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झारखंड में बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़े आंदोलन की जरूरत…..बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में हो रहे बालू की लूट और बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक आंदोलन की आवश्यकता बताई।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में बालू के अवैध कारोबार ने एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक संकट का रूप ले लिया है। दुमका हो, खूँटी हो, रांची हो या राज्य का कोई अन्य जिला… हर जगह अवैध खनन और कालाबाज़ारी के कारण बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं। अवैध खनन से न केवल आम जनता आर्थिक रूप से शोषित हो रही है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुँच रही है। नदियों का स्वरूप बदल रहा है, भू-क्षरण बढ़ रहा है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन खतरे में पड़ रहे हैं।

कहा कि नदियों से कुछ ही किलोमीटर की दूरी तय करते ही बालू की कीमत कई गुना बढ़ जा रही हैं। आखिर ऐसा कौन सा अर्थशास्त्र लागू हो रहा है, जिसमें संसाधन राज्य का हो, मेहनत मजदूर की हो, लेकिन मुनाफा बिचौलियों, माफियाओं, थानेदार, डीसी, एसपी और मुख्यमंत्री की जेब में जा रहा है? सुना है कि पहले अनुराग गुप्ता के ज़माने में जिलों से जो बालू, कोयला, पत्थर के नाजायज कारोबार से सेंट्रलाइज्ड वसूली पचास से साठ परसेंट थी, वो अब और बढ़ाकर पचहत्तर परसेंट से भी ज्यादा हो गई है।

कहा कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरण और जनांदोलन खड़ा किया जाए। बालू घाटों की पारदर्शी नीलामी और ग्राम सभा के माध्यम से ही झारखंड में सस्ते बालू की पहुँच सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने ईडी के निदेशक झारखंड से कहा कि राज्य में चल रहे अवैध बालू कारोबार पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करे


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