Skip to main content

जी राम जी योजना के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन पर बोले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी

कांग्रेस पार्टी बताए विकसित भारत और भगवान राम से नफरत क्यों….बाबूलाल मरांडी

मोदी सरकार में नाम नहीं काम बोलता है

कांग्रेस पार्टी ने अपने शासन में 600 संस्थानों ,योजनाओं और पुरस्कारों के नाम बदले

जवाहर रोजगार योजना को नरेगा,फिर मनरेगा कांग्रेस ने क्यों किया

महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप बनी है जी राम जी योजना

कांग्रेस द्वारा जनता को दिग्भ्रमित करने से नहीं रुकेगा विकसित भारत का काम

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पार्टी द्वारा वी बी गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना का विरोध किए जाने पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले,उसकी गरिमा का सम्मान हो।गरीब ,जनजाति और पिछड़ा को रोजगार मिले इसके लिए जी राम जी योजना को लाया गया है।लेकिन कांग्रेस को ये सब पसंद नहीं।

कहा कि नई योजना में हर ग्रामीण परिवार को हर साल अब 100 दिन की जगह 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी ।साथ ही काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान है लेकिन कांग्रेस को गरीबों की भलाई वाली योजना पसंद नहीं है।कांग्रेस को लूट भ्रष्टाचार की आदत लगी हुई है,इसलिए वैसी योजनाएं जिसमें लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है कांग्रेस को पसंद है।

कहा कि जिस मनरेगा की बात कांग्रेस पार्टी कर रही है उस के सर्वाधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है। मनरेगा पर अबतक देश में 11.74 लाख करोड़ खर्च हुए हैं जिसमें मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

कहा कि जिस योजना के नाम बदलने का हंगामा कांग्रेस पार्टी कर रही है उसका पहले नाम महात्मा गांधी के नाम पर नहीं था।1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिला कर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना का नाम दिया।बाद में राजीव गांधी जी ने उसका नाम जवाहर रोजगार योजना कर दिया।मनमोहन सिंह की सरकार ने इसे 2004 में नरेगा और 2005 में मनरेगा कर दिया। इसी तरह ग्रामीण आवास योजना को कांग्रेस ने इंदिरा आवास योजना किया। ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना किया। झारखंड में तो कांग्रेस समर्थित सरकार ने झारखंड निर्माता अटल जी के नाम पर चल रही अटल क्लीनिक का नाम मदर टेरेसा के नाम पर कर दिया।

कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार नेहरू गांधी परिवार के नाम पर जबरन योजनाओं के नाम करने में विश्वास करती है लेकिन मोदी सरकार का नाम नहीं बोलता,काम बोलता है।

कहा कि कांग्रेस पार्टी बताए क्या योजना का नाम बदलकर कांग्रेस ने जवाहर लाल नेहरू का अपमान किया था क्या?

कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने केलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करनी है 2005 में मनरेगा शुरू हुई लेकिन अब ग्रामीण भारत बदल गया है।कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है।आजीविका में विविधता आई है।पुराना ओपन एंडेड मॉडल अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मेल नहीं खाता।आज की जरूरतें बदली हैं इसलिए नई योजना को ग्रामीण क्षेत्र की आवश्यकता सके अनुरूप व्यवस्थित किया गया है।

कहा कि कांग्रेस की सरकार ने मनरेगा में कोई ट्रांसपेरेंसी नहीं थी।अब जी राम जी योजना में रियल टाइम डेटा अपलोड होगा,मोबाइल से मॉनिटरिंग होगी,एआई द्वारा फ्रॉड का डिटेक्शन होगा।और सही लाभार्थियों को काम मिलेगा ।गरीबों,मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

कहा कि नई योजना को किसान और मजदूर दोनों के हित को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बुवाई और कटाई के मौसम को मिलकर वर्ष में 60दिन काम बंद रहेगा।जबकि मनरेगा में खेती के मौसम में लूट होती थी,फर्जीवाड़ा होता था।

कहा कि इतना ही नहीं अब मजदूरों को मजदूरी भुगतान साप्ताहिक करने की व्यवस्था की गई है।

कहा कि कांग्रेस को इससे परेशानी है। विकसित भारत और भगवान श्रीराम के नाम से नफरत है। इसलिए विरोध की साजिश रची जा रही है।

कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश के लगभग 600 संस्थाओं ,योजनाओं,पुरस्कारों के नाम गांधी परिवार पर रखे। खानदान के लोगों की जयंती को राष्ट्रीय पर्व बना दिए । खेल से जिनका कोई नाता नहीं उनके नाम पर खेल रत्न पुरस्कार बना दिया।। सरदार पटेल,नेताजी सुभाष,लाल बहादुर शास्त्री जैसे राष्ट्रभक्त नेताओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने या परिवार के नाम पर योजना का नामकरण नहीं किया बल्कि नाम को सेवा से जोड़ा। राजभवन लोक भवन बन गया राजपथ कर्त्तव्य पथ, रेस कोर्स लोक कल्याण मार्ग,पीएमओ सेवा तीर्थ बन गया।


SUBSCRIBE FOR UPDATES