बैठक में सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, सत्येंद्र नाथ तिवारी, डॉ निरा यादव, राज सिन्हा, अमित कुमार यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, डॉ शशिभूषण मेहता, नागेंद्र महतो, रोशन लाल चौधरी, कुमार उज्जवल, पूर्णिमा साहू, रागिनी सिंह, शत्रुघन महतो, मंजू कुमारी उपस्थित थे।
विधायक दल की बैठक के उपरांत विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं हटिया के विधायक नवीन जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र आहूत होने के समय सभी जनप्रतिनिधि नगर निकाय चुनाव में व्यस्त थे तथा उसके बाद होली पर्व के कारण भी व्यस्तता रही। आज सभी विधायकों की बैठक में राज्य की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार के सवा वर्ष के कार्यकाल में राज्य में जो हालात उत्पन्न हुए हैं, उस पर सभी विधायकों ने बिंदुवार चर्चा की। झारखंड की स्थिति को विधानसभा के अंदर और बाहर मजबूती के साथ उठाया जाएगा। यदि पार्टी को संघर्ष करना पड़ा तो संघर्ष भी किया जाएगा।
बैठक में विधायकों ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और नौकरशाही हावी हो गई है। जनप्रतिनिधियों की बात सुनने वाला कोई नहीं है। आम जनता परेशान है और अपनी शिकायतें लेकर आती है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
बैठक में राज्य में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट, बिजली की समस्या, किसानों से धान की खरीद में हो रही देरी, बालू की किल्लत, कोयले की लूट, तथा बिना पैसे दिए सरकारी काम नहीं होने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। साथ ही युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़, JTET परीक्षा से जुड़े मुद्दे, तथा कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
विधायकों ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। हत्या, लूट और रंगदारी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और व्यापारी वर्ग भयभीत है। आम लोग डर के कारण घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि यह सरकार है या सर्कस।
कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में सभी विधायक एक स्वर में इन मुद्दों को जोरदार तरीके से सदन में उठाएंगे और जनता की आवाज बुलंद करेंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान सचेतक सह बगोदर के विधायक नागेंद्र महतो एवं प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक भी उपस्थित थे।

