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पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने दिया अंत्योदय का मंत्र…..आदित्य साहू

एकात्म मानव दर्शन ,सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का चिंतन दिया पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने….बाबूलाल मरांडी

कुशल संगठन कर्ता रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय….कर्मवीर सिंह

प्रदेश भाजपा ने आज सभी जिलों में मां भारती के सपूत,पार्टी के प्रेरणा पुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाया। पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा और चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। दीनदयाल उपाध्याय की के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने पुष्पांजलि अर्पित की।

श्री साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक महामानव थे जिनका इस दुनियां से असमय जाना देश ही नहीं पूरे विश्व केलिए अपूरणीय क्षति थी।

कहा कि दीनदयाल जी ने गरीबी और अभाव के जीवन को बड़े नजदीक से देखा था। इसलिए उन्होंने भारत को सशक्त बनाने केलिए अंत्योदय का मंत्र दिया।

कहा कि आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार और चिंतन का अनुसरण करते हुए देश की सेवा में जुटे हैं। मोदी सरकार के केंद्र में गांव,गरीब ,किसान , दलित,वंचित, पिछड़े ,समाज को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का संकल्प है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साहेबगंज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्री मरांडी ने कहा कि भाजपा का चिंतन अपने स्थापना काल से ही एकात्म मानव और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद है जिसके प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय रहे।

कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ही भारत की एकात्मकता है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारतीय चिंतन के मूल में एकात्मकता है। इसीलिए भारत एक भूभाग नहीं बल्कि जीवंत सांस्कृतिक चेतना है।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक कुशल संगठन कर्ता रहे। उन्होंने अपना क्षण क्षण और कण कण मां भारती के सेवा में समर्पित कर दिया।

कहा कि उन्होंने भारत की राजनीतिक व्यवस्था को एक नई दिशा दी।आज भारतीय जनता पार्टी उनके आदर्शों पर चलकर विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है।

कहा कि दीनदयाल के आदर्शों के अनुरूप भाजपा कार्यकर्ता केलिए राजनीति सत्ता प्राप्ति का तरीका नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है।


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