राज्य सरकार निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की दरों को अविलम्ब निर्धारित करें वरना भाजपा आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगी

कुछ निजी अस्पताल प्रबंधन महामारी में भी जनता को लूट रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी है

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड सरकार से मांग की है की वह अविलम्ब निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की दरों को तय करने संबंधी आदेश निर्गत करें।प्रतुल ने कहा की पूरे प्रदेश से प्रतिदिन सैकड़ों शिकायतें आ रही हैं की कुछ निजी अस्पताल प्रबंधन इस महामारी में भी मरीजों को लूट रहे हैं।यह बहुत आश्चर्य की बात है कि जब झारखण्ड के सभी पड़ोसी राज्यों ने दरों को तय कर दिया है फिर भी झारखंड सरकार इस अति गंभीर मुद्दे पर हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

प्रतुल ने कहा की सर्वोच्च न्यायालय ने 14 जुलाई के अपने आदेश में कोरोना इलाज के मुद्दे पर निजी अस्पतालों पर नकेल कसने का आदेश दिया था।चूंकि स्वास्थ्य राज्य का विषय होता है इसीलिए इन दरों को तय करना पूर्णतः राज्य की ही जिम्मेवारी होती है। प्रतुल ने कहा की आज भी अधिकांश डॉक्टर और हॉस्पिटल कोरोना वारियर के रूप में मरीजों की सेवा कर रहे हैं।लेकिन कुछ निजी अस्पतालों के प्रबंधन के कारण सिस्टम बदनाम हो रहा है।प्रतुल ने कहा की आए दिन ऐसी खबरें आ रही है की बिल नहीं देने पर परिजनों को बंधक बनाया जा रहा है या प्रतिदिन ₹60000 से लेकर ₹80000 तक का बिल बनाया जा रहा है।प्रतुल ने कहा कि पूरे देश में महामारी अधिनियम लागू है जिसके तहत राज्य सरकार और अधिकारियों को असीम शक्तियां होती हैं।फिर भी उनके नाक के नीचे यह लूट का खेल बदस्तूर जारी है।

प्रतुल ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह अविलंब निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की दरों को निर्धारित नहीं करती है तो भाजपा इस जनहित के बड़े मुद्दे पर सीधा आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगी।

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