विफल सरकार लोकतंत्र की कर रही है अवहेलना: दीपक प्रकाश

विफल सरकार लोकतंत्र की कर रही है अवहेलना: दीपक प्रकाश

विधायक दल की बैठक में भाजपा दल के नेता को नहीं बुलाना दुर्भाग्यजनक

आगामी मानसून सत्र की दृष्टि से विधानसभा में हुए विधायक दल के नेताओं की बैठक में भाजपा को बुलावा नहीं दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता को बुलावा नहीं देना लोकतंत्र की हत्या है। पार्टी द्वारा वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी जी को विधिवत विधायक दल का नेता चुना गया है। जिसकी सूचना विधानसभा अध्यक्ष को दे दी गयी है। सब कुछ विधानसभा अध्यक्ष के संज्ञान में है। बावजूद इसके बैठक में पार्टी के किसी अन्य सदस्य को बुलाना सरकार की मंशा को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल का नेता कौन होगा यह भी अब सरकार के इशारे पर तय किया जा रहा है। जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। कहा सरकार अपने हिसाब से सदन को भी चलाना चाह रही है और विपक्ष को भी चलाना चाह रही है।

वहीं तीन दिन के सदन पर सवाल उठाते हुए श्री दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार जनता के सवाल से भाग रही है। सरकार अपने असफलता से भाग रही है। कोरोना काल होने के बावजूद लोकसभा और राज्यसभा सुचारू रूप से चल रही है। जनता के सवालों पर चर्चा हो रही है। किंतु झारखंड विधानसभा का सत्र सिर्फ तीन दिनों का होना सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है। छोटा सत्र होने से आम जनता की परेशानियां सदन तक नहीं लाया जा सकेगा जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि जनता की रक्षा करने वाले जवान आज खुले आसमान के नीचे आंदोलन करने को विवश हैं और सरकार दमनकारी बनी हुई है।

आंतरिक कलह में घिरी झारखंड मुक्ति मोर्चा जनता का ध्यान बांटने के लिए गलत बयान बाजी कर रही है- भाजपा

प्रधान मंत्री जी के विधानसभा के उद्घाटन समारोह से पहले सक्षम प्राधिकार से पर्यावरण की अनुमति ले ली गयी थी

विधानसभा और हाईकोर्ट की बिल्डिंग राज्य के लिए धरोहर है झामुमो तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर राज्य का अपमान कर रही है

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आज भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अपने चुनावी वादों को पूरा करने में असक्षम झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने पार्टी के भीतर चल रहे कलह और गठबंधन के भीतर के मतभेद से ध्यान बांटने के लिए झूठी बयानबाजी का सहारा ले रही है।प्रतुल ने कहा कि झामुमो का यह आरोप बिल्कुल बेबुनियाद है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जिस विधानसभा भवन का उद्घाटन किया उसका एनवायरमेंटल मंजूरी नहीं मिली थी।प्रतुल ने कहा कि केंद्र के द्वारा अधिकृत स्टेट लेवल एनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी ने 4 सितंबर 2019 को पत्रांक संख्या EC/SEIAA/2018-19/2130/2018/419 के जरोये विधानसभा भवन को मंजूरी दी थी।ऐसे झूठे बयान करने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा को माफी मांगनी चाहिए।

प्रतुल ने कहा कि एनजीटी ने 2 सितंबर 2019 को जस्टिस एसपी बांगड़ी और डॉ सत्यवान सिंह की बेंच ने इसी मुद्दे पर जांच करने के लिए 2 सदस्य टीम का गठन किया था। इस आदेश के तुरंत बाद चुनाव आ गया और नई सरकार का गठन दिसंबर में हो गया।लेकिन नई सरकार ने एनजीटी की समिति के सामने प्रभावी तरीके से अपने पक्ष को नहीं रखा जिसके कारण फाइन लगने की सूचना आ रही है।प्रतुल ने कहा कि एनजीटी का आर्डर अभी तक वेबसाइट पर अपलोड भी नहीं हुआ है। लेकिन झामुमो बयानबाजी कर अदालत की अवमानना कर रही है। प्रतुल ने कहा की वैसे एनजीटी का यह आदेश अंतिम नहीं है । एनजीटी एक्ट के सेक्शन 22 के अंतर्गत राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय में इसकी अपील कर सकती हैं।
प्रतुल ने कहा कि भाजपा मांग करती है की एनवायरमेंट क्लीयरेंस आने के बाद और पोस्ट फैकटो अप्रूवल का प्रावधान होने के बाद भी एनजीटी में अपने पक्ष को सही तरीके से नहीं रखने के कारण यह जो फाइन लगने की बात सामने आ रही है यह वर्तमान सरकार के कैबिनेट से वसूल करना चाहिए।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य के विधानसभा और हाईकोर्ट की बिल्डिंग भाजपा की बिल्डिंग नहीं है ।यह पूरे राज्य की धरोहर है। लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर झारखंड की बदनामी कररही है जो निम्न स्तर की राजनीति का परिचायक है। इस प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे

प्रधानमंत्री स्व निधि योजना छोटे कारोबारियों के लिए वरदान: प्रदीप वर्मा

सड़क किनारे काम करने वाले कारोबारियों के लिए स्व निधि योजना को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने वाला योजना करार दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा कोरोनावायरस की स्थिति को देखते हुए सड़क किनारे काम करने वाले कारोबारियों के लिए यानी ऐसे ठेला वाले, फेरी वाले व छोटे कारोबारियों के लिए लोन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई । इस योजना के तहत माइक्रो क्रेडिट लोन उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के तहत अधिकतम लोन ₹10000 तक का लोन मिलना तय हुआ है।

पीएम स्व निधि योजना का लाभ 50 लाख से भी अधिक लोगों को मिलेगा।
उन्होंने कहा अगर कोई व्यक्ति इस कर्ज को समय से पहले चुका देता है तो फिर से वह इससे अधिक कर्ज लेने के लिए पात्र हो सकता है । साथ ही जो कोई स्ट्रीट वेंडर डिजिटल पेमेंट को स्वीकार करता है उन्हें सरकार के तरफ से कैशबैक भी दिया जाएगा। साथ ही पहले 50 लेनदेन करने पर अतिरिक्त ₹50 और अगले 50 लेन देन करने पर अतिरिक्त ₹25 और अगले सौ लेनदेन करने पर अतिरिक्त ₹25 दिए जाएंगे । कर्ज लेने के लिए व्यापारी को किसी प्रकार की गारंटी देने की जरूरत नहीं है।

वर्मा ने बताया कि योजना के तहत जो कोई व्यापारी समय से पहले लोन की रकम को चुका देता है उसे 7 फ़ीसदी का वार्षिक ब्याज सब्सिडी के रूप में उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा और तो और इस स्कीम की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके तहत जुर्माने का कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है ।

नाई की दुकान, जूता बनाने वाले (मोची), पान की दुकान (पनवाड़ी), सड़क के किनारे सब्जी बेचने वाले, कपड़े धोने वाले की दुकान (धोबी), फल बेचने वाले, चाय का ठेला लगाने वाले, स्ट्रीट फूड विक्रेता, फेरी वाला जो वस्त्र इत्यादि बेचता है, खोखा लगाने वाले, चाऊमीन , ब्रेड पकोड़ा ,अंडे बेचने वाले विक्रेता, सड़क के किनारे किताबें स्टेशनरी लगाने वाले, कारीगर और सभी प्रकार के छोटे-मोटे कारोबारी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि हमारे देश में गरीबों की बात बहुत हुई है लेकिन गरीबों के लिए जितना काम पिछले 6 साल में हुआ है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। हर वो क्षेत्र, हर वो सेक्टर जहां गरीब – पीड़ित-शोषित-वंचित, अभाव में था,मोदी सरकार की योजनाएं उनका संबल बनकर आई।

हेमंत सोरेन सरकार झारखंड के आदिवासी मूलवासियों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है-भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कल राष्ट्रपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर के इस सरकार के आदिवासी मूलवासी विरोधी चेहरे को स्पष्ट दिखा दिया है।प्रतुल ने कहा की मुख्यमंत्री ने स्थानीय भाषा में प्रारंभिक पढ़ाई की नीति पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हुए क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों की अनुपलब्धता की तथ्यहीन बात कही है।प्रतुल ने कहा की मुख्यमंत्री को इस प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकार करना चाहिए था क्योंकि इस से राज्य में नागपुरी, संताली, मुंडारी,कुँड़ुख़,खोरठा,हो आदि क्षेत्रीय और आदिवासी भाषाओं को प्रोत्साहन मिलता। इन भाषाओं का साहित्य भी समृद्घ है और पुस्तकें भी अच्छी संख्या में उपलब्ध है।प्रतुल ने कहा की वर्तमान में इस राज्य में क्षेत्रीय और आदिवासी भाषाओं में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री लिया हुए 17000 से ज़्यादा युवा मौजूद हैं।इसके बावजूद हेमंत सोरेन इन भाषाओं में शिक्षकों की कमी की बात उठाकर हज़ारों आदिवासी मूलवासी युवाओं को नौकरी से वंचित करना चाहते है। उन्होंने कहा कि भजपा सरकार स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं के विकास केलिये कृत संकल्प है। अटल जी की सरकार ने संथाली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल किया । रेलवे द्वारा संथाली भाषा मे उद्घोषणा भी भाजपा सरकार की ही देन है।प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने कुडुख,मुंडारी,हो को भी 8वी अनुसूची में शामिल करने की पहल की थी जिसे हेमंत सरकार को आगे बढ़ना चाहिये।
प्रतुल ने कहा की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति झारखंड के जनजातीय समुदाय के हित में भी है क्योंकि अनेक बार इस समुदाय के लोग पढ़ाई को बीच में भी छोड़ देते हैं।अब वह जिस स्तर पर पढ़ाई छोड़ेंगे उसके हिसाब से उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री दिया जाएगा और वह जब भी अपनी पढ़ाई से वापस जुड़ना चाहे तो समय की पाबंदी नही रहेगी। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यहां के जनजाति और मूलवासी समाज को वोट बैंक से ज्यादा कुछ नहीं समझा।

प्रतुल ने मुख्यमंत्री के इस आरोप को भी निराधार और बेबुनियाद बताया जिसमें उन्होंने कहा था की शिक्षा नीति को बिना स्टेकहोल्डर ,छात्रों, शिक्षाविदों से बातचीत किए हुए लागू किया गया है।प्रतुल ने कहा कि नई शिक्षा नीति पर कार्य जनवरी 2015 से ही शुरू हो गया था। ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सरकार ने सुझाव मांगे थे। इन सुझावों पर विचार करने के लिए पूर्व कैबिनेट सचिव बालासुब्रमण्यम की अध्यक्षता में बनी कमिटी ने अपनी रिपोर्ट मई 2016 को ही सौंप दी थी। उसके बाद पदम विभूषण कस्तूरीरंगन जी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी बनी। उसी ने गहराई से सभी पहलुओं पर विचार विमर्श करके नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का ड्राफ्ट सरकार को सौंपा जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी थी।

प्रतुल शाहदेव ने कहा की मुख्यमंत्री यह कह कर जनता को दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं की राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा का निजीकरण होगा। प्रतुल ने कहा की विदेशी विश्वविद्यालयों के आने से विदेश जाकर पढ़ने वाले छात्रों की संख्या जबरदस्त तरीके से घटेगी जिससे देश को विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।जितने भी निजी विश्वविद्यालय या इंस्टिट्यूट आएंगे वे भारत सरकार के हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया के अंतर्गत कार्य करेंगे।इनके फीस की भी रेगुलेशन यही संस्था करेगी। निजी संस्थानों को नो प्रॉफिट नो लॉस के सिद्धांत पर चलना होगा और अगर किसी वर्ष कोई प्रॉफिट आता है तो उसे शिक्षा के क्षेत्र में ही वापस निवेश करना होगा। इन निजी संस्थानों को 20% छात्रों को बिल्कुल मुफ्त में पढ़ाना होगा और 30% छात्रों को बड़ी स्कालरशिप देनी होगी। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री झारखंड के छात्रों को अच्छी शैक्षणिक डिग्रीयां लेने देना नहीं चाहते।

प्रतुल ने कहा की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह आरोप भी हास्यास्पद है कि इस शिक्षा नीति से रोजगार को बढ़ावा नहीं मिलेगा।यह पहली बार हुआ है कि छठी कक्षा से वोकेशनल कोर्स की शुरुआत होगी जो पूर्णता रोजगार पर केंद्रित होगा।

प्रतुल ने कहा कि इस शिक्षा नीति के जरिये वर्ष 2030 तक स्कूलों में 100% बच्चों का दाखिला का लक्ष्य रखा गया है।ओपन स्कूलिंग के जरिए दो करोड़ बच्चों को शिक्षा में वापस लाने का लक्ष्य हस। वर्तमान में हायर एजुकेशन में 26% के दाखिले को 50% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा के क्षेत्र में खर्च को जीडीपी के वर्तमान 4.43% से बढ़ा कर 6% करने का लक्ष्य रखा गया है। बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र ने ‘जेंडर इंडक्शन फंड’ के गठन का निर्णय लिया है। फिर ऐसी शिक्षा नीति का विरोध करके हेमंत सोरेन झारखंड के आम जनता के हितों का विरोध कर रहे हैं जो कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रेस वार्ता में मीडिया प्रभारी श्री शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे।

प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार भाजपा प्रदेश कार्यालय में उपस्थित रहने वाले पदाधिकारी, प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी और सह मीडिया के दिवस निर्धारित: प्रदीप वर्मा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के दिशा निर्देश पर प्रदेश कार्यालय में प्रतिदिन बैठने वाले पदाधिकारियों, प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी और सह मीडिया प्रभारियों की सूची जारी कर दी गई है। यह जानकारी प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश कार्यालय में प्रत्येक दिन पदाधिकारी, प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी और सह मीडिया प्रभारी का बैठना निर्धारित हुआ है। इससे सांगठनिक कार्यों के साथ मीडिया के कार्यों को सुचारू रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मीडिया प्रभारी के रूप में सोमवार से रविवार तक शिवपूजन पाठक होंगे जबकि सोमवार को पदाधिकारी के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष एवम सांसद श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, मंत्री सुबोध सिंह गुड्डू, विवेक भवानी सिंह प्रवक्ता के रूप में सरोज सिंह और सह मीडिया प्रभारी रमेश पुष्कर होंगे। मंगलवार को पदाधिकारी के रूप में उपाध्यक्ष एवम सांसद सुनील कुमार सिंह,महामंत्री आदित्य साहू, प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह होंगे। बुधवार को पदाधिकारी के रूप में उपाध्यक्ष एवम विधायक अपर्णा सेनगुप्ता, महामंत्री एवम सांसद समीर उरांव प्रवक्ता अमित सिंह सह मीडिया प्रभारी रमेश पुष्कर होंगे। गुरुवार को पदाधिकारी के रूप में उपाध्यक्ष एवम विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, महामंत्री प्रदीप वर्मा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी सह मीडिया प्रभारी राजीव तिवारी होंगे। शुक्रवार को पदाधिकारी के रूप में उपाध्यक्ष प्रणव वर्मा, उपाध्यक्ष राज पलिवार, मंत्री शर्मिला रजक प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक होंगे। शनिवार को उपाध्यक्ष गंगोत्री कुजूर, मंत्री एवम विधायक नवीन जयसवाल, रीता मिश्रा प्रवक्ता अविनेश सिंह सह मीडिया प्रभारी राजीव तिवारी और रविवार को पदाधिकारी के रूप में उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, मंत्री जेपी पटेल, मुनेश्वर साहू, काजल प्रधान प्रवक्ता मिस्फीका हसन और सह मीडिया प्रभारी प्रेम मित्तल होंगे।

मुख्यमंत्री का बयान संघीय ढांचे पर हमला: दीपक प्रकाश

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने मुख्यमंत्री के बयान पर जोरदार हमला करते हुए निंदा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान भीम राव अम्बेडकर द्वारा बनाये गए संविधान का अपमान किया है। संघीय ढांचा के ऊपर कुठारघात किया है। संविधान की शपथ लेकर भारत की एकात्मता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करने का काम मुख्यमंत्री ने किया है। मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि झारखंड के पैसे से अपनी जेब भर रहा है केंद्र। मामले में प्रदेश अध्यक्ष व सांसद दीपक प्रकाश ने इस ब्यान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य दोनों के अपने अपने कर्तव्य है और अधिकार भी है। दोनों एक दूसरे के पुरक हैं। भारत की एकात्मता के कारण ही भारत की पहचान है। इस प्रकार का बयान देकर माननीय मुख्यमंत्री ने ओछी मानसिकता का परिचय दिया है।

अपनी असफलता से आम जनता को भटकाने का है प्रयास।

मुख्यमंत्री के बयान का खंडन करते हुए कहा कि एक राज्य से देश नहीं चलता है। देश के सभी राज्य एक दूसरे के पूरक हैं। कहीं चावल होता है कहीं गेहूं होता है कहीं कोयला पाया जाता है। प्रत्येक राज्य की अपनी अपनी पहचान व योगदान है, यही भारत की ताकत है। मुख्यमंत्री महोदय अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र सरकार पर दोष गढ़ रहे है। जब से सरकार बनी है विकास का एक भी कार्य नहीं हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए अनाज सरकार जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचा पा रही है। आज किसी भी अस्पताल में उचित व्यवस्था नहीं है, निजी अस्पतालों में लूट मची है। राज सरकार के पास इच्छाशक्ति की कमी स्पष्ट दिखाई दे रही है।

खनिज संपदा की तस्करी से हो रहा है राजस्व का नुकसान।

सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में खनिज संपदा की चोरी हो रही है, खनिज संपदा की तस्करी के कारण राज्य के राजस्व में कमी आ रही है। इसे रोकने में सरकार नाकाम हो रही है। खुद सत्ताधारी दल के विधायक आरोप लगा रहे हैं की खनिज संपदा की चोरी हो रही है। सरकार पहले अपने चेहरे को आईने में देखे, सरकार अपनी विफलताओं को केंद्र सरकार के मत्थे फोड़ने के बजाय विकास कार्य में लगे तो राज्य और जनता के लिए बेहतर होगा।

हेमंत सोरेन सरकार राजधर्म की जगह लालूधर्म निभा रही है – भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है की हेमंत सोरेन सरकार राजधर्म भूलकर लालू धर्म निभाने में लग गई है।प्रतुल ने कहा की लालू प्रसाद को नियम विरुद्ध मिले बंगला से बिहार के चुनाव की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा की रोज सैकड़ों लोग बिहार से अनधिकृत रूप से आ रहे हैं और अपना बायोडाटा भी बंगले में जमा करा रहे हैं।इसमें से कई लोग लालू प्रसाद से मिल भी रहे है तो जेल मैनुअल का उल्लंघन है।प्रतुल ने कहा की प्राप्त जानकारी के अनुसार लालू प्रसाद की सुरक्षा में करीब 50 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं जिसका महीने का खर्च ₹25 लाख से भी ज्यादा आता है।प्रतुल ने कहा की एक सजायाफ्ता मुजरिम के लिए जिस तरीके से हेमंत सोरेन सरकार ने रेड कारपेट बिछा दिया है वह असंवैधानिक है।

प्रतुल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति श्रीमती भानुमति की खंडपीठ ने 2015 के अपने निर्णय में सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया था। अभी लालू जिस बंगले में रह रहे हैं उसे भी जेल के रूप में अधिसूचित किया गया है।लेकिन यहां सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवहेलना कर सीसीटीवी नहीं लगाया गया है।प्रतुल ने कहा की कोरोना संक्रमण के इस काल में लालू प्रसाद के बंगले के सामने रोज सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना कर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट रही है।लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।बिहार से आने वाले नेताओं को न तो क्वारंटाइन किया जा रहा है न उनके अनुमति पत्र की जांच की जा रही है।हेमंत सोरेन सरकार ने सिर्फ सत्ता के लिए कानून की तिलांजलि दे दी है।

झारखंड में बस किराया दोगुनी, भाजपा ने सरकार की चुप्पी पर उठाये सवाल

निज़ी बस संचालकों की चिंता पर मध्यस्थता करे सरकार : कुणाल षाड़ंगी

झारखंड में बस संचालकों द्वारा किराए में दोगुना वृद्धि किये जाने के निर्णय पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाये है। इस निर्णय पर झारखंड सरकार से हस्तक्षेप और मध्यस्थता करने की माँग करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा की राज्य सरकार और बस संचालकों के बीच चल रही रार का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार की उपेक्षा का प्रतिफ़ल है कि निज़ी बस संचालकों द्वारा बस किराया दोगुनी करना उनकी विवशता हो चुकी है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने बस संचालकों के समक्ष उतपन्न कठिनाईयों को भी उन्होंने जायज़ बताते हुए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की माँग की है। भाजपा ने कहा कि कोरोना काल की इस कठिन समय में जनता पहले की परेशान है। लॉकडाउन की वजह से बहुत से लोगों का रोजगार छिन गया है। इस दौरान कारोबार भी चौपट हो गया है। आमदनी के स्रोतों पर भी कोरोना की मार पड़ी है। आर्थिक मंदी के कारण हर वर्ग आज परेशान है। ऐसे में बिगड़ी आर्थिक हालत को पटरी पर लाने के लिए सरकार को जनहित में बड़े फैसले लेने चाहिए थे। दुर्भाग्यवश लोगों की भावनाओं के विपरीत सरकार बस किराया में दोगुनी बढ़ोतरी के निर्णय पर चुप्पी साधे हुए है। सरकार की चुप्पी का सीधा असर ग़रीब जनता के जेब पर पड़ने वाली है। भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि राज्य सरकार की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि निज़ी बस संचालकों द्वारा किराये में दोगुनी बढ़ोत्तरी के निर्णय पर झारखंड सरकार की मौन और अघोषित सहमति है। भाजपा ने माँग किया कि जनता की जेब पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार अविलंब निज़ी बस संचालकों के शिष्टमंडल संग वार्ता आयोजित कर मध्यस्थता की दिशा में पहल करें। महीनों से वस परिचालन बाधित रहने के बावजूद भी संचालकों पर टैक्स और अन्य वित्तीय बोझ है, सरकार इसे पाटने की दिशा में पहल करें। सभी बीमा व अन्य कागजातो के रिनिवल की अंतिम तारीख़ 31st दिसंबर तय करें। बस संचालकों की कठिनाइयों और मांगों पर भी केंद्र सरकार की तर्ज़ पर सहानुभूति पूर्वक चिंता करने की जरूरत है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दी करम पर्व की शुभकामनाएं

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद श्री दीपक प्रकाश ने राज्य की जनता को करम पर्व की शुभकामनाएं एवम बधाई दी है।
श्री प्रकाश ने कहा कि यह झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है।प्रदेश की जनता का प्राकृति से कितना गहरा नाता है यह सब इन पर्वों में दिखता है।कहा जाए तो प्रकृति ही झारखंड की संस्कृति है।यह प्रदेश पूरे विश्व को प्रकृति से प्रेम और उसे पूजने का संदेश देता है।
श्री प्रकाश ने कहा कि भाई बहन का यह पर्व राज्य में भाईचारा और सुख समृद्धि को बढ़ाने वाला हो ऐसी शुभकामना है।

सुदेश महतो को धमकी देने वाले पर कार्रवाई करे राज्य सरकार: आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने कहा कि हेमंत सरकार में अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है। उन्होंने आजसू प्रमुख एवम पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री सुदेश महतो को फ़ोन पर अपराधियों द्वारा जान मारने की धमकी दिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
श्री साहू ने कहा इस सरकार में क़ानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है।अपराधियों के द्वारा विशेषकर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा। भाजपा के कई नेताओं की पिछले 7 महीनों में ही निर्मम हत्या कर दी गई।
श्री साहू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार में राज्य में उग्रवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा था परंतु यूपीय गठबंधन की सरकार बनते ही आपराधिक तत्व सक्रिय हो गए।यह साफ दर्शाता है कि कैसे इस सरकार में अपराधियों को संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने श्री महतो को धमकी देने वाले को गिफ्तार करने की मांग की।