप्राय कर देने का षड्यंत्र रचा है ताकि सरकार द्वारा किए जा रहे अन्याय व अत्याचार के विरुद्ध आवाज़ उठाने की कोई संभावना ही ना रहे।लेकिन सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, इस तानाशाही का अंत निश्चित है।

कहा कि इंदिरा गांधी ने भी संविधान की हत्या और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नियंत्रित करने का प्रयास किया था, परंतु उस आपातकाल के काले अध्याय का अंत कैसा हुआ, हेमंत सरकार को याद रखना चाहिए।

भाजपा का झारखंड सरकार पर तीखा प्रहार: “स्वच्छता सर्वेक्षण में गिरावट, 74वां संविधान संशोधन बना मज़ाक”

हेमंत सरकार मंत्रीगण के बंगले चमकाने में व्यस्त, राजधानी की सफाई भगवान भरोसे… अधिकारी लूट-खसोट में मशगूल

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में झारखंड के बेहद खराब प्रदर्शन और राजधानी रांची की गिरती रैंकिंग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि इस शर्मनाक स्थिति की जिम्मेदारी पूरी तरह हेमंत सरकार की है, जो ना सिर्फ शहरी शासन के प्रति असंवेदनशील है, बल्कि संविधान की मूल भावना का भी उल्लंघन कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान का 74वां संशोधन शहरी निकायों में लोकतांत्रिक शासन की व्यवस्था सुनिश्चित करता है, लेकिन झारखंड सरकार पिछले पाँच वर्षों से नगर निकाय चुनाव कराने में विफल रही है। नतीजतन राज्य के सभी नगर निकाय सिर्फ अधिकारियों के हवाले हैं, जिन पर कोई जनप्रतिनिधि नियंत्रण नहीं रखता।

साह ने कहा कि जब व्यवस्था में जवाबदेही नहीं होती, तो भ्रष्टाचार अपने आप पनपता है। झारखंड में वही हो रहा है, सरकार के सरंक्षण में अधिकारियों की मिलीभगत से नगर निकाय भ्रष्टाचार के अड्डे में तब्दील हो चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार जहाँ स्वच्छ भारत मिशन जैसी ऐतिहासिक पहल को जन-आंदोलन बना रही है, वहीं राज्य सरकार ने ‘भ्रष्टाचार मिशन’ को ही नीति बना लिया है।

प्रदेश प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को दरकिनार कर, मंत्रियों के लिए दो-दो आलीशान बंगलों के सौंदर्यीकरण में व्यस्त है, जबकि राजधानी रांची की गलियाँ कचरे के ढेर में तब्दील होती जा रही हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि हाईकोर्ट द्वारा बार-बार संज्ञान लेने और निर्देश देने के बावजूद अब तक निकाय चुनाव क्यों नहीं कराए गए? जब बाकी राज्यों में समय पर चुनाव हो सकते हैं, तो झारखंड में रुकावट क्यों?

अंत में भाजपा ने स्पष्ट मांग की कि राज्य सरकार तत्काल नगर निकाय चुनावों की घोषणा करे और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था बहाल करे, ताकि झारखंड विकास, पारदर्शिता और स्वच्छता की पटरी पर लौट सके।

झामुमो की गिद्ध राजनीति पर भाजपा का करारा हमला: “झारखंड को तबाह कर अब दूसरे राज्यों में झाँक रहा है झामुमो”

झारखंड में शोषण पर मौन, ओडिशा पर शोर: झामुमो की अवसरवादी राजनीति!

झामुमो की प्रेस वार्ता पर भाजपा ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उसे “गिद्ध राजनीति” का जघन्य उदाहरण करार दिया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि झामुमो अब अपनी नैतिकता और संवेदनशीलता दोनों खो चुका है और चुनिंदा घटनाओं पर शर्मनाक ढंग से सियासी रोटियाँ सेंकने में जुट गया है।

अजय साह ने दो टूक कहा कि झामुमो अब “घिनौनी सेलेक्टिव पॉलिटिक्स” पर उतर चुका है, जहाँ पार्टी की आंखें और ज़ुबान तब बंद रहती हैं जब अपराधी उनके गठबंधन से होते हैं, लेकिन जैसे ही भाजपा शासित राज्य में कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटती है, वे गिद्ध की तरह मौके पर राजनीति करने आ धमकते हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि कोलकाता के आर.जे. कर मेडिकल कॉलेज में जब छात्र बलात्कार की घटना के बाद आंदोलित थे, तब झामुमो की पूरी लीडरशिप चुप थी। और जब कोलकाता लॉ कॉलेज में इंडी गठबंधन के छात्र नेता पर गैंगरेप का गंभीर आरोप लगा, तब भी झामुमो ने एक शब्द नहीं बोला। अजय साह ने तंज कसते हुए कहा, “क्या झामुमो के लिए अपराध की गंभीरता अपराधी की पार्टी पहचान देखकर तय होती है?”

भाजपा प्रवक्ता ने झामुमो की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर करारा वार करते हुए कहा कि जो पार्टी झारखंड को बर्बाद कर चुकी है, वह अब उन राज्यों की घटनाओं पर सियासत करने में लगी है जहाँ उसकी कोई जवाबदेही नहीं है। उन्होंने कहा कि पलामू के शेल्टर होम में नाबालिग लड़की ने खुलेआम आरोप लगाया कि एक अधिकारी उसे ‘ख़ुश करने’ का दबाव बना रहा था, लेकिन पूरा सरकारी सिस्टम उस अधिकारी को बचाने में जुट गया।

लातेहार स्कूल में हुई यौन शोषण की घटना को लेकर भी भाजपा ने सरकार पर जमकर हमला बोला। साह ने कहा कि तीन दिन बीतने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा देने वाली पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। राज्य महिला आयोग का गठन तक नहीं हुआ है, CWC जैसी संस्थाएं कागज़ों पर हैं और महिला थाने सिर्फ नेमप्लेट की शोभा बन चुकी हैं।

अजय साह ने साफ किया कि भाजपा ओडिशा की घटना को लेकर किसी भी आरोपी को बख्शने के मूड में नहीं है, और सबसे सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। परंतु उन्होंने झामुमो को आईना दिखाते हुए कहा कि पहले उस राज्य की जिम्मेदारी निभाएं जहाँ की जनता ने उन्हें वोट देकर सत्ता सौंपी है, फिर दूसरों को नसीहत दें।

झारखंड में स्कूली बच्चों की साइकिल भी चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट…..बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार में चौतरफा भ्रष्टाचार व्याप्त है। स्कूली छात्रों को दी जाने वाली साइकिल भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।

कहा कि कल्याण विभाग द्वारा सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को कबाड़ साइकिलें वितरित की जा रही हैं।साइकिलें या तो पहले से पंचर थीं, या उनके टायर-ट्यूब ही फटे हुए थे। कुछ के हैंडल ढीले तो कुछ की चेन जाम। मजबूरन बच्चे साइकिलें कंधे पर ढोते या हाथ में थामे पैदल लौटे।

कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि हर बच्चों की योजनाएं तक इससे अछूती नहीं रही।

श्री मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खराब हो चुकी सारी साइकिलें वापस लेकर बच्चों को अच्छी गुणवत्ता वाली साइकिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

गुरु ईश्वर भक्ति और राष्ट्रभक्ति के मार्गदर्शक…..बाबूलाल मरांडी

प्रदेश भाजपा ने आज राज्य भर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु पूजन कार्यक्रम आयोजित किया। राज्य के सभी जिलों,मंडलों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं,पदाधिकारियों ,कार्यकर्ताओं ने मठ ,मंदिर ,आश्रमों में जाकर गुरु जनों,पुजारी ,पाहन गण का सम्मान किया और राज्य की उन्नति केलिए आशीर्वाद मांगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गुरु शिष्य परम्परा भारत की सनातन परम्परा है। हमारे धर्म शास्त्रों ने गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा बताया है।क्योंकि गुरु ही है जो सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए ईश्वर से साक्षात्कार का मार्ग प्रशस्त करता है।

कहा कि मनुष्य केवल निजी सुख से खुशी नहीं हो सकता।मनुष्य में सामाजिकता ,राष्ट्रीयता का भाव ही जीवन को पूर्णता प्रदान करता है।

कहा कि सनातन परम्परा में गुरु व्यक्ति को ईश्वर भक्ति और राष्ट्रभक्ति दिनों से जोड़ता है।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जनजाति समाज के अगुआ और आध्यात्मिक पथ प्रदर्शक पाहनो को सम्मानित करते हुए कहा कि इनके प्रयासों से ही जनजाति संस्कृति आज सुरक्षित है।उन्होंने इस समाज को अपनी पहचान और परंपरा से काटने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने योगदा आश्रम में संन्यासियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया।
श्री सिंह ने कहा कि अनादि काल से आध्यात्मिक गुरु राष्ट्र के जनजागरण के अगुआ हैं। संतों ,महापुरुषों संन्यासियों ने करोड़ों परिवार में संस्कारों को भरा है। आज पूरा विश्व सनातन संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहा।

कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय ने कहा कि सनातन संस्कृति गुरुओं के माध्यम से संस्कार के साथ और सेवा भाव मजबूत हो रहे। आज देश में लाखों सेवाभावी संस्थाएं जनकल्याण के विभिन्न कार्यों में जुटी हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा हमें समर्पण की शिक्षा देता है। यह समर्पण भाव समाज के सभी क्षेत्रों में गुरुजनों के माध्यम से निरंतर आगे बढ़ रहा है।

आज के सम्मान का कार्यक्रम प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम ,बालमुकुंद सहाय, राकेश प्रसाद,महामंत्री मनोज सिंह,महानगर अध्यक्ष वरुण साहू आदि शामिल रहे।

झामुमो अपनी असफलता छुपाने के लिए केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रही है – प्रतुल शाह देव

आंकड़े बताते हैं कि केंद्र सरकार ने झारखंड को पूरी मदद की है

विकास योजनाओं को हेमंत सरकार ने भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अपनी 6 वर्षों की सबसे असफल सरकार की विफलताओं को छुपाने के लिए केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रही है।प्रतुल ने कहा कि झारखंड का केंद्र सरकार ने झारखंड को 2024-25 के केंद्रीय बजट में रेलवे परियोजनाओं के लिए ₹9,853 करोड़ आवंटित किए हैं, जिसमें अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची, हटिया, और अन्य स्टेशनों का आधुनिकीकरण शामिल है। खनन क्षेत्र में रॉयल्टी और जीएसटी के माध्यम से झारखंड को उसका उचित हिस्सा मिल रहा है।जल जीवन मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण झारखंड सरकार ने इस योजना को लूट की भेट चढ़ा दी है। ये योजना अभी भी राष्ट्रीय औसत में सबसे नीचे है जो शर्मनाक है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 10,000 किमी से अधिक ग्रामीण सड़कें बनाई गई हैं। केंद्र सरकार की डीएमएफटी योजना के तहत झारखंड को खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए 2024 तक ₹12,000 करोड़ से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।प्रतुल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2024-25 में मनरेगा के लिए ₹86,000 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जिसमें झारखंड को उसकी मांग के अनुसार राशि दी जा रही है। झारखंड में मनरेगा कार्यों में देरी और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई हैं, जिसके लिए हेमंत सरकार जिम्मेवार है। 2024-25 में जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने झारखंड के लिए ₹1,200 करोड़ से अधिक का आवंटन किया है। यदि राशि का उपयोग नहीं हो रहा, तो यह राज्य सरकार की प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाता है।15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड को 2021-26 के लिए ₹31,000 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है

एक तरफ पैसे की मांग,दूसरी तरफ वित्त मंत्री की स्वीकारोक्ति की विभाग पैसा खर्च नहीं कर रहे

झामुमो को केंद्र पर आरोप लगाने से पहले अपनी सरकार की विफलताओं पर ध्यान देना चाहिए।वित्त मंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के 3 महीने बीत जाने के बाद भी अनेक विभागों में खर्च शून्य है जिसमें कृषि जैसा महत्वपूर्ण विभाग शामिल है।पिछले महीने ही कैबिनेट की बैठक के दौरान लंबे समय तक बिजली का कटना हेमंत सरकार की सच्चाई से अवगत कराती है।

पूर्णिया की घटना अत्यंत दुखद

प्रतुल ने कहा कि पूर्णिया की घटना अत्यंत दुखद है। बिहार सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। बिहार पुलिस ने इस मामले में तुरंत FIR दर्ज की और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। एनसीरबी के आंकड़ों के अनुसार बिहार में अपराध दर 2012-14 (यूपीए शासनकाल) की तुलना में 2024 में 30% कम हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के शासनकाल में पिछले साढे पांच वर्षों में 8000 से ज्यादा बलात्कार की घटना हुई है जिसमें लगभग एक तिहाई घटनाएं में आदिवासी बेटियां शिकार हुई है।यह आंकड़ा आबुआ सरकार की पोल खोलने के लिए काफी है।

“हेमंत सरकार में टेंडर घोटाला चरम पर,गृह विभाग में बड़ा नेक्सस सक्रिय”…..अजय साह

घोटालों की हो सीबीआई जांच

गृह विभाग में तीन कंपनियों का खेल: भाजपा ने खोली झारखंड
टेंडर घोटाले की पोल

झारखंड में टेंडर घोटाले की कई परतें, मुख्यमंत्री के अधीन गृह विभाग पर भाजपा का संगीन आरोप

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने झारखंड सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब देशभर में शासन व्यवस्था में सुधार और नवाचार हो रहे हैं, तब हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार के नए-नए तरीके ईजाद किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टेंडर सेटिंग को लेकर बड़े पैमाने पर खेल हो रहा है। जहाँ एक मंत्री पहले से ही टेंडर कमीशन घोटाले में जेल में है, वहीं अब एक और टेंडर घोटाले का सामने आना चौंकाने वाला और हैरान करने वाला है।

अजय ने आरोप लगाया कि पिछले पाँच वर्षों से गृह विभाग में बड़े पैमाने पर टेंडर घोटाले हो रहे हैं और सरकार ने एक संगठित सिंडिकेट को पनपने का खुला मौका दिया है। उन्होंने बताया कि पहले से मिलीभगत रखने वाली कंपनियों को तकनीकी रूप से योग्य घोषित किया जाता है और फिर एक तयशुदा गिरोह को मनमाने दर पर ठेके दिए जाते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि टेंडर संख्या JEM/2022/B/2317532 में 23 में से 20 कंपनियों को तकनीकी कारणों से बाहर कर दिया गया।

अजय ने खुलासा किया कि जाँच के दौरान यह सामने आया कि टेंडर GEM/2022/B/2498791 सहित कई मामलों में तीन ही कंपनियों को टेंडर दिए जा रहे हैं — कोलकाता की जे.सी. माइकल, पटना की अरिहंत कॉर्पोरेशन और दिल्ली की लाइफलाइन सिक्योरिटी। इन तीनों कंपनियों के डायरेक्टर या पार्टनर आपस में जुड़े हुए हैं। जे.सी. माइकल के डायरेक्टर चिराग जैन हैं, जो अरिहंत ट्रेडिंग के भी प्रोप्राइटर हैं। वहीं जितेंद्र कोचर जे.सी. माइकल और लाइफलाइन सिक्योरिटी दोनों के डायरेक्टर हैं। इससे स्पष्ट है कि गृह विभाग और ठेकेदारों के बीच एक गहरा गठजोड़ बना हुआ है, और यह केवल गठजोड़ नहीं बल्कि आपराधिक आचरण का मामला है।

अजय ने कहा कि GeM (Government e-Marketplace) के नियमों के अनुसार एक ही व्यक्ति दो अलग-अलग फर्म बनाकर टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकता। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन और एक अपराध है। हैरानी की बात यह है कि जो विभाग पूरे राज्य की निगरानी करता है, उसी में यह घोटाला हो रहा है और पकड़ में नहीं आ रहा। अजय ने जोर देकर कहा कि चूंकि गृह विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आता है, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब इसकी जाँच सीबीआई या अदालत की निगरानी में कराई जाए।

रामगढ़ करमा प्रोजेक्ट में हुई दर्दनाक मौत केलिए हेमंत सरकार जिम्मेवार……बाबूलाल मरांडी

यह हादसा नहीं हत्या है

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि रामगढ़ के करमा प्रोजेक्ट में हुए दर्दनाक हादसे की ख़बर सुनकर मन अत्यंत व्यथित और आक्रोशित है। कोयले की अवैध खदान में हमारे कई श्रमिक भाइयों के दबे होने की आशंका है। मैं ईश्वर से उनकी सलामती की प्रार्थना करता हूँ और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।

कहा कि लेकिन यह कोई हादसा नहीं, यह हत्या है! यह हत्या उस भ्रष्ट और निकम्मी सरकार की लापरवाही से हुई है, जो दिन के उजाले में चल रहे इस अवैध कारोबार से अपनी आँखें मूँदे बैठी है।कब तक झारखंड के गरीब यूँ ही अपनी जान गँवाते रहेंगे?

कहा कि रामगढ़ हो या धनबाद, हज़ारीबाग़ हो या बोकारो, चौतरफ़ा मौत का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है और राज्य सरकार दावा करती है कि उसे कुछ पता नहीं!जबकि हर एक जान की ज़िम्मेदार यह राज्य सरकार है।

कहा कि यह अपराध किसके संरक्षण में हो रहा है, यह किसी से छुपा नहीं है। यह पूरी तरह से पुलिस और सरकारी संरक्षण में हो रहा है। जब राज्य को ही एक अवैध डीजीपी चला रहे हों, तो फिर किससे क्या ही पूछना?

कहा कि सीसीएल ने खदान बंद कर दी, लेकिन राज्य सरकार के नाक के नीचे माफिया ने उसे फिर से शुरू कर दिया। यह सरकार की नाकामी नहीं, तो और क्या है?

श्री मरांडी ने इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग करते हुए कहा कि यह मौत का सिलसिला अब बंद होना चाहिए। इस सरकार को हर एक जान का हिसाब देना होगा!

संथाल परगना को बंगाल बनाना चाहता है झामुमो….आदित्य साहू

अपनी खिसकती जमीन, पार्टी के खिलाफ बढ़ते आक्रोश से हताश और निराश है झामुमो

सत्तामद में शहीद सिदो कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू भी झामुमो को प्यादा दिखते हैं

झामुमो बताए …गाय बथान,गोपीनाथपुर का प्रोड्यूसर ,डायरेक्टर कौन है?

भाजपा प्रदेश महामंत्री एवम सांसद आदित्य साहू ने आज झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि झामुमो पूरे संथाल परगना को पश्चिम बंगाल की तरह तुष्टीकरण में बर्बाद करना चाहती है। आज संथाल समाज झामुमो के चाल चरित्र को समझ चुका है। अपनी खिसकती जमीन और राज्य सरकार सके खिलाफ बढ़ते आक्रोश से झामुमो हताश और निराश है।

कहा कि जिन शहीदों के नाम पर राजकीय महोत्सव की बात झामुमो कर रही क्या उसमें शहीद के वंशज का कोई सम्मान नहीं होना चाहिए। क्या शहीद के वंशज अपने पूर्वज की पूजा नहीं कर सकते।

कहा कि ये कैसी तानाशाही चला रही हेमंत सरकार जिसमें शहीदों के वंशजों पर लाठियां बरसाई जाए, आंसू गैस के गोले छोड़े जाएं।

कहा कि झामुमो अपने कु कृत्यों के बदले माफी न मांग कर उल्टे घटना को सही ठहराने की कोशिश कर रही है।

कहा कि झामुमो सत्ता मद में डूब चुकी है।मानसिक दिवालिया पन ऐसा कि उसे सिदो कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू प्यादा दिखाई देने लगे।

कहा कि झामुमो बताए रामेश्वर मुर्मू कि हत्या के प्रोड्यूसर डायरेक्टर कौन है,कि गोपीनाथ पुर, गाय बथान में आदिवासी परिवारों के साथ घटी घटना के प्रोड्यूसर डायरेक्टर कौन हैं? बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठियों के हाथों आदिवासी समाज की छिनती जमीन का प्रोड्यूसर डायरेक्टर कौन है?

कहा कि बढ़ते लव जिहाद,लैंड जिहाद का प्रोड्यूसर डायरेक्टर कौन है?
कहा कि झामुमो बताए किसके संरक्षण में घुसपैठियों के आधार कार्ड,राशन कार्ड,वोटर कार्ड धड़ल्ले से बनाए जा रहे।

कहा कि बंगाल में झामुमो को हूल दिवस मनाने की स्वीकृति ममता बनर्जी सरकार द्वारा नहीं दिए जाने की बात बड़े गर्व से प्रेसवार्ता में बताने वाले झामुमो नेता बताएं कि वे झारखंड को अपमानित होते क्यों देखते रहे,क्यों उनकी हिम्मत ममता बनर्जी के खिलाफ बोलने की नहीं हुई?

कहा कि झारखंड का गठन भाजपा की कोख से हुआ है।भाजपा झारखंड को बर्बाद होते नहीं देख सकती।

कहा कि भाजपा हेमंत सरकार के खिलाफ उठे जनाक्रोश को दिशा देगी। संथाल परगना झामुमो की जागीर नहीं है।

बेरोजगार युवाओं के प्रति संवेदनहीन है हेमंत सरकार….बाबूलाल मरांडी

हेमंत सरकार पार्ट 2 के छः माह बाद भी उत्पाद सिपाही की लिखित परीक्षा ठंडे बस्ते में

उत्पाद सिपाही दौड़ में हुई थी युवाओं की मौत

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने युवाओं के सवालों पर हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्य सरकार ने उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ आयोजित कराई थी। सरकार के कुव्यवस्था और हठधर्मिता के कारण कई युवाओं की मौत होने लगी, लेकिन सरकार ने दौड़ को नहीं रोका जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ता ही चला गया।

कहा कि युवाओं को उम्मीद थी कि सरकार जल्द लिखित परीक्षा लेगी, लेकिन हेमंत सरकार गठन के 6 माह बीत जाने के बाद भी लिखित परीक्षा न होने के कारण अबतक उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया पर संशय बना हुआ है।

कहा कि झारखंड के युवा हेमंत सरकार की राजनीति के सबसे आसान शिकार हैं। साधन संपन्न धनाढ्य परिवार में जन्म लेने के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने अपने युवावस्था में साधारण युवकों के संघर्ष को महसूस नहीं किया है। इसलिए उनकी शासन पद्धति में भी युवाओं के प्रति संवेदनहीनता नज़र आती है।

कहा कि हेमंत जी सारी शर्म हया त्यागकर युवाओं के मुद्दे से बेपरवाह नज़र आते हैं। जब भी युवाओं द्वारा नौकरी की मांग की जाती है तो परीक्षा कैलेंडर का झुनझुना थमा दिया जाता है।

कहा कि आज झारखंड में युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो चुका है। न कोई ठोस नियोजन नीति, न पारदर्शी परीक्षा, न ससमय रिजल्ट… युवाओं को मिलता है तो सिर्फ फर्ज़ी आश्वासन!

बेरोजगार युवाओं के प्रति संवेदनहीन है हेमंत सरकार….बाबूलाल मरांडी

हेमंत सरकार पार्ट 2 के छः माह बाद भी उत्पाद सिपाही की लिखित परीक्षा ठंडे बस्ते में

उत्पाद सिपाही दौड़ में हुई थी युवाओं की मौत

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने युवाओं के सवालों पर हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्य सरकार ने उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ आयोजित कराई थी। सरकार के कुव्यवस्था और हठधर्मिता के कारण कई युवाओं की मौत होने लगी, लेकिन सरकार ने दौड़ को नहीं रोका जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ता ही चला गया।

कहा कि युवाओं को उम्मीद थी कि सरकार जल्द लिखित परीक्षा लेगी, लेकिन हेमंत सरकार गठन के 6 माह बीत जाने के बाद भी लिखित परीक्षा न होने के कारण अबतक उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया पर संशय बना हुआ है।

कहा कि झारखंड के युवा हेमंत सरकार की राजनीति के सबसे आसान शिकार हैं। साधन संपन्न धनाढ्य परिवार में जन्म लेने के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने अपने युवावस्था में साधारण युवकों के संघर्ष को महसूस नहीं किया है। इसलिए उनकी शासन पद्धति में भी युवाओं के प्रति संवेदनहीनता नज़र आती है।

कहा कि हेमंत जी सारी शर्म हया त्यागकर युवाओं के मुद्दे से बेपरवाह नज़र आते हैं। जब भी युवाओं द्वारा नौकरी की मांग की जाती है तो परीक्षा कैलेंडर का झुनझुना थमा दिया जाता है।

कहा कि आज झारखंड में युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो चुका है। न कोई ठोस नियोजन नीति, न पारदर्शी परीक्षा, न ससमय रिजल्ट… युवाओं को मिलता है तो सिर्फ फर्ज़ी आश्वासन!

आदिवासियों की सबसे ज्यादा विरोधी कांग्रेस पार्टी रही है – प्रतुल शाह देव

जिनका आदिवासियों पर जुल्म करने का इतिहास रहा हो,वे घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कांग्रेस पार्टी पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाया। प्रतुल ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम नेता वर्तमान में आदिवासियों के हितों के लिए आंसू बहाने का नाटक कर रहे है।जबकि इनका इतिहास आदिवासियों पर अत्याचार से भरा हुआ है।

प्रतुल ने कहा कि सरायकेला खरसावां गोली कांड में हजारों आदिवासियों को गोली मार दिया गया था। गुआ गोली कांड में झारखंड आंदोलनकरियों को थाने के हाजत से बाहर निकालकर गोली मार दी गई थी। दोनों समय कांग्रेस की ही सरकार प्रदेश में थी। मामले को रफा दफा कर दिया गया।प्रतुल ने कहा कि झारखंड आंदोलन की सबसे बड़ी विरोधी कांग्रेस पार्टी ही रही थी। आंदोलनकारी पर जुल्म ढाया गया था।कांग्रेस ने आजादी के बाद से इस मांग को लंबे समय तक लटका कर रखा। आवश्यकता पड़ने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसदों को खरीद भी लिया लेकिन अलग राज्य नहीं दिया था।

देश की प्रथम आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ कांग्रेस ने वोट किया था

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जब देश को पहली बार एक आदिवासी राष्ट्रपति मिलने वाली थी तो कांग्रेस ने पूरे देश में द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ वोटिंग की थी। कांग्रेस ने अपने अधिकांश सहयोगी दलों से भी द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ वोट दिलाया था। उसे समय इनका आदिवासी प्रेम गायब हो गया था।ये घटना इनका आदिवासियों के प्रति असली सच को उजागर करता है।

प्रतुल ने कहा कि आदिवासियों के नाम पर आज घड़ियाली आंसू बहने वाली कांग्रेस का पूरा इतिहास आदिवासियों पर जुल्म से भरा हुआ है।इस पाप को वह कितना भी धोने की कोशिश करें, वह नहीं धुलने वाला है क्योंकि दाग बहुत काले हैं।

Congress has been the most anti-tribal party – Pratul Shah Deo

Those with a history of oppressing tribals should stop shedding crocodile tears

BJP state spokesperson Pratul Shah Deo accused the Congress party of being anti-tribal. Pratul stated that the Congress state president and other leaders are currently pretending to shed tears for tribal interests, while their history is filled with atrocities against tribals.Pratul said that during the Saraikela Kharsawan firing incident, thousands of tribals were shot at. In the Gua firing incident, Jharkhand movement activists were pulled out of police custody and shot. At both times, the Congress was in power in the state, and the cases were hushed up. Pratul said that the Congress was the biggest opponent of the Jharkhand movement, with movement activists facing oppression. He further alleged that after independence, Congress kept the demand for a separate Jharkhand state on hold for a long time and when necessary even bought off Jharkhand Mukti Morcha MPs but did not grant a separate state.

Congress voted against the country’s first tribal President, Draupadi Murmu

Pratul Shah Deo said that when the country was about to get its first tribal President, the Congress campaigned and voted against Draupadi Murmu across the nation. Congress also ensured that most of its allied parties voted against her. At that time, their so-called tribal love vanished, revealing their true stance toward tribals.

Pratul stated that the Congress, which today sheds crocodile tears in the name of tribals, has a history steeped in atrocities against them. No matter how much they try to wash away this sin, it will not be erased because the stains are too dark.

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